Question 134Asked in BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10

“या अनुरागी चित्त की, गति समुझै नहिं कोई। ज्यों-ज्यों बूड़ै स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्जलु होई।”

“या अनुरागी चित्त की, गति समुझै नहिं कोई। ज्यों-ज्यों बूड़ै स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्जलु होई।” इसमें कौन-सा अलंकार है?
  1. Aरूपक
  2. Bउत्प्रेक्षा
  3. Cविरोधाभास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) विरोधाभास

Explanation

श्याम रंग में डूबकर चित्त का उज्ज्वल होना विरोध जैसा दिखता है पर वास्तव में विरोध नहीं है, इसलिए विरोधाभास अलंकार है।

From BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10 — Previous Year Paper

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