450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
पुण्य में उसके फल को :
Aहम स्वीकार नहीं भी कर सकते
Bहम स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं
Cकिसी दूसरे के लिए उपयोग में ला सकते हैं
Dप्राप्त करना बहुत श्रमसाध्य है
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Correct answer: (A) हम स्वीकार नहीं भी कर सकते
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि यदि हम पुण्य का फल नहीं चाहते तो उसे अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं, अर्थात हम उसे स्वीकार न भी करें।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
गद्यांश के अनुसार पाप और पुण्य :
Aदोनों में स्वतंत्रता है।
Bदोनों में फल की इच्छा रहती है।
Cदोनों से मुक्ति अनिवार्य है।
Dदोनों में बंधन है।
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Correct answer: (D) दोनों में बंधन है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार पाप लोहे की और पुण्य सोने की जंजीर है, और "बंधन दोनों में है।"
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
पाप और पुण्य दोनों की तुलना क्रमशः __________ और __________ की जंजीर से की गई है।
Aस्वर्ण, लोहे
Bलोहे, पीतल
Cलोहे, स्वर्ण
Dपीतल, लोहे
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Correct answer: (C) लोहे, स्वर्ण
Explanation
गद्यांश में पाप की तुलना लोहे की जंजीर से और पुण्य की तुलना सोने (स्वर्ण) की जंजीर से की गई है, इसलिए क्रम है: लोहे, स्वर्ण।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aफल
Bस्वतंत्र
Cअस्थायी
Dप्यारा
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Correct answer: (A) फल
Explanation
"स्वतंत्र", "अस्थायी" और "प्यारा" विशेषण शब्द हैं, जबकि "फल" एक संज्ञा है। इसलिए "फल" समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
‘स्वतंत्र’ का विलोम है :
Aगुलाम
Bपरतंत्र
Cदासता
Dपरतंत्रता
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Correct answer: (B) परतंत्र
Explanation
"स्वतंत्र" (विशेषण) का विलोम "परतंत्र" है। "परतंत्रता" संज्ञा है, जो "स्वतंत्रता" का विलोम है।
बुनियादी चरण में आकलन के उपकरण और प्रक्रियाओं की अभिकल्पना इस तरह होनी चाहिए :
Aजिससे जाँचपत्र व परीक्षाएँ शिक्षार्थियों के लिए स्पष्ट व उचित हो सके।
Bजो बच्चे के अधिगम अनुभव का सहज विस्तार बन सकें।
Cशिक्षार्थी की प्रगति का उसके समग्र कक्षा प्रदर्शन के संदर्भ में वर्णन और विश्लेषण किया जाना चाहिए।
Dअध्यापक सभी शिक्षार्थियों की उपलब्धि का आकलन करने के लिए एक ही विधि का प्रयोग कर सकते हैं।
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Correct answer: (B) जो बच्चे के अधिगम अनुभव का सहज विस्तार बन सकें।
Explanation
NCF (बुनियादी चरण) के अनुसार इस चरण में आकलन अलग परीक्षा जैसा न होकर बच्चे के रोज़ के सीखने के अनुभवों का सहज हिस्सा होना चाहिए, जैसे अवलोकन और गतिविधियों के दौरान आकलन।
Aउद्दीपक प्रतिक्रिया संबंध के सिद्धान्त और अनुकरण की प्रक्रिया से संबंधित है।
Bमनुष्य का सहजात उपकरण है जिसके द्वारा वह भाषा में निपुणता प्राप्त करता है।
Cविकास में कोई संबंध नहीं है।
Dउस संस्कृति और समुदायों से घनिष्ठ रूप से संबंधित है जिनमें बच्चे रहते हैं।
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Correct answer: (D) उस संस्कृति और समुदायों से घनिष्ठ रूप से संबंधित है जिनमें बच्चे रहते हैं।
Explanation
वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुसार बच्चे का संज्ञानात्मक विकास और भाषा उस संस्कृति और समुदाय से गहराई से जुड़े होते हैं जिसमें बच्चा रहता है।
कोई भी व्यक्ति किसके द्वारा सर्वाधिक उपयुक्त तरीके से द्वितीय भाषा सीख सकता है?
