Question 129Asked in CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024 + 1 more paper

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए : व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं। गद्यांश में निरंतरता के किस खतरे की बात उठाई गई है?
  1. Aव्यंग्यकार एक साथ अनेक रचनाएँ लिखने लगते हैं
  2. Bपिछली रचनाओं का कलेवर आगामी रचनाओं में झलकने लगा है
  3. Cव्यंग्य के पाठक बहुत कम हो गए हैं
  4. Dव्यंग्य के सराहना बोध की क्षमता खत्म होती जा रही है
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Correct answer: (B) पिछली रचनाओं का कलेवर आगामी रचनाओं में झलकने लगा है

Explanation

गद्यांश में निरंतरता का खतरा यह बताया गया है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं, यानी पिछली रचनाओं का कलेवर आगे की रचनाओं में झलकने लगता है।

From CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024 — Previous Year Paper

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