‘कृष्णश्रितः’ इति सामासिकपदस्य लौकिकः विग्रहः अस्ति
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Correct answer: (E) उपर्युक्तेषु कश्चन अपि नास्ति
Explanation
‘कृष्णश्रितः’ द्वितीया तत्पुरुष है और उसका शुद्ध विग्रह ‘कृष्णं श्रितः’ है। विकल्प (C) में अन्त का विसर्ग छपा नहीं है, इसलिए आधिकारिक कुंजी में कोई भी उपयुक्त नहीं (E) माना गया है।