BPSC TRE · Topic-wise previous year questions

Hindi Previous Year Questions (page 2)

853 Hindi questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

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Q51BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
निम्नलिखित में ‘सरल वाक्य’ है
  1. Aअस्वस्थ होने के कारण वह परीक्षा में सफल न हो सका।
  2. Bअच्छे लड़के परिश्रमी होते हैं।
  3. Cजो कवि लोकप्रिय होता है, उसका सम्मान सभी करते हैं।
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

A और B दोनों में एक ही क्रिया है, अतः दोनों सरल वाक्य हैं।

Q52BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
निम्नलिखित में ‘प्रस्ताव’ पारिभाषिक शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण है
  1. AMortgage
  2. BMandate
  3. CMotion
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) Motion

Explanation

'प्रस्ताव' का अंग्रेजी रूप Motion है।

Q53BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
निम्नलिखित में ‘संयुक्त वाक्य’ है
  1. Aतुम मुझे अपने जन्म का समय और स्थान बताओ।
  2. Bपरिश्रमी छात्र अवश्य सफल होंगे।
  3. Cगरीब को लूटने के अतिरिक्त उसने उसकी हत्या भी कर दी।
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

दिए तीनों वाक्य सरल वाक्य हैं; संयुक्त वाक्य नहीं है।

Q54BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
“बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी?” इस लोकोक्ति का अर्थ है
  1. Aजिसका कष्ट पाना तय है वह अंततः विपत्ति में पड़ेगा ही
  2. Bमूर्ख किसी अच्छी वस्तु की कद्र नहीं कर सकता
  3. Cसभी लोग अपने अंत को प्राप्त होते हैं
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) जिसका कष्ट पाना तय है वह अंततः विपत्ति में पड़ेगा ही

Explanation

इस लोकोक्ति का अर्थ है कि जिसका कष्ट पाना तय हो, वह अंततः विपत्ति में पड़ेगा ही।

Q55BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
निम्नलिखित में ‘मिश्र वाक्य’ है
  1. Aजो लड़के अच्छे होते हैं, वे परिश्रमी होते हैं।
  2. Bउसने उस पुस्तकालय को खरीदा, जो उसके मित्र का था।
  3. Cसूर्योदय हुआ और कुहासा जाता रहा।
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

A और B दोनों में एक मुख्य और एक आश्रित उपवाक्य है, इसलिए दोनों मिश्र वाक्य हैं।

Q56BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
'बीती विभावरी जाग री। अम्बर-पनघट में डुबो रही— तारा-घट ऊषा नागरी!' उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
  1. Aरूपक
  2. Bउपमा
  3. Cउत्प्रेक्षा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) रूपक

Explanation

इन पंक्तियों में ऊषा को नागरी, आकाश को पनघट और तारों को घट कहा गया है, इसलिए रूपक अलंकार है।

Q57BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
जहाँ भिन्नपदार्थों का सादृश्य-प्रतिपादन हो, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
  1. Aरूपक
  2. Bउत्प्रेक्षा
  3. Cविरोधाभास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

भिन्न पदार्थों का सादृश्य-प्रतिपादन दृष्टांत/प्रतिवस्तूपमा जैसे अलंकार में होता है, जो विकल्पों में नहीं है।

Q58BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
‘अमर्ष’ कौन-सा भाव है?
  1. Aस्थायी भाव
  2. Bअनुभाव
  3. Cसंचारी भाव
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) संचारी भाव

Explanation

अमर्ष संचारी (व्यभिचारी) भाव है।

Q59BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
‘चौपाई’ कौन-सा छंद है?
  1. Aवर्णिक छंद
  2. Bमात्रिक छंद
  3. Cमिश्र छंद
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) मात्रिक छंद

Explanation

चौपाई मात्रिक छंद है।

Q60BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
निम्नलिखित में से किसमें ‘सात्त्विक अनुभाव’ है?
  1. Aस्तम्भ
  2. Bविवर्णता
  3. Cकटाक्षपात
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

स्तम्भ और विवर्णता दोनों सात्त्विक अनुभाव हैं।

Q61BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
निम्नलिखित में ‘करुण रस’ का स्थायी भाव है
  1. Aरति
  2. Bउत्साह
  3. Cभय
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

