30 गद्यांश / पद्यांश (Hindi) questions asked in DSSSB TGT / PGT previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
Q1From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 5
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसका उल्लेख वेदों और उपनिषदों में मिलता है। महर्षि पतंजलि ने 'योगसूत्र' की रचना कर योग को एक व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने योग के आठ अंग बताए — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, जिन्हें 'अष्टांग योग' कहा जाता है। आम धारणा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम है, जबकि वास्तव में यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जब लोग चिंता और अनिद्रा से जूझ रहे हैं, तब योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया, और 2015 से यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है।
'योगसूत्र' के रचयिता कौन हैं?
Aमहर्षि वाल्मीकि
Bवेदव्यास
Cचरक
Dमहर्षि पतंजलि
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Correct answer: (D) महर्षि पतंजलि
Explanation
गद्यांश के अनुसार महर्षि पतंजलि ने 'योगसूत्र' की रचना की।
Q2From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 5
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसका उल्लेख वेदों और उपनिषदों में मिलता है। महर्षि पतंजलि ने 'योगसूत्र' की रचना कर योग को एक व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने योग के आठ अंग बताए — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, जिन्हें 'अष्टांग योग' कहा जाता है। आम धारणा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम है, जबकि वास्तव में यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जब लोग चिंता और अनिद्रा से जूझ रहे हैं, तब योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया, और 2015 से यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है।
अष्टांग योग में कौन-सा अंग नहीं है?
Aधारणा
Bसमाधि
Cप्राणायाम
Dतपस्या
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Correct answer: (D) तपस्या
Explanation
आठ अंग: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि।
Q3From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 5
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसका उल्लेख वेदों और उपनिषदों में मिलता है। महर्षि पतंजलि ने 'योगसूत्र' की रचना कर योग को एक व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने योग के आठ अंग बताए — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, जिन्हें 'अष्टांग योग' कहा जाता है। आम धारणा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम है, जबकि वास्तव में यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जब लोग चिंता और अनिद्रा से जूझ रहे हैं, तब योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया, और 2015 से यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है।
गद्यांश के अनुसार योग वास्तव में है —
Aकेवल ध्यान की विधि
Bएक धार्मिक अनुष्ठान
Cकेवल शारीरिक व्यायाम
Dशरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला
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Correct answer: (D) शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला
Explanation
'केवल शारीरिक व्यायाम' आम धारणा है; वास्तव में योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला है।
Q4From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 5
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसका उल्लेख वेदों और उपनिषदों में मिलता है। महर्षि पतंजलि ने 'योगसूत्र' की रचना कर योग को एक व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने योग के आठ अंग बताए — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, जिन्हें 'अष्टांग योग' कहा जाता है। आम धारणा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम है, जबकि वास्तव में यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जब लोग चिंता और अनिद्रा से जूझ रहे हैं, तब योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया, और 2015 से यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?
A5 जून
B22 अप्रैल
C21 जून
D21 मार्च
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Correct answer: (C) 21 जून
Explanation
गद्यांश के अनुसार 21 जून (2015 से)।
Q5From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 5
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसका उल्लेख वेदों और उपनिषदों में मिलता है। महर्षि पतंजलि ने 'योगसूत्र' की रचना कर योग को एक व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने योग के आठ अंग बताए — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, जिन्हें 'अष्टांग योग' कहा जाता है। आम धारणा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम है, जबकि वास्तव में यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने की कला है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जब लोग चिंता और अनिद्रा से जूझ रहे हैं, तब योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया, और 2015 से यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है।
'प्राचीन' शब्द का विलोम है —
Aअर्वाचीन
Bपुराना
Cआदिम
Dपुरातन
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Correct answer: (A) अर्वाचीन
Explanation
प्राचीन ↔ अर्वाचीन (आधुनिक)।
Q6From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 4
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ था। 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ सरकार ने गांधीजी सहित कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया। नेतृत्व के अभाव में भी आंदोलन रुका नहीं, बल्कि जनता ने स्वयं इसकी बागडोर सँभाल ली। देश के अनेक भागों में हड़तालें हुईं, सरकारी दफ़्तरों और रेल-लाइनों को निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर लोगों ने अपनी समानांतर सरकारें भी स्थापित कर लीं। अरुणा आसफ़ अली, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन को दिशा दी। यद्यपि सरकार ने कठोर दमन से आंदोलन को दबा दिया, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारतीयों को अधिक समय तक गुलाम नहीं रखा जा सकता।
'करो या मरो' का नारा किसने दिया?