Aऐसी कक्षा जहाँ आप व्याकरण पर ध्यान केन्द्रित करते हैं और अध्यापक से सहायता प्राप्त करते हैं।
Bअपने समाज में सहजात वाचकों (मूलभाषा बोलने वालों) के सतत सम्पर्क के माध्यम से।
Cश्रव्य भाषिक विधि के अनुसार संवादों को दोहराना और अभ्यास करना।
Dलक्ष्य भाषा के किसी वाचन पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर।
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Correct answer: (B) अपने समाज में सहजात वाचकों (मूलभाषा बोलने वालों) के सतत सम्पर्क के माध्यम से।
Explanation
दूसरी भाषा सबसे स्वाभाविक रूप से तब सीखी जाती है जब सीखने वाला उस भाषा को मूल रूप से बोलने वालों के साथ लगातार वास्तविक संपर्क में रहता है; इससे भरपूर सार्थक भाषा-अनुभव (इनपुट) मिलता है।
“भाषा अधिगम एक गहन प्रक्रिया है जो जन्म के समय से शुरू होती है और जीवन पर्यन्त चलती है।” क्या आप इस कथन से सहमत या असहमत हैं?
Aमैं इस कथन से सहमत हूँ।
Bमैं इस कथन से असहमत हूँ।
Cमैं इस कथन से आंशिक रूप से सहमत हूँ।
Dमैं इस कथन से आंशिक रूप से असहमत हूँ।
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Correct answer: (B) मैं इस कथन से असहमत हूँ।
Explanation
Note: the official key gives (2), "असहमत"; कथन का "जीवन पर्यन्त चलती है" वाला भाग सही लगता है, पर आधिकारिक कुंजी के अनुसार असहमति इसलिए है कि भाषा अधिगम जन्म से नहीं बल्कि जन्म से पहले ही (गर्भ में ध्वनियाँ सुनने से) शुरू हो जाता है। इसलिए "जन्म के समय से शुरू होती है" कहना पूरी तरह सही नहीं है।
कक्षा में छोटे बच्चों के लिए मुद्रित पुस्तकों के साथ-साथ श्रव्य पुस्तकें और छोटे बच्चों की स्पर्शग्राही योग्यताओं का इस्तेमाल करने वाली पुस्तकें होनी चाहिए क्योंकि -
Aकक्षा में विविधता आती है और बच्चों को विविधता बहुत पसंद है।
Bयह अध्यापकों को आकलन के लिए विभिन्न पुस्तकों का प्रयोग करने की स्वायत्तता देती है।
Cविविधता वाले शिक्षार्थियों तक पुस्तकें अधिक सुलभ बनाती है।
Dअध्यापक पर अधिक बोझ नहीं डालती हैं।
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Correct answer: (C) विविधता वाले शिक्षार्थियों तक पुस्तकें अधिक सुलभ बनाती है।
Explanation
श्रव्य पुस्तकें और स्पर्श से पढ़ी जा सकने वाली (जैसे उभरे अक्षरों वाली) पुस्तकें दृष्टिबाधित या अलग-अलग ज़रूरतों वाले बच्चों तक भी पढ़ने की सामग्री पहुँचाती हैं। यह समावेशी शिक्षा का विचार है।
एक अध्यापक ने कक्षा पाँच के विद्यार्थियों को शीघ्रता से एक कहानी पढ़ने और उसके बाद चार चित्रों को क्रम में लगाने के लिए कहा। इस गतिविधि का क्या उद्देश्य है?
