450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) : शिक्षार्थी भाषा अर्जित करते हैं क्योंकि वे ऐसा करने के लिए आनुवंशिक रूप से पूर्वानुकूलित होते हैं और ऐसे में परिवेश की कोई भूमिका नहीं होती है ।
तर्क (R) : भाषा अर्जन में शिक्षार्थी-केन्द्रित कक्षायी परिवेश का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है ।
A(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
B(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
C(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
D(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
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Correct answer: (A) (A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
Explanation
बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है, पर यह कहना ग़लत है कि परिवेश की कोई भूमिका नहीं; इसलिए (A) ग़लत है। समृद्ध, शिक्षार्थी-केन्द्रित परिवेश भाषा अर्जन को बहुत प्रभावित करता है, अतः (R) सही है।
एक माँ ने कक्षा II की अध्यापिका से पूछा कि मैंने इस बात पर ध्यान दिया है कि मेरी बच्ची कभी-कभी ऐसे शब्द बोल जाती है जो उसने कभी अपने वयस्कों या भाई-बहनों से नहीं सुने हैं । यह कैसे संभव है ?
इस प्रश्न का निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त उत्तर क्या है ?
Aरचनावादी उपागम के अनुसार, बच्चे नई भाषाएँ आविष्कृत करते हैं ।
Bबच्चे भाषा केवल अपने वयस्कों के अनुकरण से ही सीखते हैं ।
Cमनुष्य का मस्तिष्क भाषा सीखने के लिए सहज रूप से अनुकूलित है ।
Dबच्चे भाषा तभी सीखते हैं जब हम बच्चे के भाषायी विकास पर पुनर्बलन देते हैं ।
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Correct answer: (C) मनुष्य का मस्तिष्क भाषा सीखने के लिए सहज रूप से अनुकूलित है ।
Explanation
चॉम्स्की के अनुसार मनुष्य के मस्तिष्क में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता (LAD) होती है, इसलिए बच्चे बिना सुने भी नए शब्द और वाक्य बना लेते हैं।
प्रारंभिक साक्षरता को सुसाध्य बनाने की एक युक्ति है, जिसमें एक वयस्क और एक बालिका दोनों साथ-साथ एक पुस्तक देख रहे हैं, वयस्क प्रश्न पूछता है और आपसी संवाद को प्रोत्साहित करता है । फिर दोनों की भूमिका बदलती है, बालिका वयस्क से प्रश्न पूछती है । यह युक्ति क्या कहलाती है ?
Aकथा वाचन
Bमॉडल पठन
Cसाझा पठन
Dसंभाषिक पठन
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Correct answer: (D) संभाषिक पठन
Explanation
संभाषिक (डायलॉजिक) पठन में वयस्क और बच्चा किताब पढ़ते हुए एक-दूसरे से प्रश्न पूछकर बातचीत करते हैं और बच्चा धीरे-धीरे कहानी सुनाने वाले की भूमिका में आ जाता है।
एक अध्यापक शिक्षार्थियों के भाषा के श्रवण कौशलों का विकास कैसे कर सकता है ?
