229 गद्यांश / पद्यांश (Hindi) questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
Q1CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
प्राण __________ से बहना चाहिए ।
Aतीव्र गति
Bधीमी गति
Cमंद-मंद रूप
Dगहराई
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Correct answer: (D) गहराई
Explanation
गद्यांश का पहला वाक्य है — "दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए।" अर्थात् प्राण गहराई से बहना चाहिए।
Q2CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
ऊर्जावान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का बनने के लिए आवश्यक है :
Aप्राण वायु का धीमा और नीचे बहना ।
Bप्राण वायु का गहराई और देर तक बहना ।
Cप्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना ।
Dप्राण वायु का तेज़ और गहराई से बहना ।
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Correct answer: (C) प्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना ।
Explanation
गद्यांश कहता है कि प्राण को धीमा और गहरा भरने से हम ख़ुद को ऊर्जावान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करेंगे। इसलिए प्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना आवश्यक है।
Q3CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
यदि प्राण वायु व्यवस्थित रूप से बहता है तो क्या नहीं होगा ?
Aभय से मुक्ति मिलना ।
Bरचनात्मकता का विकास होना ।
Cघबराहट में वृद्धि होना ।
Dमन का तनाव दूर होना ।
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Correct answer: (C) घबराहट में वृद्धि होना ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार इससे भय और घबराहट से मुक्ति मिलेगी, रचनात्मकता बढ़ेगी और तनाव समाप्त होगा। घबराहट में वृद्धि नहीं होगी, इसलिए विकल्प (3) सही है।
Q4CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
प्राण वायु का गहराई और धीमी गति से बहना ___________ में सहायता करता है ।
Aअभ्यासमुक्त होने
Bध्यान लगाने
Cइच्छाएँ पूर्ण करने
Dव्यापार बढ़ाने
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Correct answer: (B) ध्यान लगाने
Explanation
गद्यांश के अंत में लिखा है कि यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में सहायक होगा, अर्थात् ध्यान लगाने में मदद करता है।
Q5CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
मानव-जीवन में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है :
Aयोग
Bध्यान
Cप्राण वायु
Dअभ्यास
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Correct answer: (C) प्राण वायु
Explanation
पूरा गद्यांश प्राण (प्राण वायु) के सही ढंग से बहने पर केंद्रित है, जिससे स्वास्थ्य, शांति, धैर्य और ध्यान सब मिलते हैं; इसलिए इसे सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माना गया है।
Q6CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
विशेषण शब्द है :
Aधैर्य
Bमन
Cशांत
Dघबराहट
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Correct answer: (C) शांत
Explanation
"शांत" शब्द स्वभाव की विशेषता बताता है ("शांत स्वभाव"), इसलिए यह विशेषण है। धैर्य, मन और घबराहट संज्ञा शब्द हैं।
Q7CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
‘सुनिश्चित’ में उपसर्ग और मूल शब्द है :
Aसुनिश्चि + त
Bसु + निश्चित
Cस + निश्चित
Dसुनि + श्चित
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Correct answer: (B) सु + निश्चित
Explanation
"सुनिश्चित" में "सु" उपसर्ग है (अर्थ — अच्छी तरह) और "निश्चित" मूल शब्द है: सु + निश्चित।
Q8CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण ___________ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।
Aमेधा
Bतकनीक
Cकंप्यूटर
Dविकास
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Correct answer: (A) मेधा
Explanation
गद्यांश में चिंता जताई गई है कि ए.आई. के कारण "मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे", यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नकारात्मक प्रभाव मेधा पर पड़ता है।
Q9CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सहयोग लेना शुरू किया । इसका कारण नहीं है :
Aकम समय में अधिक ज्ञान मिल जाता है ।
Bहर सवाल का जवाब मिलता है ।
Cउसमें शिक्षक से अधिक संवेदनाएँ हैं ।
Dसवालों के जवाब बहुत जल्दी मिलते हैं ।
