निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
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जल ही जीवन है — यह कथन जितना पुराना है, उतना ही सत्य भी। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, किंतु इसमें से पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण और उद्योगों के कारण भूजल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अनेक नगरों में गर्मियों के आते ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। हमारे पूर्वज कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब बनाकर वर्षा-जल को सहेजते थे; आज हम उस परंपरा को भूलते जा रहे हैं। यदि हर घर की छत से बहने वाले वर्षा-जल को एकत्र कर भूमि में उतारा जाए, तो भूजल फिर से भर सकता है। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नल खुला न छोड़ना, टपकती टोंटियों की मरम्मत कराना और पानी का दोबारा उपयोग करना — ये छोटे-छोटे उपाय मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —
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Correct answer: (A) जल संरक्षण : हमारा दायित्व
Explanation
गद्यांश का मुख्य विषय जल संरक्षण और नागरिकों का कर्तव्य है।