229 गद्यांश / पद्यांश (Hindi) questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
अल नीनो का प्रभाव पड़ता है :
Aजलवायु पर
Bजल स्रोतों पर
Cमानसून पर
Dमानव पर
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Correct answer: (C) मानसून पर
Explanation
गद्यांश की पहली पंक्ति में बताया गया है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। अतः इसका प्रभाव मानसून पर पड़ता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
‘इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है।’ वाक्य में रेखांकित पद है : (रेखांकित शब्द: पौने दो किलोमीटर)
Aसंख्यावाचक विशेषण
Bपरिमाणवाचक विशेषण
Cगुणवाचक विशेषण
Dसार्वनामिक विशेषण
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Correct answer: (B) परिमाणवाचक विशेषण
Explanation
"पौने दो किलोमीटर" किसी वस्तु की मात्रा या माप (लंबाई) बताता है, गिनती नहीं। माप-तौल बताने वाला विशेषण परिमाणवाचक विशेषण कहलाता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
गद्यांश के अनुसार 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट आनेवाला है :
Aअमेरिका में
Bभारत में
Cसंयुक्त अरब अमीरात में
Dपाकिस्तान में
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Correct answer: (B) भारत में
Explanation
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के हवाले से गद्यांश कहता है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा?
‘पर्यावरण’ में उपसर्ग और मूल शब्द हैं :
Aपर्या + आवरण
Bपरि + अवरण
Cपरि + आवरण
Dपर + आवरण
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Correct answer: (C) परि + आवरण
Explanation
"पर्यावरण" = परि (उपसर्ग) + आवरण (मूल शब्द)। परि + आ मिलकर यण संधि से "पर्या" बनता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
इस संसार में कुछ भी __________ नहीं है।
Aअपूर्ण
Bपूर्ण
Cस्थायी
Dअस्थायी
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Correct answer: (C) स्थायी
Explanation
गद्यांश की पहली पंक्ति है: "इस संसार में सब कुछ अस्थायी है।" यानी यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
पाप और पुण्य दोनों __________ हैं।
Aस्थायी
Bअस्थायी
Cस्वाभाविक
Dहानिकारक
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Correct answer: (B) अस्थायी
Explanation
गद्यांश के अनुसार पाप और पुण्य दोनों इस संसार से जुड़े हैं, इसलिए दोनों अस्थायी हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
पुण्य में उसके फल को :
Aहम स्वीकार नहीं भी कर सकते
Bहम स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं
Cकिसी दूसरे के लिए उपयोग में ला सकते हैं
Dप्राप्त करना बहुत श्रमसाध्य है
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Correct answer: (A) हम स्वीकार नहीं भी कर सकते
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि यदि हम पुण्य का फल नहीं चाहते तो उसे अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं, अर्थात हम उसे स्वीकार न भी करें।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
गद्यांश के अनुसार पाप और पुण्य :
Aदोनों में स्वतंत्रता है।
Bदोनों में फल की इच्छा रहती है।
Cदोनों से मुक्ति अनिवार्य है।
Dदोनों में बंधन है।
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Correct answer: (D) दोनों में बंधन है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार पाप लोहे की और पुण्य सोने की जंजीर है, और "बंधन दोनों में है।"
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
पाप और पुण्य दोनों की तुलना क्रमशः __________ और __________ की जंजीर से की गई है।
Aस्वर्ण, लोहे
Bलोहे, पीतल
Cलोहे, स्वर्ण
Dपीतल, लोहे
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Correct answer: (C) लोहे, स्वर्ण
Explanation
गद्यांश में पाप की तुलना लोहे की जंजीर से और पुण्य की तुलना सोने (स्वर्ण) की जंजीर से की गई है, इसलिए क्रम है: लोहे, स्वर्ण।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aफल
Bस्वतंत्र
Cअस्थायी
Dप्यारा
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Correct answer: (A) फल
Explanation
"स्वतंत्र", "अस्थायी" और "प्यारा" विशेषण शब्द हैं, जबकि "फल" एक संज्ञा है। इसलिए "फल" समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
