Question 9Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8

निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए ।

निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । लोग आश्चर्यविमूढ़ क्यों होते हैं ?
  1. Aआदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर
  2. Bआदर्श व्यक्ति का साहस देखकर
  3. Cआदर्श व्यक्ति का ज्ञान देखकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर

Explanation

गद्यांश के अनुसार लोग आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8 — Previous Year Paper

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