Aराम मनोहर लोहिया
Bजयप्रकाश नारायण
Cमहात्मा गांधी
Dअरुणा आसफ़ अली
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Correct answer: (C) महात्मा गांधी
Explanation
गद्यांश के अनुसार यह नारा महात्मा गांधी ने दिया।
Q7From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 4
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ था। 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ सरकार ने गांधीजी सहित कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया। नेतृत्व के अभाव में भी आंदोलन रुका नहीं, बल्कि जनता ने स्वयं इसकी बागडोर सँभाल ली। देश के अनेक भागों में हड़तालें हुईं, सरकारी दफ़्तरों और रेल-लाइनों को निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर लोगों ने अपनी समानांतर सरकारें भी स्थापित कर लीं। अरुणा आसफ़ अली, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन को दिशा दी। यद्यपि सरकार ने कठोर दमन से आंदोलन को दबा दिया, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारतीयों को अधिक समय तक गुलाम नहीं रखा जा सकता।
गद्यांश के अनुसार असत्य कथन है —
Aकुछ स्थानों पर समानांतर सरकारें बनीं।
Bबड़े नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद आंदोलन तुरंत समाप्त हो गया।
Cप्रस्ताव 8 अगस्त 1942 को मुंबई में पारित हुआ।
Dकई नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन चलाया।
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Correct answer: (B) बड़े नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद आंदोलन तुरंत समाप्त हो गया।
Explanation
गद्यांश के अनुसार आंदोलन रुका नहीं; जनता ने बागडोर सँभाल ली।
Q8From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 4
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ था। 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ सरकार ने गांधीजी सहित कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया। नेतृत्व के अभाव में भी आंदोलन रुका नहीं, बल्कि जनता ने स्वयं इसकी बागडोर सँभाल ली। देश के अनेक भागों में हड़तालें हुईं, सरकारी दफ़्तरों और रेल-लाइनों को निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर लोगों ने अपनी समानांतर सरकारें भी स्थापित कर लीं। अरुणा आसफ़ अली, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन को दिशा दी। यद्यपि सरकार ने कठोर दमन से आंदोलन को दबा दिया, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारतीयों को अधिक समय तक गुलाम नहीं रखा जा सकता।
'बागडोर सँभालना' का अर्थ है —
Aघोड़े की लगाम पकड़ना
Bकाम छोड़ देना
Cविरोध करना
Dनेतृत्व अपने हाथ में लेना
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Correct answer: (D) नेतृत्व अपने हाथ में लेना
Explanation
बागडोर सँभालना = नेतृत्व/नियंत्रण अपने हाथ में लेना (लाक्षणिक अर्थ)।
Q9From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 4
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ था। 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ सरकार ने गांधीजी सहित कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया। नेतृत्व के अभाव में भी आंदोलन रुका नहीं, बल्कि जनता ने स्वयं इसकी बागडोर सँभाल ली। देश के अनेक भागों में हड़तालें हुईं, सरकारी दफ़्तरों और रेल-लाइनों को निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर लोगों ने अपनी समानांतर सरकारें भी स्थापित कर लीं। अरुणा आसफ़ अली, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन को दिशा दी। यद्यपि सरकार ने कठोर दमन से आंदोलन को दबा दिया, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारतीयों को अधिक समय तक गुलाम नहीं रखा जा सकता।
'दमन' शब्द का पर्यायवाची है —
Aसमर्थन
Bउत्पीड़न
Cस्वतंत्रता
Dसहयोग
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Correct answer: (B) उत्पीड़न
Explanation
दमन = कुचलना, उत्पीड़न।
Q10From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 4
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ था। 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ सरकार ने गांधीजी सहित कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया। नेतृत्व के अभाव में भी आंदोलन रुका नहीं, बल्कि जनता ने स्वयं इसकी बागडोर सँभाल ली। देश के अनेक भागों में हड़तालें हुईं, सरकारी दफ़्तरों और रेल-लाइनों को निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर लोगों ने अपनी समानांतर सरकारें भी स्थापित कर लीं। अरुणा आसफ़ अली, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन को दिशा दी। यद्यपि सरकार ने कठोर दमन से आंदोलन को दबा दिया, किंतु इसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब भारतीयों को अधिक समय तक गुलाम नहीं रखा जा सकता।
गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —
Aकांग्रेस का मुंबई अधिवेशन
Bरेल-लाइनों पर हमला
Cभूमिगत नेता
Dभारत छोड़ो आंदोलन
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Correct answer: (D) भारत छोड़ो आंदोलन
Explanation
पूरा गद्यांश भारत छोड़ो आंदोलन पर है; बाकी विकल्प केवल एक अंश हैं।
Q11From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 3
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा-साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने कहानी और उपन्यास को राजा-रानियों की कल्पनाओं से निकालकर आम आदमी के जीवन से जोड़ा। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्होंने उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखना आरंभ किया, बाद में हिंदी में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए। 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला' और 'कर्मभूमि' उनके प्रमुख उपन्यास हैं, जबकि 'कफ़न', 'ईदगाह' और 'पूस की रात' उनकी अमर कहानियाँ हैं। उनकी रचनाओं में किसान की बेबसी, महाजनी शोषण, स्त्री की पीड़ा और समाज की कुरीतियों का यथार्थ चित्रण मिलता है। आरंभ में उन पर आदर्शवाद का प्रभाव था, किंतु बाद की रचनाओं, विशेषकर 'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए। उनकी भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जिसमें हिंदी और उर्दू का सुंदर मेल है। इसी कारण उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
प्रेमचंद का वास्तविक नाम क्या था?
Aधनपत राय
Bबालमुकुंद
Cशरत चंद्र
Dनवाब राय
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Correct answer: (A) धनपत राय
Explanation
गद्यांश के अनुसार वास्तविक नाम धनपत राय; उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखा।
Q12From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 3
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा-साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने कहानी और उपन्यास को राजा-रानियों की कल्पनाओं से निकालकर आम आदमी के जीवन से जोड़ा। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्होंने उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखना आरंभ किया, बाद में हिंदी में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए। 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला' और 'कर्मभूमि' उनके प्रमुख उपन्यास हैं, जबकि 'कफ़न', 'ईदगाह' और 'पूस की रात' उनकी अमर कहानियाँ हैं। उनकी रचनाओं में किसान की बेबसी, महाजनी शोषण, स्त्री की पीड़ा और समाज की कुरीतियों का यथार्थ चित्रण मिलता है। आरंभ में उन पर आदर्शवाद का प्रभाव था, किंतु बाद की रचनाओं, विशेषकर 'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए। उनकी भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जिसमें हिंदी और उर्दू का सुंदर मेल है। इसी कारण उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
गद्यांश के अनुसार निम्नलिखित में से प्रेमचंद का उपन्यास है —
Aकफ़न
Bपूस की रात
Cगोदान
Dईदगाह
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Correct answer: (C) गोदान
Explanation
कफ़न, ईदगाह, पूस की रात — कहानियाँ हैं; गोदान उपन्यास है।
Q13From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 3
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा-साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने कहानी और उपन्यास को राजा-रानियों की कल्पनाओं से निकालकर आम आदमी के जीवन से जोड़ा। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्होंने उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखना आरंभ किया, बाद में हिंदी में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए। 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला' और 'कर्मभूमि' उनके प्रमुख उपन्यास हैं, जबकि 'कफ़न', 'ईदगाह' और 'पूस की रात' उनकी अमर कहानियाँ हैं। उनकी रचनाओं में किसान की बेबसी, महाजनी शोषण, स्त्री की पीड़ा और समाज की कुरीतियों का यथार्थ चित्रण मिलता है। आरंभ में उन पर आदर्शवाद का प्रभाव था, किंतु बाद की रचनाओं, विशेषकर 'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए। उनकी भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जिसमें हिंदी और उर्दू का सुंदर मेल है। इसी कारण उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
बाद की रचनाओं में प्रेमचंद किस ओर मुड़ गए?
