Question 128Asked in CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024 + 1 more paper

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए : व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं। ‘व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है’ का आशय है
  1. Aलेखन सतत रूप से चलते रहना चाहिए
  2. Bआगामी रचना में पूर्व में लिखे गए का उल्लेख होना चाहिए
  3. Cप्रत्येक रचना में नवीनता का पुट होना चाहिए
  4. Dहर रचनाकार को अपनी रचना में व्यंग्य का समावेशन करना चाहिए
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Correct answer: (C) प्रत्येक रचना में नवीनता का पुट होना चाहिए

Explanation

गद्यांश के अनुसार व्यंग्य निरंतरता माँगता है और उस निरंतरता में नवीनता की उपस्थिति का आग्रह अपने-आप जुड़ जाता है, अर्थात हर रचना में कुछ नया होना चाहिए।

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