Aचित्र कार्डों को क्रम से लगाना।
Bसारांशीकरण के लिए पठन का अभ्यास करवाना।
Cविशिष्ट सूचना जानने के लिए पठन का अभ्यास करवाना।
Dकहानी में आए नए और कठिन शब्दों की पुनरावृत्ति।
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Correct answer: (B) सारांशीकरण के लिए पठन का अभ्यास करवाना।
Explanation
कहानी जल्दी पढ़कर घटनाओं के चित्रों को सही क्रम में लगाने के लिए बच्चे को कहानी का मुख्य सार और घटनाक्रम समझना पड़ता है। इसलिए उद्देश्य सारांशीकरण के लिए पठन का अभ्यास है।
इस प्रकार के पठन के कुछ अधिगम उद्देश्य और कार्य हैं। शिक्षार्थियों से अपेक्षा रहती है कि वे विषयवस्तु को विस्तार से ध्यानपूर्वक और सावधानीपूर्वक पढ़ें, यह है :
Aविस्तृत पठन
Bगहन पठन (इंटैंसिव)
Cनिर्देशित पठन
Dआनन्द के लिए पठन
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Correct answer: (B) गहन पठन (इंटैंसिव)
Explanation
जब पाठ को विस्तार से, ध्यानपूर्वक और सावधानी से पढ़ा जाता है ताकि हर बात समझी जा सके, तो उसे गहन पठन (इंटैंसिव रीडिंग) कहते हैं।
विद्यार्थी अध्यापक द्वारा दिये गए आदर्श वाक्यों को दोहराकर भाषा के प्रतिमान (पैटर्न) सीखते हैं। वे वाक्यों को कंठस्थ कर लेते हैं और सही तरीके से ड्रिल करने पर अपने अध्यापक द्वारा सकारात्मक पुनर्बलन प्राप्त करते हैं। अध्यापक द्वारा क्या किया जा रहा है?
Aश्रव्य भाषिक विधि
Bसम्प्रेषणात्मक उपागम
Cकुल भौतिक प्रतिक्रिया
Dसंरचनात्मक उपागम
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Correct answer: (A) श्रव्य भाषिक विधि
Explanation
आदर्श वाक्यों को दोहराना, कंठस्थ करना, ड्रिल करना और सही उत्तर पर पुनर्बलन देना श्रव्य भाषिक विधि (ऑडियो-लिंगुअल मेथड) की पहचान है, जो व्यवहारवाद पर आधारित है।
शिक्षार्थी व्याकरण के नियम और शब्द संपदा को कंठस्थ कर रहे हैं, अधिकांश कार्य मातृभाषा में हो रहा है। भाषा अध्यापक द्वारा अपनी कक्षा में किस विधि का प्रयोग करना चाहिए?
Aप्रत्यक्ष (डायरेक्ट) विधि
Bप्राकृतिक उपागम
Cसम्प्रेषणात्मक शिक्षण
Dव्याकरण अनुवाद
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Correct answer: (D) व्याकरण अनुवाद
Explanation
व्याकरण के नियम और शब्द रटना तथा ज़्यादातर काम मातृभाषा में करना व्याकरण अनुवाद विधि की विशेषताएँ हैं। अतः कक्षा में इसी विधि का प्रयोग हो रहा है।
यदि बच्चे अपने परिवेश में दो भाषाओं का बोलना सुनते हैं, दो भाषाओं को सुनने के ये अवसर :
Aबच्चों को नुकसान पहुँचाते हैं।
Bबच्चों को लाभ पहुँचाते हैं।
Cकोई प्रभाव नहीं डालते हैं।
Dसमझ में भ्रमित करते हैं।
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Correct answer: (B) बच्चों को लाभ पहुँचाते हैं।
Explanation
परिवेश में दो भाषाएँ सुनने से बच्चे स्वाभाविक रूप से दोनों भाषाएँ सीखते हैं। बहुभाषिकता बच्चों के भाषिक और संज्ञानात्मक विकास के लिए लाभदायक मानी जाती है।
प्राथमिक स्तर पर भाषा कौशल का आकलन करने के लिए भाषा अध्यापक को मुख्यतः किस पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए?