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Correct answer: (C) उसमें शिक्षक से अधिक संवेदनाएँ हैं ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार ए.आई. हर सवाल का जवाब सेकंड्स में दे देता है, इसलिए विद्यार्थी उसकी मदद लेते हैं। ए.आई. में मानवता/संवेदना नहीं है, इसलिए "उसमें शिक्षक से अधिक संवेदनाएँ हैं" कारण नहीं हो सकता।
Q10CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
गद्यांश के अनुसार शिक्षक वर्ग कृत्रिम बुद्धिमत्ता से :
Aमानवीय गुणों में पिछड़ा हुआ है ।
Bप्रतिस्पर्धा अधिक कर पाएगा ।
Cअधिक ज्ञानी व मशीनी है ।
Dप्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा ।
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Correct answer: (D) प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा ।
Explanation
गद्यांश प्रश्न उठाता है कि "क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा?" — अर्थात् आशंका है कि शिक्षक वर्ग कृत्रिम बुद्धिमत्ता से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा।
Q11CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि :
Aकृत्रिम बुद्धिमत्ता लोगों को रोज़गार दिलवाएगी ।
Bकृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मनुष्य-जीवन सुधर गया है ।
Cकृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य में मेधा को बढ़ावा देगी ।
Dकृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी ।
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Correct answer: (D) कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार ए.आई. और मानव बुद्धि का सबसे बड़ा अंतर मानवता का है और इससे नौकरियाँ, शिक्षा और समाज के हर तबके पर असर पड़ेगा; इसलिए कहा जा सकता है कि इसके कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी। बाकी विकल्प गद्यांश के विपरीत हैं।
Q12CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
गद्यांश के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्या नहीं है ?
Aउत्तर
Bमानवता
Cज्ञान
Dतकनीक
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Correct answer: (B) मानवता
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच सबसे बड़ा फर्क मानवता का है, यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता में मानवता नहीं है।
Q13CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से प्रभावित होने वाला तत्त्व नहीं है :
Aनौकरी
Bअस्पताल
Cचैट जी.पी.टी.
Dडिज़ाइनर
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Correct answer: (C) चैट जी.पी.टी.
Explanation
गद्यांश के अनुसार नौकरियाँ, अस्पताल और डिज़ाइनर जैसे पेशे ए.आई. से प्रभावित होंगे; चैट जी.पी.टी. तो स्वयं एक ए.आई. प्लैटफॉर्म है, इसलिए वह प्रभावित होने वाला तत्त्व नहीं है।
Q14CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
समूह से भिन्न शब्द है :
Aमेधा
Bएक्सपर्ट्स
Cचैट जी.पी.टी.
Dएग्ज़ाम
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Correct answer: (A) मेधा
Explanation
"मेधा" हिंदी (तत्सम) शब्द है, जबकि एक्सपर्ट्स, चैट जी.पी.टी. और एग्ज़ाम अंग्रेज़ी से आए शब्द हैं; इसलिए मेधा समूह से भिन्न है।
Q15CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
‘इत’ प्रत्यय का उदाहरण वाला शब्द है :
Aप्रभावित
Bउपस्थित
Cप्रत्येक
Dनिश्चिंत
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Correct answer: (A) प्रभावित
Explanation
"प्रभावित" = प्रभाव + इत, इसलिए इसमें "इत" प्रत्यय है। उपस्थित (उप + स्थित) और निश्चिंत (निः + चिंत) में उपसर्ग है, तथा प्रत्येक (प्रति + एक) संधि से बना है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
गद्यांश के अनुसार सबसे बड़ा दुख है :
Aअभाव का
Bस्वभाव का
Cपीड़ा का
Dतनाव का
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Correct answer: (D) तनाव का
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि अभाव, स्वभाव और दुर्भाव के दुख से "भी ऊपर सदैव तनाव का दुख" घेरे रहता है, इसलिए सबसे बड़ा दुख तनाव का है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
सबसे बड़ी भूल है :
Aसुख पाने के लिए ग़लत काम करना ।
Bसुख पाने के लिए साधना करना ।
Cदुख से छुटकारे के लिए संन्यास लेना ।
Dदुख से दूर भागना और एकांतवास ।
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Correct answer: (A) सुख पाने के लिए ग़लत काम करना ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों (ग़लत कामों) में प्रवेश करने लगते हैं और "यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है"।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
सुख कहाँ होता है ?