Aशिक्षार्थियों को वह सब सुनने के लिए कहना जिसे वे निष्क्रिय होकर सुनते हैं ।
Bशिक्षार्थियों से कक्षा में और कक्षा के बाहर सतत रूप से बात करके ।
Cअन्य भाषिक कौशलों को सम्बद्ध किए बिना केवल श्रवण कौशलों पर ध्यान केन्द्रित करना ।
Dशिक्षार्थियों के लिए ऐसे अवसर सृजित करना जिनमें वे तरह-तरह के भाषा स्रोतों और लोगों से सुन सकें और अन्य श्रवण संबंधी गतिविधियों में संलग्न हो सकें ।
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Correct answer: (D) शिक्षार्थियों के लिए ऐसे अवसर सृजित करना जिनमें वे तरह-तरह के भाषा स्रोतों और लोगों से सुन सकें और अन्य श्रवण संबंधी गतिविधियों में संलग्न हो सकें ।
Explanation
श्रवण कौशल तब विकसित होता है जब बच्चे विविध स्रोतों (कहानी, रेडियो, बातचीत, अलग-अलग लोग) को सक्रिय होकर सुनें और श्रवण गतिविधियों में भाग लें।
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) : प्राथमिक स्तर पर भाषा में सटीकता बहुत ही महत्त्वपूर्ण है ।
तर्क (R) : व्याकरण प्राथमिक स्तर की पाठ्यचर्या का अभिन्न अंग है ।
A(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
B(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
C(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
D(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
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Correct answer: (A) (A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
Explanation
प्राथमिक स्तर पर बच्चों की अभिव्यक्ति और प्रवाह पर ज़ोर होता है, सटीकता पर अधिक बल देना उचित नहीं; इसलिए (A) ग़लत है। व्याकरण भाषा पाठ्यचर्या का अंग है, पर इसे संदर्भ में स्वाभाविक रूप से सिखाया जाता है, इसलिए (R) को सही माना गया है।
भाषा, भाषा अधिगम की प्रकृति और शिक्षण-शास्त्रीय व्यवस्थाओं में दोनों की अनुप्रयोगिता के बारे में सैद्धान्तिक स्थितियों एवं मतों को क्या कह सकते हैं ?
Aयुक्ति (टेकनीक)
Bपाठ्यक्रम
Cविषय-वस्तु
Dउपागम
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Correct answer: (D) उपागम
Explanation
एडवर्ड एंथनी के अनुसार उपागम (एप्रोच) भाषा और भाषा सीखने की प्रकृति के बारे में सैद्धान्तिक मान्यताओं का समूह है, जबकि विधि और युक्ति इसके व्यावहारिक रूप हैं।
Dकोर्स में एक पूर्वनिर्धारित या विशेष चरण में किया जाता है ।
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Correct answer: (C) अधिगम में हो रहे विकास और सुधार से संबंधित है ।
Explanation
रचनात्मक मूल्यांकन पढ़ाई के दौरान लगातार होता है और इसका उद्देश्य बच्चे के सीखने में हो रही प्रगति को जानकर उसमें सुधार करना है।
Q61CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि एआई ऐसी होनी चाहिए जो :
Aमानवीय क्षमताओं को कम करे।
Bमानवीय गुणों का संस्कार दे।
Cकम समय में अधिक कार्य करे।
Dबिना बुद्धि के सारे जवाब दे दे।
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Correct answer: (B) मानवीय गुणों का संस्कार दे।
Explanation
गद्यांश के अंत में कहा गया है कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो। इंसानियत फैलाना यानी मानवीय गुणों का संस्कार देना, इसलिए विकल्प (2) सही है।
Q62CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aपढ़ाई - लिखाई
Bरात - दिन
Cकंकड़ - पत्थर
Dचाय - वाय
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Correct answer: (D) चाय - वाय
Explanation
‘पढ़ाई-लिखाई’, ‘रात-दिन’ और ‘कंकड़-पत्थर’ में दोनों शब्द सार्थक हैं, जबकि ‘चाय-वाय’ में ‘वाय’ निरर्थक (अनुकरणात्मक) शब्द है। इसलिए ‘चाय-वाय’ समूह से भिन्न है।
Q63CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
‘मानवीय’ शब्द में प्रत्यय है :
Aवीय
Bय
Cईय
Dइय
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Correct answer: (C) ईय
Explanation
‘मानवीय’ = मानव + ईय। यहाँ मूल शब्द ‘मानव’ में ‘ईय’ प्रत्यय जुड़ा है (जैसे भारत + ईय = भारतीय)।
Q64CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
एआई शारीरिक श्रम से जुड़े कार्यों पर संभवतः सबसे कम प्रभाव डाले। इससे कौन-सा कार्य प्रभावित नहीं होगा?
