बार्हस्पत्या अधोऽङ्कितासु कां विद्यां स्वीकुर्वन्ति? कौटिल्य-अर्थशास्त्रानुसारमुत्तरयत—
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Correct answer: (E) उपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Explanation
बार्हस्पत्य वार्ता और दण्डनीति ये दो विद्याएँ मानते हैं। ये दोनों दिए गए विकल्पों में नहीं हैं, इसलिए (E)।