Question 96Asked in BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10

“जिसे संसार दुःख कहता है, वही कवि के लिए सुख है। धन और ऐश्वर्य, रूप और बल, विद्या और बुद्धि, ये विभूतियाँ चाहे संसार को कितना ही मोहित कर लें, कवि के लिए…

“जिसे संसार दुःख कहता है, वही कवि के लिए सुख है। धन और ऐश्वर्य, रूप और बल, विद्या और बुद्धि, ये विभूतियाँ चाहे संसार को कितना ही मोहित कर लें, कवि के लिए यहाँ जरा भी आकर्षण नहीं है।” यह कथन ‘गोदान’ के किस पात्र का है?
  1. Aमेहता
  2. Bमालती
  3. Cमिल मालिक खन्ना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) मेहता

Explanation

यह कथन 'गोदान' के पात्र मेहता का है, जो कवि के आदर्श-भाव को व्यक्त करता है।

From BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10 — Previous Year Paper

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