Aचिकित्सा
Bशिक्षण
Cखेती-बाड़ी
Dआविष्कार
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Correct answer: (C) खेती-बाड़ी
Explanation
गद्यांश के अनुसार एआई का सबसे कम असर शारीरिक श्रम वाले कामों पर पड़ेगा। विकल्पों में खेती-बाड़ी ही शारीरिक श्रम से जुड़ा कार्य है, इसलिए वह प्रभावित नहीं होगा।
Q65CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
एआई को जन्म देने वाला कारक है :
Aआवश्यकता
Bतकनीक
Cसभ्यता
Dमानव
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Correct answer: (D) मानव
Explanation
गद्यांश में लिखा है — ‘‘अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है।’’ अतः एआई को जन्म देने वाला मानव है।
Q66CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
‘एआई’ का अर्थ है :
Aएपल इंटेलीजेंस
Bआर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
Cआर्टिफिशियल इंस्टीट्यूट
Dएपल इंस्टीट्यूशन
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Correct answer: (B) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
Explanation
एआई (AI) का पूरा रूप आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है, जिसे हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहते हैं। गद्यांश में इसे ‘नकली बुद्धिमता’ कहा गया है।
Q67CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
एआई से शिक्षा जगत भी प्रभावित होगा। यह प्रभाव :
Aनकारात्मक होगा
Bशून्य होगा
Cसकारात्मक होगा
Dअधिक होगा
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Correct answer: (A) नकारात्मक होगा
Explanation
गद्यांश में चिंता जताई गई है कि चैट जीपीटी के बाद पढ़ाई और इम्तहान का ऐसा तरीका चाहिए जो बिना एआई के बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके। यानी शिक्षा जगत पर इसका प्रभाव नकारात्मक माना गया है।
Q68CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की जरूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताजा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की जरूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।
यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नजर जरूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।
चिकित्सा से जुड़े कार्य करने में एआई भविष्य में क्या सहयोग करेगा?
Aडॉक्टरों को जॉब देगा।
Bकेस हिस्ट्री बना देगा।
Cअस्पतालों की संख्या कम कर देगा।
Dअस्पतालों की संख्या बहुत बढ़ा देगा।
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Correct answer: (B) केस हिस्ट्री बना देगा।
Explanation
गद्यांश के अनुसार ‘‘आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी’’ और लक्षण समझकर प्रिस्क्रिप्शन दिया जाएगा। विकल्पों में से एआई का सहयोग केस हिस्ट्री बनाना है।
Q69CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
जीवन के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है :
Aयोग के माध्यम से प्राणायाम करना।
Bप्राण के माध्यम से योग करना।
Cप्राण और शरीर का दीर्घायु होना।
Dप्राण और शरीर का सामंजस्य।
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Correct answer: (D) प्राण और शरीर का सामंजस्य।
Explanation
गद्यांश प्राण और शरीर के बेहतर तालमेल पर बल देता है; प्राण के असंतुलन को ही बीमारी कहा गया है। अतः जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राण और शरीर का सामंजस्य है।
Q70CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
विशेषण शब्द का उदाहरण नहीं है :
Aसंतुलित
Bस्वस्थ
Cस्वास्थ्य
Dव्यवस्थित
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Correct answer: (C) स्वास्थ्य
Explanation
‘संतुलित’, ‘स्वस्थ’ और ‘व्यवस्थित’ किसी की विशेषता बताते हैं, इसलिए विशेषण हैं। ‘स्वास्थ्य’ भाववाचक संज्ञा है (स्वस्थ + य), विशेषण नहीं।
Q71CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
प्राण वायु को सशक्त बनाने के अभ्यास _________ में है।
Aशिक्षा
Bयोग
Cचिकित्सक
Dशिक्षक
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Correct answer: (B) योग
Explanation
