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वाक्य शुद्धि / अशुद्धि के प्रश्न

6 वाक्य शुद्धि / अशुद्धि (Hindi) questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

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Q1CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
घोषणात्मक ज्ञान क्या है?
  1. Aकिसी भाषा के शब्द का उच्चारण करना जानना।
  2. Bव्याकरणिक तत्वों के बारे में ज्ञान।
  3. Cव्याकरणिक तत्वों में त्रुटि की पहचान करना सीखना।
  4. Dकिसी व्याकरणिक तत्व पर कैसे कार्य किया जाए, यह जानना।
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Correct answer: (B) व्याकरणिक तत्वों के बारे में ज्ञान।

Explanation

घोषणात्मक ज्ञान ‘किसके बारे में जानना’ है, जैसे व्याकरण के नियमों और तत्वों की जानकारी। किसी तत्व का प्रयोग कैसे करें, यह जानना प्रक्रियात्मक ज्ञान है।

Q2CTET July 2024 Paper 1, 7 Jul 2024
एक अध्यापिका अपनी कक्षा में समूह चर्चा और सहपाठियों में अन्तःक्रियाओं को महत्व देती है। वह विद्यार्थियों की सही वर्तनी या उच्चारण में गलतियों पर बहुत अधिक ध्यान नहीं देती है। वह कक्षा में किस उपागम का प्रयोग कर रही है?
  1. Aपारम्परिक
  2. Bउदारवादी (एक्लैक्टिक)
  3. Cसंरचनात्मक
  4. Dरचनावादी
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Correct answer: (D) रचनावादी

Explanation

रचनावादी उपागम में बच्चे समूह चर्चा और आपसी अंतःक्रिया से स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं। इसमें शुरुआत में वर्तनी या उच्चारण की गलतियों पर अधिक ज़ोर नहीं दिया जाता, बल्कि अर्थ और अभिव्यक्ति पर ध्यान दिया जाता है।

Q3CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
व्याकरण शिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सम्प्रेषण करने में समर्थ बनाना है। निम्नलिखित में से कौन-सा इस उद्देश्य से मेल नहीं खाता है?
  1. Aविद्यार्थियों का प्रत्येक व्याकरणिक बिन्दु के प्रत्येक पहलू पर नियंत्रण होना चाहिए
  2. Bविद्यार्थियों को इस प्रकार के प्रत्यक्ष निर्देशों की आवश्यकता है, जिनके माध्यम से व्याकरणिक बिन्दु बृहत्तर सम्प्रेषण संदर्भों से जुड़ सकें
  3. Cविद्यार्थियों की निपुणता केवल उन्हीं पहलुओं पर होनी चाहिए, जो तात्कालिक सम्प्रेषण कार्य के लिए प्रासंगिक हैं
  4. Dत्रुटियों में सुधार करना सदैव अध्यापकों का ही पहला उत्तरदायित्व नहीं होता है
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Correct answer: (A) विद्यार्थियों का प्रत्येक व्याकरणिक बिन्दु के प्रत्येक पहलू पर नियंत्रण होना चाहिए

Explanation

सम्प्रेषण के लिए व्याकरण सिखाने में हर व्याकरणिक बिन्दु के हर पहलू पर पूर्ण नियंत्रण की माँग करना आवश्यक नहीं है; इसलिए विकल्प (1) इस उद्देश्य से मेल नहीं खाता।

Q4CTET December 2024 Paper 1, 14 Dec 2024
अधिगम में रह गई कमियों को देखने के संदर्भ में त्रुटि विश्लेषण महत्वपूर्ण है क्योंकि :
  1. Aगलतियाँ शिक्षार्थियों की समझ में रह गई कमियों की ओर संकेत करती हैं।
  2. Bगलतियाँ अवधारणा विकास और प्रेरणा को प्रदर्शित करती हैं।
  3. Cअधिकतर त्रुटियाँ विद्यार्थियों के अनियत दृष्टिकोण के कारण होती हैं।
  4. Dगलतियाँ शिक्षार्थी के मस्तिष्क और अधिगम की अवस्था को समझने में सहायक हैं।
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Correct answer: (D) गलतियाँ शिक्षार्थी के मस्तिष्क और अधिगम की अवस्था को समझने में सहायक हैं।

Explanation

त्रुटि विश्लेषण से शिक्षक जान पाता है कि बच्चे की समझ में कहाँ कमी (अधिगम अंतराल) रह गई है। यही कमियाँ पहचानकर उपचारात्मक शिक्षण किया जाता है।

Q5CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 1 Mar 2026
ध्वनिग्रामिक जागरूकता किससे संबंधित है ?
  1. Aबोले जा रहे शब्दों में ध्वनिग्राम की पहचान करने और उनमें हेर-फेर करने की क्षमता
  2. Bध्वनिग्राम और ग्राफीम के बीच संबंध स्थापित करने की योग्यता
  3. Cशब्दों को सही तरीके से और प्रवाह के साथ पढ़ना
  4. Dसही वर्तनी के साथ लिखना
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Correct answer: (B) ध्वनिग्राम और ग्राफीम के बीच संबंध स्थापित करने की योग्यता

Explanation

Note: the official key gives (2); ध्वनिग्रामिक जागरूकता की मानक परिभाषा विकल्प (1) है — बोले गए शब्दों में ध्वनिग्रामों को पहचानने और उनमें हेर-फेर करने की क्षमता। ध्वनिग्राम और ग्राफ़ीम (वर्ण) का संबंध जोड़ना (विकल्प 2) ध्वनि-वर्ण संबंध (फ़ोनिक्स) का आधार है, फिर भी आधिकारिक उत्तर कुंजी ने विकल्प (2) को सही माना है।

Q6CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित में से कौन-सा भाषा अर्जन के व्यवहारवादी सिद्धान्त से संबंधित नहीं है?
  1. Aखाली बर्तन
  2. Bप्रयास एवं त्रुटि (ट्रायल एंड एरर)
  3. Cसामाजिक अन्तःक्रियाएँ
  4. Dसंक्रियात्मक अनुकूलन
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Correct answer: (C) सामाजिक अन्तःक्रियाएँ

Explanation

व्यवहारवाद (स्किनर) बच्चे को खाली बर्तन मानता है और भाषा को प्रयास-त्रुटि व संक्रियात्मक अनुकूलन (पुनर्बलन) से सीखी गई आदत मानता है। सामाजिक अंतःक्रिया वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत से जुड़ी है।

How to use these CTET Hindi questions

Every question here was asked in a real CTET paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full CTET papers as timed tests to check your speed under exam conditions.

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