निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ था। 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ सरकार ने गांधीजी सहित कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया। नेतृत्व के अभाव में भी आंदोलन रुका नहीं, बल्कि जनता ने स्वयं इसकी बागडोर सँभाल ली। देश के अनेक भागों में हड़तालें हुईं, सरकारी दफ़्तरों और रेल-लाइनों को निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर लोगों ने अपनी समानांतर सरकारें भी स्थापित कर लीं। अरुणा आसफ़ अली, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन को दिशा दी। यद्यपि सरकार ने कठोर दमन से आंदोलन को दबा दिया, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारतीयों को अधिक समय तक गुलाम नहीं रखा जा सकता।
गद्यांश के अनुसार असत्य कथन है —
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Correct answer: (B) बड़े नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद आंदोलन तुरंत समाप्त हो गया।
Explanation
गद्यांश के अनुसार आंदोलन रुका नहीं; जनता ने बागडोर सँभाल ली।