450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
Q1CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
शिक्षार्थियों के लिए भाषा शिक्षण-अधिगम के लिए कौन-सा कक्षायी संसाधन नहीं है ?
Aकक्षा पुस्तकालय
Bपठन कोना
Cकक्षायी प्रक्रियाएँ
Dशब्द दीवार
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Correct answer: (C) कक्षायी प्रक्रियाएँ
Explanation
कक्षा पुस्तकालय, पठन कोना और शब्द दीवार ऐसी चीज़ें हैं जिनका शिक्षार्थी सीधे उपयोग करते हैं, इसलिए ये कक्षायी संसाधन हैं। कक्षायी प्रक्रियाएँ (पढ़ाने-सीखने के तरीके) कोई संसाधन नहीं हैं।
Q2CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) : भाषा अध्यापक द्वारा व्यक्तिपरक अधिगम की योजना तैयार की जानी चाहिए ।
तर्क (R) : नयी भाषाओं के अधिगम से शिक्षार्थियों में विविधता होती है ।
A(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
B(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
C(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
D(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
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Correct answer: (B) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
Explanation
हर शिक्षार्थी की ज़रूरत अलग होती है, इसलिए अध्यापक को व्यक्तिपरक अधिगम की योजना बनानी चाहिए — (A) सही है। नयी भाषाएँ सीखने से विविधता आती है — यह भी सही है, पर यह (A) का कारण नहीं बताता।
Q3CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
किस विधि में शिक्षार्थी की प्रथम भाषा शिक्षण में केन्द्रीय भूमिका निभाती है ?
Aसम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण विधि
Bव्याकरण-अनुवाद विधि
Cकार्य-आधारित अधिगम
Dप्रत्यक्ष (डायरेक्ट) विधि
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Correct answer: (B) व्याकरण-अनुवाद विधि
Explanation
व्याकरण-अनुवाद विधि में नई भाषा के शब्द और वाक्य मातृभाषा (प्रथम भाषा) में अनुवाद करके समझाए जाते हैं, इसलिए उसमें प्रथम भाषा की केन्द्रीय भूमिका होती है। प्रत्यक्ष और सम्प्रेषणात्मक विधियाँ प्रथम भाषा से बचती हैं।
Q4CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
चेतन की प्रथम भाषा भोजपुरी है । वह तमिलनाडु गया, अब वह भोजपुरी नहीं बोलता है और अपने साथियों से केवल अंग्रेज़ी में ही बोलता है । जब नई द्वितीय भाषा प्रथम भाषा का स्थान लेती है, तो यह स्थिति किस बात की द्योतक है ?
Aकोड मिक्सिंग
Bऋणात्मक द्विभाषावाद
Cकोड स्विचिंग
Dद्विभाषावाद
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Correct answer: (B) ऋणात्मक द्विभाषावाद
Explanation
जब नई (द्वितीय) भाषा सीखते हुए बच्चा अपनी प्रथम भाषा छोड़ देता है, यानी नई भाषा पुरानी भाषा की जगह ले लेती है, तो उसे ऋणात्मक (घटावात्मक) द्विभाषावाद कहते हैं।
Q5CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निम्नलिखित में से कौन-सा पठन-पूर्व गतिविधि को समर्थित करता है ?
Aशिक्षार्थी को कार्य का सारांशीकरण करने को कहना
Bअनुमान लगाने से संबंधी कार्य का प्रयोग
Cव्याकरणिक संरचनाओं का शिक्षण
Dभावानुवाद संबंधी कार्यों का प्रयोग
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Correct answer: (B) अनुमान लगाने से संबंधी कार्य का प्रयोग
Explanation
पठन-पूर्व गतिविधि पढ़ने से पहले कराई जाती है, जैसे शीर्षक या चित्र देखकर विषय का अनुमान लगाना। सारांश बनाना पढ़ने के बाद की गतिविधि है।
Q6CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
उपचारात्मक शिक्षण के बारे में कौन-सा सही है ?