Aवर्णमाला के अक्षरों की पहचान करना।
Bविराम चिन्हों का प्रयोग।
Cउचित गति के साथ पठन।
Dसमझ के साथ पठन।
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Correct answer: (D) समझ के साथ पठन।
Explanation
प्राथमिक स्तर पर पठन का मुख्य उद्देश्य अर्थ समझना है। इसलिए आकलन में सबसे अधिक ध्यान समझ के साथ पठन पर दिया जाना चाहिए, केवल अक्षर पहचान या गति पर नहीं।
पाठ के आरंभ में एक अध्यापक ने अपनी कक्षा के शिक्षार्थियों को समूहों में बाँटा और कहा कि अभी हाल ही में पढ़े गए समाचार पत्र के रूचिकर आलेख के बारे में बात करें। बोलने (वाचन) की यह गतिविधि किसलिए है?
Aमौखिक प्रवाह अभ्यास
Bनियंत्रित मौखिक अभ्यास
Cनिर्देशित मौखिक अभ्यास
Dसक्रिय श्रवण
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Correct answer: (A) मौखिक प्रवाह अभ्यास
Explanation
किसी रोचक लेख पर समूह में खुलकर बात करना बिना नियंत्रण वाली स्वतंत्र बातचीत है, जिसका उद्देश्य मौखिक प्रवाह (फ्लुएंसी) का अभ्यास है।
समग्र भाषा उपागम (होल लैंग्वेज) भाषा को टुकड़ों में नहीं बल्कि पूरे, सार्थक संदर्भ में सिखाने पर ज़ोर देता है, इसलिए यह अर्थ आधारित है।
Q121CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘निडर’ में प्रयुक्त उपसर्ग ‘नि’ की अर्थगत विशेषता है :
Aअधिकता
Bअभाव
Cरहित
Dसहित
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Correct answer: (C) रहित
Explanation
'निडर' = नि + डर, अर्थात् डर से रहित। यहाँ उपसर्ग 'नि' 'रहित' (बिना) का अर्थ देता है, जैसे निडर, निर्भय।
Q122CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘गोधूलि’ से तात्पर्य है :
Aरात्रि वेला
Bप्रभात वेला
Cमध्य रात्रि
Dसंध्या वेला
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Correct answer: (D) संध्या वेला
Explanation
'गोधूलि' उस समय को कहते हैं जब शाम को गायें चरकर लौटती हैं और उनके खुरों से धूल उड़ती है, यानी संध्या वेला।
Q123CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘सिफ़त’ का अर्थ है :
Aउद्देश्य
Bस्वीकृति
Cविशेषता
Dअनुभव
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Correct answer: (C) विशेषता
Explanation
'सिफ़त' उर्दू शब्द है जिसका अर्थ है गुण या विशेषता। गद्यांश में कहा गया है कि ज़िंदगी की सबसे बड़ी विशेषता हिम्मत है।
Q124CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना’ से क्या अभिप्राय है?
Aअपने दाएँ-बाएँ देखकर चलना।
Bअपने पड़ोसियों का ध्यान रखना।
Cदूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना।
Dसबका हित देखना।
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Correct answer: (C) दूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना।
Explanation
अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलने का अर्थ है दूसरों को देखकर, उनके अनुसार अपना जीवन जीना। लेखक इसे साधारण जीव का काम बताता है।
Q125CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
किस गुण के होने से व्यक्ति के और बाकी गुण स्वतः पैदा होते हैं?
Aनेतृत्व
Bसाहस
Cसंतोष
Dनिष्कपट
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Correct answer: (B) साहस
Explanation
गद्यांश के अनुसार व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं, अर्थात् साहस से।
Q126CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
ज़िंदगी के किस तरह के पन्ने को पढ़ने की बात कही गई है?
Aजिसमें चुनौतियाँ हों।
Bजिसमें सुख ही सुख हों।
Cजिसमें असफलताएँ हों।
Dजिसमें फूलों की सुगंध हो।
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Correct answer: (A) जिसमें चुनौतियाँ हों।
Explanation
लेखक ऐसा पन्ना पढ़ने को कहता है जिसके अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे हों, अर्थात् जिसमें चुनौतियाँ और कठिनाइयाँ हों।
Q127CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
साहसी मनुष्य की सबसे पहली पहचान क्या है?
