Question 129Asked in CTET January 2024 Paper 1, 21 Jan 2024

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता। पाप और पुण्य दोनों __________ हैं।
  1. Aस्थायी
  2. Bअस्थायी
  3. Cस्वाभाविक
  4. Dहानिकारक
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Correct answer: (B) अस्थायी

Explanation

गद्यांश के अनुसार पाप और पुण्य दोनों इस संसार से जुड़े हैं, इसलिए दोनों अस्थायी हैं।

From CTET January 2024 Paper 1, 21 Jan 2024 — Previous Year Paper

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