गद्यांश में लिखा है — ‘‘योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं।’’ इसलिए रिक्त स्थान में ‘योग’ आएगा।
Q72CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
प्राण वायु शरीर के हर अंग में संतुलित और _________ होकर बहती है।
Aव्यवस्थित
Bअव्यवस्थित
Cउत्तेजित
Dमंद-मंद
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Correct answer: (A) व्यवस्थित
Explanation
गद्यांश के अनुसार प्राण शरीर के हर अंग की तरफ ‘‘संतुलित और व्यवस्थित होकर’’ बहे। इसलिए सही शब्द ‘व्यवस्थित’ है।
Q73CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
रोग का कारण है :
Aप्राण वायु का बहुत अधिक बढ़ जाना
Bप्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन
Cयोग के माध्यम से शारीरिक शक्ति घटाना
Dअपने शरीर की उचित देखभाल न करना
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Correct answer: (B) प्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन
Explanation
गद्यांश कहता है कि बीमारी और कुछ नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना है। अतः रोग का कारण प्राण वायु का अंग विशेष में असंतुलन है।
Q74CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
अच्छे स्वास्थ्य का संबंध _________ से है।
Aअच्छे शरीर
Bप्राण वायु
Cयोगाभ्यास
Dबीमारियों के अभाव
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Correct answer: (B) प्राण वायु
Explanation
गद्यांश के अनुसार स्वास्थ्य का अर्थ ही प्राण का समुचित तरीके से सभी अंगों की तरफ बहना है। इसलिए अच्छे स्वास्थ्य का संबंध प्राण वायु से है।
Q75CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न उठता है कि प्राण का शरीर के साथ बेहतर तालमेल कैसे बैठाकर रखा जाए। ऐसा क्या करें कि प्राण शरीर के हर अंग की तरफ संतुलित और व्यवस्थित होकर बहे। देखा जाए तो बीमारी और कुछ भी नहीं, बल्कि प्राण का उस अंग विशेष में असंतुलित हो जाना ही है। स्वास्थ्य का अर्थ ही होता है - प्राण का समुचित तरीके से समस्त अंगों की तरफ बहना। योग में इस प्राण को बल देने के लिए अनेक अभ्यास हैं। इनके जरिए हम अपने प्राण को रोज बल दे सकते हैं और शरीर में होने वाली बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। यह प्राण केवल हमारे शरीर की ही संभाल नहीं करता, यह मन, बुद्धि आदि प्रत्येक आयाम को जीवन देता रहता है।
‘बुद्धि’ में ‘इक’ प्रत्यय लगने पर शब्द बनेगा :
Aबुद्धिक
Bबौद्धिक
Cबोद्धिक
Dबौद्धीक
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Correct answer: (B) बौद्धिक
Explanation
‘इक’ प्रत्यय लगने पर पहले स्वर ‘उ’ की वृद्धि होकर ‘औ’ हो जाता है: बुद्धि + इक = बौद्धिक (जैसे धर्म + इक = धार्मिक)।
Q76CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित में से कौन-सी विधि भाषा अधिगम के लिए ड्रिल और ‘भाषा के औपचारिक गुणधर्म में निपुणता’ को आवश्यक रूप की तरह अनुशंसा करती है?
Aश्रव्य भाषावाद
Bसम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
Cव्याकरण अनुवाद विधि
Dकुल भौतिक प्रतिक्रिया
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Correct answer: (A) श्रव्य भाषावाद
Explanation
श्रव्य-भाषिक (ऑडियो-लिंगुअल) विधि व्यवहारवाद पर आधारित है। इसमें बार-बार ड्रिल, अनुकरण और भाषा के औपचारिक ढाँचों (संरचनाओं) में निपुणता पर ज़ोर दिया जाता है।
Q77CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
कक्षा सात का विद्यार्थी ऐलम कन्नड़, मराठी, हिंदी और अंग्रेजी चार भाषाएँ जानता है। घर में जब वह अपने माता-पिता के साथ बात करता है तो प्रवाह के साथ चारों भाषाएँ बोलता है और विद्यालय में वह हिंदी, कन्नड़ तथा अंग्रेजी बोलता है क्योंकि उसके मित्र व अध्यापकों को यही भाषाएँ आती हैं। इस स्थिति को किस रूप में जाना जाएगा?
ऐलम परिस्थिति के अनुसार कई भाषाओं का सहज रूप से मिलाकर और बदलकर प्रयोग करता है। एक से अधिक भाषाओं को एक साथ संसाधन की तरह इस्तेमाल करने की यह योग्यता परभाषिक (ट्रांसलिंग्युल) योग्यता कहलाती है।
Q78CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
भाषा अधिगम के बारे में कौन-सा कथन सही है?