Aवह सदा आगे बढ़ता जाता है।
Bबहुत निडर होता है।
Cबाधाओं से नहीं घबराता है।
Dलोगों के सोच की परवाह नहीं करता है।
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Correct answer: (D) लोगों के सोच की परवाह नहीं करता है।
Explanation
गद्यांश में साफ़ लिखा है कि साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं।
Q128CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
गोधूलि में बसने वाले लोगों से अभिप्राय है :
Aविवशता और अभाव में जीने वाले लोग।
Bजय-पराजय के अनुभव से परे लोग।
Cफल की कामना न करने वाले लोग।
Dजीवन में परिश्रम करने वाले लोग।
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Correct answer: (B) जय-पराजय के अनुभव से परे लोग।
Explanation
गोधूलि (न दिन, न रात) में बसने वाले वे लोग हैं जिनके जीवन में न जीत की हँसी है, न हार का रोना, अर्थात् जो जय-पराजय के अनुभव से परे हैं (कभी जोखिम ही नहीं उठाते)।
Q129CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत द्वारा भावनाओं को प्रकट करने का प्रमुख माध्यम क्या हैं?
Aरंग, आकृति
Bस्वर, लय
Cछंद, अलंकार
Dमुद्रा, भाव
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Correct answer: (B) स्वर, लय
Explanation
गद्यांश के अनुसार संगीत में हम मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं।
Q130CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
‘सर्वोच्च’ का संधि विच्छेद है :
Aसर्व+उच्च
Bस+र्वोच्च
Cसर्वो+उच्च
Dसर्व+ऊच्च
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Correct answer: (A) सर्व+उच्च
Explanation
सर्वोच्च = सर्व + उच्च। अ + उ = ओ (गुण संधि), इसलिए सर्व का 'अ' और उच्च का 'उ' मिलकर 'ओ' बनाते हैं।
Q131CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
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मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत के आनंद की प्राप्ति के लिए क्या आवश्यक है?
Aसुरीला कंठ होना चाहिए।
Bसुनने की कला विकसित करनी चाहिए।
Cसंगीत का ज्ञान होना चाहिए।
Dसंगीतज्ञ से पहचान करनी चाहिए।
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Correct answer: (B) सुनने की कला विकसित करनी चाहिए।
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है।
Q132CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
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मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत हमें किस प्रकार से संस्कारित करता है?
Aहमारा मनोरंजन करके।
Bअभिव्यक्ति का माध्यम बनके।
Cहमें आनंदित करके।
Dहमारे मन की अच्छाई को सामने लाकर के।
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Correct answer: (D) हमारे मन की अच्छाई को सामने लाकर के।
Explanation
गद्यांश के अनुसार संगीत हमें संस्कारित करता है क्योंकि वह हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है, अर्थात् उसे सामने लाता है।
Q133CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
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मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
प्रस्तुत गद्यांश में किस कला की बात की गई है?
Aनृत्य
Bस्थापत्य
Cसंगीत
Dनाटक
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Correct answer: (C) संगीत
Explanation
पूरा गद्यांश संगीत कला के बारे में है, जैसे 'संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है'।
Q134CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
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मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत को जीवन की अनमोल धरोहर कहा गया है, क्योंकि :
Aयह आनन्द का सृजन करता है।
Bयह प्रकृति प्रदत्त है।
Cयह ख्याति प्रदान करता है।
Dयह सर्वसुलभ है।
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Correct answer: (A) यह आनन्द का सृजन करता है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार संगीत मनुष्य के आनंद की अभिव्यक्ति है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी करता है, इसीलिए वह जीवन की अनमोल धरोहर है।
Q135CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
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मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
‘सार्वभौमिक’ का अर्थ है :
Aसभी धर्मों में व्याप्त।
Bसमान भाव से व्याप्त।
Cस्वदेश में व्याप्त।
Dसंपूर्ण जगत में व्याप्त।
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Correct answer: (D) संपूर्ण जगत में व्याप्त।
Explanation
'सार्वभौमिक' का अर्थ है जो सारी भूमि अर्थात् संपूर्ण जगत में व्याप्त हो या सब जगह लागू हो।
Q136CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
कौन-सा उपकरण समक्रमिक और अतुल्यकालिक ऑनलाइन शिक्षण अवसरों की उपलब्धता देता है?
