450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
पर्यावरण समस्या है __________।
Aभारत की
Bयूरोपीय देशों की
Cसंसार भर की
Dएशिया की
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Correct answer: (C) संसार भर की
Explanation
गद्यांश के अंत में लिखा है कि "पर्यावरण वैश्विक समस्या है", यानी यह पूरे संसार की समस्या है, किसी एक देश या महाद्वीप की नहीं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
गद्यांश के अनुसार संसाधनों के अंधाधुंध प्रयोग का प्रभाव __________ पड़ता है।
Aखेती एवं आँकड़ों पर
Bमौसम और आँकड़ों पर
Cमौसम एवं खेती पर
Dआँकड़ों और जल पर
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Correct answer: (C) मौसम एवं खेती पर
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि संसाधनों के अंधाधुंध इस्तेमाल का असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है; इसलिए सही उत्तर "मौसम एवं खेती पर" है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
‘बचपन’ शब्द है __________।
Aभाववाचक संज्ञा
Bव्यक्तिवाचक संज्ञा
Cजातिवाचक संज्ञा
Dद्रव्यवाचक संज्ञा
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Correct answer: (A) भाववाचक संज्ञा
Explanation
"बचपन" किसी व्यक्ति या वस्तु का नाम नहीं, बल्कि बच्चे होने की अवस्था (भाव) का नाम है। "बच्चा" + "पन" प्रत्यय से बनी यह भाववाचक संज्ञा है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
गद्यांश के अनुसार चिंता का विषय है __________।
Aपर्यावरण के प्रति चेतना की कमी
Bउदारीकरण की नीति का होना
Cसंसाधनों का उचित उपयोग
Dजंगलों से संबंधित आँकड़े
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Correct answer: (A) पर्यावरण के प्रति चेतना की कमी
Explanation
गद्यांश के अनुसार पर्यावरण संकट को लेकर लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वही चिंता बढ़ाने वाला है; अर्थात् पर्यावरण के प्रति चेतना की कमी चिंता का विषय है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
‘ग्लेशियर’ शब्द है __________।
Aआगत
Bतत्सम
Cदेशज
Dतद्भव
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Correct answer: (A) आगत
Explanation
"ग्लेशियर" अंग्रेज़ी भाषा (glacier) से हिंदी में आया शब्द है। दूसरी भाषाओं से आए शब्द आगत (विदेशी) शब्द कहलाते हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
गद्यांश के अनुसार पर्यावरण संरक्षण का सबसे उपयुक्त उपाय है __________।
Aआवश्यकताओं में कमी करना
Bवृक्षारोपण करना
Cभूमि अपरदन की रोकथाम करना
Dरहन-सहन के स्तर में वृद्धि करना
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Correct answer: (A) आवश्यकताओं में कमी करना
Explanation
गद्यांश की अंतिम पंक्ति है - "उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है"। अतः आवश्यकताओं में कमी करना सबसे उपयुक्त उपाय है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
उदारीकरण के कारण :
Aअनावश्यक सुविधाओं के उपभोग में वृद्धि हुई है।
Bआवश्यक सुविधाओं के उपभोग में कमी आयी है।
Cअनावश्यक व्यय में वृद्धि हुई है।
Dआवश्यकताओं में वृद्धि हुई है।
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Correct answer: (A) अनावश्यक सुविधाओं के उपभोग में वृद्धि हुई है।
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि उदारीकरण के बाद हम सबकी जिंदगी में गैर-जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है, यानी अनावश्यक सुविधाओं के उपभोग में वृद्धि हुई है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
‘वैश्विक’ में मूल शब्द तथा प्रत्यय है __________।
Aवैश्वि + क
Bविश्व + इक
Cविश्व + क
Dवैश्व + इक
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Correct answer: (B) विश्व + इक
Explanation
"विश्व" में "इक" प्रत्यय लगने पर पहले स्वर "इ" की वृद्धि होकर "ऐ" हो जाता है: विश्व + इक = वैश्विक (जैसे इतिहास + इक = ऐतिहासिक)।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
निम्न में विशेषण है __________।
Aजीवंत
Bसम्मान
Cवरदान
Dजीवंतता
