Question 16Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8

निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए ।

निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
  1. Aअत्यधिक बल
  2. Bआत्मसंयम
  3. Cअपार संपदा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) आत्मसंयम

Explanation

गद्यांश कहता है कि वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो, अतः आत्मसंयम स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8 — Previous Year Paper

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