करुण रस का स्थायी भाव शोक है, जो विकल्पों में नहीं है।

Q62BPSC TRE 2.0 (2023) Language (Hindi & English) Class 6-8 (Re-exam)
‘गुण’ क्या है?
  1. Aयह रस की शोभा है
  2. Bयह रस का एक उपकरण है
  3. Cयह रस का नित्य धर्म है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) यह रस का नित्य धर्म है

Explanation

आयोग की कुंजी के अनुसार गुण रस का नित्य धर्म है।

Q63BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । लोग आश्चर्यविमूढ़ क्यों होते हैं ?
  1. Aआदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर
  2. Bआदर्श व्यक्ति का साहस देखकर
  3. Cआदर्श व्यक्ति का ज्ञान देखकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर

Explanation

गद्यांश के अनुसार लोग आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं।

Q64BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति के जीवन में किसके लिए स्थान नहीं होता ?
  1. Aआलस्य के लिए
  2. Bमनोविनोद के लिए
  3. Cविश्राम के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आलस्य के लिए

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि आदर्श व्यक्ति के जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता।

Q65BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति किसमें आस्था रखता है ?
  1. Aप्रेम में
  2. Bसद्व्यवहार में
  3. Cसद्कर्म में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सद्कर्म में

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति के अनुसार आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है।

Q66BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aआदर्श व्यक्ति
  2. Bसद्कर्म
  3. Cकर्मशीलता
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आदर्श व्यक्ति

Explanation

पूरा गद्यांश आदर्श व्यक्ति के गुणों का वर्णन करता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'आदर्श व्यक्ति' है।

Q67BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । किस अर्थ में आदर्श व्यक्ति का चरित्र प्रशंसनीय होता है ?
  1. Aवह बहादुरी से संकटों का सामना करता है
  2. Bवह ज्ञान से संकट को दूर करता है
  3. Cवह धैर्य से संकट को दूर करता है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) वह धैर्य से संकट को दूर करता है

Explanation

अंतिम पंक्ति में बताया गया है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है, इसलिए उसका चरित्र प्रशंसनीय है।

Q68BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । व्यक्ति के पतन का कारण है
  1. Aअत्यधिक विभूति
  2. Bअत्यधिक शक्ति
  3. Cचारित्रिक दोष
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) चारित्रिक दोष

Explanation

गद्यांश में लिखा है कि चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है।

Q69BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । विभिन्न दूषणों से मुक्त होने का अर्थ है
  1. Aधन की रक्षा
  2. Bचरित्र की रक्षा
  3. Cपरिवार की रक्षा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) चरित्र की रक्षा

Explanation

गद्यांश के अनुसार चरित्र की रक्षा का अर्थ काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना है।

Q70BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
  1. Aअत्यधिक बल
  2. Bआत्मसंयम
  3. Cअपार संपदा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) आत्मसंयम

Explanation

गद्यांश कहता है कि वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो, अतः आत्मसंयम स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है।

Q71BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । किसी व्यक्ति का विकास किस पर आश्रित है ?
  1. Aआत्मसंयम
  2. Bसमुचित अध्ययन
  3. Cसत्संगति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आत्मसंयम

Explanation

आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है।

Q72BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वास्थ्य का सहोदर है
  1. Aव्यायाम
  2. Bऔषधि
  3. Cपौष्टिक भोजन
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) व्यायाम

Explanation

गद्यांश में व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है।

Q73BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘सम्मुख’ का विपरीतार्थक है
  1. Aदुर्मुख
  2. Bविमुख
  3. Cसुमुख
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) विमुख

Explanation

'सम्मुख' (सामने) का विपरीतार्थक शब्द 'विमुख' (मुँह फेरे हुए) है।

Q74BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
तत्सम शब्द है
  1. Aप्रकृति
  2. Bमुल्क
  3. Cदवा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) प्रकृति

Explanation

'प्रकृति' संस्कृत से ज्यों का त्यों आया तत्सम शब्द है; 'मुल्क' और 'दवा' विदेशी मूल के शब्द हैं।

