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गद्यांश / पद्यांश के प्रश्न (page 3)

181 गद्यांश / पद्यांश (Hindi) questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

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Q101BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (1st Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं. 96 से 100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। संकटों से वीर घबराते नहीं, आपदाएँ देख छिप जाते नहीं। लग गए जिस काम में पूरा किया, काम करके व्यर्थ पछताते नहीं॥ कठिन पथ को देख मुस्कुराते सदा, संकटों के बीच वे गाते सदा। है असंभव कुछ नहीं उनके लिए, सरल-संभव कर दिखाते वे सदा॥ पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aसंकट के बादल
  2. Bवीर
  3. Cकठिन पथ
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) वीर

Explanation

पद्यांश में वीरों के साहस और संकटों में न घबराने का वर्णन है, इसलिए शीर्षक वीर है।

Q102BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (1st Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं. 96 से 100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। संकटों से वीर घबराते नहीं, आपदाएँ देख छिप जाते नहीं। लग गए जिस काम में पूरा किया, काम करके व्यर्थ पछताते नहीं॥ कठिन पथ को देख मुस्कुराते सदा, संकटों के बीच वे गाते सदा। है असंभव कुछ नहीं उनके लिए, सरल-संभव कर दिखाते वे सदा॥ वीर संकटों को देखकर क्या करते हैं?
  1. Aछिप जाते हैं
  2. Bरोते हैं
  3. Cसोते हैं
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

पद्यांश के अनुसार वीर संकट देखकर घबराते या छिपते नहीं; दिए गए तीन विकल्प सही नहीं हैं, इसलिए कोई नहीं।

Q103BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (1st Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं. 96 से 100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। संकटों से वीर घबराते नहीं, आपदाएँ देख छिप जाते नहीं। लग गए जिस काम में पूरा किया, काम करके व्यर्थ पछताते नहीं॥ कठिन पथ को देख मुस्कुराते सदा, संकटों के बीच वे गाते सदा। है असंभव कुछ नहीं उनके लिए, सरल-संभव कर दिखाते वे सदा॥ वीर सभी कार्य को कैसे करते हैं?
  1. Aसोचते हुए
  2. Bछिपते हुए
  3. Cमुस्कुराते हुए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मुस्कुराते हुए

Explanation

वीर कठिन पथ देखकर मुस्कुराते और संकटों में गाते हैं, यानी मुस्कुराते हुए काम करते हैं।

Q104BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (1st Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं. 96 से 100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। संकटों से वीर घबराते नहीं, आपदाएँ देख छिप जाते नहीं। लग गए जिस काम में पूरा किया, काम करके व्यर्थ पछताते नहीं॥ कठिन पथ को देख मुस्कुराते सदा, संकटों के बीच वे गाते सदा। है असंभव कुछ नहीं उनके लिए, सरल-संभव कर दिखाते वे सदा॥ वीर किसे देखकर मुस्कुराते हैं?
  1. Aमित्र
  2. Bकठिन पथ
  3. Cअसंभव
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) कठिन पथ

Explanation

पद्यांश में कहा है कि वीर कठिन पथ को देखकर मुस्कुराते हैं।

Q105BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (1st Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं. 96 से 100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। संकटों से वीर घबराते नहीं, आपदाएँ देख छिप जाते नहीं। लग गए जिस काम में पूरा किया, काम करके व्यर्थ पछताते नहीं॥ कठिन पथ को देख मुस्कुराते सदा, संकटों के बीच वे गाते सदा। है असंभव कुछ नहीं उनके लिए, सरल-संभव कर दिखाते वे सदा॥ ‘आपदाएँ’ शब्द का अर्थ क्या है?
  1. Aविपत्ति
  2. Bसम्मति
  3. Cअनुमति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) विपत्ति

Explanation

आपदाएँ का अर्थ विपत्तियाँ है।

Q106BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। कौन परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है?
  1. Aभारत
  2. Bविश्व
  3. Cपूरा विश्व
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) पूरा विश्व

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति के अनुसार ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।

Q107BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। परिवर्तन के दौर का परिदृश्य क्या है?
  1. Aकला
  2. Bविज्ञान
  3. Cज्ञान
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) ज्ञान