Aसहजात/प्रथम भाषा का ज्ञान द्वितीय भाषा के अधिगम में अवरोध डालता है।
Bसहजात/प्रथम भाषा के ज्ञान का द्वितीय भाषा अधिगम से कोई लेना-देना नहीं है।
Cसहजात/प्रथम भाषा का ज्ञान द्वितीय भाषा के अधिगम को समर्थित करता है।
Dप्रथम भाषा अधिगम और द्वितीय भाषा दोनों पूरी तरह से अलग-अलग हैं।
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Correct answer: (C) सहजात/प्रथम भाषा का ज्ञान द्वितीय भाषा के अधिगम को समर्थित करता है।
Explanation
पहली भाषा का ज्ञान दूसरी भाषा सीखने में बाधा नहीं, बल्कि सहारा होता है। बच्चा पहली भाषा की समझ और कौशल का उपयोग दूसरी भाषा सीखने में करता है (बहुभाषिकता को संसाधन मानना)।
Q79CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
कक्षा छह की अध्यापिका शब्दावली समृद्ध करने के लिए चम्मच, प्लेट, डिब्बे, परात कक्षा में लेकर आती है। इन्हें दिखाकर वह रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं का विवरण लिखना चाहती है। भाषा शिक्षण के संदर्भ में इन वस्तुओं को क्या कहेंगे?
Aशिक्षण सामग्री
Bवास्तविक वस्तुएँ (रीयलिया)
Cखाना पकाने के बर्तन
Dवास्तविक जीवन के कार्य
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Correct answer: (B) वास्तविक वस्तुएँ (रीयलिया)
Explanation
कक्षा में भाषा सिखाने के लिए लाई गई असली, रोज़मर्रा की वस्तुओं (चम्मच, प्लेट आदि) को ‘रीयलिया’ यानी वास्तविक वस्तुएँ कहा जाता है। ये शब्दों को ठोस अनुभव से जोड़ती हैं।
Q80CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
घोषणात्मक ज्ञान क्या है?
Aकिसी भाषा के शब्द का उच्चारण करना जानना।
Bव्याकरणिक तत्वों के बारे में ज्ञान।
Cव्याकरणिक तत्वों में त्रुटि की पहचान करना सीखना।
Dकिसी व्याकरणिक तत्व पर कैसे कार्य किया जाए, यह जानना।
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Correct answer: (B) व्याकरणिक तत्वों के बारे में ज्ञान।
Explanation
घोषणात्मक ज्ञान ‘किसके बारे में जानना’ है, जैसे व्याकरण के नियमों और तत्वों की जानकारी। किसी तत्व का प्रयोग कैसे करें, यह जानना प्रक्रियात्मक ज्ञान है।
Q81CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
यहाँ एक ऐसी स्थिति दी जा रही है जहाँ विद्यार्थियों को विषय के प्रति समझ बनाने के लिए विषय के विपरीत वाले दृष्टिकोण से परिचित करवाया जाता है। इस प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थियों में किसके विकास का प्रयास किया जा रहा है?
Aसमालोचनात्मक विश्लेषण
Bप्रक्रिया आधारित शिक्षणशास्त्र
Cसमालोचनात्मक साक्षरता
Dसाक्षरता विकास
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Correct answer: (C) समालोचनात्मक साक्षरता
Explanation
विद्यार्थियों को किसी विषय के विरोधी दृष्टिकोण से परिचित कराना उन्हें पाठ पर प्रश्न उठाने, उसके पीछे के विचार और पक्ष को परखने के योग्य बनाता है। इसे समालोचनात्मक साक्षरता कहते हैं।
Q82CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
‘परभाषा व्यवहार’ (ट्रान्सलैंग्युजिंग) क्या है?
