BPSC TRE · Topic-wise previous year questions

Sanskrit Previous Year Questions (page 4)

399 Sanskrit questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

  • 399 questions
  • Official answer key
  • Free
Q151BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘आगत्य’ इत्यस्य सन्धिच्छेदो भविष्यति—
  1. Aआ + गम् + ल्यप्
  2. Bआम् + गम् + य
  3. Cआ + ग + तुक् + यत्
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (A) आ + गम् + ल्यप्

Explanation

आगत्य = आ + गम् + ल्यप् (पूर्वकालिक क्रिया का रूप)। उत्तर (A)।

Q152BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘एतादृशः’ इत्यस्मिन् पदे किम् उपपदम्, को धातुः, कश्च प्रत्ययः?
  1. Aइदम् + दृश् + किन्
  2. Bएता + दृंह + कञ्
  3. Cएतद् + दृश् + क्स
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (E) उपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति

Explanation

एतादृश में उपपद "एतद्", धातु "दृश्" है और प्रत्यय क्विन्, कञ् या क्स तीनों कहे गए हैं। इसलिए आधिकारिक उत्तर (E) है।

Q153BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
वह गाँव में निर्धनों को अपने हाथों से दान दे रहा है। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aस ग्रामे निर्धनान् स्वहस्तात् दानं ददाति।
  2. Bस ग्रामे निर्धनाय स्वहस्तात् दानं ददाति।
  3. Cस ग्रामे निर्धनेभ्यः स्वहस्ताभ्यां दानं ददासि।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (E) उपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति

Explanation

सही अनुवाद में निर्धनेभ्यः और स्वहस्ताभ्याम्/स्वहस्तैः जैसे रूप चाहिए। दिए गए तीनों विकल्प अशुद्ध हैं, इसलिए (E)।

Q154BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
विश्वामित्र राजा दशरथ के पास गया। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aविश्वामित्रः राजस्य दशरथस्य समीपे जगाम।
  2. Bविश्वामित्रः राज्ञः दशरथस्य समीपे जगाम।
  3. Cविश्वामित्रः! राज्ञां दशरथे समीपे जगाम।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (B) विश्वामित्रः राज्ञः दशरथस्य समीपे जगाम।

Explanation

"राजा दशरथ के पास" के लिए "राज्ञः दशरथस्य समीपे" शुद्ध है। उत्तर (B)।

Q155BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
राम ने बाण से बाली को मारा। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aरामेण बाणेन बालिं हन्ति।
  2. Bरामः बाणात् बालिं मारयति।
  3. Cरामः बाणेन बालिं जघान।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (C) रामः बाणेन बालिं जघान।

Explanation

"मारा" भूतकाल है, इसलिए लिट् लकार का "जघान" और करण में "बाणेन" चाहिए। उत्तर (C)।

Q156BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
लता को लड्डू अच्छे लगते हैं। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aलतायै मोदकाः रोचन्ते।
  2. Bलतां मोदकाः रोचन्ते।
  3. Cलतान् मोदकाः रोचन्ते।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (A) लतायै मोदकाः रोचन्ते।

Explanation

"रुच्" धातु के योग में जिसे अच्छा लगे उसमें चतुर्थी होती है, अतः "लतायै मोदकाः रोचन्ते"। उत्तर (A)।

Q157BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
प्राणिमात्र का भला हो। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aप्राणिमात्राय भद्रं भूयात्।
  2. Bसर्वे सन्तु निरामयाः।
  3. Cप्राणिमात्रस्य भद्रं भूयात्।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (D) उपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः

Explanation

"प्राणिमात्राय भद्रं भूयात्" और "प्राणिमात्रस्य भद्रं भूयात्" दोनों ही शुद्ध हैं, इसलिए एक से अधिक विकल्प सही हैं। उत्तर (D)।

