Question 16Asked in BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10 + 7 more papers

निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए -

निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (ख) मनुष्य का जीवन संसार के छोटे-बड़े प्राणियों और पदार्थों में श्रेष्ठ माना गया है। वह इसलिए कि मनुष्य बड़ा बुद्धिमान और कल्पनाशील प्राणी है। अपने विचारों के बल पर ही वह जो चाहे कर सकता है और बहुत ऊँचा उठ सकता है। परंतु विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने के साथ-साथ मनुष्य के व्यावहारिक जीवन से संबंध रखने वाले होने चाहिए। इन्हीं बातों को आधार बनाकर ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ को मानव-जीवन की सफलता की सीढ़ी माना गया है। सादगी मनुष्य के पहनावे से नहीं, बल्कि उसके प्रत्येक हाव-भाव, विचार तथा जीवन के ढंग से टपकनी चाहिए। यही वास्तविक सादगी है, जो विचारों को भी उच्च बनाकर सब प्रकार की उन्नति और विकास का कारण बनती है। संसार का इतिहास इस बात का गवाह है कि आरंभ से ही सादगी पसंद व्यक्ति ही जनता को उच्च विचार देकर उन्नति और विकास की राह प्रशस्त करते आ रहे हैं। महात्मा बुद्ध, संत कबीर, गुरू नानक, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, विनोबा भावे आदि इस तथ्य के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्नति करने के लिए मनुष्य के विचार कैसे होने चाहिए?
  1. Aझूठे, ऊँचे और अपवित्र
  2. Bबेबुनियाद
  3. Cमोह-माया से युक्त
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

गद्यांश के अनुसार विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने चाहिए; दिए गए तीनों विकल्प इसके उलटे हैं, इसलिए उत्तर 'उपर्युक्त में से कोई नहीं' है।

From BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10 — Previous Year Paper

This is question 16 of BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10 — Previous Year Paper. See all questions of this paper with answers, or attempt the paper as a timed online test to get your score and all-India rank.

Asked in 8 papers