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Correct answer: (A) जीवंत
Explanation
"जीवंत" (जीवन से भरा) विशेषण है, जो किसी संज्ञा की विशेषता बताता है। "सम्मान" और "वरदान" संज्ञा हैं तथा "जीवंतता" भाववाचक संज्ञा है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
जीवन में खुशी आती है __________।
Aसरलता से
Bभौतिक वस्तुओं से
Cकपटता से
Dआडंबरता से
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Correct answer: (A) सरलता से
Explanation
गद्यांश के अनुसार जीवन में रौनक तब है जब उसे सहज और सरल तरीके से, बिना प्रपंच के जिया जाए; अतः खुशी सरलता से आती है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
समूह से भिन्न शब्द है __________।
Aआडंबर
Bअहंकार
Cअसहज
Dअधर्म
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Correct answer: (C) असहज
Explanation
"आडंबर", "अहंकार" और "अधर्म" तीनों संज्ञा शब्द हैं, जबकि "असहज" विशेषण है। इसलिए "असहज" समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
गद्यांश के अनुसार ‘अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं।’ वाक्य का आशय है कि __________।
Aअहंकार हमें दूर तक देखने की शक्ति प्रदान करता है।
Bअहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
Cअहंकार हमें निश्छल जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
Dअहंकार हमें सर्वस्व प्राप्त करने की ओर ले जाता है।
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Correct answer: (B) अहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
Explanation
अहंकारी व्यक्ति केवल बाहर दिखने वाली चीज़ों को महत्व देता है और भीतर के सच्चे जीवन को भूल जाता है। गद्यांश के अनुसार अहंकार ही आडंबर और दिखावे के जीवन का आधार है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
‘प्रपंच’ से तात्पर्य है __________।
Aपाँच प्रकार
Bआडंबर
Cपाँच पंच
Dपाँच वायु
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Correct answer: (B) आडंबर
Explanation
गद्यांश में "बिना किसी प्रपंच के" का अर्थ है बिना किसी छल-कपट या दिखावे के। यहाँ "प्रपंच" का अर्थ आडंबर है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
जीवन का सम्मान कैसे किया जा सकता है?
Aजीवन में सुविधाएँ जुटाकर
Bउच्च शिक्षा ग्रहण कर
Cजिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर
Dजीवन में मिली सब बाधाओं को समाप्त कर
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Correct answer: (C) जिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर
Explanation
गद्यांश में कहा गया है - "जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है।" अतः विकल्प (3) सही है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
‘आधारित’ में प्रत्यय है __________।
Aत
Bरित
Cधारित
Dइत
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Correct answer: (D) इत
Explanation
"आधारित" शब्द "आधार" मूल शब्द में "इत" प्रत्यय लगाकर बना है: आधार + इत = आधारित (जैसे पुष्प + इत = पुष्पित)।
भाषिक दक्षता शिक्षार्थियों को किसके समर्थ बनाती है?
Aव्याकरणिक रूप से सही और गलत वाक्यों में अन्तर करना।
Bभले ही व्याकरणिक रूप से सही न हो पर प्रवाह के साथ बोलने की दक्षता।
Cयह जानने की दक्षता कि कैसे और कहाँ भाषा का उचित रूप से प्रयोग करना है।
Dअधिक से अधिक अंग्रेजी का प्रयोग करना।
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Correct answer: (C) यह जानने की दक्षता कि कैसे और कहाँ भाषा का उचित रूप से प्रयोग करना है।
Explanation
Note: the official key accepts both (1) and (3). भाषिक दक्षता में व्याकरण का ज्ञान (सही और गलत वाक्य पहचानना) भी आता है और यह जानना भी कि किस स्थिति में भाषा का कैसे उचित प्रयोग करना है। संदर्भ के अनुसार भाषा का उचित प्रयोग अधिक व्यापक दक्षता है, इसलिए (3) सबसे उपयुक्त माना गया है।
प्राथमिक स्तर पर एक अध्यापक अपने शिक्षार्थियों को रंग करने और चित्रकारी करने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह किस तरह से मददगार है?