Q158BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
सब सैनिकों में वीरेन्द्र शूरवीर है। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aसर्वेषु सैनिकेषु वीरेन्द्रः शूरवीरतमो विद्यते।
  2. Bसर्वात् सैनिकात् वीरेन्द्रः शूरवीरतमो विद्यते।
  3. Cसर्वेषां सैनिकानां वीरेन्द्रः शूरवीरतमो विद्यते।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (D) उपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः

Explanation

समूह में श्रेष्ठता बताने पर सप्तमी या षष्ठी होती है; "सर्वेषु सैनिकेषु" तथा "सर्वेषां सैनिकानाम्" दोनों शुद्ध हैं। उत्तर (D)।

Q159BPSC TRE 1.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
बालक प्रातःकाल विद्यालय को जाते हैं। अस्य वाक्यस्य संस्कृतभाषायाम् अनुवादो भविष्यति—
  1. Aबालकाः प्रातःकाले विद्यालयाय गच्छन्ति।
  2. Bबालकाः प्रातःकाले विद्यालयं गच्छन्ति।
  3. Cबालकाः प्रातःकाले विद्यालये गच्छन्ति।
  4. Dउपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः
  5. Eउपर्युक्तेषु किञ्चन अपि नास्ति
Show answerHide answer

Correct answer: (D) उपर्युक्तेषु एकस्मादधिकः

Explanation

"विद्यालयं गच्छन्ति" (द्वितीया) शुद्ध है और "विद्यालयाय गच्छन्ति" (चतुर्थी) भी प्रचलित है, इसलिए आधिकारिक कुञ्जी में एक से अधिक विकल्प सही माने गए हैं। उत्तर (D)।

Q160BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
माहेश्वराणि सूत्राणि कति प्रकाराणि सन्ति?
  1. A12
  2. B13
  3. C14
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) 14

Explanation

माहेश्वर सूत्र (शिवसूत्र) कुल 14 हैं, जिनसे प्रत्याहार बनते हैं। अतः (C) सही है।

Q161BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘हयवरट्’ इत्यत्र हकारादिषु अकारग्रहणं किमर्थम्?
  1. Aइत्संज्ञार्थम्
  2. Bउच्चारणार्थः
  3. Cप्रत्याहारनिर्माणार्थः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) उच्चारणार्थः

Explanation

हयवरट् आदि सूत्रों में हकार आदि के बाद लगा अ केवल उच्चारण की सुविधा के लिए होता है, उसकी गिनती वर्ण में नहीं होती। अतः (B) सही है।

Q162BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
सूत्राणि कति प्रकाराणि?
  1. Aदश
  2. Bअष्ट
  3. Cषट्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) षट्

Explanation

दिए गए उत्तर के अनुसार सूत्र छह प्रकार के माने गए हैं (संज्ञा, परिभाषा, विधि, निषेध, अतिदेश, अधिकार)। अतः (C) सही है।

Q163BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
लोपसंज्ञाविधायकं सूत्रं किम्?
  1. Aतस्य लोपः
  2. Bअदर्शनं लोपः
  3. Cहलन्त्यम्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) अदर्शनं लोपः

Explanation

‘अदर्शनं लोपः’ सूत्र लोप की संज्ञा का विधान करता है (अदर्शन अर्थात् न दिखना)। ‘तस्य लोपः’ इत्संज्ञक का लोप करता है। अतः (B) सही है।

Q164BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘श’कारस्य उच्चारणस्थानं किम्?
  1. Aदन्तः
  2. Bकण्ठः
  3. Cतालुः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) तालुः

Explanation

इचुयशानां तालु के नियम से श का उच्चारण-स्थान तालु है। अतः (C) सही है।

Q165BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘इ’कारस्य कति भेदाः?
  1. Aद्वादश
  2. Bषोडश
  3. Cअष्टादश
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) अष्टादश

Explanation

इ के ह्रस्व, दीर्घ, प्लुत; उदात्त, अनुदात्त, स्वरित; और अनुनासिक-निरनुनासिक भेद से कुल 18 भेद होते हैं। अतः (C) सही है।

