“जिसे संसार दुःख कहता है, वही कवि के लिए सुख है। धन और ऐश्वर्य, रूप और बल, विद्या और बुद्धि, ये विभूतियाँ चाहे संसार को कितना ही मोहित कर लें, कवि के लिए…
“जिसे संसार दुःख कहता है, वही कवि के लिए सुख है। धन और ऐश्वर्य, रूप और बल, विद्या और बुद्धि, ये विभूतियाँ चाहे संसार को कितना ही मोहित कर लें, कवि के लिए यहाँ जरा भी आकर्षण नहीं है।” यह कथन ‘गोदान’ के किस पात्र का है?
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Correct answer: (A) मेहता
Explanation
यह कथन 'गोदान' के पात्र मेहता का है, जो कवि के आदर्श-भाव को व्यक्त करता है।