Question 120Asked in CTET July 2024 Paper 1, 7 Jul 2024

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है। गद्यांश के अनुसार संसाधनों के अंधाधुंध प्रयोग का प्रभाव __________ पड़ता है।
  1. Aखेती एवं आँकड़ों पर
  2. Bमौसम और आँकड़ों पर
  3. Cमौसम एवं खेती पर
  4. Dआँकड़ों और जल पर
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Correct answer: (C) मौसम एवं खेती पर

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि संसाधनों के अंधाधुंध इस्तेमाल का असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है; इसलिए सही उत्तर "मौसम एवं खेती पर" है।

From CTET July 2024 Paper 1, 7 Jul 2024 — Previous Year Paper

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