Explanation

गद्यांश 'ज्ञान के परिदृश्य में' से शुरू होता है, अतः परिवर्तन के दौर का परिदृश्य ज्ञान है।

Q108BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। वैज्ञानिक और तकनीकी विकास का क्षेत्र क्या है?
  1. Aबिग डेटा
  2. Bबिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  3. Cआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Explanation

गद्यांश में बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तीनों को वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के क्षेत्र बताया गया है, इसलिए पूरा विकल्प (B) सही है।

Q109BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। मशीनें किसके एवज में काम करने लगेंगी?
  1. Aमनुष्य
  2. Bअकुशल कामगार
  3. Cकामगार
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) अकुशल कामगार

Explanation

गद्यांश के अनुसार अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी।

Q110BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। कुशल कामगारों की माँग किस क्षेत्र में बढ़ेगी?
  1. Aडेटा साइंस
  2. Bकम्प्यूटर साइंस
  3. Cगणित
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित, तीनों क्षेत्रों में कुशल कामगारों की माँग बढ़ेगी, इसलिए (A), (B), (C) सब सही हैं और उत्तर 'एक से अधिक' है।

Q111BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। हमें नये रास्ते खोजने होंगे
  1. Aऊर्जा के लिए
  2. Bऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि के लिए
  3. Cघटते प्राकृतिक संसाधन के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि के लिए

Explanation

जलवायु परिवर्तन आदि के कारण ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे।

Q112BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। नए कुशल कामगारों की जरूरत किन क्षेत्रों में है?
  1. Aजीव-विज्ञान और रसायन
  2. Bभौतिक-विज्ञान, कृषि
  3. Cजलवायु-विज्ञान, समाज-विज्ञान
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

गद्यांश में जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान, सभी में नए कुशल कामगारों की जरूरत बताई गई है; इसलिए (A), (B), (C) तीनों सही हैं।

Q113BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। महामारी रोकने के लिए आवश्यक है
  1. Aरोग प्रबंधन
  2. Bसंक्रामक रोग प्रबंधन व टीकों का विकास
  3. Cचिकित्सा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) संक्रामक रोग प्रबंधन व टीकों का विकास

Explanation

गद्यांश में संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास को महामारी से निपटने के लिए आवश्यक बताया गया है, अतः (B) सही है।

Q114BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। भारत कैसा देश बनने की दिशा में अग्रसर है?
  1. Aविकसित
  2. Bअर्धविकसित
  3. Cअविकसित
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) विकसित

Explanation

गद्यांश के अनुसार भारत एक विकसित देश बनने की ओर अग्रसर है।

Q115BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 71 से 80 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। ज्ञान के परिदृश्य में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बिग डेटा, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे बहुत-से वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के चलते एक ओर विश्वभर में अकुशल कामगारों की जगह मशीनें काम करने लगेंगी और दूसरी ओर डेटा साइंस, कम्प्यूटर साइंस और गणित के क्षेत्रों में ऐसे कुशल कामगारों की जरूरत और माँग बढ़ेगी जो विज्ञान, समाज-विज्ञान और मानविकी के विविध विषयों में योग्यता रखते हों। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों की वजह से हमें ऊर्जा, भोजन, पानी व स्वच्छता आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के नये रास्ते खोजने होंगे और इस कारण भी जीव-विज्ञान, रसायन, भौतिक-विज्ञान, कृषि, जलवायु-विज्ञान और समाज-विज्ञान के क्षेत्रों में नए कुशल कामगारों की जरूरत होगी। महामारी और महामारी के बढ़ते उद्भव संक्रामक रोग प्रबंधन और टीकों के विकास में सहयोगी अनुसंधान और परिणामी सामाजिक मुद्दे बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता को बढ़ाते हैं। मानविकी और कला की माँग बढ़ेगी, क्योंकि भारत एक विकसित देश बनने के साथ-साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है। तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है
  1. Aभारत
  2. Bचीन
  3. Cजापान
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) भारत

Explanation

गद्यांश के अंत में कहा गया है कि भारत दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर बढ़ रहा है।

Q116BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है। बंकिमचंद्र चटर्जी के समय ‘बंगदर्शन’ पत्रिका का उद्देश्य था
  1. Aबंगाल का उत्थान
  2. Bगोरों के अत्याचार का विरोध
  3. Cसत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति

Explanation

गद्यांश के अनुसार बंकिमचंद्र के समय 'बंगदर्शन' सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का साधन था।

Q117BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने लेख में गोरों का विरोध कब किया?
  1. Aजब गोरों द्वारा दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की गयी
  2. Bजब गोरों द्वारा अत्याचार किया गया
  3. Cजब गोरों द्वारा अपराध किया गया
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) जब गोरों द्वारा दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की गयी

Explanation

गद्यांश में आया है कि जब गोरों ने दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की, तब रवि बाबू ने उनका विरोध करते हुए लेख लिखे।

Q118BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है। ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ के राष्ट्रगान बनने का कारण है
  1. Aरवि बाबू की संवेदनशीलता
  2. Bइस कविता में व्याप्त देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति
  3. Cरवि बाबू का देश-प्रेम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) इस कविता में व्याप्त देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति

Explanation

'जन-गण-मन-अधिनायक' कविता देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार की गई।

Q119BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ‘बंगदर्शन’ पत्रिका का पुनः प्रकाशन किया
  1. Aसन् 1901 में
  2. Bदक्षिण अफ्रीका में बोअर जाति की हत्या होने पर
  3. Cबंकिमचंद्र चटर्जी के निधन के बाद ‘बंगदर्शन’ बंद हो जाने पर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

टैगोर ने बंकिमचंद्र के निधन के बाद बंद हो चुकी पत्रिका को सन् 1901 में फिर शुरू किया, इसलिए (A) और (C) दोनों सही हैं।

Q120BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात् बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुनः प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है—मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है। रवीन्द्रनाथ टैगोर की साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है
  1. Aमनुष्य और समाज का कल्याण करना
  2. Bमनुष्य के मन को श्रेष्ठ बनाना
  3. Cमनुष्य अपनी निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मनुष्य अपनी निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने

Explanation

गद्यांश में कृतियों का उद्देश्य बताया है कि मनुष्य का मानसिक स्तर ऊँचा हो और वह निम्न प्रवृत्तियों को त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने।

Q121BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना। किस मिट्टी से देह बनी है?
  1. Aगंगा की मिट्टी
  2. Bभारत की मिट्टी
  3. Cभूमि की मिट्टी
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) भारत की मिट्टी

Explanation

गद्यांश में 'जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है' कहा गया है; यह पवित्र भारत-भूमि है।

Q122BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना। किसका निर्मल जल पीने का उल्लेख है?
  1. Aभारत की नदी
  2. Bनदी का जल
  3. Cगंगा का जल
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) गंगा का जल

Explanation

गद्यांश के अनुसार तुमने गंगा का निर्मल जल पिया है।

Q123BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना। किसकी कोख से जन्म लेने की बात कही गयी है?
  1. Aगंगा
  2. Bभारत-भूमि
  3. Cसरस्वती
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सरस्वती

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना।

Q124BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना। किसी भी काम को करते हुए किसकी उपासना की बात कही गयी है?
  1. Aगंगा
  2. Bसावित्री माता
  3. Cभारत माता
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सावित्री माता

Explanation

गद्यांश के अंतिम वाक्य में किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होने को कहा गया है।

Q125BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। जिस भूमि की मिट्टी से तुम्हारा देह बना है, जिसकी गंगा का तुमने निर्मल जल पिया है, और जिसके गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, उस पवित्र भारत-भूमि में रहते हुए तुम उसके यश को उज्ज्वल करोगे, यह मुझे पूरी आशा है। इसके साथ ही जिस सरस्वती की कोख से तुमने दूसरा जन्म लिया है, उसे मत भूलना। किसी भी काम को करते हुए सावित्री माता की उपासना से विमुख न होना। लेखक ने किसके गौरव की बात कही है?
  1. Aभारत माता
  2. Bगंगा
  3. Cसरस्वती माता
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) भारत माता

Explanation

गद्यांश में कहा है कि जिस भूमि के गौरव के सामने संसार का कोई देश ठहर नहीं सकता, वह भारत-भूमि है, अर्थात् भारत माता।