Aकक्षा में चुप्पी बनाए रखने में
Bसूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों का विकास करने में
Cशिक्षार्थियों का मनोरंजन करने में
Dअध्यापक को अध्यापन से विश्राम देने में
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Correct answer: (B) सूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों का विकास करने में
Explanation
रंग भरने और चित्र बनाने में उंगलियों और हाथ की छोटी मांसपेशियों का नियंत्रित प्रयोग होता है। इससे सूक्ष्म गत्यात्मक (फाइन मोटर) कौशल विकसित होते हैं, जो आगे लिखना सीखने में मदद करते हैं।
बच्चे भाषा प्रभावशाली तरीके से तब सीखते हैं जब __________।
Aउन्हें भाषा में निपुण अध्यापक मिले
Bउन्हें अच्छी पाठ्यपुस्तक मिले
Cउन्हें रोका जाए
Dउन्हें प्रोत्साहन मिले
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Correct answer: (D) उन्हें प्रोत्साहन मिले
Explanation
बच्चे भाषा तब प्रभावी ढंग से सीखते हैं जब उन्हें बोलने, पढ़ने और लिखने के लिए प्रोत्साहन और भय-मुक्त वातावरण मिलता है। रोक-टोक से उनकी अभिव्यक्ति रुक जाती है।
एक अध्यापिका अपनी कक्षा में समूह चर्चा और सहपाठियों में अन्तःक्रियाओं को महत्व देती है। वह विद्यार्थियों की सही वर्तनी या उच्चारण में गलतियों पर बहुत अधिक ध्यान नहीं देती है। वह कक्षा में किस उपागम का प्रयोग कर रही है?
Aपारम्परिक
Bउदारवादी (एक्लैक्टिक)
Cसंरचनात्मक
Dरचनावादी
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Correct answer: (D) रचनावादी
Explanation
रचनावादी उपागम में बच्चे समूह चर्चा और आपसी अंतःक्रिया से स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं। इसमें शुरुआत में वर्तनी या उच्चारण की गलतियों पर अधिक ज़ोर नहीं दिया जाता, बल्कि अर्थ और अभिव्यक्ति पर ध्यान दिया जाता है।
आपने महसूस किया कि पाठ में प्रयुक्त भाषा आपके शिक्षार्थियों के लिए बहुत ही कठिन है। आप भाषा को कुछ सरल करते हैं और अपने शिक्षार्थियों की आवश्यकतानुसार विषयवस्तु में भी कुछ परिवर्तन करते हैं। आप का यह कृत्य क्या कहलाएगा?
Aअंगीकार करना
Bअनुकूलन करना
Cमूल्याँकन करना
Dसमीक्षा करना
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Correct answer: (B) अनुकूलन करना
Explanation
शिक्षार्थियों के स्तर और आवश्यकता के अनुसार पाठ की भाषा और विषयवस्तु में बदलाव करना अनुकूलन (adaptation) कहलाता है।
आज राजू विद्यालय जा रहा है, इसलिए वह बहुत खुश है। अपने परिवार का वह पहला व्यक्ति है जो विद्यालय जा रहा है। उसके परिवार में इससे पहले कोई भी नहीं, यहाँ तक कि उसके अभिभावक कभी विद्यालय नहीं गए। राजू को किस शिक्षार्थी के रूप में जानेंगे?
Aप्रथम पीढ़ी
Bद्वितीय पीढ़ी
Cहाशियाकृत
Dअल्पसंख्यक
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Correct answer: (A) प्रथम पीढ़ी
Explanation
जो बच्चा अपने परिवार में विद्यालय जाने वाला पहला सदस्य हो और जिसके माता-पिता कभी विद्यालय न गए हों, उसे प्रथम पीढ़ी का शिक्षार्थी कहते हैं।
अध्यापन की दुनिया में प्रवेश करने के बाद आपने अनुभव किया कि पाठ्यपुस्तक की शुरुआत में शिशुगीत और चित्र कथाएँ होती हैं और अन्त में वर्णमाला होती है। भाषा शिक्षणशास्त्र में इस प्रकार की व्यवस्था किस उपागम के अन्तर्गत आएगी?
