Question 138Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8

निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए ।

निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए । आलस्य को जीतने का एक यही उपाय है । यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी । बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी । शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता । इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है । उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है । शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है । यह अनुभव सिद्ध है । आलस्य के परिणामस्वरूप सजा किस रूप में मिलती है ?
  1. Aप्रकृति से दूर होना
  2. Bमन का दुखी होना
  3. Cबीमारी एवं कष्ट होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) बीमारी एवं कष्ट होना

Explanation

गद्यांश के अनुसार आलस्य की सजा प्रकृति की ओर से बीमारियों या किसी और कष्ट के रूप में मिलती है।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8 — Previous Year Paper

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