Aआदर्शवाद
Bरहस्यवाद
Cछायावाद
Dकठोर यथार्थ
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Correct answer: (D) कठोर यथार्थ
Explanation
'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए।
Q14From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 3
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा-साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने कहानी और उपन्यास को राजा-रानियों की कल्पनाओं से निकालकर आम आदमी के जीवन से जोड़ा। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्होंने उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखना आरंभ किया, बाद में हिंदी में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए। 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला' और 'कर्मभूमि' उनके प्रमुख उपन्यास हैं, जबकि 'कफ़न', 'ईदगाह' और 'पूस की रात' उनकी अमर कहानियाँ हैं। उनकी रचनाओं में किसान की बेबसी, महाजनी शोषण, स्त्री की पीड़ा और समाज की कुरीतियों का यथार्थ चित्रण मिलता है। आरंभ में उन पर आदर्शवाद का प्रभाव था, किंतु बाद की रचनाओं, विशेषकर 'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए। उनकी भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जिसमें हिंदी और उर्दू का सुंदर मेल है। इसी कारण उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
'यथार्थ' शब्द का विलोम है —
Aतथ्य
Bकल्पना
Cसत्य
Dवास्तविकता
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Correct answer: (B) कल्पना
Explanation
यथार्थ ↔ कल्पना। बाकी तीनों पर्यायवाची हैं।
Q15From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 3
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा-साहित्य के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने कहानी और उपन्यास को राजा-रानियों की कल्पनाओं से निकालकर आम आदमी के जीवन से जोड़ा। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उन्होंने उर्दू में 'नवाब राय' नाम से लिखना आरंभ किया, बाद में हिंदी में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए। 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला' और 'कर्मभूमि' उनके प्रमुख उपन्यास हैं, जबकि 'कफ़न', 'ईदगाह' और 'पूस की रात' उनकी अमर कहानियाँ हैं। उनकी रचनाओं में किसान की बेबसी, महाजनी शोषण, स्त्री की पीड़ा और समाज की कुरीतियों का यथार्थ चित्रण मिलता है। आरंभ में उन पर आदर्शवाद का प्रभाव था, किंतु बाद की रचनाओं, विशेषकर 'गोदान' और 'कफ़न' में वे कठोर यथार्थ की ओर मुड़ गए। उनकी भाषा सरल, सहज और मुहावरेदार है, जिसमें हिंदी और उर्दू का सुंदर मेल है। इसी कारण उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —
Aकिसान की बेबसी
Bगोदान की कथा
Cहिंदी-उर्दू का मेल
Dउपन्यास सम्राट प्रेमचंद
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Correct answer: (D) उपन्यास सम्राट प्रेमचंद
Explanation
पूरा गद्यांश प्रेमचंद के जीवन, रचनाओं और भाषा पर है।
Q16From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 2
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं। वे बिना कुछ माँगे हमें ज्ञान, आनंद और दिशा देती हैं। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट ने सूचना को हमारी उँगलियों पर ला दिया है, परंतु सूचना और ज्ञान में अंतर है। सूचना तत्काल मिल जाती है, किंतु ज्ञान धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से प्राप्त होता है। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि घटती जा रही है। छोटे-छोटे वीडियो देखने की आदत ने उनकी एकाग्रता को भी प्रभावित किया है। पुस्तकालय, जो कभी ज्ञान-साधना के केंद्र थे, आज सूने पड़े रहते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें। घर में एक छोटा-सा पुस्तक-कोना, सोने से पहले कहानी पढ़ना और पुस्तकें उपहार में देना — ऐसे सरल उपाय पठन-संस्कृति को फिर से जीवित कर सकते हैं।
गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —
Aपठन-संस्कृति का महत्त्व
Bडिजिटल युग के लाभ
Cसूने पुस्तकालय
Dमोबाइल की आदत
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Correct answer: (A) पठन-संस्कृति का महत्त्व
Explanation
पूरा गद्यांश पढ़ने की आदत और पुस्तकों के महत्त्व पर है।
Q17From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 2
