Question 67Asked in BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10

“त्वमेव ननु कल्याणि! सञ्जीवय जगत्पतिम्। प्रियस्पर्शो हि पाणिस्ते तत्रैष निरतो जनः॥”

“त्वमेव ननु कल्याणि! सञ्जीवय जगत्पतिम्। प्रियस्पर्शो हि पाणिस्ते तत्रैष निरतो जनः॥” उत्तररामचरितस्य तृतीयेऽङ्के कस्येदं कथनम्?
  1. Aसीतायाः
  2. Bतमसायाः
  3. Cमुरलायाः
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
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Correct answer: (B) तमसायाः

Explanation

तृतीय अंक में सीता को मूर्छित देखकर तमसा राम से स्पर्श द्वारा उन्हें जीवित करने को कहती हैं; यह कथन तमसा का है। उत्तर (B)।

From BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10 — Previous Year Paper

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