Aप्रदर्शन/उपलब्धि सुधार हेतु मदद देना
Bपिछड़े विद्यार्थियों के साथ सहानुभूति दर्शाना
Cउपलब्धि में सुधार हेतु अतिरिक्त अंक देना
Dमेधावी बच्चों को अतिरिक्त ध्यान देना
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Correct answer: (A) प्रदर्शन/उपलब्धि सुधार हेतु मदद देना
Explanation
उपचारात्मक शिक्षण का उद्देश्य निदान से पता चली कमियों को दूर करके बच्चे के प्रदर्शन/उपलब्धि में सुधार के लिए मदद देना है, न कि केवल सहानुभूति दिखाना या अतिरिक्त अंक देना।
Q7CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) : अंग्रेज़ी भारत में एक सह-राजकीय भाषा है ।
तर्क (R) : भारतीय विद्यालयों में अंग्रेज़ी को विदेशी भाषा की तरह पढ़ाया जाता है ।
A(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
B(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
C(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
D(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
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Correct answer: (A) (A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
Explanation
अंग्रेज़ी भारत में हिंदी के साथ सह-राजकीय (सहयोगी राजभाषा) है, इसलिए (A) सही है। भारतीय विद्यालयों में अंग्रेज़ी विदेशी भाषा की तरह नहीं, बल्कि द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है, इसलिए (R) ग़लत है।
Q8CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा की विशेषता नहीं है ?
Aभाषा सांकेतिक है ।
Bभाषा स्थिर है ।
Cभाषा सामाजिक है ।
Dभाषा व्यवस्थित है ।
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Correct answer: (B) भाषा स्थिर है ।
Explanation
भाषा स्थिर नहीं होती; वह समय और समाज के साथ लगातार बदलती रहती है (भाषा परिवर्तनशील है)। सांकेतिक, सामाजिक और व्यवस्थित होना भाषा की विशेषताएँ हैं।
Q9CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) : पहले के ज्ञान के प्रत्यास्मरण के लिए विद्यार्थियों को संकेत देना महत्त्वपूर्ण है ।
तर्क (R) : पहले के ज्ञान के प्रत्यास्मरण से विद्यार्थियों को जानी गई भाषा से नई भाषा में सम्बद्धता स्थापित करने में मदद मिलती है ।
A(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
B(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
C(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
D(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
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Correct answer: (D) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
Explanation
संकेत देकर पहले के ज्ञान को याद कराना महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इससे विद्यार्थी जानी हुई भाषा को नई भाषा से जोड़ पाते हैं। इस तरह (R) ही (A) का कारण बताता है, इसलिए दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या है।
Q10CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
कक्षा VIII की अध्यापिका ने अपने विद्यार्थियों को प्रदत्त कार्य के रूप में घर में ऊर्जा बचत से संबंधित एक लीफ़लेट बनाने के लिए कहा । यह कार्य भाषा की किस विशेषता को पोषित करेगा ?
Aप्रश्न स्वरूप
Bसकारात्मक आदेशसूचक
Cतुलनात्मक
Dभूतकाल
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Correct answer: (B) सकारात्मक आदेशसूचक
Explanation
ऊर्जा बचत के लीफ़लेट में ज़्यादातर निर्देश होते हैं, जैसे "बत्ती बंद कीजिए", "बिजली बचाइए"। इसलिए यह कार्य सकारात्मक आदेशसूचक (आज्ञार्थक) वाक्यों के प्रयोग को बढ़ाता है।
Q11CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
एक पाठ योजना बनाते समय उसका उद्देश्य निश्चित किया गया कि विद्यार्थियों को यह सिखाया जाए कि ग्राहकों के साथ विशिष्ट व्यापार संबंधी सम्प्रेषण कैसे किया जाए । यह उद्देश्य नीचे दी गई किस विधा से मेल खाता है ?
