निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
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मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा-साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने कहानी और उपन्यास को राजा-रानियों की कल्पनाओं से निकालकर आम आदमी के जीवन से जोड़ा। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्होंने उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखना आरंभ किया, बाद में हिंदी में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए। 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला' और 'कर्मभूमि' उनके प्रमुख उपन्यास हैं, जबकि 'कफ़न', 'ईदगाह' और 'पूस की रात' उनकी अमर कहानियाँ हैं। उनकी रचनाओं में किसान की बेबसी, महाजनी शोषण, स्त्री की पीड़ा और समाज की कुरीतियों का यथार्थ चित्रण मिलता है। आरंभ में उन पर आदर्शवाद का प्रभाव था, किंतु बाद की रचनाओं, विशेषकर 'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए। उनकी भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जिसमें हिंदी और उर्दू का सुंदर मेल है। इसी कारण उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
'यथार्थ' शब्द का विलोम है —
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Correct answer: (B) कल्पना
Explanation
यथार्थ ↔ कल्पना। बाकी तीनों पर्यायवाची हैं।