Question 105Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10

निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए -

निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। गुरू का मोमबत्ती की तरह जलना-गलना का क्या अर्थ है?
  1. Aजीवन-खपाना
  2. Bसद्कार्य करना
  3. Cसमय लगाना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) सद्कार्य करना

Explanation

मोमबत्ती की तरह जलने-गलने का आशय है स्वयं कष्ट सहकर शिष्य के लिए सद्कार्य करना, उसे ज्ञान का उजाला देना।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10 — Previous Year Paper

This is question 105 of BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10 — Previous Year Paper. See all questions of this paper with answers, or attempt the paper as a timed online test to get your score and all-India rank.