Aरिपोर्ट
Bवर्णन
Cआलेख (आर्टिकल)
Dपत्र
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Correct answer: (D) पत्र
Explanation
ग्राहकों के साथ विशिष्ट व्यापार संबंधी सम्प्रेषण व्यावसायिक (औपचारिक) पत्र के माध्यम से होता है, इसलिए यह उद्देश्य पत्र-लेखन विधा से मेल खाता है।
Q12CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
एक अध्यापक ने अपने विद्यार्थियों को एक चित्र में चार वाद्य यंत्र देखने के लिए कहा, आगे यह कहा कि आपस में चर्चा करो कि विभिन्न संगीत समारोहों में इनका प्रयोग क्यों किया जाता है । उस संज्ञानात्मक कौशल का चयन कीजिए जो इस गतिविधि से मेल खाता है :
Aविश्लेषण करना
Bसृजित करना
Cतर्क देना
Dकल्पना करना
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Correct answer: (A) विश्लेषण करना
Explanation
विद्यार्थी चित्र के वाद्य यंत्रों को देखकर यह परखते हैं कि अलग-अलग समारोहों में उनका प्रयोग क्यों होता है; किसी चीज़ को भागों में देखकर कारण और संबंध खोजना विश्लेषण करना कहलाता है।
Q13CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
जब एकल भाषी वक्ता एकसमान बोले गए या हाव-भाव वाले विचार के भीतर वाक् की औपचारिक से अनौपचारिक स्थिति में जाते हैं, तो वे किसमें संलग्न हैं ?
Aकोड मिश्रण
Bकोड परिवर्तन
Cबोलियाँ
Dसामाजिक भाषा-विज्ञान
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Correct answer: (B) कोड परिवर्तन
Explanation
एक ही भाषा बोलने वाला व्यक्ति जब बात करते-करते औपचारिक शैली से अनौपचारिक शैली में चला जाता है, तो वह भाषा के रूप (कोड) को बदल रहा होता है; इसे कोड परिवर्तन (कोड स्विचिंग / शैली परिवर्तन) कहते हैं।
Q14CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
बच्चों के अपने समुदाय में दूसरों के साथ अनौपचारिक अन्त:क्रियाएँ, मित्रता और संबंध बनाना भाषा के किस स्वरूप के प्रयोग पर आधारित होते हैं ?
Aअनुकूलन
Bआत्मसात्करण (एसीमिलेशन)
Cभाषा सामाजीकरण
Dसांस्कृतिकरण (एनकल्चरेशन)
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Correct answer: (C) भाषा सामाजीकरण
Explanation
समुदाय में दूसरों से अनौपचारिक बातचीत करके बच्चे भाषा के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार और संबंध बनाना सीखते हैं; इसे भाषा सामाजीकरण कहते हैं।
Q15CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
शब्दावली के प्रयोग के संबंध में व्याकरण शिक्षार्थियों को क्या करने की दृष्टि प्रदान करता है ?
Aशब्दकोशीय बिन्दु को अर्थपूर्ण और सम्प्रेषणात्मक अभिव्यक्ति में जोड़ पाना
Bसुनी गई बातों को मौखिक रूप से कह पाना
Cउच्चतर कक्षाओं में औपचारिक लेखन के प्रारूप तैयार करना
Dऔपचारिक स्थितियों में वृहत्तर सटीकता और विश्वास के साथ बात करना
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Correct answer: (A) शब्दकोशीय बिन्दु को अर्थपूर्ण और सम्प्रेषणात्मक अभिव्यक्ति में जोड़ पाना
Explanation
व्याकरण यह समझ देता है कि शब्दों (शब्दकोशीय इकाइयों) को सही ढंग से जोड़कर अर्थपूर्ण और सम्प्रेषणात्मक वाक्य कैसे बनाए जाएँ।
Q16CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
प्राण __________ से बहना चाहिए ।
Aतीव्र गति
Bधीमी गति
Cमंद-मंद रूप
Dगहराई
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Correct answer: (D) गहराई
Explanation
गद्यांश का पहला वाक्य है — "दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए।" अर्थात् प्राण गहराई से बहना चाहिए।
Q17CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
ऊर्जावान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का बनने के लिए आवश्यक है :
Aप्राण वायु का धीमा और नीचे बहना ।
Bप्राण वायु का गहराई और देर तक बहना ।
Cप्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना ।
Dप्राण वायु का तेज़ और गहराई से बहना ।
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Correct answer: (C) प्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना ।
Explanation
गद्यांश कहता है कि प्राण को धीमा और गहरा भरने से हम ख़ुद को ऊर्जावान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करेंगे। इसलिए प्राण वायु का धीमा और गहराई से बहना आवश्यक है।
Q18CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
यदि प्राण वायु व्यवस्थित रूप से बहता है तो क्या नहीं होगा ?