Q126BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
“नील परिधान बीच सुकुमार खुल रहा मृदुल अधखुला अंग; खिला हो ज्यों बिजली का फूल मेघवन बीच गुलाबी रंग।” उपर्युक्त पद्यांश में कौन-सा अलंकार है?
  1. Aउपमा
  2. Bउत्प्रेक्षा
  3. Cविरोधाभास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) उत्प्रेक्षा

Explanation

बिजली के फूल के खिलने की कल्पना 'ज्यों' वाचक शब्द से की गई है, इसलिए यहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार है।

Q127BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 6-8
“दिवस का अवसान समीप था, गगन था कुछ लोहित हो चला। तरुशिखा पर थी अब राजती, कमलिनी-कुल-वल्लभ की प्रभा।” उपर्युक्त पद्यांश में कौन-सा छन्द है?
  1. Aद्रुतविलम्बित
  2. Bमंदाक्रांता
  3. Cवसन्ततिलका
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) द्रुतविलम्बित

Explanation

इस पद्यांश (प्रियप्रवास) का छंद द्रुतविलम्बित है, जिसके प्रत्येक चरण में बारह वर्ण होते हैं।

Q128BPSC TRE 2.0 (2023) Mathematics Class 9-10 (Re-exam)
निर्देश (प्रश्न संख्या 27 से 30 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए उपयुक्त विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। राष्ट्रीय चेतना का प्रवाह अविराम गति से बहता रहता है। जिस प्रकार हिमालय से निकलने वाली गंगा अनेक मार्ग और रूप ग्रहण करती है तथा भारत के लोगों की आध्यात्मिक और भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करती है। उसी प्रकार हिमालय की कन्दराओं में रहने वाले मनीषियों के विचार देशवासियों को अनेक रूपों में एकता का संदेश देने वाले प्रेरणास्रोत रहे हैं। गंगा एक है, किन्तु उसके नाम अनेक हैं। चाहे उसे देवनदी कहें या भागीरथी अथवा किसी अन्य नाम से पुकारें, वह है एक ही। उसका पवित्र जल लोगों को तृप्ति प्रदान करने वाली संजीवनी है। गंगा देश के विभिन्न स्थानों, विभिन्न वर्गों, जातियों, गाँवों और शहरों के निवासियों का माँ के समान पालन-पोषण करती है। अपनी जन्मभूमि के प्रति भी यही मातृत्व भावना भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है। ‘मनीषियों’ शब्द से आशय है
  1. Aव्यापारियों
  2. Bउद्यमियों
  3. Cविद्वानों
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) विद्वानों

Explanation

मनीषी का अर्थ विद्वान या चिंतक है।

Q129BPSC TRE 2.0 (2023) Mathematics Class 9-10 (Re-exam)
निर्देश (प्रश्न संख्या 27 से 30 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए उपयुक्त विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। राष्ट्रीय चेतना का प्रवाह अविराम गति से बहता रहता है। जिस प्रकार हिमालय से निकलने वाली गंगा अनेक मार्ग और रूप ग्रहण करती है तथा भारत के लोगों की आध्यात्मिक और भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करती है। उसी प्रकार हिमालय की कन्दराओं में रहने वाले मनीषियों के विचार देशवासियों को अनेक रूपों में एकता का संदेश देने वाले प्रेरणास्रोत रहे हैं। गंगा एक है, किन्तु उसके नाम अनेक हैं। चाहे उसे देवनदी कहें या भागीरथी अथवा किसी अन्य नाम से पुकारें, वह है एक ही। उसका पवित्र जल लोगों को तृप्ति प्रदान करने वाली संजीवनी है। गंगा देश के विभिन्न स्थानों, विभिन्न वर्गों, जातियों, गाँवों और शहरों के निवासियों का माँ के समान पालन-पोषण करती है। अपनी जन्मभूमि के प्रति भी यही मातृत्व भावना भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है। मनीषियों के विचार देशवासियों को क्या संदेश देते हैं?
  1. Aएकता
  2. Bभौतिकता
  3. Cअकिंचनता
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) एकता

Explanation

अवतरण के अनुसार मनीषियों के विचार देशवासियों को अनेक रूपों में एकता का संदेश देते हैं।

