Question 138Asked in CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026

अभिकथन (A) : उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग है।

अभिकथन (A) : उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग है। कारण (R) : उपचारात्मक शिक्षण का तात्पर्य है पुनः शिक्षण करना। यह आवश्यक नहीं कि यह शिक्षण इस दृष्टि से किया जाए कि पिछले शिक्षण द्वारा सही तरीके से नहीं सीखा गया है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
  1. A(A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  2. B(A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  3. C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  4. D(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (D) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

Explanation

उपचारात्मक शिक्षण शिक्षण-अधिगम का अभिन्न अंग है, क्योंकि जो बातें ठीक से नहीं सीखी गईं उन्हें दोबारा (जरूरी नहीं कि उसी तरीके से) पढ़ाया जाता है। इसलिए (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

From CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026 — Previous Year Paper

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