Aभय से मुक्ति मिलना ।
Bरचनात्मकता का विकास होना ।
Cघबराहट में वृद्धि होना ।
Dमन का तनाव दूर होना ।
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Correct answer: (C) घबराहट में वृद्धि होना ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार इससे भय और घबराहट से मुक्ति मिलेगी, रचनात्मकता बढ़ेगी और तनाव समाप्त होगा। घबराहट में वृद्धि नहीं होगी, इसलिए विकल्प (3) सही है।
Q19CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
प्राण वायु का गहराई और धीमी गति से बहना ___________ में सहायता करता है ।
Aअभ्यासमुक्त होने
Bध्यान लगाने
Cइच्छाएँ पूर्ण करने
Dव्यापार बढ़ाने
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Correct answer: (B) ध्यान लगाने
Explanation
गद्यांश के अंत में लिखा है कि यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में सहायक होगा, अर्थात् ध्यान लगाने में मदद करता है।
Q20CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
मानव-जीवन में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है :
Aयोग
Bध्यान
Cप्राण वायु
Dअभ्यास
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Correct answer: (C) प्राण वायु
Explanation
पूरा गद्यांश प्राण (प्राण वायु) के सही ढंग से बहने पर केंद्रित है, जिससे स्वास्थ्य, शांति, धैर्य और ध्यान सब मिलते हैं; इसलिए इसे सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माना गया है।
Q21CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
विशेषण शब्द है :
Aधैर्य
Bमन
Cशांत
Dघबराहट
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Correct answer: (C) शांत
Explanation
"शांत" शब्द स्वभाव की विशेषता बताता है ("शांत स्वभाव"), इसलिए यह विशेषण है। धैर्य, मन और घबराहट संज्ञा शब्द हैं।
Q22CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 136 से 142) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
‘सुनिश्चित’ में उपसर्ग और मूल शब्द है :
Aसुनिश्चि + त
Bसु + निश्चित
Cस + निश्चित
Dसुनि + श्चित
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Correct answer: (B) सु + निश्चित
Explanation
"सुनिश्चित" में "सु" उपसर्ग है (अर्थ — अच्छी तरह) और "निश्चित" मूल शब्द है: सु + निश्चित।
Q23CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण ___________ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।
Aमेधा
Bतकनीक
Cकंप्यूटर
Dविकास
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Correct answer: (A) मेधा
Explanation
गद्यांश में चिंता जताई गई है कि ए.आई. के कारण "मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे", यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नकारात्मक प्रभाव मेधा पर पड़ता है।
Q24CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सहयोग लेना शुरू किया । इसका कारण नहीं है :
Aकम समय में अधिक ज्ञान मिल जाता है ।
Bहर सवाल का जवाब मिलता है ।
Cउसमें शिक्षक से अधिक संवेदनाएँ हैं ।
Dसवालों के जवाब बहुत जल्दी मिलते हैं ।
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Correct answer: (C) उसमें शिक्षक से अधिक संवेदनाएँ हैं ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार ए.आई. हर सवाल का जवाब सेकंड्स में दे देता है, इसलिए विद्यार्थी उसकी मदद लेते हैं। ए.आई. में मानवता/संवेदना नहीं है, इसलिए "उसमें शिक्षक से अधिक संवेदनाएँ हैं" कारण नहीं हो सकता।
Q25CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
गद्यांश के अनुसार शिक्षक वर्ग कृत्रिम बुद्धिमत्ता से :
Aमानवीय गुणों में पिछड़ा हुआ है ।
Bप्रतिस्पर्धा अधिक कर पाएगा ।
Cअधिक ज्ञानी व मशीनी है ।
Dप्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा ।
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Correct answer: (D) प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा ।
Explanation
गद्यांश प्रश्न उठाता है कि "क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा?" — अर्थात् आशंका है कि शिक्षक वर्ग कृत्रिम बुद्धिमत्ता से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा।
Q26CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि :
Aकृत्रिम बुद्धिमत्ता लोगों को रोज़गार दिलवाएगी ।
Bकृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मनुष्य-जीवन सुधर गया है ।
Cकृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य में मेधा को बढ़ावा देगी ।
Dकृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी ।
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Correct answer: (D) कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार ए.आई. और मानव बुद्धि का सबसे बड़ा अंतर मानवता का है और इससे नौकरियाँ, शिक्षा और समाज के हर तबके पर असर पड़ेगा; इसलिए कहा जा सकता है कि इसके कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी। बाकी विकल्प गद्यांश के विपरीत हैं।
Q27CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
गद्यांश के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्या नहीं है ?