Aजहाँ मानवता नहीं होती ।
Bजहाँ धन-संपदा हो ।
Cजहाँ धर्म होता है ।
Dजहाँ सुखी लोग होते हैं ।
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Correct answer: (C) जहाँ धर्म होता है ।
Explanation
गद्यांश कहता है कि जहाँ धर्म है वहाँ पाप नहीं, जहाँ पाप नहीं वहाँ दुख नहीं, और जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख अनंत होता है; अतः सुख वहाँ है जहाँ धर्म है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
गद्यांश के मूल विषय में शामिल नहीं है :
Aदंड
Bसुख
Cदुख
Dधर्म
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Correct answer: (A) दंड
Explanation
गद्यांश सुख, दुख, पाप और धर्म की बात करता है; "दंड" का इसमें कहीं उल्लेख नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
ग़लत कार्य करने से ____________ की हानि होती है ।
Aपाप
Bसुख
Cदुख
Dसम्मान
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Correct answer: (B) सुख
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि "पाप का फल सुख रोकता है", यानी ग़लत कार्य (पाप) करने से सुख की हानि होती है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
किस शब्द में ‘इक’ प्रत्यय का प्रयोग संभव है ?
Aधर्म
Bसुख
Cदुख
Dपाप
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Correct answer: (A) धर्म
Explanation
"धर्म" में "इक" प्रत्यय जोड़ने पर "धार्मिक" शब्द बनता है; बाकी शब्दों से इस प्रत्यय वाला प्रचलित शब्द नहीं बनता।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aधर्म
Bसुख
Cदुख
Dपापी
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Correct answer: (D) पापी
Explanation
धर्म, सुख और दुख भाववाचक संज्ञाएँ हैं, जबकि "पापी" व्यक्ति का गुण बताने वाला (विशेषण) शब्द है, इसलिए यह समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
‘संगाई महोत्सव’ का आयोजन ____________ में किया गया ।
Aउत्तर-पूर्व राज्यों
Bसभी राज्यों
Cमणिपुर
Dशंघाई
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Correct answer: (C) मणिपुर
Explanation
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है: "मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया"।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
भारत की परंपरा में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है ?
Aसंघर्ष
Bत्योहार
Cउत्सव
Dमेले
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Correct answer: (A) संघर्ष
Explanation
गद्यांश के अनुसार भारत में पर्व (त्योहार), उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है; "संघर्ष" का उल्लेख परंपरा के रूप में नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
मणिपुर ____________ के लिए प्रसिद्ध है ।
Aकला और कारीगरी
Bस्थानीय उद्योग
Cप्राकृतिक सौंदर्य
Dउत्सव-महोत्सव
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Correct answer: (C) प्राकृतिक सौंदर्य
Explanation
गद्यांश कहता है कि मणिपुर प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक समृद्धि से भरा राज्य है, इसलिए हर कोई यहाँ आना चाहता है; विकल्पों में प्राकृतिक सौंदर्य ही सही है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
संगाई महोत्सव के आयोजन से ____________ को भी लाभ मिलता है ।
Aअर्थव्यवस्था
Bसांस्कृतिक उत्सव
Cविदेशी पर्यटन
Dप्राकृतिक सौंदर्य
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Correct answer: (A) अर्थव्यवस्था
Explanation
गद्यांश के अनुसार ऐसे आयोजनों से संस्कृति समृद्ध होती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी ताकत मिलती है; ये निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
पहले और अब के महोत्सव के आयोजन में मूल अंतर क्या है ?
