Question 109Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10

निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए -

निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए ध्वज लहराना का क्या भाव है?
  1. Aचर्चित होना
  2. Bसफलता का निश्चयन
  3. Cखुश होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सफलता का निश्चयन

Explanation

मस्तक के पसीने को पोंछने के लिए सफलता का ध्वज लहराने का भाव है कि परिश्रम के बाद सफलता निश्चित है।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10 — Previous Year Paper

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