Question 130Asked in CTET January 2024 Paper 1, 21 Jan 2024

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता। पुण्य में उसके फल को :
  1. Aहम स्वीकार नहीं भी कर सकते
  2. Bहम स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं
  3. Cकिसी दूसरे के लिए उपयोग में ला सकते हैं
  4. Dप्राप्त करना बहुत श्रमसाध्य है
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Correct answer: (A) हम स्वीकार नहीं भी कर सकते

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि यदि हम पुण्य का फल नहीं चाहते तो उसे अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं, अर्थात हम उसे स्वीकार न भी करें।

From CTET January 2024 Paper 1, 21 Jan 2024 — Previous Year Paper

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