निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए ।
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए ।
गद्यांश - 2
स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना ।
स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
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Correct answer: (C) आत्मसंयम
Explanation
गद्यांश कहता है कि वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो, अतः आत्मसंयम स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है।