Question 129Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8

निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए ।

निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है । पुस्तकालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है । अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है । इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है । हमारा हृदय विशाल और उन्नत कैसे बनता है ?
  1. Aसामाजिक-राजनीतिक विकास से
  2. Bपुस्तकों के अध्ययन से
  3. Cविभिन्न रीति-रिवाजों के माध्यम से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) पुस्तकों के अध्ययन से

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि पुस्तकों के अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8 — Previous Year Paper

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