“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटे न हिय को सूल॥”
“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटे न हिय को सूल॥”
यह किसका कथन है?
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Correct answer: (A) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
Explanation
'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' पंक्तियाँ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की हैं।