Question 146Asked in CTET February 2026 Paper 1, 1 Mar 2026

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है । यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी । ‘यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।’ इससे आप क्या समझते हैं ?
  1. Aएक में एक मिलाने पर दो बनते हैं ।
  2. Bमनुष्य में द्वैत भाव की समाप्ति पर ही प्रेम और शांति की स्थापना संभव है ।
  3. Cएक में एक मिलाने पर शांति प्राप्त होती है ।
  4. Dएक में एक मिलाने पर एक ही बनता है ।
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Correct answer: (B) मनुष्य में द्वैत भाव की समाप्ति पर ही प्रेम और शांति की स्थापना संभव है ।

Explanation

‘एक जमा एक बराबर एक’ का भाव है कि ‘मैं’ और ‘दूसरा’ का भेद (द्वैत भाव) मिट जाए। गद्यांश के अनुसार द्वैत भाव समाप्त होने पर ही दुनिया में प्रेम और शांति स्थापित हो सकती है।

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