निर्देश (प्रश्न सं॰ H-96 से H-100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
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पुराणों में देखा गया है कि तप देवता करते हैं और राक्षस भी। जिस किसी को कुछ भी सिद्धि प्राप्त करनी है, तप किए बिना कोई चारा नहीं। इसमें उसकी नीयत अगर सात्विक रही, तो उसका और दुनिया का भला होता है। अगर उसकी नीयत बुरी रही, तो वह सारी दुनिया का नाश भी कर सकता है। मनुष्य ने ऐटम बम, हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र तैयार किए। यह सब मनुष्य की तपस्या का ही फल है। इस आसुरी तपस्या से दुनिया का तो नुकसान होता ही है, लेकिन ऐसी तपस्या करने वाला स्वयं आत्मनाश की तैयारी करता है।
आसुरी तपस्या से मनुष्य ने क्या बनाया?
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Correct answer: (B) ऐटम बम
Explanation
अनुच्छेद के अनुसार आसुरी तपस्या से मनुष्य ने ऐटम बम और हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र बनाए।