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं। वे बिना कुछ माँगे हमें ज्ञान, आनंद और दिशा देती हैं। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट ने सूचना को हमारी उँगलियों पर ला दिया है, परंतु सूचना और ज्ञान में अंतर है। सूचना तत्काल मिल जाती है, किंतु ज्ञान धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से प्राप्त होता है। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि घटती जा रही है। छोटे-छोटे वीडियो देखने की आदत ने उनकी एकाग्रता को भी प्रभावित किया है। पुस्तकालय, जो कभी ज्ञान-साधना के केंद्र थे, आज सूने पड़े रहते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें। घर में एक छोटा-सा पुस्तक-कोना, सोने से पहले कहानी पढ़ना और पुस्तकें उपहार में देना — ऐसे सरल उपाय पठन-संस्कृति को फिर से जीवित कर सकते हैं।
गद्यांश के अनुसार ज्ञान प्राप्त होता है —
Aसूचना एकत्र करने से
Bछोटे वीडियो देखने से
Cइंटरनेट से तत्काल
Dधैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से
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Correct answer: (D) धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से
Explanation
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है — ज्ञान धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से मिलता है।
Q18From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 2
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं। वे बिना कुछ माँगे हमें ज्ञान, आनंद और दिशा देती हैं। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट ने सूचना को हमारी उँगलियों पर ला दिया है, परंतु सूचना और ज्ञान में अंतर है। सूचना तत्काल मिल जाती है, किंतु ज्ञान धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से प्राप्त होता है। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि घटती जा रही है। छोटे-छोटे वीडियो देखने की आदत ने उनकी एकाग्रता को भी प्रभावित किया है। पुस्तकालय, जो कभी ज्ञान-साधना के केंद्र थे, आज सूने पड़े रहते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें। घर में एक छोटा-सा पुस्तक-कोना, सोने से पहले कहानी पढ़ना और पुस्तकें उपहार में देना — ऐसे सरल उपाय पठन-संस्कृति को फिर से जीवित कर सकते हैं।
'एकाग्रता' शब्द का अर्थ है —
Aध्यान का एक जगह टिकना
Bअकेलापन
Cएक साथ आना
Dएकता
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Correct answer: (A) ध्यान का एक जगह टिकना
Explanation
एकाग्रता = मन का एक ही विषय पर केंद्रित होना।
Q19From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 2
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं। वे बिना कुछ माँगे हमें ज्ञान, आनंद और दिशा देती हैं। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट ने सूचना को हमारी उँगलियों पर ला दिया है, परंतु सूचना और ज्ञान में अंतर है। सूचना तत्काल मिल जाती है, किंतु ज्ञान धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से प्राप्त होता है। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि घटती जा रही है। छोटे-छोटे वीडियो देखने की आदत ने उनकी एकाग्रता को भी प्रभावित किया है। पुस्तकालय, जो कभी ज्ञान-साधना के केंद्र थे, आज सूने पड़े रहते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें। घर में एक छोटा-सा पुस्तक-कोना, सोने से पहले कहानी पढ़ना और पुस्तकें उपहार में देना — ऐसे सरल उपाय पठन-संस्कृति को फिर से जीवित कर सकते हैं।
'सूने' शब्द का विलोम है —
Aखाली
Bआबाद
Cनिर्जन
Dउजाड़
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Correct answer: (B) आबाद
Explanation
सूना ↔ आबाद। खाली, निर्जन, उजाड़ इसके पर्यायवाची हैं।
Q20From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 2
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
पुस्तकें मनुष्य की सबसे सच्ची मित्र होती हैं। वे बिना कुछ माँगे हमें ज्ञान, आनंद और दिशा देती हैं। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट ने सूचना को हमारी उँगलियों पर ला दिया है, परंतु सूचना और ज्ञान में अंतर है। सूचना तत्काल मिल जाती है, किंतु ज्ञान धैर्यपूर्वक पढ़ने, सोचने और मनन करने से प्राप्त होता है। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि घटती जा रही है। छोटे-छोटे वीडियो देखने की आदत ने उनकी एकाग्रता को भी प्रभावित किया है। पुस्तकालय, जो कभी ज्ञान-साधना के केंद्र थे, आज सूने पड़े रहते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें। घर में एक छोटा-सा पुस्तक-कोना, सोने से पहले कहानी पढ़ना और पुस्तकें उपहार में देना — ऐसे सरल उपाय पठन-संस्कृति को फिर से जीवित कर सकते हैं।