Aउत्तर
Bमानवता
Cज्ञान
Dतकनीक
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Correct answer: (B) मानवता
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच सबसे बड़ा फर्क मानवता का है, यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता में मानवता नहीं है।
Q28CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से प्रभावित होने वाला तत्त्व नहीं है :
Aनौकरी
Bअस्पताल
Cचैट जी.पी.टी.
Dडिज़ाइनर
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Correct answer: (C) चैट जी.पी.टी.
Explanation
गद्यांश के अनुसार नौकरियाँ, अस्पताल और डिज़ाइनर जैसे पेशे ए.आई. से प्रभावित होंगे; चैट जी.पी.टी. तो स्वयं एक ए.आई. प्लैटफॉर्म है, इसलिए वह प्रभावित होने वाला तत्त्व नहीं है।
Q29CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
समूह से भिन्न शब्द है :
Aमेधा
Bएक्सपर्ट्स
Cचैट जी.पी.टी.
Dएग्ज़ाम
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Correct answer: (A) मेधा
Explanation
"मेधा" हिंदी (तत्सम) शब्द है, जबकि एक्सपर्ट्स, चैट जी.पी.टी. और एग्ज़ाम अंग्रेज़ी से आए शब्द हैं; इसलिए मेधा समूह से भिन्न है।
Q30CTET August 2023 Paper 2 Maths & Science, 20 Aug 2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 143 से 150) में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लैटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।
ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लैटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?
‘इत’ प्रत्यय का उदाहरण वाला शब्द है :
Aप्रभावित
Bउपस्थित
Cप्रत्येक
Dनिश्चिंत
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Correct answer: (A) प्रभावित
Explanation
"प्रभावित" = प्रभाव + इत, इसलिए इसमें "इत" प्रत्यय है। उपस्थित (उप + स्थित) और निश्चिंत (निः + चिंत) में उपसर्ग है, तथा प्रत्येक (प्रति + एक) संधि से बना है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
गद्यांश के अनुसार सबसे बड़ा दुख है :
Aअभाव का
Bस्वभाव का
Cपीड़ा का
Dतनाव का
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Correct answer: (D) तनाव का
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि अभाव, स्वभाव और दुर्भाव के दुख से "भी ऊपर सदैव तनाव का दुख" घेरे रहता है, इसलिए सबसे बड़ा दुख तनाव का है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
सबसे बड़ी भूल है :
Aसुख पाने के लिए ग़लत काम करना ।
Bसुख पाने के लिए साधना करना ।
Cदुख से छुटकारे के लिए संन्यास लेना ।
Dदुख से दूर भागना और एकांतवास ।
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Correct answer: (A) सुख पाने के लिए ग़लत काम करना ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों (ग़लत कामों) में प्रवेश करने लगते हैं और "यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है"।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
सुख कहाँ होता है ?