Q166BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
ऊष्मवर्णानां आभ्यन्तरप्रयत्नं किम्?
  1. Aईषत्स्पृष्टम्
  2. Bईषद्विवृतम्
  3. Cविवृतम्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) ईषद्विवृतम्

Explanation

ऊष्म वर्णों (श, ष, स, ह) का आभ्यन्तर प्रयत्न ईषद्विवृत होता है। अतः (B) सही है।

Q167BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
खरवर्णानां बाह्यप्रयत्नाः के?
  1. Aसंवारा नादा घोषाश्च
  2. Bविवारा नादा घोषाश्च
  3. Cविवाराः श्वासा अघोषाश्च
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) विवाराः श्वासा अघोषाश्च

Explanation

खर् वर्णों (क, ख, च, छ आदि) के बाह्य प्रयत्न विवार, श्वास और अघोष हैं। अतः (C) सही है।

Q168BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
बाह्यप्रयत्नाः कतिविधाः?
  1. Aपञ्च
  2. Bसप्त
  3. Cएकादश
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) एकादश

Explanation

बाह्य प्रयत्न विवार, संवार, श्वास, नाद, घोष, अघोष, अल्पप्राण, महाप्राण और उदात्त, अनुदात्त, स्वरित इन ग्यारह प्रकार के माने गए हैं। अतः (C) सही है।

Q169BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘गव्यूतिः’ इत्यत्र सन्धिः केन?
  1. Aएचोऽयवायावः
  2. Bवान्तो यि प्रत्यये
  3. Cअध्वपरिमाणे च
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) अध्वपरिमाणे च

Explanation

गो + यूतिः में ‘अध्वपरिमाणे च’ सूत्र से (मार्ग की नाप के अर्थ में) ओ का अव् होकर गव्यूतिः बनता है। अतः (C) सही है।

Q170BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘गङ्गोदकम्’ इत्यत्र सन्धिः केन सूत्रेण?
  1. Aअदेङ् गुणः
  2. Bआद् गुणः
  3. Cइको गुणवृद्धी
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) आद् गुणः

Explanation

गङ्गा + उदकम् में अ/आ के बाद उ आने पर ‘आद् गुणः’ सूत्र से ओ गुण होता है। अतः (B) सही है।

Q171BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘पित्राज्ञा’ इति शब्दस्य सन्धिविच्छेदं कुरुत—
  1. Aपितृ + आज्ञा
  2. Bपित्र + आज्ञा
  3. Cपित् + राज्ञा
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) पितृ + आज्ञा

Explanation

पितृ + आज्ञा में ऋ का र् हो गया (यण् सन्धि), इसलिए पित्राज्ञा बना। अतः (A) सही है।

Q172BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘कामिनी + उदयः’ इत्यत्र का सन्धिः भविष्यति?
  1. Aगुणसन्धिः
  2. Bयण्सन्धिः
  3. Cवृद्धिसन्धिः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) यण्सन्धिः

Explanation

ई के बाद भिन्न स्वर उ आने पर ई का य् होता है (कामिन्युदयः), यह यण् सन्धि है। अतः (B) सही है।

Q173BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘वागर्थौ + इव’ इत्यत्र सन्धिपदं चिनुत—
  1. Aवागर्थविव
  2. Bवागर्थाविव
  3. Cवागर्थौ इव
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) वागर्थाविव

Explanation

औ के बाद इ आने पर औ का आव् होता है (अयादि सन्धि), इसलिए वागर्थौ + इव = वागर्थाविव। अतः (B) सही है।

Q174BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘वसन्तर्तुः’ इत्यत्र सन्धिविच्छेदः कः?
  1. Aवसन् + तर्तुः
  2. Bवसन्त + ऋतुः
  3. Cवसन्त + रितुः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) वसन्त + ऋतुः

Explanation

वसन्त + ऋतुः में अ + ऋ मिलकर अर् गुण होने से वसन्तर्तुः बना। अतः (B) सही है।

Q175BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘अक्षौहिणी’ इत्यत्र का सन्धिः?
  1. Aवृद्धिसन्धिः
  2. Bदीर्घसन्धिः
  3. Cपूर्वरूपसन्धिः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) वृद्धिसन्धिः