गद्यांश के अनुसार असत्य कथन है —
Aसूचना और ज्ञान में अंतर है।
Bनई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि बढ़ रही है।
Cपुस्तकें उपहार में देना एक उपाय है।
Dपुस्तकालय कभी ज्ञान-साधना के केंद्र थे।
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Correct answer: (B) नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि बढ़ रही है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार रुचि 'घटती' जा रही है।
Q21From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 1
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
जल ही जीवन है — यह कथन जितना पुराना है, उतना ही सत्य भी। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, किंतु इसमें से पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण और उद्योगों के कारण भूजल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अनेक नगरों में गर्मियों के आते ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। हमारे पूर्वज कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब बनाकर वर्षा-जल को सहेजते थे; आज हम उस परंपरा को भूलते जा रहे हैं। यदि हर घर की छत से बहने वाले वर्षा-जल को एकत्र कर भूमि में उतारा जाए, तो भूजल फिर से भर सकता है। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नल खुला न छोड़ना, टपकती टोंटियों की मरम्मत कराना और पानी का दोबारा उपयोग करना — ये छोटे-छोटे उपाय मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —
Aजल संरक्षण : हमारा दायित्व
Bप्राचीन बावड़ियाँ
Cशहरीकरण की समस्या
Dबढ़ती जनसंख्या
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Correct answer: (A) जल संरक्षण : हमारा दायित्व
Explanation
गद्यांश का मुख्य विषय जल संरक्षण और नागरिकों का कर्तव्य है।
Q22From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 1
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
जल ही जीवन है — यह कथन जितना पुराना है, उतना ही सत्य भी। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, किंतु इसमें से पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण और उद्योगों के कारण भूजल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अनेक नगरों में गर्मियों के आते ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। हमारे पूर्वज कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब बनाकर वर्षा-जल को सहेजते थे; आज हम उस परंपरा को भूलते जा रहे हैं। यदि हर घर की छत से बहने वाले वर्षा-जल को एकत्र कर भूमि में उतारा जाए, तो भूजल फिर से भर सकता है। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नल खुला न छोड़ना, टपकती टोंटियों की मरम्मत कराना और पानी का दोबारा उपयोग करना — ये छोटे-छोटे उपाय मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
गद्यांश के अनुसार भूजल-स्तर गिरने का कारण नहीं बताया गया है —
Aबढ़ती जनसंख्या
Bअनियंत्रित शहरीकरण
Cवनों की कटाई
Dउद्योग
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Correct answer: (C) वनों की कटाई
Explanation
गद्यांश में केवल जनसंख्या, शहरीकरण और उद्योगों का उल्लेख है; वनों की कटाई का नहीं।
Q23From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 1
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
जल ही जीवन है — यह कथन जितना पुराना है, उतना ही सत्य भी। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, किंतु इसमें से पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण और उद्योगों के कारण भूजल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अनेक नगरों में गर्मियों के आते ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। हमारे पूर्वज कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब बनाकर वर्षा-जल को सहेजते थे; आज हम उस परंपरा को भूलते जा रहे हैं। यदि हर घर की छत से बहने वाले वर्षा-जल को एकत्र कर भूमि में उतारा जाए, तो भूजल फिर से भर सकता है। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नल खुला न छोड़ना, टपकती टोंटियों की मरम्मत कराना और पानी का दोबारा उपयोग करना — ये छोटे-छोटे उपाय मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