Aपहले मणिपुर में, अब दक्षिण भारत में
Bपहले इंफाल में, अब पूरे उत्तर-पूर्व में
Cपहले केवल इंफाल में, अब पूरे राज्य में
Dपहले मणिपुर में, अब उत्तर भारत में
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Correct answer: (C) पहले केवल इंफाल में, अब पूरे राज्य में
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
‘महोत्सव’ का संधि-विच्छेद है :
Aमह + उत्सव
Bमहो + त्सव
Cमहा + उत्सव
Dमहान + उत्सव
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Correct answer: (C) महा + उत्सव
Explanation
महा + उत्सव = महोत्सव; यहाँ आ + उ मिलकर "ओ" बनता है, जो गुण स्वर संधि है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
‘इत’ प्रत्यय का उदाहरण है :
Aप्रकृति
Bसांस्कृतिक
Cसंस्कृति
Dआकर्षित
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Correct answer: (D) आकर्षित
Explanation
"आकर्षण/आकर्ष" + "इत" = आकर्षित; "सांस्कृतिक" में "इक" प्रत्यय है, जबकि प्रकृति और संस्कृति मूल शब्द हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
गद्यांश में किसकी क्षमता के सामने आने की बात की गई है ?
Aस्थानीय कलाओं की
Bमहोत्सव की
Cमणिपुर की
Dसांस्कृतिक समृद्धि की
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Correct answer: (B) महोत्सव की
Explanation
अंतिम वाक्य में कहा गया है कि जब ऐसे आयोजनों (महोत्सव) को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से जोड़ा जाता है, तभी "इसकी" यानी महोत्सव की पूरी क्षमता सामने आती है।
Q31CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि एआई ऐसी होनी चाहिए जो :
Aमानवीय क्षमताओं को कम करे।
Bमानवीय गुणों का संस्कार दे।
Cकम समय में अधिक कार्य करे।
Dबिना बुद्धि के सारे जवाब दे दे।
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Correct answer: (B) मानवीय गुणों का संस्कार दे।
Explanation
गद्यांश के अंत में कहा गया है कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो। इंसानियत फैलाना यानी मानवीय गुणों का संस्कार देना, इसलिए विकल्प (2) सही है।
Q32CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aपढ़ाई - लिखाई
Bरात - दिन
Cकंकड़ - पत्थर
Dचाय - वाय
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Correct answer: (D) चाय - वाय
Explanation
‘पढ़ाई-लिखाई’, ‘रात-दिन’ और ‘कंकड़-पत्थर’ में दोनों शब्द सार्थक हैं, जबकि ‘चाय-वाय’ में ‘वाय’ निरर्थक (अनुकरणात्मक) शब्द है। इसलिए ‘चाय-वाय’ समूह से भिन्न है।
Q33CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
‘मानवीय’ शब्द में प्रत्यय है :
Aवीय
Bय
Cईय
Dइय
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Correct answer: (C) ईय
Explanation
‘मानवीय’ = मानव + ईय। यहाँ मूल शब्द ‘मानव’ में ‘ईय’ प्रत्यय जुड़ा है (जैसे भारत + ईय = भारतीय)।
Q34CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
एआई शारीरिक श्रम से जुड़े कार्यों पर संभवतः सबसे कम प्रभाव डाले। इससे कौन-सा कार्य प्रभावित नहीं होगा?