Aभाषाओं के शिक्षण अधिगम के दौरान एक भाषा से दूसरी भाषा में व्यवहार करने से संबंधित है।
Bभाषाएँ किस तरह से एक समय अवधि के दौरान अपना रूप बदलती हैं।
Cएक कक्षा में एक से अधिक भाषाओं को संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की शिक्षण शास्त्रीय प्रक्रिया है।
Dविद्यालय में कितनी भाषाएँ पढ़ानी चाहिए इस मुद्दे पर ‘शिक्षा नीति में भाषा’ है।
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Correct answer: (C) एक कक्षा में एक से अधिक भाषाओं को संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की शिक्षण शास्त्रीय प्रक्रिया है।
Explanation
परभाषा व्यवहार (ट्रान्सलैंग्युजिंग) वह शिक्षण प्रक्रिया है जिसमें कक्षा में बच्चों की सभी भाषाओं को सीखने के संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
Q83CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रियाएँ भाषा को अच्छी तरह से लिखना सीखने में शामिल है?
Aमानस मंथन - रूपरेखा तैयार करना - प्रारूपण - मुख्य बिन्दु नोट करना - संपादन - अन्तिम स्वरूप देना
Bमानस मंथन - मुख्य बिन्दु नोट करना - प्रारूप लिखना - रूपरेखा तैयार करना - संपादन - अन्तिम स्वरूप देना
Cमानस मंथन - मुख्य बिन्दु नोट करना - प्रारूप लिखना - संपादन - रूपरेखा तैयार करना - अन्तिम स्वरूप देना
Dमानस मंथन - मुख्य बिन्दु नोट करना - रूपरेखा तैयार करना - प्रारूप लिखना - संपादन - अन्तिम स्वरूप देना
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Correct answer: (D) मानस मंथन - मुख्य बिन्दु नोट करना - रूपरेखा तैयार करना - प्रारूप लिखना - संपादन - अन्तिम स्वरूप देना
Explanation
अच्छे लेखन का क्रम है: पहले विचार-मंथन, फिर मुख्य बिन्दु नोट करना, उनसे रूपरेखा बनाना, फिर प्रारूप (ड्राफ्ट) लिखना, उसका संपादन करना और अंत में अन्तिम स्वरूप देना। यह क्रम विकल्प (4) में है।
Q84CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
सामाजिक विज्ञान की कक्षा में शिक्षार्थी कक्षा में दिए जा रहे वक्तव्य से मुख्य बिन्दु समझने की कोशिश कर रहे हैं और मुख्य बिन्दु लिख रहे हैं। इस कौशल को क्या कहेंगे?
Aअध्ययन कौशल
Bश्रवण कौशल
Cलेखन कौशल
Dसंज्ञानात्मक कौशल
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Correct answer: (A) अध्ययन कौशल
Explanation
वक्तव्य सुनकर मुख्य बिन्दु समझना और उन्हें लिखना (नोट लेना) अध्ययन कौशल का हिस्सा है, क्योंकि इसमें सुनना, समझना और लिखना तीनों मिलकर पढ़ाई में मदद करते हैं।
Q85CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
नीचे दिए गए प्रश्न को पढ़ें। पता करें कि यह प्रश्न किस प्रारूप (टाइपोलोजी) का है?
“छोटी बालिका की कहानी पढ़ने के बाद, आपने उसके दुखों और कठिनाइयों का सामने करने वाले साहस को महसूस किया। आप उस लड़की को उसकी प्रशंसा के लिए पत्र लिखना चाहेंगे। लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।”
Aअभिव्यक्तिपरक प्रश्न
Bदीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Cपाठ का विस्तार करने वाला प्रश्न (एक्स्ट्रापोलेटिव)
Dविमर्श संबंधी प्रश्न
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Correct answer: (C) पाठ का विस्तार करने वाला प्रश्न (एक्स्ट्रापोलेटिव)
Explanation
यह प्रश्न पाठ में दी गई बात से आगे जाकर बच्चे से नई स्थिति में सोचने और लिखने (लड़की को पत्र लिखना) को कहता है। ऐसे प्रश्न पाठ का विस्तार करने वाले (एक्स्ट्रापोलेटिव) प्रश्न कहलाते हैं।
Q86CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
कक्षा आठ की अध्यापिका एक पाठ्य सामग्री के पाँच वाक्यों को दो बार अंग्रेजी में पढ़ती है और शिक्षार्थियों को ध्यानपूर्वक सुनने के लिए कहती है। इसके बाद वह शिक्षार्थियों को चार-चार के समूह में काम करने के लिए कहती है कि वे पढ़ी गई पाठ्य सामग्री का पुनर्लेखन करें जो एकदम मूल जैसा ना हो। इस गतिविधि को क्या कहेंगे?