‘स्वतंत्र’ का विलोम है :
Aगुलाम
Bपरतंत्र
Cदासता
Dपरतंत्रता
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Correct answer: (B) परतंत्र
Explanation
"स्वतंत्र" (विशेषण) का विलोम "परतंत्र" है। "परतंत्रता" संज्ञा है, जो "स्वतंत्रता" का विलोम है।
Q62CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘निडर’ में प्रयुक्त उपसर्ग ‘नि’ की अर्थगत विशेषता है :
Aअधिकता
Bअभाव
Cरहित
Dसहित
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Correct answer: (C) रहित
Explanation
'निडर' = नि + डर, अर्थात् डर से रहित। यहाँ उपसर्ग 'नि' 'रहित' (बिना) का अर्थ देता है, जैसे निडर, निर्भय।
Q63CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘गोधूलि’ से तात्पर्य है :
Aरात्रि वेला
Bप्रभात वेला
Cमध्य रात्रि
Dसंध्या वेला
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Correct answer: (D) संध्या वेला
Explanation
'गोधूलि' उस समय को कहते हैं जब शाम को गायें चरकर लौटती हैं और उनके खुरों से धूल उड़ती है, यानी संध्या वेला।
Q64CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘सिफ़त’ का अर्थ है :
Aउद्देश्य
Bस्वीकृति
Cविशेषता
Dअनुभव
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Correct answer: (C) विशेषता
Explanation
'सिफ़त' उर्दू शब्द है जिसका अर्थ है गुण या विशेषता। गद्यांश में कहा गया है कि ज़िंदगी की सबसे बड़ी विशेषता हिम्मत है।
Q65CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
‘अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना’ से क्या अभिप्राय है?
Aअपने दाएँ-बाएँ देखकर चलना।
Bअपने पड़ोसियों का ध्यान रखना।
Cदूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना।
Dसबका हित देखना।
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Correct answer: (C) दूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना।
Explanation
अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलने का अर्थ है दूसरों को देखकर, उनके अनुसार अपना जीवन जीना। लेखक इसे साधारण जीव का काम बताता है।
Q66CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
किस गुण के होने से व्यक्ति के और बाकी गुण स्वतः पैदा होते हैं?
Aनेतृत्व
Bसाहस
Cसंतोष
Dनिष्कपट
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Correct answer: (B) साहस
Explanation
गद्यांश के अनुसार व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं, अर्थात् साहस से।
Q67CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
ज़िंदगी के किस तरह के पन्ने को पढ़ने की बात कही गई है?
Aजिसमें चुनौतियाँ हों।
Bजिसमें सुख ही सुख हों।
Cजिसमें असफलताएँ हों।
Dजिसमें फूलों की सुगंध हो।
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Correct answer: (A) जिसमें चुनौतियाँ हों।
Explanation
लेखक ऐसा पन्ना पढ़ने को कहता है जिसके अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे हों, अर्थात् जिसमें चुनौतियाँ और कठिनाइयाँ हों।
Q68CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
साहसी मनुष्य की सबसे पहली पहचान क्या है?
Aवह सदा आगे बढ़ता जाता है।
Bबहुत निडर होता है।
Cबाधाओं से नहीं घबराता है।
Dलोगों के सोच की परवाह नहीं करता है।
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Correct answer: (D) लोगों के सोच की परवाह नहीं करता है।
Explanation
गद्यांश में साफ़ लिखा है कि साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं।
Q69CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। जिंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
गोधूलि में बसने वाले लोगों से अभिप्राय है :
Aविवशता और अभाव में जीने वाले लोग।
Bजय-पराजय के अनुभव से परे लोग।
Cफल की कामना न करने वाले लोग।
Dजीवन में परिश्रम करने वाले लोग।
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Correct answer: (B) जय-पराजय के अनुभव से परे लोग।
Explanation
गोधूलि (न दिन, न रात) में बसने वाले वे लोग हैं जिनके जीवन में न जीत की हँसी है, न हार का रोना, अर्थात् जो जय-पराजय के अनुभव से परे हैं (कभी जोखिम ही नहीं उठाते)।
Q70CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत द्वारा भावनाओं को प्रकट करने का प्रमुख माध्यम क्या हैं?