Q75BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘अंगूठा दिखाना’ मुहावरे का अर्थ है
  1. Aसमय पर धोखा देना
  2. Bअन्याय करना
  3. Cबेइज्जत करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) समय पर धोखा देना

Explanation

'अंगूठा दिखाना' मुहावरे का अर्थ ऐन मौके पर इनकार करके धोखा देना है।

Q76BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
शुद्ध वाक्य है
  1. Aवह किताब लाया ।
  2. Bवह ने ही कहा है ।
  3. Cताजा गाय का दूध पीना चाहिए ।
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) वह किताब लाया ।

Explanation

'वह किताब लाया।' शुद्ध वाक्य है; (B) में 'वह ने' और (C) में 'ताजा' विशेषण का प्रयोग अशुद्ध है।

Q77BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
भाववाचक संज्ञा है
  1. Aबुढ़ापा
  2. Bअरविंद
  3. Cयौवन
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

'बुढ़ापा' और 'यौवन' दोनों अवस्था के भाव को बताने वाली भाववाचक संज्ञाएँ हैं, इसलिए एक से अधिक विकल्प सही हैं।

Q78BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
शुद्ध शब्द है
  1. Aअनधीकार
  2. Bअनाधिकार
  3. Cअनधिकार
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) अनधिकार

Explanation

सही शब्द 'अनधिकार' है (अन् + अधिकार); 'अनधीकार' और 'अनाधिकार' अशुद्ध हैं।

Q79BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘श्यामसुंदर’ में समास है
  1. Aद्विगु
  2. Bकर्मधारय
  3. Cतत्पुरुष
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) कर्मधारय

Explanation

'श्यामसुंदर' (श्याम जो सुंदर है) में विशेषण-विशेष्य का संबंध होने से कर्मधारय समास है।

Q80BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘आवश्यक’ में प्रत्यय है
  1. Aअक
  2. Bश्यक
  3. Cयक
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) अक

Explanation

'आवश्यक' में 'अक' प्रत्यय है, जो 'आवश्य' शब्द में जुड़ा है।

Q81BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘शिव’ का पर्याय है
  1. Aकंदर्प
  2. Bनिर्जर
  3. Cशशिशेखर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) शशिशेखर

Explanation

'शिव' का पर्यायवाची 'शशिशेखर' है (चंद्रमा को मस्तक पर धारण करने वाले); 'कंदर्प' कामदेव और 'निर्जर' देवता का नाम है।

Q82BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
विशेषण है
  1. Aजीवनी
  2. Bजीवंत
  3. Cजीवंतता
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) जीवंत

Explanation

'जीवंत' गुणवाचक विशेषण है; 'जीवनी' और 'जीवंतता' संज्ञाएँ हैं।

Q83BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘अनुराग’ में कौन-सा उपसर्ग है ?
  1. Aअन
  2. Bअ
  3. Cअनु
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) अनु

Explanation

'अनुराग' = अनु + राग, इसलिए इसमें 'अनु' उपसर्ग है।

Q84BPSC TRE 3.0 (2024) Social Science Class 6-8
‘अत्यधिक’ शब्द में कौन-सी संधि है ?
  1. Aव्यंजन संधि
  2. Bविसर्ग संधि
  3. Cस्वर संधि
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) स्वर संधि

Explanation

'अत्यधिक' = अति + अधिक; 'इ' का 'य' होने से यह स्वर संधि (यण संधि) है।

Q85BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । लोग आश्चर्यविमूढ़ क्यों होते हैं ?
  1. Aआदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर
  2. Bआदर्श व्यक्ति का ज्ञान देखकर
  3. Cआदर्श व्यक्ति का साहस देखकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर

Explanation

गद्यांश के अनुसार लोग आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं।

Q86BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । किस अर्थ में आदर्श व्यक्ति का चरित्र प्रशंसनीय होता है ?
  1. Aवह बहादुरी से संकटों का सामना करता है
  2. Bवह धैर्य से संकट को दूर करता है
  3. Cवह ज्ञान से संकट को दूर करता है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) वह धैर्य से संकट को दूर करता है