Aपाठ्यपुस्तकें
Bरेलयात्रा टिकट
Cटेलीविज़न
Dपैडलेट
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Correct answer: (D) पैडलेट
Explanation
पैडलेट एक ऑनलाइन डिजिटल बोर्ड है जिस पर विद्यार्थी एक साथ (समक्रमिक) और अपनी सुविधा से अलग-अलग समय पर (अतुल्यकालिक) काम कर सकते हैं। बाकी विकल्प ऑनलाइन उपकरण नहीं हैं।
Q137CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
रचनात्मक आकलन के लिए कौन-सा उपकरण उपयुक्त नहीं है?
Aप्रदत्त कार्य
Bलिखित परीक्षा
Cपरियोजना
Dकक्षा प्रस्तुतीकरण
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Correct answer: (B) लिखित परीक्षा
Explanation
रचनात्मक (फॉर्मेटिव) आकलन सीखने के दौरान लगातार होता है, जैसे प्रदत्त कार्य, परियोजना, कक्षा प्रस्तुति। लिखित (पेपर-पेंसिल) परीक्षा मुख्यतः योगात्मक आकलन का साधन है।
Q138CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
भाषा शिक्षण के लिए प्रतिदिन काम में आने वाली सामग्री का प्रयोग करना क्या कहलाता है?
Aवास्तविक वस्तुएँ (रीयलिया)
Bभाषा खेल
Cशिक्षण सामग्री
Dपाठ्य सामग्री
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Correct answer: (A) वास्तविक वस्तुएँ (रीयलिया)
Explanation
Note: the official key accepts both (1) and (3). रोज़मर्रा की वास्तविक चीज़ों (जैसे अख़बार, टिकट, मेन्यू) का भाषा शिक्षण में प्रयोग 'रीयलिया' (वास्तविक वस्तुएँ) कहलाता है; ये भी एक तरह की शिक्षण सामग्री हैं, इसलिए (3) भी स्वीकार किया गया।
Q139CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
भारत की ‘शिक्षा नीति में भाषा’ (त्रिभाषा सूत्र) किसे समुन्नत करने के लिए कहती है?
Aबहुभाषा शिक्षा
Bएक भाषिक शिक्षा
Cहिन्दी पर मुख्य बल देते हुए द्विभाषिक शिक्षा
Dमातृभाषा आधारित बहुभाषावाद
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Correct answer: (D) मातृभाषा आधारित बहुभाषावाद
Explanation
त्रिभाषा सूत्र और राष्ट्रीय शिक्षा नीति मातृभाषा/घर की भाषा को आधार बनाकर बहुभाषिकता (मातृभाषा आधारित बहुभाषावाद) को बढ़ावा देने की बात करते हैं।
Q140CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
शीर्ष अधो मुखी प्रक्रिया (टॉप डाउन) के बारे में क्या सही नहीं है?
Aसुनने वाले अपने पूर्व ज्ञान पर निर्भर होते हैं
Bसुनने वाले जो सुनना चाहते हैं उसके बारे में अनुमान लगाते हैं
Cसुनने वाले संसार के बारे में प्राप्त ज्ञान का प्रयोग करते हैं
Dसुनने वाले को प्रत्येक शब्द का अर्थ सुनने की आवश्यकता है
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Correct answer: (D) सुनने वाले को प्रत्येक शब्द का अर्थ सुनने की आवश्यकता है
Explanation
टॉप-डाउन प्रक्रिया में श्रोता अपने पूर्व ज्ञान और संदर्भ से अर्थ का अनुमान लगाता है, उसे हर एक शब्द का अर्थ समझने की ज़रूरत नहीं होती। इसलिए (4) सही नहीं है।
Q141CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कब मनाया जाता है?
