Question 149Asked in BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10

“बालधी बिसाल बिकराल ज्वाल-जाल मानों, लंक लीलिबे को काल रसना पसारी है।

“बालधी बिसाल बिकराल ज्वाल-जाल मानों, लंक लीलिबे को काल रसना पसारी है। कैंधो व्योमबीथिका भरे हैं भूरि धूमकेतु, वीररस बीर तरवारि सी उधारी है॥” इन पंक्तियों में किस रस का परिपाक है?
  1. Aहास्य रस
  2. Bभयानक रस
  3. Cशांत रस
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) भयानक रस

Explanation

हनुमान की पूँछ की विशाल, विकराल ज्वाला देखकर भय उत्पन्न होता है, इसलिए भयानक रस है।

From BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10 — Previous Year Paper

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