Aजहाँ मानवता नहीं होती ।
Bजहाँ धन-संपदा हो ।
Cजहाँ धर्म होता है ।
Dजहाँ सुखी लोग होते हैं ।
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Correct answer: (C) जहाँ धर्म होता है ।
Explanation
गद्यांश कहता है कि जहाँ धर्म है वहाँ पाप नहीं, जहाँ पाप नहीं वहाँ दुख नहीं, और जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख अनंत होता है; अतः सुख वहाँ है जहाँ धर्म है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
गद्यांश के मूल विषय में शामिल नहीं है :
Aदंड
Bसुख
Cदुख
Dधर्म
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Correct answer: (A) दंड
Explanation
गद्यांश सुख, दुख, पाप और धर्म की बात करता है; "दंड" का इसमें कहीं उल्लेख नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
ग़लत कार्य करने से ____________ की हानि होती है ।
Aपाप
Bसुख
Cदुख
Dसम्मान
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Correct answer: (B) सुख
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि "पाप का फल सुख रोकता है", यानी ग़लत कार्य (पाप) करने से सुख की हानि होती है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
किस शब्द में ‘इक’ प्रत्यय का प्रयोग संभव है ?
Aधर्म
Bसुख
Cदुख
Dपाप
Show answerHide answer
Correct answer: (A) धर्म
Explanation
"धर्म" में "इक" प्रत्यय जोड़ने पर "धार्मिक" शब्द बनता है; बाकी शब्दों से इस प्रत्यय वाला प्रचलित शब्द नहीं बनता।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aधर्म
Bसुख
Cदुख
Dपापी
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Correct answer: (D) पापी
Explanation
धर्म, सुख और दुख भाववाचक संज्ञाएँ हैं, जबकि "पापी" व्यक्ति का गुण बताने वाला (विशेषण) शब्द है, इसलिए यह समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
‘संगाई महोत्सव’ का आयोजन ____________ में किया गया ।
Aउत्तर-पूर्व राज्यों
Bसभी राज्यों
Cमणिपुर
Dशंघाई
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Correct answer: (C) मणिपुर
Explanation
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है: "मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया"।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
भारत की परंपरा में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है ?
Aसंघर्ष
Bत्योहार
Cउत्सव
Dमेले
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Correct answer: (A) संघर्ष
Explanation
गद्यांश के अनुसार भारत में पर्व (त्योहार), उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है; "संघर्ष" का उल्लेख परंपरा के रूप में नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
मणिपुर ____________ के लिए प्रसिद्ध है ।
Aकला और कारीगरी
Bस्थानीय उद्योग
Cप्राकृतिक सौंदर्य
Dउत्सव-महोत्सव
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Correct answer: (C) प्राकृतिक सौंदर्य
Explanation
गद्यांश कहता है कि मणिपुर प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक समृद्धि से भरा राज्य है, इसलिए हर कोई यहाँ आना चाहता है; विकल्पों में प्राकृतिक सौंदर्य ही सही है।
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भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
संगाई महोत्सव के आयोजन से ____________ को भी लाभ मिलता है ।
Aअर्थव्यवस्था
Bसांस्कृतिक उत्सव
Cविदेशी पर्यटन
Dप्राकृतिक सौंदर्य
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Correct answer: (A) अर्थव्यवस्था
Explanation
गद्यांश के अनुसार ऐसे आयोजनों से संस्कृति समृद्ध होती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी ताकत मिलती है; ये निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं।
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भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
पहले और अब के महोत्सव के आयोजन में मूल अंतर क्या है ?