Aपहली जनवरी
Bचौदह फरवरी
Cइक्कीस फरवरी
Dतेरह अप्रैल
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Correct answer: (C) इक्कीस फरवरी
Explanation
यूनेस्को द्वारा घोषित अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस हर वर्ष 21 फरवरी (इक्कीस फरवरी) को मनाया जाता है।
Q142CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
ई मेल के उस प्रकार की पहचान करिए जो आप अपने उस सहयोगी को लिखना चाहेंगे जो आपका मित्र भी है?
Aअनौपचारिक
Bऔपचारिक
Cव्यापार संबंधी
Dलिखा-पढ़ी (करेसपाँडन्स) पत्र व्यवहार
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Correct answer: (A) अनौपचारिक
Explanation
जो सहयोगी मित्र भी है उसे लिखा गया ई-मेल आत्मीय और सहज भाषा में होगा, इसलिए वह अनौपचारिक ई-मेल है।
Q143CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
विद्यार्थियों के अधिगम और समझ में स्पष्टता लाने के लिए समूची शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के दौरान किया जाने वाला आकलन क्या है?
Aअधिगम के लिए आकलन
Bअधिगम का आकलन
Cअधिगम में आकलन
Dअधिगम के रूप में आकलन
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Correct answer: (A) अधिगम के लिए आकलन
Explanation
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान लगातार किया जाने वाला आकलन, जिससे सीखने में सुधार और स्पष्टता आए, 'अधिगम के लिए आकलन' (रचनात्मक आकलन) कहलाता है।
Q144CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
द्वितीय भाषा की कक्षा में एक अध्यापक ने ‘स्वास्थ्य ही धन है’ पर आडियो रिकार्डिंग सुनायी। उसके बाद उसने कार्यपत्रक (वर्कशीट) बाँटी और कहा कि दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर पर निशान लगाएँ।
इस पाठ का उद्देश्य विद्यार्थियों को इस योग्य बनाना है कि :
Aस्वास्थ्य पर पाठ का श्रवण करें
Bविद्यार्थियों को कार्य में संलग्न किया जाए।
Cविचार बिन्दुओं को सुनकर विश्लेषण किया जाए।
Dस्वास्थ्य और धन पर पाठ को कंठस्थ किया जाए।
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Correct answer: (C) विचार बिन्दुओं को सुनकर विश्लेषण किया जाए।
Explanation
Note: the official key accepts both (2) and (3). ऑडियो सुनकर कार्यपत्रक पर सही उत्तर चुनने का मुख्य उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी सुने गए विचार बिंदुओं को समझकर उनका विश्लेषण करें (श्रवण कौशल); साथ ही इससे विद्यार्थी कार्य में संलग्न भी होते हैं, इसलिए (2) भी स्वीकार किया गया।
Q145CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
भाषा अधिगम में गलतियों के बारे में क्या सही नहीं है?
Aगलतियाँ भाषा अधिगम प्रक्रिया में अवरोध पैदा करती है
Bगलतियाँ हमेशा बुरी नहीं होती हैं और अधिगम में मदद करती हैं
Cगलतियाँ भाषा अधिगम प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पहलू हैं
Dगलतियाँ द्वितीय भाषा अर्जन की प्रक्रिया को समझने में मदद करती हैं
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Correct answer: (A) गलतियाँ भाषा अधिगम प्रक्रिया में अवरोध पैदा करती है
Explanation
भाषा सीखने में गलतियाँ स्वाभाविक हैं; वे सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और बताती हैं कि बच्चा कैसे सीख रहा है। इसलिए यह कहना कि गलतियाँ अवरोध पैदा करती हैं, सही नहीं है।
Q146CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
भाषा शिक्षा में रचनात्मकता क्या है?
