853 Hindi questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 88 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“संसार के सभी श्रेष्ठ धर्मों में हमें एक उच्च नैतिक शिक्षा के दर्शन होते हैं। सभी धर्म ये उपदेश देते हैं कि मनुष्य किसी की हत्या न करे, चोरी न करे, दूसरों की भलाई करे। अगर वह यह चाहता है कि दूसरे उसे हानि न पहुँचाएँ, तो वह किसी को हानि न पहुँचाए। उसे यश और ऐश्वर्य के पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि ये क्षणिक हैं। केवल आत्मा शाश्वत है। धार्मिक भावना का मधुर स्वर जीवन का संगीत है।”
प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Aयश और ऐश्वर्य
Bनैतिकता और धर्म
Cधार्मिकता और माधुर्य
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) नैतिकता और धर्म
Explanation
गद्यांश में सभी धर्मों की नैतिक शिक्षा और धार्मिक भावना की चर्चा है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'नैतिकता और धर्म' है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 88 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“संसार के सभी श्रेष्ठ धर्मों में हमें एक उच्च नैतिक शिक्षा के दर्शन होते हैं। सभी धर्म ये उपदेश देते हैं कि मनुष्य किसी की हत्या न करे, चोरी न करे, दूसरों की भलाई करे। अगर वह यह चाहता है कि दूसरे उसे हानि न पहुँचाएँ, तो वह किसी को हानि न पहुँचाए। उसे यश और ऐश्वर्य के पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि ये क्षणिक हैं। केवल आत्मा शाश्वत है। धार्मिक भावना का मधुर स्वर जीवन का संगीत है।”
मानव का अस्तित्व कैसा है?
Aसर्वोत्तम
Bसर्वाक्ष
Cक्षणिक
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) क्षणिक
Explanation
नोट: आधिकारिक कुंजी में (C) है। गद्यांश के अनुसार यश और ऐश्वर्य क्षणिक हैं, इसी आधार पर 'क्षणिक' विकल्प माना गया है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 88 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“संसार के सभी श्रेष्ठ धर्मों में हमें एक उच्च नैतिक शिक्षा के दर्शन होते हैं। सभी धर्म ये उपदेश देते हैं कि मनुष्य किसी की हत्या न करे, चोरी न करे, दूसरों की भलाई करे। अगर वह यह चाहता है कि दूसरे उसे हानि न पहुँचाएँ, तो वह किसी को हानि न पहुँचाए। उसे यश और ऐश्वर्य के पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि ये क्षणिक हैं। केवल आत्मा शाश्वत है। धार्मिक भावना का मधुर स्वर जीवन का संगीत है।”
‘ऐश्वर्य’ का अर्थ है
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।”
प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Aयुग का चमत्कार
Bआधुनिक युग का रंग
Cविज्ञान—एक वरदान
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) विज्ञान—एक वरदान
Explanation
गद्यांश में विज्ञान की उपलब्धियों और उसके द्वारा प्रकृति पर विजय का वर्णन है, इसलिए शीर्षक 'विज्ञान - एक वरदान' उपयुक्त है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।”
विज्ञान की तथ्यात्मक परिभाषा है
Aविशेष ज्ञान
Bसभी तथ्यों का ज्ञान
Cक्रमबद्ध, सुसंगठित और प्रयोगात्मक ज्ञान
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) क्रमबद्ध, सुसंगठित और प्रयोगात्मक ज्ञान
Explanation
विज्ञान की तथ्यात्मक परिभाषा है - क्रमबद्ध, सुसंगठित और प्रयोगात्मक ज्ञान।
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।”
‘दिग्दिगंतर’ का अर्थ है
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।”
‘धरती से आकाश तक पताका फहराना’ का अर्थ है
Aऊँचा झंडा
Bबहुत बड़ी सफलता मिलना
Cबड़ा झंडा
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) बहुत बड़ी सफलता मिलना
Explanation
'धरती से आकाश तक पताका फहराना' मुहावरे का अर्थ है बहुत बड़ी सफलता मिलना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।”
उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Aलेन-देन
Bकाम का समय
Cगरीबी
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) गरीबी
Explanation
गद्यांश में धनिया के पास पैसे नहीं हैं और उसे उधार तेल लाना पड़ता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'गरीबी' है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।”
‘दिया-बत्ती का समय होना’ का अर्थ है
Aसंध्या होना
Bउजाला होना
Cउजाला करना
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (A) संध्या होना
Explanation
'दिया-बत्ती का समय होना' का अर्थ है शाम (संध्या) होना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।”
‘मुँहदेखी करना’ का अर्थ है
Aपहली बार सामने होना
Bबात-चीत करना
Cपरिचय का लाभ लेना
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) परिचय का लाभ लेना
Explanation
नोट: आधिकारिक कुंजी में (C) है। गद्यांश के संदर्भ में 'मुँहदेखी करना' का आशय जान-पहचान या लिहाज़ का लाभ उठाना है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।”
‘लल्लो-चप्पो करना’ का अर्थ है
Aलालच भरी बात
Bगिड़गिड़ाना
Cमनचाही मधुर बात
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) मनचाही मधुर बात
Explanation
'लल्लो-चप्पो करना' का अर्थ है अपना काम निकालने के लिए मनचाही मीठी बातें करना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।”
उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Aबदलाव
Bसीख
Cप्रभुत्व