Aरंग, आकृति
Bस्वर, लय
Cछंद, अलंकार
Dमुद्रा, भाव
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Correct answer: (B) स्वर, लय
Explanation
गद्यांश के अनुसार संगीत में हम मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं।
Q71CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
‘सर्वोच्च’ का संधि विच्छेद है :
Aसर्व+उच्च
Bस+र्वोच्च
Cसर्वो+उच्च
Dसर्व+ऊच्च
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Correct answer: (A) सर्व+उच्च
Explanation
सर्वोच्च = सर्व + उच्च। अ + उ = ओ (गुण संधि), इसलिए सर्व का 'अ' और उच्च का 'उ' मिलकर 'ओ' बनाते हैं।
Q72CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत के आनंद की प्राप्ति के लिए क्या आवश्यक है?
Aसुरीला कंठ होना चाहिए।
Bसुनने की कला विकसित करनी चाहिए।
Cसंगीत का ज्ञान होना चाहिए।
Dसंगीतज्ञ से पहचान करनी चाहिए।
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Correct answer: (B) सुनने की कला विकसित करनी चाहिए।
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है।
Q73CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत हमें किस प्रकार से संस्कारित करता है?
Aहमारा मनोरंजन करके।
Bअभिव्यक्ति का माध्यम बनके।
Cहमें आनंदित करके।
Dहमारे मन की अच्छाई को सामने लाकर के।
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Correct answer: (D) हमारे मन की अच्छाई को सामने लाकर के।
Explanation
गद्यांश के अनुसार संगीत हमें संस्कारित करता है क्योंकि वह हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है, अर्थात् उसे सामने लाता है।
Q74CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
प्रस्तुत गद्यांश में किस कला की बात की गई है?
Aनृत्य
Bस्थापत्य
Cसंगीत
Dनाटक
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Correct answer: (C) संगीत
Explanation
पूरा गद्यांश संगीत कला के बारे में है, जैसे 'संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है'।
Q75CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
संगीत को जीवन की अनमोल धरोहर कहा गया है, क्योंकि :
Aयह आनन्द का सृजन करता है।
Bयह प्रकृति प्रदत्त है।
Cयह ख्याति प्रदान करता है।
Dयह सर्वसुलभ है।
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Correct answer: (A) यह आनन्द का सृजन करता है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार संगीत मनुष्य के आनंद की अभिव्यक्ति है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी करता है, इसीलिए वह जीवन की अनमोल धरोहर है।
Q76CTET July 2024 Paper 2 Maths & Science, 7 Jul 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति है संगीत। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।
‘सार्वभौमिक’ का अर्थ है :
Aसभी धर्मों में व्याप्त।
Bसमान भाव से व्याप्त।
Cस्वदेश में व्याप्त।
Dसंपूर्ण जगत में व्याप्त।
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Correct answer: (D) संपूर्ण जगत में व्याप्त।
Explanation
'सार्वभौमिक' का अर्थ है जो सारी भूमि अर्थात् संपूर्ण जगत में व्याप्त हो या सब जगह लागू हो।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
पर्यावरण समस्या है __________।
Aभारत की
Bयूरोपीय देशों की
Cसंसार भर की
Dएशिया की
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Correct answer: (C) संसार भर की
Explanation
गद्यांश के अंत में लिखा है कि "पर्यावरण वैश्विक समस्या है", यानी यह पूरे संसार की समस्या है, किसी एक देश या महाद्वीप की नहीं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
गद्यांश के अनुसार संसाधनों के अंधाधुंध प्रयोग का प्रभाव __________ पड़ता है।
Aखेती एवं आँकड़ों पर
Bमौसम और आँकड़ों पर
Cमौसम एवं खेती पर
Dआँकड़ों और जल पर
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Correct answer: (C) मौसम एवं खेती पर
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि संसाधनों के अंधाधुंध इस्तेमाल का असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है; इसलिए सही उत्तर "मौसम एवं खेती पर" है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
‘बचपन’ शब्द है __________।
Aभाववाचक संज्ञा
Bव्यक्तिवाचक संज्ञा
Cजातिवाचक संज्ञा
Dद्रव्यवाचक संज्ञा
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Correct answer: (A) भाववाचक संज्ञा
Explanation
"बचपन" किसी व्यक्ति या वस्तु का नाम नहीं, बल्कि बच्चे होने की अवस्था (भाव) का नाम है। "बच्चा" + "पन" प्रत्यय से बनी यह भाववाचक संज्ञा है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
गद्यांश के अनुसार चिंता का विषय है __________।
Aपर्यावरण के प्रति चेतना की कमी
Bउदारीकरण की नीति का होना
Cसंसाधनों का उचित उपयोग
Dजंगलों से संबंधित आँकड़े
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Correct answer: (A) पर्यावरण के प्रति चेतना की कमी
Explanation