Q130BPSC TRE 2.0 (2023) Mathematics Class 9-10 (Re-exam)
निर्देश (प्रश्न संख्या 27 से 30 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए उपयुक्त विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। राष्ट्रीय चेतना का प्रवाह अविराम गति से बहता रहता है। जिस प्रकार हिमालय से निकलने वाली गंगा अनेक मार्ग और रूप ग्रहण करती है तथा भारत के लोगों की आध्यात्मिक और भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करती है। उसी प्रकार हिमालय की कन्दराओं में रहने वाले मनीषियों के विचार देशवासियों को अनेक रूपों में एकता का संदेश देने वाले प्रेरणास्रोत रहे हैं। गंगा एक है, किन्तु उसके नाम अनेक हैं। चाहे उसे देवनदी कहें या भागीरथी अथवा किसी अन्य नाम से पुकारें, वह है एक ही। उसका पवित्र जल लोगों को तृप्ति प्रदान करने वाली संजीवनी है। गंगा देश के विभिन्न स्थानों, विभिन्न वर्गों, जातियों, गाँवों और शहरों के निवासियों का माँ के समान पालन-पोषण करती है। अपनी जन्मभूमि के प्रति भी यही मातृत्व भावना भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है। राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है
  1. Aजन्मभूमि के प्रति मातृत्व की भावना
  2. Bलोगों की भौतिक आवश्यकताएँ
  3. Cसांसारिक सुख
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) जन्मभूमि के प्रति मातृत्व की भावना

Explanation

अंतिम पंक्ति में कहा गया है कि जन्मभूमि के प्रति मातृत्व भावना ही राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है।

Q131BPSC TRE 2.0 (2023) Mathematics Class 9-10 (Re-exam)
निर्देश (प्रश्न संख्या 27 से 30 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए उपयुक्त विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। राष्ट्रीय चेतना का प्रवाह अविराम गति से बहता रहता है। जिस प्रकार हिमालय से निकलने वाली गंगा अनेक मार्ग और रूप ग्रहण करती है तथा भारत के लोगों की आध्यात्मिक और भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करती है। उसी प्रकार हिमालय की कन्दराओं में रहने वाले मनीषियों के विचार देशवासियों को अनेक रूपों में एकता का संदेश देने वाले प्रेरणास्रोत रहे हैं। गंगा एक है, किन्तु उसके नाम अनेक हैं। चाहे उसे देवनदी कहें या भागीरथी अथवा किसी अन्य नाम से पुकारें, वह है एक ही। उसका पवित्र जल लोगों को तृप्ति प्रदान करने वाली संजीवनी है। गंगा देश के विभिन्न स्थानों, विभिन्न वर्गों, जातियों, गाँवों और शहरों के निवासियों का माँ के समान पालन-पोषण करती है। अपनी जन्मभूमि के प्रति भी यही मातृत्व भावना भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है। उपर्युक्त अवतरण का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है
  1. Aलोगों की शारीरिक आवश्यकताएँ
  2. Bराष्ट्रीय चेतना
  3. Cदेशवासियों का पालन-पोषण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) राष्ट्रीय चेतना

Explanation

पूरा अवतरण राष्ट्रीय चेतना के प्रवाह और उसके आधार की बात करता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'राष्ट्रीय चेतना' है।

Q132BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश : (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए - मनुष्य विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी है। उसकी प्रगति के लिए प्रकृति परिवेश सदा मुस्कराता रहता है। प्रात: कालीन सूर्य की स्वर्णिम किरणें जागरण गीत सुनाती हैं। वाटिका के पुष्प उनका पथ सुरभित करते हैं। वैश्वीकरण में दशों दिशाओं में मानव - मार्ग प्रशस्त हो गया है। ‘मनुष्य विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी है।’ में किसकी चर्चा की गई है?
  1. Aविधाता की
  2. Bविधाता की सृष्टि की
  3. Cमनुष्य की
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मनुष्य की

Explanation

गद्यांश के पहले ही वाक्य में मनुष्य को विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी बताया गया है, अर्थात् चर्चा मनुष्य की है।