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) सीख
Explanation
गद्यांश में आचार्य जी से मिली सीख और प्रेरणा का वर्णन है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'सीख' है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।”
‘सान्निध्य’ का अर्थ है
Aध्यान में
Bगरिमा में
Cनिकटता का प्रेरक भाव
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) निकटता का प्रेरक भाव
Explanation
'सान्निध्य' का अर्थ है निकटता, और यहाँ यह निकटता प्रेरणा देने वाली है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।”
‘गाँठ बाँध लेना’ मुहावरे का अर्थ है
Aदृढ़ निश्चय करना
Bबंधन में रखना
Cगाँठ बना लेना
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (A) दृढ़ निश्चय करना
Explanation
'गाँठ बाँध लेना' मुहावरे का अर्थ है दृढ़ निश्चय करना या किसी बात को पक्का याद रखना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।”
‘धन्य होना’ का अर्थ है
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।”
उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Aखुशी का दिन
Bपावन पर्व
Cदीपावली
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) दीपावली
Explanation
गद्यांश में दीप जलाने, लक्ष्मी-पूजा, पटाखों और श्रीराम को याद करने का वर्णन है, जो दीपावली के पर्व से जुड़ा है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।”
‘मन में फुलझड़ी चलना’ का अर्थ है
Aबच्चों का खेल
Bआतिशबाजी
Cबहुत खुश होना
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) बहुत खुश होना
Explanation
'मन में फुलझड़ी चलना' मुहावरे का अर्थ है बहुत खुश होना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।”
‘आसमान छूना’ का अर्थ है
Aझूठी बात
Bसराहनीय सफलता
Cअसंभव बात
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) सराहनीय सफलता
Explanation
'आसमान छूना' का अर्थ है बड़ी ऊँचाई तक पहुँचना, अर्थात् सराहनीय सफलता पाना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।”
‘श्रीराम’ को क्यों याद किया गया है?
Aवे मर्यादापुरुषोत्तम हैं
Bउनके वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में
Cवे भारतीयों के आराध्य देव हैं
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) उनके वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में
Explanation
दीपावली पर श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में उन्हें याद किया गया, इसलिए (B) सही है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।”
उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Aसहनशील रधिया
Bधार्मिक रधिया
Cरधिया ने झूठ बोला
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (A) सहनशील रधिया
Explanation
नोट: आधिकारिक कुंजी में (A) है। गद्यांश में रधिया अपने दुःख चुपचाप सह लेती है और झूठ नहीं बोलती, इसलिए 'सहनशील रधिया' शीर्षक माना गया है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।”
‘भोला होना’ का अर्थ है
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।”
‘धीरज खो बैठना’ का अर्थ है
Aबेहोश होना
Bचीखने लगना
Cपरेशान हो जाना
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (C) परेशान हो जाना
Explanation
'धीरज खो बैठना' का अर्थ है घबराकर या परेशान होकर संयम छोड़ देना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए।
“एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।”
‘आँसू पोंछना’ का अर्थ है
Aचेहरे को साफ करना
Bदर्द सहने का प्रयास करना
Cआँख को साफ करना
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) दर्द सहने का प्रयास करना
Explanation
'आँसू पोंछना' का अर्थ यहाँ दुःख को सहने का प्रयास करना माना गया है।
निम्नलिखित कहानियों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए :
कहानी
a. चीफ़ की दावत
b. लाल पान की बेगम
c. ईदगाह
d. उसने कहा था
लेखक
1. प्रेमचंद
2. चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
3. फणीश्वरनाथ रेणु
4. भीष्म साहनी
Aa-3, b-4, c-2, d-1
Ba-4, b-3, c-1, d-2
Ca-1, b-2, c-3, d-4
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (B) a-4, b-3, c-1, d-2
Explanation
चीफ़ की दावत - भीष्म साहनी (4), लाल पान की बेगम - फणीश्वरनाथ रेणु (3), ईदगाह - प्रेमचंद (1), उसने कहा था - गुलेरी (2); यही क्रम (B) में है।
निम्नलिखित उपन्यासों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए :
उपन्यास
a. राग दरबारी
b. आपका बंटी
c. झूठा सच
d. जिन्दगीनामा
लेखक
1. मन्नू भंडारी
2. कृष्णा सोबती
3. श्रीलाल शुक्ल
4. यशपाल
Aa-3, b-1, c-4, d-2
Ba-1, b-2, c-3, d-4
Ca-4, b-3, c-2, d-1
Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer
Correct answer: (A) a-3, b-1, c-4, d-2
Explanation
राग दरबारी - श्रीलाल शुक्ल (3), आपका बंटी - मन्नू भंडारी (1), झूठा सच - यशपाल (4), जिन्दगीनामा - कृष्णा सोबती (2); यही क्रम (A) में है।
'पीपर पात सरिस मन डोला' में मन की तुलना पीपल के पत्ते से है; जिसकी तुलना की जाए वह उपमेय है, इसलिए 'मन' उपमेय है।
How to use these BPSC TRE Hindi questions
Every question here was asked in a real BPSC TRE paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full BPSC TRE papers as timed tests to check your speed under exam conditions.