“थर्राती है वसुधा सारी, है आसमान तड़तड़ा रहा । अरि दल पर कूद पडूँ उड़कर है रोम-रोम
“थर्राती है वसुधा सारी, है आसमान तड़तड़ा रहा ।
अरि दल पर कूद पडूँ उड़कर है रोम-रोम
फड़फड़ा रहा ॥”
उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
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Correct answer: (A) वीर रस
Explanation
इन पंक्तियों में युद्ध के उत्साह और अरिदल पर कूद पड़ने के जोश का वर्णन है, जिसका स्थायी भाव उत्साह है, इसलिए यहाँ वीर रस है।