Aचिकित्सा
Bशिक्षण
Cखेती-बाड़ी
Dआविष्कार
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Correct answer: (C) खेती-बाड़ी
Explanation
गद्यांश के अनुसार एआई का सबसे कम असर शारीरिक श्रम वाले कामों पर पड़ेगा। विकल्पों में खेती-बाड़ी ही शारीरिक श्रम से जुड़ा कार्य है, इसलिए वह प्रभावित नहीं होगा।
Q35CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
एआई को जन्म देने वाला कारक है :
Aआवश्यकता
Bतकनीक
Cसभ्यता
Dमानव
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Correct answer: (D) मानव
Explanation
गद्यांश में लिखा है — ‘‘अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है।’’ अतः एआई को जन्म देने वाला मानव है।
Q36CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
‘एआई’ का अर्थ है :
Aएपल इंटेलीजेंस
Bआर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
Cआर्टिफिशियल इंस्टीट्यूट
Dएपल इंस्टीट्यूशन
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Correct answer: (B) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
Explanation
एआई (AI) का पूरा रूप आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है, जिसे हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहते हैं। गद्यांश में इसे ‘नकली बुद्धिमता’ कहा गया है।
Q37CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
एआई से शिक्षा जगत भी प्रभावित होगा। यह प्रभाव :
Aनकारात्मक होगा
Bशून्य होगा
Cसकारात्मक होगा
Dअधिक होगा
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Correct answer: (A) नकारात्मक होगा
Explanation
गद्यांश में चिंता जताई गई है कि चैट जीपीटी के बाद पढ़ाई और इम्तहान का ऐसा तरीका चाहिए जो बिना एआई के बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके। यानी शिक्षा जगत पर इसका प्रभाव नकारात्मक माना गया है।
Q38CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
चिकित्सा से जुड़े कार्य करने में एआई भविष्य में क्या सहयोग करेगा?
Aडॉक्टरों को जॉब देगा।
Bकेस हिस्ट्री बना देगा।
Cअस्पतालों की संख्या कम कर देगा।
Dअस्पतालों की संख्या बहुत बढ़ा देगा।
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Correct answer: (B) केस हिस्ट्री बना देगा।
Explanation
गद्यांश के अनुसार ‘‘आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी’’ और लक्षण समझकर प्रिस्क्रिप्शन दिया जाएगा। विकल्पों में से एआई का सहयोग केस हिस्ट्री बनाना है।
Q39CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
जीवन के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है :
Aयोग के माध्यम से प्राणायाम करना।
Bप्राण के माध्यम से योग करना।
Cप्राण और शरीर का दीर्घायु होना।
Dप्राण और शरीर का सामंजस्य।
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Correct answer: (D) प्राण और शरीर का सामंजस्य।
Explanation
गद्यांश प्राण और शरीर के बेहतर तालमेल पर बल देता है; प्राण के असंतुलन को ही बीमारी कहा गया है। अतः जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राण और शरीर का सामंजस्य है।
Q40CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
विशेषण शब्द का उदाहरण नहीं है :
Aसंतुलित
Bस्वस्थ
Cस्वास्थ्य
Dव्यवस्थित
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Correct answer: (C) स्वास्थ्य
Explanation
‘संतुलित’, ‘स्वस्थ’ और ‘व्यवस्थित’ किसी की विशेषता बताते हैं, इसलिए विशेषण हैं। ‘स्वास्थ्य’ भाववाचक संज्ञा है (स्वस्थ + य), विशेषण नहीं।
Q41CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
प्राण वायु को सशक्त बनाने के अभ्यास _________ में है।
Aशिक्षा
Bयोग
Cचिकित्सक
Dशिक्षक
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Correct answer: (B) योग
Explanation
गद्यांश में लिखा है — ‘‘योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं।’’ इसलिए रिक्त स्थान में ‘योग’ आएगा।
Q42CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
प्राण वायु शरीर के हर अंग में संतुलित और _________ होकर बहती है।
Aव्यवस्थित
Bअव्यवस्थित
Cउत्तेजित
Dमंद-मंद
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Correct answer: (A) व्यवस्थित
Explanation
गद्यांश के अनुसार प्राण शरीर के हर अंग की तरफ ‘‘संतुलित और व्यवस्थित होकर’’ बहे। इसलिए सही शब्द ‘व्यवस्थित’ है।
Q43CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