Explanation

अक्ष + ऊहिनी में अ + ऊ मिलकर औ बना, जो वृद्धि सन्धि (वृद्धिरेचि) है। अतः (A) सही है।

Q176BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘उपैधते’ इत्यत्र केन सूत्रेण वृद्धिसन्धिः?
  1. Aवृद्धिरेचि
  2. Bएत्येधत्यूठ्सु
  3. Cवृद्धिरादैच्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) एत्येधत्यूठ्सु

Explanation

उप + एधते में ‘एत्येधत्यूठ्सु’ सूत्र से अ + ए मिलकर ऐ (वृद्धि) होता है। अतः (B) सही है।

Q177BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘गवेन्द्रः’ इति शब्दस्य सन्धिविच्छेदं किम्?
  1. Aगो + इन्द्रः
  2. Bगव + इन्द्रः
  3. Cगवे + इन्द्रः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) गो + इन्द्रः

Explanation

गो + इन्द्रः में ओ का अव् होने से (अयादि सन्धि) गवेन्द्रः बनता है। अतः (A) सही है।

Q178BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘वागीशः’ इत्यत्र सन्धिः केन सूत्रेण?
  1. Aझलां जशोऽन्ते
  2. Bझलां जश् झशि
  3. Cखरि च
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) झलां जशोऽन्ते

Explanation

वाक् + ईशः में पदान्त क् का ‘झलां जशोऽन्ते’ से ग् हो जाता है, इसलिए वागीशः बना। अतः (A) सही है।

Q179BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘हरी रम्यः’ इत्यत्र सन्धिविच्छेदः किम्?
  1. Aहरी + रम्यः
  2. Bहरिर् + रम्यः
  3. Cहरिस् + रम्यः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) हरिर् + रम्यः

Explanation

हरिः + रम्यः में विसर्ग के बाद र आने पर विसर्ग का लोप होकर पूर्व स्वर दीर्घ होता है। यहाँ मूल रूप हरिर् + रम्यः माना गया है। अतः (B) सही है।

Q180BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
आचार्यवरदराजानुसारेण समासः कति प्रकारकः?
  1. Aचत्वारि
  2. Bपञ्च
  3. Cषट्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) पञ्च

Explanation

वरदराज के अनुसार समास पाँच प्रकार के हैं (केवल समास, अव्ययीभाव, तत्पुरुष, बहुव्रीहि, द्वन्द्व)। अतः (B) सही है।

Q181BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
तत्पुरुषः कीदृशः समासः?
  1. Aप्रायेण पूर्वपदार्थप्रधानः
  2. Bप्रायेण उत्तरपदार्थप्रधानः
  3. Cप्रायेण अन्यपदार्थप्रधानः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) प्रायेण उत्तरपदार्थप्रधानः

Explanation

तत्पुरुष समास में प्रायः उत्तरपद का अर्थ प्रधान होता है (पूर्वपद प्रधान अव्ययीभाव, अन्य पद प्रधान बहुव्रीहि में होता है)। अतः (B) सही है।

Q182BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
कति वृत्तयः सन्ति?
  1. Aचत्वारि
  2. Bपञ्च
  3. Cषट्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) पञ्च

Explanation

संस्कृत व्याकरण में वृत्तियाँ पाँच मानी गई हैं: कृत्, तद्धित, समास, एकशेष और सनाद्यन्त धातु। अतः (B) सही है।

Q183BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘भूतपूर्वः’ इत्यत्र समासविधायकं सूत्रं किम्?
  1. Aसह सुपा
  2. Bशेषो बहुव्रीहिः
  3. Cतत्पुरुषः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) सह सुपा

Explanation

सुबन्त पदों का समास करने वाला सामान्य सूत्र ‘सह सुपा’ है, जिससे भूतपूर्वः (सुप् सुप् समास) बनता है। अतः (A) सही है।