गद्यांश के अनुसार पर्यावरण संकट को लेकर लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वही चिंता बढ़ाने वाला है; अर्थात् पर्यावरण के प्रति चेतना की कमी चिंता का विषय है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
‘ग्लेशियर’ शब्द है __________।
Aआगत
Bतत्सम
Cदेशज
Dतद्भव
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Correct answer: (A) आगत
Explanation
"ग्लेशियर" अंग्रेज़ी भाषा (glacier) से हिंदी में आया शब्द है। दूसरी भाषाओं से आए शब्द आगत (विदेशी) शब्द कहलाते हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
गद्यांश के अनुसार पर्यावरण संरक्षण का सबसे उपयुक्त उपाय है __________।
Aआवश्यकताओं में कमी करना
Bवृक्षारोपण करना
Cभूमि अपरदन की रोकथाम करना
Dरहन-सहन के स्तर में वृद्धि करना
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Correct answer: (A) आवश्यकताओं में कमी करना
Explanation
गद्यांश की अंतिम पंक्ति है - "उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है"। अतः आवश्यकताओं में कमी करना सबसे उपयुक्त उपाय है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
उदारीकरण के कारण :
Aअनावश्यक सुविधाओं के उपभोग में वृद्धि हुई है।
Bआवश्यक सुविधाओं के उपभोग में कमी आयी है।
Cअनावश्यक व्यय में वृद्धि हुई है।
Dआवश्यकताओं में वृद्धि हुई है।
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Correct answer: (A) अनावश्यक सुविधाओं के उपभोग में वृद्धि हुई है।
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि उदारीकरण के बाद हम सबकी जिंदगी में गैर-जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है, यानी अनावश्यक सुविधाओं के उपभोग में वृद्धि हुई है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 – 128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सकते हैं कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में अचानक गरमी पड़ती है और गेहूं सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश आकर उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरुआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है।
‘वैश्विक’ में मूल शब्द तथा प्रत्यय है __________।
Aवैश्वि + क
Bविश्व + इक
Cविश्व + क
Dवैश्व + इक
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Correct answer: (B) विश्व + इक
Explanation
"विश्व" में "इक" प्रत्यय लगने पर पहले स्वर "इ" की वृद्धि होकर "ऐ" हो जाता है: विश्व + इक = वैश्विक (जैसे इतिहास + इक = ऐतिहासिक)।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
निम्न में विशेषण है __________।
Aजीवंत
Bसम्मान
Cवरदान
Dजीवंतता
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Correct answer: (A) जीवंत
Explanation
"जीवंत" (जीवन से भरा) विशेषण है, जो किसी संज्ञा की विशेषता बताता है। "सम्मान" और "वरदान" संज्ञा हैं तथा "जीवंतता" भाववाचक संज्ञा है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
जीवन में खुशी आती है __________।
Aसरलता से
Bभौतिक वस्तुओं से
Cकपटता से
Dआडंबरता से
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Correct answer: (A) सरलता से
Explanation
गद्यांश के अनुसार जीवन में रौनक तब है जब उसे सहज और सरल तरीके से, बिना प्रपंच के जिया जाए; अतः खुशी सरलता से आती है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
समूह से भिन्न शब्द है __________।
Aआडंबर
Bअहंकार
Cअसहज
Dअधर्म
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Correct answer: (C) असहज
Explanation
"आडंबर", "अहंकार" और "अधर्म" तीनों संज्ञा शब्द हैं, जबकि "असहज" विशेषण है। इसलिए "असहज" समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
गद्यांश के अनुसार ‘अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं।’ वाक्य का आशय है कि __________।
Aअहंकार हमें दूर तक देखने की शक्ति प्रदान करता है।
Bअहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
Cअहंकार हमें निश्छल जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
Dअहंकार हमें सर्वस्व प्राप्त करने की ओर ले जाता है।
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Correct answer: (B) अहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
Explanation
अहंकारी व्यक्ति केवल बाहर दिखने वाली चीज़ों को महत्व देता है और भीतर के सच्चे जीवन को भूल जाता है। गद्यांश के अनुसार अहंकार ही आडंबर और दिखावे के जीवन का आधार है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
‘प्रपंच’ से तात्पर्य है __________।
Aपाँच प्रकार
Bआडंबर
Cपाँच पंच
Dपाँच वायु
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Correct answer: (B) आडंबर
Explanation
गद्यांश में "बिना किसी प्रपंच के" का अर्थ है बिना किसी छल-कपट या दिखावे के। यहाँ "प्रपंच" का अर्थ आडंबर है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
जीवन का सम्मान कैसे किया जा सकता है?