रोग का कारण है :
Aप्राण वायु का बहुत अधिक बढ़ जाना
Bप्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन
Cयोग के माध्यम से शारीरिक शक्ति घटाना
Dअपने शरीर की उचित देखभाल न करना
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Correct answer: (B) प्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन
Explanation
गद्यांश कहता है कि बीमारी और कुछ नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना है। अतः रोग का कारण प्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन है।
Q44CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
अच्छे स्वास्थ्य का संबंध _________ से है।
Aअच्छे शरीर
Bप्राण वायु
Cयोगाभ्यास
Dबीमारियों के अभाव
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Correct answer: (B) प्राण वायु
Explanation
गद्यांश के अनुसार स्वास्थ्य का अर्थ ही प्राण का समुचित तरीके से सभी अंगों की तरफ बहना है। इसलिए अच्छे स्वास्थ्य का संबंध प्राण वायु से है।
Q45CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
‘बुद्धि’ में ‘इक’ प्रत्यय लगने पर शब्द बनेगा :
Aबुद्धिक
Bबौद्धिक
Cबोद्धिक
Dबौद्धीक
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Correct answer: (B) बौद्धिक
Explanation
‘इक’ प्रत्यय लगने पर पहले स्वर ‘उ’ की वृद्धि होकर ‘औ’ हो जाता है: बुद्धि + इक = बौद्धिक (जैसे धर्म + इक = धार्मिक)।
Q46CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
कक्षा आठ की अध्यापिका एक पाठ्य सामग्री के पाँच वाक्यों को दो बार अंग्रेजी में पढ़ती है और शिक्षार्थियों को ध्यानपूर्वक सुनने के लिए कहती है। इसके बाद वह शिक्षार्थियों को चार-चार के समूह में काम करने के लिए कहती है कि वे पढ़ी गई पाठ्य सामग्री का पुनर्लेखन करें जो एकदम मूल जैसा ना हो। इस गतिविधि को क्या कहेंगे?
Aलेखन कार्य
Bअनुच्छेद श्रुतलेख
Cसामूहिक श्रुतलेख
Dश्रवण कार्य
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Correct answer: (B) अनुच्छेद श्रुतलेख
Explanation
Note: the official key accepts both (2) and (3). यह गतिविधि ‘डिक्टोग्लॉस’ है: शिक्षक छोटा पाठ पढ़ता है और बच्चे समूह में मिलकर उसे मूल के निकट दोबारा लिखते हैं। इसे अनुच्छेद श्रुतलेख भी कह सकते हैं और समूह में होने के कारण सामूहिक श्रुतलेख भी, इसलिए दोनों मान्य हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
भारत की नदियों में जल कम होता जा रहा है। इसका कारण है :
Aग्लेशियरों का न पिघलना
Bग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना
Cग्लेशियरों के क्षेत्रफल में कमी आना
Dग्लेशियरों के क्षेत्रफल में वृद्धि होना
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Correct answer: (B) ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना
Explanation
गद्यांश के अनुसार गंगोत्री जैसे ग्लेशियर तेज़ी से पिघलकर छोटे हो रहे हैं, जिससे गंगा, यमुना जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। इसलिए कारण है ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
गंगा के किनारे बसे लोगों की आबादी लगभग है :
A87 करोड़
B30 करोड़
C40 करोड़
D96 करोड़
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Correct answer: (C) 40 करोड़
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि गंगा के किनारे बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की ज़रूरतें गंगा पूरी करती है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। वाक्य में रेखांकित पद हैं : (रेखांकित शब्द: धीरे-धीरे)
Aविशेषण
Bक्रिया
Cक्रिया विशेषण
Dप्रविशेषण
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Correct answer: (C) क्रिया विशेषण
Explanation
"धीरे-धीरे" बताता है कि पानी कम होने की क्रिया कैसे हो रही है। क्रिया की रीति बताने वाला शब्द रीतिवाचक क्रिया विशेषण होता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
गद्यांश में किस संकट की बात की गई है?
Aखाद्य संकट
Bरोज़गार संकट
Cजल संकट
Dपर्यावरण संकट
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Correct answer: (C) जल संकट
Explanation
पूरा गद्यांश नदियों और ग्लेशियरों के घटते पानी तथा 2050 तक भारत में आने वाले पानी के संकट के बारे में है, अर्थात जल संकट।
How to use these CTET Hindi questions
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