टॉप-डाउन उपागम में शिक्षण पूरे अर्थपूर्ण अंश (कविता, कहानी, चित्र-कथा) से शुरू होकर छोटी इकाइयों (अक्षर, वर्णमाला) तक जाता है। पुस्तक का शिशुगीत से शुरू होकर वर्णमाला पर समाप्त होना इसी उपागम का उदाहरण है।
जब भाषा स्वाभाविक रूप से सीखी जाती है, बिना किसी व्यवस्थित अभ्यास के, तब इसे क्या कहा जाता है?
Aविद्वत्ता
Bअर्जन
Cस्वीकृति
Dअधिगम
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Correct answer: (B) अर्जन
Explanation
बिना औपचारिक और व्यवस्थित अभ्यास के, स्वाभाविक वातावरण में भाषा सीखने को भाषा अर्जन (acquisition) कहते हैं; विद्यालय में सचेत रूप से सीखना अधिगम (learning) कहलाता है।
निम्नलिखित में से किसका एक महत्वपूर्ण गुणधर्म है, जिसमें शिक्षार्थी जोड़ों या समूह में एक-साथ मिलकर समस्या समाधान पर कार्य करते हैं?
Aसम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
Bव्यवहारवादी उपागम
Cसमग्र भाषा उपागम
Dसंरचनात्मक उपागम
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Correct answer: (A) सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
Explanation
सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण में शिक्षार्थी जोड़ों या समूहों में मिलकर बातचीत करते हुए वास्तविक कार्यों और समस्याओं पर काम करते हैं। आपसी अंतःक्रिया इसका मुख्य गुण है।
‘प्रदूषण’ टॉपिक पर पाठयोजना तैयार करते समय आपका पहला चरण क्या होगा?
Aप्रस्तावना संबंधी प्रश्न तैयार करना।
Bटॉपिक को बार-बार पढ़ना।
Cशिक्षण सामग्री का चयन करना।
Dउद्देश्य बनाना।
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Correct answer: (D) उद्देश्य बनाना।
Explanation
पाठयोजना बनाते समय सबसे पहले शिक्षण के उद्देश्य तय किए जाते हैं। उद्देश्य तय होने के बाद ही प्रस्तावना प्रश्न, शिक्षण सामग्री और गतिविधियाँ चुनी जाती हैं।
एक अध्यापक ने अपने शिक्षार्थियों को ‘जल’ पर एक अनुच्छेद लिखने के लिए कहा। शिक्षार्थियों ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की कक्षाओं में जो पढ़ा था उसके आधार पर आपस में चर्चा आरम्भ की और उसके बाद अनुच्छेद लिखना शुरू किया। यह किस तरह का उदाहरण है?
Aप्रयोग में भाषा
Bविज्ञान की भाषा
Cभाषा समूचे पाठ्यक्रम में
Dसम्प्रेषणात्मक उपागम
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Correct answer: (C) भाषा समूचे पाठ्यक्रम में
Explanation
बच्चों ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में पढ़ी बातों का प्रयोग भाषा की कक्षा में अनुच्छेद लिखने के लिए किया। यह "भाषा समूचे पाठ्यक्रम में" (Language Across the Curriculum) का उदाहरण है, जिसमें भाषा हर विषय के सीखने का माध्यम है।
आपका पालन-पोषण एक ऐसे गाँव में हुआ जहाँ सभी लोग हिंदी बोलते थे और आपने यह भाषा बिना विद्यालय गए ही सीख ली। बाद में जब आप विद्यालय गए तो आपने अंग्रेजी, संस्कृत, हिंदी और उर्दू सीखी। अब आप अंग्रेजी भाषा प्रवाह के साथ बोलते हैं। अब आपकी प्रथम भाषा कौन-सी है?