Aजीवन में सुविधाएँ जुटाकर
Bउच्च शिक्षा ग्रहण कर
Cजिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर
Dजीवन में मिली सब बाधाओं को समाप्त कर
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Correct answer: (C) जिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर
Explanation
गद्यांश में कहा गया है - "जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है।" अतः विकल्प (3) सही है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 129 – 135) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त का चयन कीजिए।
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते हैं। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बड़ा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
‘आधारित’ में प्रत्यय है __________।
Aत
Bरित
Cधारित
Dइत
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Correct answer: (D) इत
Explanation
"आधारित" शब्द "आधार" मूल शब्द में "इत" प्रत्यय लगाकर बना है: आधार + इत = आधारित (जैसे पुष्प + इत = पुष्पित)।
एक अध्यापक ने अपने शिक्षार्थियों को ‘जल’ पर एक अनुच्छेद लिखने के लिए कहा। शिक्षार्थियों ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की कक्षाओं में जो पढ़ा था उसके आधार पर आपस में चर्चा आरम्भ की और उसके बाद अनुच्छेद लिखना शुरू किया। यह किस तरह का उदाहरण है?
Aप्रयोग में भाषा
Bविज्ञान की भाषा
Cभाषा समूचे पाठ्यक्रम में
Dसम्प्रेषणात्मक उपागम
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Correct answer: (C) भाषा समूचे पाठ्यक्रम में
Explanation
बच्चों ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में पढ़ी बातों का प्रयोग भाषा की कक्षा में अनुच्छेद लिखने के लिए किया। यह "भाषा समूचे पाठ्यक्रम में" (Language Across the Curriculum) का उदाहरण है, जिसमें भाषा हर विषय के सीखने का माध्यम है।
Q93CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक से किस तरह की अपेक्षा की गई है?
Aपारम्परिक कहानियाँ यादकर सुनाने की
Bसमसामयिक कहानियाँ पढ़कर सुनाने की
Cपारम्परिक कहानियाँ पढ़ने और सुनने की
Dसमसामयिक कहानियाँ लिखने-सुनाने की
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Correct answer: (A) पारम्परिक कहानियाँ यादकर सुनाने की
Explanation
गद्यांश के अनुसार हर प्राथमिक अध्यापक से अपेक्षा है कि उसे कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियाँ याद हों और वह उन्हें आत्मविश्वास से सुना सके। इसलिए सही उत्तर 'पारम्परिक कहानियाँ यादकर सुनाने की' है।
Q94CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
शिक्षक का पारम्परिक कहानियों पर अधिकार होने से क्या आशय है?
