"Din - i - Ilahi was a monument of Akbar's folly not of his wisdom". Who wrote it?“दीने-इलाही अकबर की मुर्खता का एक बहुत बड़ा कार्य था न कि उसकी बुद्धिमत्ता का था।” यह किसने लिखा?
“दीने-इलाही अकबर की मुर्खता का एक बहुत बड़ा कार्य था न कि उसकी बुद्धिमत्ता का था।” यह किसने लिखा?
Show answerHide answer
Correct answer: (A) V.A. Smithवी.ए. स्मिथ
Explanation
The historian V.A. Smith, in his biography of Akbar, called the Din-i-Ilahi 'a monument of Akbar's folly, not of his wisdom'.इतिहासकार वी॰ ए॰ स्मिथ ने अकबर की जीवनी में दीन-ए-इलाही को 'अकबर की मूर्खता का स्मारक, उसकी बुद्धिमत्ता का नहीं' कहा।