निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए -
निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए -
गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है।
लक्ष्य-प्राप्ति का आधार क्या बताया गया है?
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Correct answer: (C) आत्म-चिंतन और आत्म-विश्वास
Explanation
गद्यांश के अनुसार आत्म-चिंतन और आत्म-विश्वास दोनों लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बनते हैं।