Q184BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘पञ्चगङ्गम्’ इत्यत्र कः समासः?
  1. Aअव्ययीभावः
  2. Bतत्पुरुषः
  3. Cद्वन्द्वः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) अव्ययीभावः

Explanation

पञ्चानां गङ्गानां समाहारः, समाहार के अर्थ में यहाँ अव्ययीभाव समास मान्य है। यह उत्तर आधिकारिक कुंजी के अनुसार है। अतः (A) सही है।

Q185BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘पञ्चगवम्’ इति पदे कः समासः?
  1. Aअव्ययीभावः
  2. Bतत्पुरुषः
  3. Cद्वन्द्वः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) तत्पुरुषः

Explanation

पञ्चानां गवां समाहारः में संख्यावाचक पूर्वपद है; द्विगु समास तत्पुरुष का ही भेद है। अतः (B) सही है।

Q186BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“शाकप्रियः पार्थिवः” अस्य वाक्यस्य समस्तपदं किम्?
  1. Aशाकप्रियपार्थिवः
  2. Bशाकपार्थिवः
  3. Cशाकप्रियो पार्थिवः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) शाकपार्थिवः

Explanation

मध्यमपदलोपी समास में बीच का पद (प्रिय) लुप्त हो जाता है, इसलिए शाकप्रियः पार्थिवः = शाकपार्थिवः। अतः (B) सही है।

Q187BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘अपुत्रः’ इत्यत्र कः समासः?
  1. Aनञ् तत्पुरुषः
  2. Bद्वन्द्वः
  3. Cबहुव्रीहिः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) बहुव्रीहिः

Explanation

न विद्यते पुत्रो यस्य सः (जिसका पुत्र नहीं है), इस अन्य पद के अर्थ वाले विग्रह में बहुव्रीहि समास है। अतः (C) सही है।

Q188BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
चार्थाः कतिविधाः?
  1. Aएकम्
  2. Bद्वे
  3. Cचत्वारि
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) चत्वारि

Explanation

द्वन्द्व समास में च (चकार) के चार अर्थ माने गए हैं: समुच्चय, अन्वाचय, इतरेतरयोग और समाहार। अतः (C) सही है।

Q189BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“दन्तानां राजा” अस्य वाक्यस्य समस्तपदं किम्?
  1. Aदन्तराजानः
  2. Bदन्तराजानौ
  3. Cराजदन्ताः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) राजदन्ताः

Explanation

राजदन्तादि गण के अनुसार ‘दन्तानां राजा’ का समास राजदन्त (शब्द), बहुवचन में राजदन्ताः बनता है (उपसर्जन पूर्वनिपात)। अतः (C) सही है।

Q190BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
संस्कृतभाषायां कारकाणि कति?
  1. Aपञ्च
  2. Bषट्
  3. Cसप्त
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) षट्

Explanation

संस्कृत में कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान और अधिकरण ये छह कारक हैं। अतः (B) सही है।

Q191BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“द्रोणो व्रीहिः” इति कस्य उदाहरणं वर्तते?
  1. Aप्रातिपदिकार्थमात्रस्य
  2. Bवचनमात्रस्य
  3. Cपरिमाणमात्रस्य
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) परिमाणमात्रस्य

Explanation

“द्रोणो व्रीहिः” में द्रोण (नाप) की मात्रा बताई गई है, इसलिए यह प्रथमा विभक्ति के परिमाणमात्र अर्थ का उदाहरण है। अतः (C) सही है।

Q192BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“ओदनं भुञ्जानो विषं भुङ्क्ते” इति कस्य सूत्रस्य उदाहरणम्?
  1. Aकर्तुरीप्सिततमं कर्म
  2. Bकर्मप्रवचनीययुक्ते द्वितीया
  3. Cतथायुक्तं चानीप्सितम्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) तथायुक्तं चानीप्सितम्

Explanation

विष खाना अभीष्ट नहीं है, पर भोजन के साथ जुड़ा है। ऐसे अनीप्सित कर्म के लिए ‘तथायुक्तं चानीप्सितम्’ सूत्र लगता है। अतः (C) सही है।