Aअंग्रेजी
Bहिंदी
Cउर्दू
Dसंस्कृत
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Correct answer: (B) हिंदी
Explanation
प्रथम भाषा (मातृभाषा) वह है जो बच्चा जन्म के बाद अपने घर-परिवार और परिवेश से स्वाभाविक रूप से सबसे पहले सीखता है। यहाँ वह भाषा हिंदी है; बाद में अंग्रेज़ी में प्रवाह आने से प्रथम भाषा नहीं बदलती।
एक अध्यापक अपनी कक्षा में वास्तविक वस्तुएँ जैसे कि छतरी, बरसाती, पेचकस आदि लाती है। वह शिक्षार्थियों से कहती है कि प्रत्येक शब्द के बारे में दो या तीन वाक्य कहें। इस प्रकार की सामग्री को तकनीकी रूप से क्या कहा जाएगा?
Aभाषा निवेश
Bशिक्षण उपकरण
Cउपकरण
Dवास्तविक वस्तुएँ (रीयलिया)
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Correct answer: (D) वास्तविक वस्तुएँ (रीयलिया)
Explanation
कक्षा में शिक्षण के लिए लाई गई असली वस्तुओं (जैसे छतरी, बरसाती, पेचकस) को तकनीकी रूप से "रीयलिया" या वास्तविक वस्तुएँ कहा जाता है।
अपनी कक्षा में ‘काल’ का शिक्षण करते समय आप एक ही व्यक्ति के दो चित्र दिखाते हैं - एक चित्र पन्द्रह वर्ष पहले का है और एक चित्र जो अभी-अभी खींचा गया है। आप इन चित्रों के आधार पर उस व्यक्ति के वर्तमान और भूत - वह कैसा दिखता है, उसकी आदतें - इन पर बात आरंभ करते हैं। आप किसका प्रयोग कर रहे हैं?
Aनिर्देशात्मक व्याकरण (प्रैसक्रिप्टिव)
Bसंरचनात्मक व्याकरण
Cशिक्षणशास्त्रीय व्याकरण
Dनियम आधारित व्याकरण
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Correct answer: (C) शिक्षणशास्त्रीय व्याकरण
Explanation
यहाँ नियम रटाने के बजाय वास्तविक संदर्भ (चित्रों) के माध्यम से भूतकाल और वर्तमान काल का प्रयोग सिखाया जा रहा है। संदर्भ में व्याकरण सिखाने का यह तरीका शिक्षणशास्त्रीय व्याकरण (pedagogical grammar) कहलाता है।
वे कथन जो किसी कक्षा विशेष या पाठ्यक्रम (कोर्स) के अन्त में विद्यार्थियों द्वारा अर्जित ज्ञान, कौशल और प्रवृत्ति का वर्णन करते हैं, वे क्या कहलाते हैं?
Aशिक्षण प्रतिफल
Bअधिगम प्रतिफल
Cसंख्यात्मक प्रतिफल
Dबुनियादी साक्षरता प्रतिफल
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Correct answer: (B) अधिगम प्रतिफल
Explanation
किसी कक्षा या पाठ्यक्रम के अंत में विद्यार्थी क्या ज्ञान, कौशल और प्रवृत्ति प्राप्त कर लेंगे, यह बताने वाले कथन अधिगम प्रतिफल (learning outcomes) कहलाते हैं।
Q181CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक से किस तरह की अपेक्षा की गई है?
Aपारम्परिक कहानियाँ यादकर सुनाने की
Bसमसामयिक कहानियाँ पढ़कर सुनाने की
Cपारम्परिक कहानियाँ पढ़ने और सुनने की
Dसमसामयिक कहानियाँ लिखने-सुनाने की
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Correct answer: (A) पारम्परिक कहानियाँ यादकर सुनाने की
Explanation
गद्यांश के अनुसार हर प्राथमिक अध्यापक से अपेक्षा है कि उसे कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियाँ याद हों और वह उन्हें आत्मविश्वास से सुना सके। इसलिए सही उत्तर 'पारम्परिक कहानियाँ यादकर सुनाने की' है।
Q182CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
शिक्षक का पारम्परिक कहानियों पर अधिकार होने से क्या आशय है?