'निरंतर' शब्द का पर्यायवाची है —
Aलगातार
Bकभी-कभी
Cतुरंत
Dअचानक
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Correct answer: (A) लगातार
Explanation
निरंतर = बिना रुके, लगातार।
Q24From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 1
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
जल ही जीवन है — यह कथन जितना पुराना है, उतना ही सत्य भी। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, किंतु इसमें से पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण और उद्योगों के कारण भूजल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अनेक नगरों में गर्मियों के आते ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। हमारे पूर्वज कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब बनाकर वर्षा-जल को सहेजते थे; आज हम उस परंपरा को भूलते जा रहे हैं। यदि हर घर की छत से बहने वाले वर्षा-जल को एकत्र कर भूमि में उतारा जाए, तो भूजल फिर से भर सकता है। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नल खुला न छोड़ना, टपकती टोंटियों की मरम्मत कराना और पानी का दोबारा उपयोग करना — ये छोटे-छोटे उपाय मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
'कर्तव्य' शब्द का विलोम है —
Aधर्म
Bदायित्व
Cफ़र्ज़
Dअधिकार
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Correct answer: (D) अधिकार
Explanation
कर्तव्य ↔ अधिकार। दायित्व और फ़र्ज़ इसके पर्यायवाची हैं।
Q25From DSSSB TGT Computer Science Full Mock Test 1
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
जल ही जीवन है — यह कथन जितना पुराना है, उतना ही सत्य भी। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, किंतु इसमें से पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण और उद्योगों के कारण भूजल का स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अनेक नगरों में गर्मियों के आते ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। हमारे पूर्वज कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब बनाकर वर्षा-जल को सहेजते थे; आज हम उस परंपरा को भूलते जा रहे हैं। यदि हर घर की छत से बहने वाले वर्षा-जल को एकत्र कर भूमि में उतारा जाए, तो भूजल फिर से भर सकता है। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नल खुला न छोड़ना, टपकती टोंटियों की मरम्मत कराना और पानी का दोबारा उपयोग करना — ये छोटे-छोटे उपाय मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
गद्यांश के अनुसार असत्य कथन है —
Aपूर्वज वर्षा-जल को सहेजते थे।
Bजल संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
Cपीने योग्य मीठा जल प्रचुर मात्रा में है।
Dपृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है।
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Correct answer: (C) पीने योग्य मीठा जल प्रचुर मात्रा में है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार पीने योग्य मीठा जल 'बहुत थोड़ा' है।
Bअल्पाइन आइबेक्स की बदलती गतिविधियाँ और घटती जनसंख्या का जोखिम
Cपरिवर्तन मानव जीवन की महत्वपूर्ण शैली है
Dअल्पाइन आइबेक्स की वि ध प्रजातियाँ
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Correct answer: (B) अल्पाइन आइबेक्स की बदलती गतिविधियाँ और घटती जनसंख्या का जोखिम
Explanation
गद्यांश जलवायु परिवर्तन के कारण अल्पाइन आइबेक्स की बदलती गतिविधियों (दिन से रात की आदतें) और इससे बढ़ते शिकार जोखिम तथा घटती जनसंख्या की आशंका पर केंद्रित है।
Aअल्पाइन आइबेक्स (कैपरा आइबेक्स) एक पहाड़ी बकरी की प्रजाति है।
Bव्यवहार पैटर्न में बदलाव से शिकार के जोखिम कम हो रहे हैं।
Cजीवनशैली में बदलाव के कारण अल्पाइन आइबेक्स की जनसंख्या में गिरावट आ सकती है।
Dगर्म दिनों से बचने के लिए अल्पाइन आइबेक्स अपनी दैनिक आदतों को रात की आदतों में बदलने के लिए मजबूर हैं।
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Correct answer: (B) व्यवहार पैटर्न में बदलाव से शिकार के जोखिम कम हो रहे हैं।
Explanation
गद्यांश के अनुसार व्यवहार पैटर्न में बदलाव से शिकार के जोखिम "बढ़ रहे" हैं, कम नहीं हो रहे। इसलिए विकल्प B का तथ्य गद्यांश में नहीं है; बाकी तीनों तथ्य गद्यांश में दिए गए हैं।
प्रमाण का अर्थ है सबूत, अर्थात् साक्ष्य। मिथ्या, कृत्रिम और काल्पनिक तो प्रमाण के विपरीत भाव वाले शब्द हैं।
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