Aलेखन कार्य
Bअनुच्छेद श्रुतलेख
Cसामूहिक श्रुतलेख
Dश्रवण कार्य
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Correct answer: (B) अनुच्छेद श्रुतलेख
Explanation
Note: the official key accepts both (2) and (3). यह गतिविधि ‘डिक्टोग्लॉस’ है: शिक्षक छोटा पाठ पढ़ता है और बच्चे समूह में मिलकर उसे मूल के निकट दोबारा लिखते हैं। इसे अनुच्छेद श्रुतलेख भी कह सकते हैं और समूह में होने के कारण सामूहिक श्रुतलेख भी, इसलिए दोनों मान्य हैं।
Q87CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
यह अकादमिक भाषा या विभिन्न प्रकार के विषयों के लिए आवश्यक भाषा में निपुणता से संबंधित है :
Aअंतरभाषा निपुणता
Bबुनियादी अंतरवैयक्तिक सम्प्रेषण कौशल (BICS)
Cसम्प्रेषणात्मक भाषा निपुणता
Dसंज्ञानात्मक अकादमिक भाषा निपुणता (CALP)
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Correct answer: (D) संज्ञानात्मक अकादमिक भाषा निपुणता (CALP)
Explanation
कमिन्स के अनुसार विभिन्न विषयों को पढ़ने-समझने के लिए जरूरी शैक्षिक भाषा की निपुणता को संज्ञानात्मक अकादमिक भाषा निपुणता (CALP) कहते हैं, जबकि BICS रोज़मर्रा की बातचीत की भाषा है।
Q88CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
भाषा शिक्षा पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है?
Aत्रिभाषा सूत्र के अन्तर्गत शास्त्रीय भाषा का अध्ययन।
Bत्रिभाषा सूत्र के अन्तर्गत मातृभाषा/घर की भाषा का अध्ययन।
Cत्रिभाषा सूत्र के अन्तर्गत भारतीय भाषाओं का अध्ययन।
Dत्रिभाषा सूत्र के अन्तर्गत भाषा के रूप में अंग्रेजी भाषा का अध्ययन।
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Correct answer: (A) त्रिभाषा सूत्र के अन्तर्गत शास्त्रीय भाषा का अध्ययन।
Explanation
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के त्रिभाषा सूत्र में मातृभाषा/घर की भाषा, भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी का अध्ययन शामिल है। शास्त्रीय भाषा को विकल्प के रूप में पढ़ने का अवसर दिया गया है, उसे त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत नहीं रखा गया है, इसलिए कथन (1) सही नहीं है।
Q89CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
निम्नलिखित में से त्रिभाषा सूत्र के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
Aसभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा अंग्रेजी माध्यम/घर की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
Bसभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा अपने राज्य की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
Cसभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा राज्य भाषा हिंदी में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
Dसभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
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Correct answer: (D) सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
Explanation
त्रिभाषा सूत्र और NEP 2020 के अनुसार बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में होनी चाहिए और वे आगे चलकर कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं। इसलिए विकल्प (4) सही है।
Q90CTET January 2024 Paper 2 Maths & Science, 21 Jan 2024
अधिगम प्रतिफल शिक्षार्थियों को समर्थ बनाते हैं -
Aव्याकरणिक ज्ञान को मापन के संदर्भ में प्राप्त करना
Bदक्षताओं को मापन के संदर्भ में प्राप्त करना
Cसभी कौशलों के अधिगम के न्यूनतम स्तरों को प्राप्त करना
Dभाषागत तथ्यों को मापन के संदर्भ में प्राप्त करना
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Correct answer: (B) दक्षताओं को मापन के संदर्भ में प्राप्त करना
Explanation
अधिगम प्रतिफल बताते हैं कि किसी कक्षा के अंत तक बच्चे कौन-सी दक्षताएँ प्राप्त करें, और इन्हें मापा जा सके। इसलिए ये शिक्षार्थियों को मापन योग्य दक्षताएँ प्राप्त करने में समर्थ बनाते हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
भारत की नदियों में जल कम होता जा रहा है। इसका कारण है :
Aग्लेशियरों का न पिघलना
Bग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना
Cग्लेशियरों के क्षेत्रफल में कमी आना
Dग्लेशियरों के क्षेत्रफल में वृद्धि होना
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Correct answer: (B) ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना
Explanation
गद्यांश के अनुसार गंगोत्री जैसे ग्लेशियर तेज़ी से पिघलकर छोटे हो रहे हैं, जिससे गंगा, यमुना जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। इसलिए कारण है ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
गंगा के किनारे बसे लोगों की आबादी लगभग है :
A87 करोड़
B30 करोड़
C40 करोड़
D96 करोड़
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Correct answer: (C) 40 करोड़
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि गंगा के किनारे बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की ज़रूरतें गंगा पूरी करती है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। वाक्य में रेखांकित पद हैं : (रेखांकित शब्द: धीरे-धीरे)
Aविशेषण
Bक्रिया
Cक्रिया विशेषण
Dप्रविशेषण
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Correct answer: (C) क्रिया विशेषण
Explanation
"धीरे-धीरे" बताता है कि पानी कम होने की क्रिया कैसे हो रही है। क्रिया की रीति बताने वाला शब्द रीतिवाचक क्रिया विशेषण होता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
गद्यांश में किस संकट की बात की गई है?
Aखाद्य संकट
Bरोज़गार संकट
Cजल संकट
Dपर्यावरण संकट
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Correct answer: (C) जल संकट
Explanation
पूरा गद्यांश नदियों और ग्लेशियरों के घटते पानी तथा 2050 तक भारत में आने वाले पानी के संकट के बारे में है, अर्थात जल संकट।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
अल नीनो का प्रभाव पड़ता है :
Aजलवायु पर
Bजल स्रोतों पर
Cमानसून पर
Dमानव पर
Show answerHide answer
Correct answer: (C) मानसून पर
Explanation
गद्यांश की पहली पंक्ति में बताया गया है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। अतः इसका प्रभाव मानसून पर पड़ता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
‘इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है।’ वाक्य में रेखांकित पद है : (रेखांकित शब्द: पौने दो किलोमीटर)
Aसंख्यावाचक विशेषण
Bपरिमाणवाचक विशेषण
Cगुणवाचक विशेषण
Dसार्वनामिक विशेषण
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Correct answer: (B) परिमाणवाचक विशेषण
Explanation
"पौने दो किलोमीटर" किसी वस्तु की मात्रा या माप (लंबाई) बताता है, गिनती नहीं। माप-तौल बताने वाला विशेषण परिमाणवाचक विशेषण कहलाता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
गद्यांश के अनुसार 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट आनेवाला है :
Aअमेरिका में
Bभारत में
Cसंयुक्त अरब अमीरात में
Dपाकिस्तान में
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Correct answer: (B) भारत में
Explanation
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के हवाले से गद्यांश कहता है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
‘पर्यावरण’ में उपसर्ग और मूल शब्द हैं :
Aपर्या + आवरण
Bपरि + अवरण
Cपरि + आवरण
Dपर + आवरण
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Correct answer: (C) परि + आवरण
Explanation
"पर्यावरण" = परि (उपसर्ग) + आवरण (मूल शब्द)। परि + आ मिलकर यण संधि से "पर्या" बनता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
इस संसार में कुछ भी __________ नहीं है।
Aअपूर्ण
Bपूर्ण
Cस्थायी
Dअस्थायी
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Correct answer: (C) स्थायी
Explanation
गद्यांश की पहली पंक्ति है: "इस संसार में सब कुछ अस्थायी है।" यानी यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
पाप और पुण्य दोनों __________ हैं।
Aस्थायी
Bअस्थायी
Cस्वाभाविक
Dहानिकारक
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Correct answer: (B) अस्थायी
Explanation
गद्यांश के अनुसार पाप और पुण्य दोनों इस संसार से जुड़े हैं, इसलिए दोनों अस्थायी हैं।
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