Aपहले मणिपुर में, अब दक्षिण भारत में
Bपहले इंफाल में, अब पूरे उत्तर-पूर्व में
Cपहले केवल इंफाल में, अब पूरे राज्य में
Dपहले मणिपुर में, अब उत्तर भारत में
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Correct answer: (C) पहले केवल इंफाल में, अब पूरे राज्य में
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया।
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भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
‘महोत्सव’ का संधि-विच्छेद है :
Aमह + उत्सव
Bमहो + त्सव
Cमहा + उत्सव
Dमहान + उत्सव
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Correct answer: (C) महा + उत्सव
Explanation
महा + उत्सव = महोत्सव; यहाँ आ + उ मिलकर "ओ" बनता है, जो गुण स्वर संधि है।
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भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
‘इत’ प्रत्यय का उदाहरण है :
Aप्रकृति
Bसांस्कृतिक
Cसंस्कृति
Dआकर्षित
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Correct answer: (D) आकर्षित
Explanation
"आकर्षण/आकर्ष" + "इत" = आकर्षित; "सांस्कृतिक" में "इक" प्रत्यय है, जबकि प्रकृति और संस्कृति मूल शब्द हैं।
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भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है । इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है । मणिपुर में ‘संगाई महोत्सव’ आयोजित किया गया । मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है । ‘संगाई महोत्सव’ जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं । इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है । यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है । जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है ।
गद्यांश में किसकी क्षमता के सामने आने की बात की गई है ?
Aस्थानीय कलाओं की
Bमहोत्सव की
Cमणिपुर की
Dसांस्कृतिक समृद्धि की
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Correct answer: (B) महोत्सव की
Explanation
अंतिम वाक्य में कहा गया है कि जब ऐसे आयोजनों (महोत्सव) को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से जोड़ा जाता है, तभी "इसकी" यानी महोत्सव की पूरी क्षमता सामने आती है।
छोटे बच्चों के लिए पाठ योजना बनाते समय अध्यापिका ने समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) विधि पर ध्यान केन्द्रित करने का निर्णय लिया । पाठ में समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) शामिल करने के लिए अध्यापिका को निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए ?
Aगतिविधि न करवा कर प्रश्न पूछे जाएँ और उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए ।
Bकक्षा में कुछ शारीरिक गतिविधियाँ करनी चाहिए ।
Cऐसी गतिविधियाँ करवाएँ जो अपनी-अपनी सीट पर बैठे-बैठे हो सकें और जोड़ों या समूह में काम करने के मौके दें ।
Dकक्षा में कुछ श्रवण संबंधी गतिविधियाँ करवायी जाएँ ।
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Correct answer: (B) कक्षा में कुछ शारीरिक गतिविधियाँ करनी चाहिए ।
Explanation
टीपीआर (जेम्स आशर) में बच्चे भाषा के निर्देश सुनकर शरीर से क्रिया करते हैं, जैसे "खड़े हो जाओ", "दरवाज़ा छुओ"; इसलिए कक्षा में शारीरिक गतिविधियाँ करवानी चाहिए।
एक अध्यापक कक्षा V के शिक्षार्थियों को मुक्त लेखन कार्य देने की योजना बना रहा है । अधिकांश अध्यापकों द्वारा निम्नलिखित में से किस बात पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए ?
Aशिक्षार्थियों की लिखावट
Bविषय-वस्तु की सटीकता
Cविषय-वस्तु में प्रवाहता
Dप्रवाह और सटीकता दोनों पर ही ध्यान देना चाहिए
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Correct answer: (C) विषय-वस्तु में प्रवाहता
Explanation
मुक्त लेखन का उद्देश्य बच्चों को बिना रुकावट के अपने विचार लिखने देना है, इसलिए इसमें शुद्धता से अधिक विचारों के प्रवाह (प्रवाहता) पर ध्यान दिया जाता है।
भाषा अध्यापक का प्राथमिक दायित्व क्या होना चाहिए ?
Aशिक्षार्थियों को निर्देश देना
Bशिक्षार्थी की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना
Cशिक्षण के लिए उपयुक्त विषय-वस्तु का चयन करना
Dशिक्षार्थियों के विभिन्न वर्ग समूह बनाना
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Correct answer: (B) शिक्षार्थी की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना
Explanation
भाषा का मुख्य उद्देश्य संप्रेषण है, इसलिए भाषा अध्यापक को सबसे पहले यह पहचानना चाहिए कि शिक्षार्थी को किन स्थितियों में और किस तरह की भाषा की ज़रूरत है; बाकी काम इसी पर आधारित होते हैं।
How to use these CTET Hindi questions
Every question here was asked in a real CTET paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full CTET papers as timed tests to check your speed under exam conditions.