Aकहानी के पात्रों का अभिनय किया जा सके
Bकहानी को पढ़कर सुनाया जा सके
Cकहानी पर आधारित चित्र बनाए जा सकें
Dकहानी यादकर सुनायी जा सके
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Correct answer: (D) कहानी यादकर सुनायी जा सके
Explanation
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है कि 'अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके', अर्थात कहानी यादकर सुनायी जा सके।
Q183CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
पारम्परिक कहानियों का स्रोत है
Aसमाचार-पत्र
Bपंचतंत्र
Cपाठ्यपुस्तकें
Dपत्रिकाएँ
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Correct answer: (B) पंचतंत्र
Explanation
गद्यांश में पारम्परिक कहानियों के स्रोत पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ और लोक कथाएँ बताए गए हैं; दिए गए विकल्पों में केवल पंचतंत्र इनमें है।
Q184CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
कहानियों का कौन-सा महत्त्व गद्यांश में प्रतिपादित नहीं हुआ है?
Aअनुमान लगाने के अवसर देना
Bशब्दों को अर्थ देना
Cकल्पनाशीलता प्रकट करना
Dश्रवण क्षमता का विकास करना
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Correct answer: (C) कल्पनाशीलता प्रकट करना
Explanation
गद्यांश में कहानियों के महत्त्व के रूप में सुनने की क्षमता का विकास, अनुमान लगाने का मौका और शब्दों को अर्थ देना बताया गया है; 'कल्पनाशीलता प्रकट करना' का उल्लेख नहीं है।
Q185CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
शब्द सामाजिक सम्पत्ति हैं, क्योंकि
Aशब्दों द्वारा हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटते हैं
Bहम दूसरों से तरह-तरह के शब्द सुनकर सीखते हैं
Cशब्द शब्दकोश से पढ़कर सीखे जाते हैं
Dहम दूसरों के अनुसार शब्दों का प्रयोग करते हैं
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Correct answer: (A) शब्दों द्वारा हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटते हैं
Explanation
गद्यांश के अनुसार शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं।
Q186CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
‘विद्यालय’ का संधि-विच्छेद है
Aविद्य + अलय
Bविद्या + अलय
Cविद्या + आलय
Dविद्या + लय
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Correct answer: (C) विद्या + आलय
Explanation
विद्यालय = विद्या + आलय (आ + आ = आ), यह दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है।
Q187CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
‘पारम्परिक’ में प्रयुक्त प्रत्यय का सही विकल्प चुनिए।
Aरिक
Bइक
Cईक
Dक
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Correct answer: (B) इक
Explanation
परम्परा + इक = पारम्परिक; 'इक' प्रत्यय लगने पर पहले स्वर में वृद्धि (प → पा) होती है, जैसे समाज → सामाजिक।
Q188CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
‘प्रत्येक’ का संधि-विच्छेद है
Aप्रत्य + एक
Bप्रत्ये + क
Cप्रती + एक
Dप्रति + एक
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Correct answer: (D) प्रति + एक
Explanation
प्रत्येक = प्रति + एक (इ + ए = ये), यह यण् स्वर संधि का उदाहरण है।
Q189CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
‘व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है’ का आशय है
Aलेखन सतत रूप से चलते रहना चाहिए
Bआगामी रचना में पूर्व में लिखे गए का उल्लेख होना चाहिए
Cप्रत्येक रचना में नवीनता का पुट होना चाहिए
Dहर रचनाकार को अपनी रचना में व्यंग्य का समावेशन करना चाहिए
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Correct answer: (C) प्रत्येक रचना में नवीनता का पुट होना चाहिए
Explanation
गद्यांश के अनुसार व्यंग्य निरंतरता माँगता है और उस निरंतरता में नवीनता की उपस्थिति का आग्रह अपने-आप जुड़ जाता है, अर्थात हर रचना में कुछ नया होना चाहिए।
Q190CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
गद्यांश में निरंतरता के किस खतरे की बात उठाई गई है?
