Question 136Asked in CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023 + 1 more paper

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा । ऊर्जावान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का बनने के लिए आवश्यक है :
  1. Aप्राण वायु का धीमा और नीचे बहना ।
  2. Bप्राण वायु का गहराई और देर तक बहना ।
  3. Cप्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना ।
  4. Dप्राण वायु का तेज़ और गहराई से बहना ।
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Correct answer: (C) प्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना ।

Explanation

गद्यांश कहता है कि प्राण को धीमा और गहरा भरने से हम ख़ुद को ऊर्जावान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करेंगे। इसलिए प्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना आवश्यक है।

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