Explanation

अंतिम पंक्ति में बताया गया है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है, इसलिए उसका चरित्र प्रशंसनीय है।

Q87BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aआदर्श व्यक्ति
  2. Bकर्मशीलता
  3. Cसद्कर्म
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आदर्श व्यक्ति

Explanation

पूरा गद्यांश आदर्श व्यक्ति के गुणों का वर्णन करता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'आदर्श व्यक्ति' है।

Q88BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति के जीवन में किसके लिए स्थान नहीं होता ?
  1. Aआलस्य के लिए
  2. Bविश्राम के लिए
  3. Cमनोविनोद के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आलस्य के लिए

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि आदर्श व्यक्ति के जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता।

Q89BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति किसमें आस्था रखता है ?
  1. Aप्रेम में
  2. Bसद्कर्म में
  3. Cसद्व्यवहार में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सद्कर्म में

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति के अनुसार आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है।

Q90BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वास्थ्य का सहोदर है
  1. Aव्यायाम
  2. Bपौष्टिक भोजन
  3. Cऔषधि
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) व्यायाम

Explanation

गद्यांश में व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है।

Q91BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
  1. Aअत्यधिक बल
  2. Bअपार संपदा
  3. Cआत्मसंयम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आत्मसंयम

Explanation

गद्यांश कहता है कि वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो, अतः आत्मसंयम स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है।

Q92BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । किसी व्यक्ति का विकास किस पर आश्रित है ?
  1. Aआत्मसंयम
  2. Bसत्संगति
  3. Cसमुचित अध्ययन
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आत्मसंयम

Explanation

आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है।

Q93BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । व्यक्ति के पतन का कारण है
  1. Aअत्यधिक विभूति
  2. Bचारित्रिक दोष
  3. Cअत्यधिक शक्ति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) चारित्रिक दोष

Explanation

गद्यांश में लिखा है कि चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है।

Q94BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । विभिन्न दूषणों से मुक्त होने का अर्थ है
  1. Aधन की रक्षा
  2. Bपरिवार की रक्षा
  3. Cचरित्र की रक्षा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) चरित्र की रक्षा

Explanation

गद्यांश के अनुसार चरित्र की रक्षा का अर्थ काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना है।

Q95BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
शुद्ध शब्द है
  1. Aअनधीकार
  2. Bअनधिकार
  3. Cअनाधिकार
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) अनधिकार

Explanation

सही शब्द 'अनधिकार' है (अन् + अधिकार); 'अनधीकार' और 'अनाधिकार' अशुद्ध हैं।

Q96BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘अनुराग’ में कौन-सा उपसर्ग है ?
  1. Aअन
  2. Bअनु
  3. Cअ
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) अनु

Explanation

'अनुराग' = अनु + राग, इसलिए इसमें 'अनु' उपसर्ग है।

Q97BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘शिव’ का पर्याय है
  1. Aकंदर्प
  2. Bशशिशेखर
  3. Cनिर्जर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) शशिशेखर

Explanation

'शिव' का पर्यायवाची 'शशिशेखर' है (चंद्रमा को मस्तक पर धारण करने वाले); 'कंदर्प' कामदेव और 'निर्जर' देवता का नाम है।

Q98BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
विशेषण है
  1. Aजीवनी
  2. Bजीवंतता
  3. Cजीवंत
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) जीवंत

Explanation

'जीवंत' गुणवाचक विशेषण है; 'जीवनी' और 'जीवंतता' संज्ञाएँ हैं।

Q99BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘सम्मुख’ का विपरीतार्थक है
  1. Aदुर्मुख
  2. Bसुमुख
  3. Cविमुख
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) विमुख

Explanation

'सम्मुख' (सामने) का विपरीतार्थक शब्द 'विमुख' (मुँह फेरे हुए) है।

Q100BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘अंगूठा दिखाना’ मुहावरे का अर्थ है
  1. Aसमय पर धोखा देना
  2. Bबेइज्जत करना
  3. Cअन्याय करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) समय पर धोखा देना

Explanation

'अंगूठा दिखाना' मुहावरे का अर्थ ऐन मौके पर इनकार करके धोखा देना है।

How to use these BPSC TRE Hindi questions

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