यौवनप्रभवं तमः कीदृशो भवति?
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Correct answer: (A) अरत्नालोकच्छेद्यम्
Explanation
कादम्बरी के शुकनासोपदेश में कहा गया है कि यौवन से उत्पन्न अज्ञान-अन्धकार रत्नों के प्रकाश से भी नहीं मिटता (अरत्नालोकच्छेद्य)। इसलिए (A) सही है।
Correct answer: (A) अरत्नालोकच्छेद्यम्
Explanation
कादम्बरी के शुकनासोपदेश में कहा गया है कि यौवन से उत्पन्न अज्ञान-अन्धकार रत्नों के प्रकाश से भी नहीं मिटता (अरत्नालोकच्छेद्य)। इसलिए (A) सही है।
This is question 41 of BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10 — Previous Year Paper. See all questions of this paper with answers, or attempt the paper as a timed online test to get your score and all-India rank.