“जसोदा हरि पालनै झुलावै। हलरावै दुलराइ मल्हावैं, जोइ-सोइ कछु गावैं॥”
“जसोदा हरि पालनै झुलावै।
हलरावै दुलराइ मल्हावैं, जोइ-सोइ कछु गावैं॥”
उक्त काव्य-पंक्तियों में कौन-सा रस है?
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Correct answer: (C) वात्सल्य
Explanation
इन पंक्तियों में यशोदा का बालक कृष्ण के प्रति स्नेह (पालना झुलाना, दुलारना) वर्णित है; संतान-स्नेह का रस वात्सल्य है।