Q133BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश : (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए - मनुष्य विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी है। उसकी प्रगति के लिए प्रकृति परिवेश सदा मुस्कराता रहता है। प्रात: कालीन सूर्य की स्वर्णिम किरणें जागरण गीत सुनाती हैं। वाटिका के पुष्प उनका पथ सुरभित करते हैं। वैश्वीकरण में दशों दिशाओं में मानव - मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रकृति परिवेश किसके लिए मुस्कराता है?
  1. Aमनुष्य के लिए
  2. Bसृष्टि के लिए
  3. Cविधाता के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) मनुष्य के लिए

Explanation

गद्यांश के अनुसार मनुष्य की प्रगति के लिए प्रकृति परिवेश सदा मुस्कराता रहता है।

Q134BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश : (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए - मनुष्य विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी है। उसकी प्रगति के लिए प्रकृति परिवेश सदा मुस्कराता रहता है। प्रात: कालीन सूर्य की स्वर्णिम किरणें जागरण गीत सुनाती हैं। वाटिका के पुष्प उनका पथ सुरभित करते हैं। वैश्वीकरण में दशों दिशाओं में मानव - मार्ग प्रशस्त हो गया है। जागरण गीत कौन गा रहा है?
  1. Aसूर्य
  2. Bकिरणें
  3. Cप्रात: काल
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) किरणें

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि प्रात:कालीन सूर्य की स्वर्णिम किरणें जागरण गीत सुनाती हैं।

Q135BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश : (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए - मनुष्य विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी है। उसकी प्रगति के लिए प्रकृति परिवेश सदा मुस्कराता रहता है। प्रात: कालीन सूर्य की स्वर्णिम किरणें जागरण गीत सुनाती हैं। वाटिका के पुष्प उनका पथ सुरभित करते हैं। वैश्वीकरण में दशों दिशाओं में मानव - मार्ग प्रशस्त हो गया है। वाटिका के पुष्प किसका पथ सुरभित करते हैं?
  1. Aमनुष्य का
  2. Bसृष्टि का
  3. Cसूर्य का
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) मनुष्य का

Explanation

गद्यांश के अनुसार वाटिका के पुष्प मनुष्य का पथ सुरभित करते हैं ('उसकी प्रगति' के संदर्भ में)।

Q136BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश : (प्रश्न संख्या 86 से 90 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए - मनुष्य विधाता की सृष्टि का सर्वाधिक चिंतनशील प्राणी है। उसकी प्रगति के लिए प्रकृति परिवेश सदा मुस्कराता रहता है। प्रात: कालीन सूर्य की स्वर्णिम किरणें जागरण गीत सुनाती हैं। वाटिका के पुष्प उनका पथ सुरभित करते हैं। वैश्वीकरण में दशों दिशाओं में मानव - मार्ग प्रशस्त हो गया है। वैश्वीकरण में मार्ग प्रशस्त होने का क्या अर्थ है?
  1. Aहजारों मार्ग होना
  2. Bसैकड़ों मार्ग होना
  3. Cमार्ग सुलभ होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मार्ग सुलभ होना

Explanation

'मार्ग प्रशस्त होने' का अर्थ है मार्ग का चौड़ा, अर्थात् सुलभ हो जाना।

Q137BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 91 से 95 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए मनुष्य अपनी सफलता और प्रसन्नता के लिए बचपन से ही प्रयत्नशील रहता है। सहजानुभूति में गतिशील रहने की ऊर्जा मिलती है। माँ की मुस्कान देख हँसने की इच्छा जग जाती है। पिता की उँगली पकड़ कर भागने की इच्छा जग जाती है। साहित्य-चर्चा और सृजन धर्म अपनाने से सरस्वती के उपासक बन जाते हैं। इसमें किसकी चर्चा की गई है?
  1. Aप्रयत्न की
  2. Bसफलता की
  3. Cप्रसन्नता की
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

गद्यांश में सफलता, प्रसन्नता, सहजानुभूति, साहित्य-सृजन आदि अनेक बातें आई हैं, अतः दिए गए तीनों विकल्पों में से केवल एक को उत्तर नहीं कहा जा सकता; आयोग की कुंजी के अनुसार उत्तर 'कोई नहीं' है।