Aखुले अन्त वाले कक्षायी प्रदत्त कार्य जिनकी भिन्न-भिन्न व्याख्याएँ हो सकती हैं और भिन्न-भिन्न उत्तर निकल सकते हैं
Bकिसी अवधारणा के प्रति समझ बनाने के लिए विभिन्न विषयों से प्राप्त तत्वों को मिलाना
Cशिक्षण की नवीन विधियों का प्रयोग करते हुए कक्षायी गतिविधि
Dसम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण का प्रयोग करते हुए कक्षा सामग्री
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Correct answer: (A) खुले अन्त वाले कक्षायी प्रदत्त कार्य जिनकी भिन्न-भिन्न व्याख्याएँ हो सकती हैं और भिन्न-भिन्न उत्तर निकल सकते हैं
Explanation
भाषा शिक्षा में रचनात्मकता का अर्थ है खुले अंत वाले कार्य देना, जिनकी अलग-अलग व्याख्याएँ और अलग-अलग उत्तर हो सकें, ताकि बच्चे अपनी कल्पना और सोच से भाषा का प्रयोग करें।
Q147CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
“शिक्षार्थियों को समृद्ध भाषायी परिवेश मिलना चाहिए और गलतियाँ इस बात का साक्ष्य हैं कि अधिगम हो रहा है।” यह किसके द्वारा अनुशंसित है?
Aव्यवहारवादी
Bसंज्ञानात्मकवादी
Cमानवतावादी
Dमनोविश्लेषणवादी
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Correct answer: (B) संज्ञानात्मकवादी
Explanation
संज्ञानात्मकवादी (जैसे चॉम्स्की, पियाजे) मानते हैं कि बच्चा समृद्ध भाषायी परिवेश से स्वयं नियम बनाता है और उसकी गलतियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि वह सीख रहा है।
Q148CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) पठन वैकल्य (डिस्लैक्सिया) पठन विकार है।
(b) लेखन वैकल्य (डिस्ग्रैफिया) लेखन विकार है।
(c) लेखन वैकल्य (डिस्ग्रैफ़िया) पठन विकार है।
(d) पठन वैकल्य (डिस्लैक्सिया) लेखन विकार है।
Aकेवल (a) सही है
Bकेवल (b) और (d) सही हैं
C(a) और (b) दोनों सही हैं
D(c) और (d) दोनों सही हैं
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Correct answer: (C) (a) और (b) दोनों सही हैं
Explanation
डिस्लैक्सिया पढ़ने से जुड़ी अधिगम अक्षमता है और डिस्ग्राफ़िया लिखने से जुड़ी। इसलिए केवल (a) और (b) सही हैं।
Q149CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
सरकारी विद्यालय की अध्यापिका रीता सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए दृश्य उपकरण और भाषा खेल खिलाती है। रीता शिक्षण के किस सिद्धान्त का अनुपालन कर रही है?
Aस्वाभाविक प्रक्रिया का सिद्धान्त
Bअभ्यास और आदत निर्माण का सिद्धान्त
Cअभिप्रेरणा और रुचि का सिद्धान्त
Dजीवन से सम्बद्धता का सिद्धान्त
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Correct answer: (C) अभिप्रेरणा और रुचि का सिद्धान्त
Explanation
दृश्य उपकरण और भाषा खेल बच्चों में सीखने की रुचि जगाते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं, इसलिए रीता अभिप्रेरणा और रुचि के सिद्धांत का पालन कर रही है।
Q150CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
उस लघु कथा को क्या कहेंगे जिसमें मुख्य पात्र पशु हैं और नैतिक मूल्यों को उभारते हैं?
Aफंतासी
Bजंतुकथा (फेबल)
Cविज्ञान फिक्शन
Dयात्रा वृतान्त
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Correct answer: (B) जंतुकथा (फेबल)
Explanation
जिस छोटी कथा में पशु-पक्षी मुख्य पात्र हों और अंत में कोई नैतिक शिक्षा मिले, उसे जंतुकथा (फेबल) कहते हैं, जैसे पंचतंत्र की कहानियाँ।
How to use these CTET Hindi questions
Every question here was asked in a real CTET paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full CTET papers as timed tests to check your speed under exam conditions.