Aकहानी के पात्रों का अभिनय किया जा सके
Bकहानी को पढ़कर सुनाया जा सके
Cकहानी पर आधारित चित्र बनाए जा सकें
Dकहानी यादकर सुनायी जा सके
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Correct answer: (D) कहानी यादकर सुनायी जा सके
Explanation
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है कि 'अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके', अर्थात कहानी यादकर सुनायी जा सके।
Q95CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
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मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
पारम्परिक कहानियों का स्रोत है
Aसमाचार-पत्र
Bपंचतंत्र
Cपाठ्यपुस्तकें
Dपत्रिकाएँ
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Correct answer: (B) पंचतंत्र
Explanation
गद्यांश में पारम्परिक कहानियों के स्रोत पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ और लोक कथाएँ बताए गए हैं; दिए गए विकल्पों में केवल पंचतंत्र इनमें है।
Q96CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
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मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
कहानियों का कौन-सा महत्त्व गद्यांश में प्रतिपादित नहीं हुआ है?
Aअनुमान लगाने के अवसर देना
Bशब्दों को अर्थ देना
Cकल्पनाशीलता प्रकट करना
Dश्रवण क्षमता का विकास करना
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Correct answer: (C) कल्पनाशीलता प्रकट करना
Explanation
गद्यांश में कहानियों के महत्त्व के रूप में सुनने की क्षमता का विकास, अनुमान लगाने का मौका और शब्दों को अर्थ देना बताया गया है; 'कल्पनाशीलता प्रकट करना' का उल्लेख नहीं है।
Q97CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
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मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
शब्द सामाजिक सम्पत्ति हैं, क्योंकि
Aशब्दों द्वारा हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटते हैं
Bहम दूसरों से तरह-तरह के शब्द सुनकर सीखते हैं
Cशब्द शब्दकोश से पढ़कर सीखे जाते हैं
Dहम दूसरों के अनुसार शब्दों का प्रयोग करते हैं
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Correct answer: (A) शब्दों द्वारा हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटते हैं
Explanation
गद्यांश के अनुसार शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं।
Q98CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
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मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
‘विद्यालय’ का संधि-विच्छेद है
Aविद्य + अलय
Bविद्या + अलय
Cविद्या + आलय
Dविद्या + लय
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Correct answer: (C) विद्या + आलय
Explanation
विद्यालय = विद्या + आलय (आ + आ = आ), यह दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है।
Q99CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
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मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
‘पारम्परिक’ में प्रयुक्त प्रत्यय का सही विकल्प चुनिए।
Aरिक
Bइक
Cईक
Dक
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Correct answer: (B) इक
Explanation
परम्परा + इक = पारम्परिक; 'इक' प्रत्यय लगने पर पहले स्वर में वृद्धि (प → पा) होती है, जैसे समाज → सामाजिक।
Q100CTET December 2024 Paper 2 Maths & Science, 15 Dec 2024
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तरवाले विकल्प को चुनिए :
मेरे मन में एक ऐसे दिन की कल्पना है जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले हर अध्यापक से अपेक्षा की जाएगी कि कम-से-कम तीस पारम्परिक कहानियों पर उसका अधिकार हो। अधिकार से आशय है कि कहानी याद हो और आत्मविश्वास के साथ सुना सके। पारम्परिक कहानियों के स्रोत हैं पंचतंत्र, जातक, महाभारत, गुलिस्ताँ, लोक कथाएँ आदि। कहानियाँ अच्छी तरह से सुनने की क्षमता का विकास करती हैं। अनुमान लगाने का मौका देती हैं। कहानियाँ शब्दों को अर्थ देती हैं। शब्द ऐसी सामाजिक संपत्ति हैं, जिनका प्रयोग हम दूसरों से अपने अनुभव बाँटने के लिए करते हैं। कहानी को नाटकीय ढंग से बोला जा सकता है। इशारों, मुद्राओं का प्रयोग किया जा सकता है। कहानी के प्रत्येक पात्र को अभिनीत भी किया जा सकता है।
‘प्रत्येक’ का संधि-विच्छेद है
Aप्रत्य + एक
Bप्रत्ये + क
Cप्रती + एक
Dप्रति + एक
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Correct answer: (D) प्रति + एक
Explanation
प्रत्येक = प्रति + एक (इ + ए = ये), यह यण् स्वर संधि का उदाहरण है।
How to use these CTET Hindi questions
Every question here was asked in a real CTET paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full CTET papers as timed tests to check your speed under exam conditions.