Q193BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“ग्रामम् अजां हरति” इति वाक्यस्य कर्मवाच्ये परिवर्तनं किम्?
  1. Aग्रामः अजा हियते
  2. Bग्रामम् अजा हियते
  3. Cग्रामम् अजां हियते
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) ग्रामम् अजा हियते

Explanation

द्विकर्मक धातु के कर्मवाच्य में प्रधान (मुख्य) कर्म प्रथमा में आता है और गौण कर्म द्वितीया में रहता है। उत्तर कुंजी के अनुसार (B) सही है।

Q194BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“शतं जयति देवदत्तम्” अस्य वाक्यस्य कर्मवाच्ये परिवर्तनं किम्?
  1. Aशतं जीयते देवदत्तः
  2. Bशतं जयते देवदत्तः
  3. Cशतं जयति देवदत्तः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) शतं जीयते देवदत्तः

Explanation

कर्मवाच्य में जि धातु में यक् प्रत्यय लगकर ‘जीयते’ बनता है, इसलिए वाक्य ‘शतं जीयते देवदत्तः’ होता है। अतः (A) सही है।

Q195BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
“व्याकरणे रुचिः” इति वाक्ये कीदृशः आधारः?
  1. Aअभिव्यापकः
  2. Bवैषयिकः
  3. Cऔपश्लेषिकः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (B) वैषयिकः

Explanation

रुचि का आधार व्याकरण विषय है, इसलिए यहाँ वैषयिक आधार (विषय अर्थ वाला अधिकरण) है। अतः (B) सही है।

Q196BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘मातृ’-शब्दस्य द्वितीयाबहुवचने शुद्धं रूपं किम्?
  1. Aमातुः
  2. Bमातृन्
  3. Cमातॄः
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) मातॄः

Explanation

ऋकारान्त मातृ शब्द के द्वितीया बहुवचन में शुद्ध रूप ‘मातॄः’ है। अतः (C) सही है।

Q197BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘अदस्’-शब्दस्य स्त्रीलिङ्गे द्वितीयाबहुवचने शुद्धं रूपं किम्?
  1. Aअमूः
  2. Bअमूनि
  3. Cअमून्
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) अमूः

Explanation

स्त्रीलिंग अदस् शब्द के द्वितीया बहुवचन में रूप ‘अमूः’ होता है; अमूनि नपुंसक और अमून् पुल्लिंग रूप हैं। अतः (A) सही है।

Q198BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
लभ्-धातोः लोट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य बहुवचने शुद्धं रूपं किम्?
  1. Aलभामहे
  2. Bलब्धास्महे
  3. Cलभामहै
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) लभामहै

Explanation

लभ् धातु के लोट् लकार उत्तम पुरुष बहुवचन में ‘लभामहै’ रूप बनता है। ‘लभामहे’ लट् का रूप है। अतः (C) सही है।

Q199BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
‘शये’ इति रूपं शीङ्धातोः कस्य लकारस्य?
  1. Aलट्लकारस्य
  2. Bलोट्लकारस्य
  3. Cलिट्लकारस्य
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (A) लट्लकारस्य

Explanation

शीङ् धातु का ‘शये’ रूप वर्तमान काल (लट् लकार) उत्तम पुरुष एकवचन का है। अतः (A) सही है।

Q200BPSC TRE 2.0 (2023) Sanskrit Class 9-10
ऋग्वेदे कति मण्डलानि सन्ति?
  1. A5
  2. B7
  3. C10
  4. Dएकाधिकविकल्पा उपयुक्ताः
  5. Eन कोऽपि उपयुक्तः
Show answerHide answer

Correct answer: (C) 10

Explanation

ऋग्वेद दस मण्डलों में विभक्त है। अतः (C) सही है।

How to use these BPSC TRE Sanskrit questions

Every question here was asked in a real BPSC TRE paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full BPSC TRE papers as timed tests to check your speed under exam conditions.

More BPSC TRE subjects