Aव्यंग्यकार एक साथ अनेक रचनाएँ लिखने लगते हैं
Bपिछली रचनाओं का कलेवर आगामी रचनाओं में झलकने लगा है
Cव्यंग्य के पाठक बहुत कम हो गए हैं
Dव्यंग्य के सराहना बोध की क्षमता खत्म होती जा रही है
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Correct answer: (B) पिछली रचनाओं का कलेवर आगामी रचनाओं में झलकने लगा है
Explanation
गद्यांश में निरंतरता का खतरा यह बताया गया है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं, यानी पिछली रचनाओं का कलेवर आगे की रचनाओं में झलकने लगता है।
Q191CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
अधिकाधिक रचनाएँ लिखने का क्या परिणाम होता है?
Aविषयवस्तु में नवीनता का अभाव दिखाई देता है
Bरचनाकार की ख्याति दूर-दूर तक फैलती है
Cपाठकों को अनेक रचनाएँ एक साथ पढ़ने के लिए मिलती हैं
Dप्रकाशक के लिए चयन करना कठिन हो जाता है
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Correct answer: (A) विषयवस्तु में नवीनता का अभाव दिखाई देता है
Explanation
गद्यांश कहता है कि ज्यादा लेखन का बोझ व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है, यानी विषयवस्तु में नवीनता का अभाव हो जाता है।
Q192CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
सशक्त व्यंग्य के लिए सबसे आवश्यक तत्त्व क्या है?
Aविषयवस्तु में दोहराव
Bसमर्थ व समृद्ध भाषा
Cअधिक-से-अधिक लिखना
Dव्यंग्यकार की व्यक्तिगत पहचान
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Correct answer: (B) समर्थ व समृद्ध भाषा
Explanation
गद्यांश के अनुसार सशक्त व्यंग्य के लिए व्यंग्यकार को भाषा को शक्ति बनाना होगा; समर्थ और समृद्ध भाषा ही सबसे आवश्यक तत्त्व है।
Q193CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
‘खिल्ली उड़ाना’ का भाव है
Aखिलखिलाकर हँसना
Bगौरवगान करना
Cहास-परिहास करना
Dउपहास करना
Show answerHide answer
Correct answer: (D) उपहास करना
Explanation
'खिल्ली उड़ाना' मुहावरे का अर्थ है किसी की हँसी उड़ाना या मज़ाक बनाना, अर्थात उपहास करना।
Q194CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
‘पृथक् पहचान’, गद्यांश के संदर्भ में रेखांकित शब्द के स्थान पर कौन-सा शब्द उपयुक्त होगा? (रेखांकित शब्द: पृथक्)
Aमहान
Bमजबूत
Cविशिष्ट
Dसमृद्ध
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Correct answer: (C) विशिष्ट
Explanation
'पृथक् पहचान' का अर्थ है अलग, अपनी खास पहचान; इसलिए 'पृथक्' के स्थान पर 'विशिष्ट' शब्द सबसे उपयुक्त है।
Q195CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
व्यंग्य निरंतरता की माँग करता है और निरंतरता में नवीन की उपस्थिति का आग्रह स्वयं मौजूद हो जाता है। लेकिन निरंतरता का एक खतरा यह है कि व्यंग्यकार खुद को दोहराने लगते हैं। जो भाषा उनकी पृथक् पहचान और चमक बना रही होती थी वह कमजोरी हो जाती है। ज्यादा लेखन का बोझ विशेषकर व्यंग्य में दोहराव की दरिद्रता लाता है। प्रायः व्यंग्यकार भाषा के खेल में उलझ जाते हैं पर सशक्त व्यंग्य के लिए उन्हें भाषा को शक्ति बनाना होगा। समर्थ और समृद्ध भाषा के साथ-साथ व्यंग्य की गरिमा की रक्षा भी करना एक बड़ी बात है, वरना प्रायः व्यंग्यकार भाषा को रचना-दक्षता मानकर, कारक परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य चीजों और स्थितियों की खिल्ली उड़ाना शुरू कर देते हैं।
‘चमक’ में कौन-सा प्रत्यय लगाकर सार्थक शब्द बन सकता है?
