853 Hindi questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है।
रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने लेख में गोरों का विरोध कब किया?
Aजब गोरों द्वारा दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की गयी
Bजब गोरों द्वारा अत्याचार किया गया
Cजब गोरों द्वारा अपराध किया गया
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) जब गोरों द्वारा दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की गयी
Explanation
गद्यांश में आया है कि जब गोरों ने दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की, तब रवि बाबू ने उनका विरोध करते हुए लेख लिखे।
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है।
‘जन-गण-मन-अधिनायक’ के राष्ट्रगान बनने का कारण है
Aरवि बाबू की संवेदनशीलता
Bइस कविता में व्याप्त देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति
Cरवि बाबू का देश-प्रेम
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) इस कविता में व्याप्त देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति
Explanation
'जन-गण-मन-अधिनायक' कविता देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार की गई।
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है।
रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ‘बंगदर्शन’ पत्रिका का पुनः प्रकाशन किया
Aसन् 1901 में
Bदक्षिण अफ्रीका में बोअर जाति की हत्या होने पर
Cबंकिमचंद्र चटर्जी के निधन के बाद ‘बंगदर्शन’ बंद हो जाने पर
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation
टैगोर ने बंकिमचंद्र के निधन के बाद बंद हो चुकी पत्रिका को सन् 1901 में फिर शुरू किया, इसलिए (A) और (C) दोनों सही हैं।
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है।
रवीन्द्रनाथ टैगोर की साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है
Aमनुष्य और समाज का कल्याण करना
Bमनुष्य के मन को श्रेष्ठ बनाना
Cमनुष्य अपनी निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मनुष्य अपनी निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने
Explanation
गद्यांश में कृतियों का उद्देश्य बताया है कि मनुष्य का मानसिक स्तर ऊँचा हो और वह निम्न प्रवृत्तियों को त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना।
किस मिट्टी से देह बनी है?
Aगंगा की मिट्टी
Bभारत की मिट्टी
Cभूमि की मिट्टी
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) भारत की मिट्टी
Explanation
गद्यांश में 'जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है' कहा गया है; यह पवित्र भारत-भूमि है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना।
किसका निर्मल जल पीने का उल्लेख है?
Aभारत की नदी
Bनदी का जल
Cगंगा का जल
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) गंगा का जल
Explanation
गद्यांश के अनुसार तुमने गंगा का निर्मल जल पिया है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना।
किसकी कोख से जन्म लेने की बात कही गयी है?
Aगंगा
Bभारत-भूमि
Cसरस्वती
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सरस्वती
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना।
किसी भी काम को करते हुए किसकी उपासना की बात कही गयी है?
Aगंगा
Bसावित्री माता
Cभारत माता
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सावित्री माता
Explanation
गद्यांश के अंतिम वाक्य में किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होने को कहा गया है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना।
लेखक ने किसके गौरव की बात कही है?
Aभारत माता
Bगंगा
Cसरस्वती माता
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) भारत माता
Explanation
गद्यांश में कहा है कि जिस भूमि के गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, वह भारत-भूमि है, अर्थात् भारत माता।
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