Aईला
Bइया
Cआरी
Dएरा
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Correct answer: (A) ईला
Explanation
चमक + ईला = चमकीला, जो एक सार्थक विशेषण शब्द है; अन्य प्रत्ययों से सार्थक शब्द नहीं बनता।
Q196CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
लेखन के विभिन्न चरणों से गुजरकर लेखन अधिगम क्या कहलाता है?
Aलेखन का प्रक्रिया उपागम
Bलेखन का उत्पाद उपागम
Cविश्लेषणात्मक लेखन
Dरचनात्मक लेखन
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Correct answer: (A) लेखन का प्रक्रिया उपागम
Explanation
जब लेखन योजना, प्रारूप, संशोधन और संपादन जैसे चरणों से होकर सीखा जाता है तो इसे लेखन का प्रक्रिया उपागम कहते हैं; इसमें अंतिम उत्पाद से अधिक लिखने की प्रक्रिया पर ध्यान रहता है।
Q197CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
शिक्षार्थी के सम्प्रेषण कौशलों का आकलन करने के लिए सर्वाधिक रूप से उपयुक्त आकलन गतिविधि कौन-सी होगी?
Aचित्र पुस्तक से किसी दृश्य का वर्णन करना
Bरोल प्ले में किसी भूमिका का निर्वाह करना
Cकिसी श्रव्य सामग्री का श्रवण और मौखिक रूप से इस पर प्रतिक्रिया देना
Dकिसी दी गई स्थिति में वक्तव्य लेखन
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Correct answer: (B) रोल प्ले में किसी भूमिका का निर्वाह करना
Explanation
रोल प्ले में शिक्षार्थी को किसी भूमिका में दूसरों से वास्तविक जैसी बातचीत करनी होती है, इसलिए इससे सम्प्रेषण (बोलना, सुनना, प्रतिक्रिया देना) कौशलों का सबसे अच्छा आकलन होता है।
Q198CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
चॉमस्की के अनुसार, मनुष्य के पास भाषा-विकास हेतु _____ है।
Aअधिगम सेट
Bजैवकीय व्यवस्था
Cबोधात्मक सेट
Dटेलीग्राफ़िक तत्परता
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Correct answer: (B) जैवकीय व्यवस्था
Explanation
चॉमस्की के अनुसार मनुष्य में भाषा सीखने की जन्मजात जैविक क्षमता (भाषा अर्जन यंत्र - LAD) होती है, इसलिए सही उत्तर 'जैवकीय व्यवस्था' है।
Q199CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
विद्यालयी शिक्षा की शुरुआती अवस्था में बहुभाषिक उपागम का प्रयोग करने से किसके नकारात्मक परिणामों का सामना करने में सहायता मिल सकती है?
Aविद्यालय से ड्रॉपआउट
Bअधिगम अशक्तता
Cकिसी की स्वयं की भाषा की क्षति
Dकमजोर सम्प्रेषण कौशल
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Correct answer: (C) किसी की स्वयं की भाषा की क्षति
Explanation
शुरुआती कक्षाओं में बहुभाषिक उपागम बच्चे की घर की भाषा को कक्षा में स्थान देता है, जिससे बच्चे की अपनी भाषा छूटने या उसकी क्षति के नकारात्मक परिणामों से बचाव होता है।
Q200CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
कक्षा में नया पाठ शुरू करने से पहले आप अपने शिक्षार्थियों को किसी मजेदार ऊर्जादायक गतिविधि में संलग्न करते हैं। आप ऐसा किसलिए करते हैं?
Aशिक्षार्थियों को कक्षा के लिए प्रोत्साहित व तैयार करने के लिए
Bअपने कार्यभार को कम करने के लिए
Cपाठ शुरू करने से पहले कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए
Dशिक्षार्थियों का ध्यान दूसरी ओर करने के लिए
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Correct answer: (A) शिक्षार्थियों को कक्षा के लिए प्रोत्साहित व तैयार करने के लिए
Explanation
पाठ से पहले मजेदार ऊर्जादायक गतिविधि (वॉर्म-अप) शिक्षार्थियों को उत्साहित करती है और उन्हें नए पाठ के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है।
How to use these CTET Hindi questions
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