Q138BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 91 से 95 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए मनुष्य अपनी सफलता और प्रसन्नता के लिए बचपन से ही प्रयत्नशील रहता है। सहजानुभूति में गतिशील रहने की ऊर्जा मिलती है। माँ की मुस्कान देख हँसने की इच्छा जग जाती है। पिता की उँगली पकड़ कर भागने की इच्छा जग जाती है। साहित्य-चर्चा और सृजन धर्म अपनाने से सरस्वती के उपासक बन जाते हैं। गतिशील रहने की ऊर्जा कब मिलती है?
  1. Aअनुभूति में
  2. Bसहजता में
  3. Cसहजानुभूति में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सहजानुभूति में

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि सहजानुभूति में गतिशील रहने की ऊर्जा मिलती है।

Q139BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 91 से 95 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए मनुष्य अपनी सफलता और प्रसन्नता के लिए बचपन से ही प्रयत्नशील रहता है। सहजानुभूति में गतिशील रहने की ऊर्जा मिलती है। माँ की मुस्कान देख हँसने की इच्छा जग जाती है। पिता की उँगली पकड़ कर भागने की इच्छा जग जाती है। साहित्य-चर्चा और सृजन धर्म अपनाने से सरस्वती के उपासक बन जाते हैं। बच्चे को हँसने की इच्छा कब होती है?
  1. Aमाँ को देखकर
  2. Bमुस्कान देखकर
  3. Cमाँ की मुस्कान देखकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) माँ की मुस्कान देखकर

Explanation

गद्यांश के अनुसार माँ की मुस्कान देखकर हँसने की इच्छा जाग जाती है।

Q140BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 91 से 95 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए मनुष्य अपनी सफलता और प्रसन्नता के लिए बचपन से ही प्रयत्नशील रहता है। सहजानुभूति में गतिशील रहने की ऊर्जा मिलती है। माँ की मुस्कान देख हँसने की इच्छा जग जाती है। पिता की उँगली पकड़ कर भागने की इच्छा जग जाती है। साहित्य-चर्चा और सृजन धर्म अपनाने से सरस्वती के उपासक बन जाते हैं। पिता की उँगली पकड़ कर किसे भागने की इच्छा होती है?
  1. Aपुत्र की
  2. Bपुत्री की
  3. Cदोस्त की
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

गद्यांश में केवल 'भागने की इच्छा' की बात है, बच्चा पुत्र या पुत्री कोई भी हो सकता है; इसलिए (A) और (B) दोनों संभव हैं, अतः उत्तर 'एक से अधिक' है।

Q141BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 91 से 95 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में चिह्नित कीजिए मनुष्य अपनी सफलता और प्रसन्नता के लिए बचपन से ही प्रयत्नशील रहता है। सहजानुभूति में गतिशील रहने की ऊर्जा मिलती है। माँ की मुस्कान देख हँसने की इच्छा जग जाती है। पिता की उँगली पकड़ कर भागने की इच्छा जग जाती है। साहित्य-चर्चा और सृजन धर्म अपनाने से सरस्वती के उपासक बन जाते हैं। सरस्वती के उपासक कैसे बनते हैं?
  1. Aसाहित्य-चर्चा से
  2. Bसाहित्य-सृजन से
  3. Cसाहित्य-चर्चा और साहित्य-सृजन से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) साहित्य-चर्चा और साहित्य-सृजन से

Explanation

गद्यांश के अनुसार साहित्य-चर्चा और सृजन-धर्म अपनाने से मनुष्य सरस्वती का उपासक बन जाता है।

Q142BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 96 से 100 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर- पत्रक में चिह्नित कीजिए - पर्वत के झर-झर झरते, झरने अपने संगीत से पर्वतीय प्रदेश संगीतमय बना देते हैं। तरंगों से मचलती सरिता अपने निकटवर्ती क्षेत्र को हरा-भरा कर देती है। पर्वत से लुढ़कता पाषाण सरिता की गतिशीलता के संग बहकर कल्याणकारी शिव बन जाता है। वनस्पतियों के बीज पक्षियों का संग पाकर दूर-दूर पहुँचकर मचलते लता-गुल्म और वृक्ष बन जाते हैं। वसंत की भींनी हवा कलियों के ओठों पर मधुर मुस्कान ला देती है। पर्वतीय प्रदेश संगीतमय कैसे बन जाता है?
  1. Aझरने से
  2. Bझरने के झर-झर से
  3. Cझरने के संगीत से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) झरने के संगीत से

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि झरने अपने संगीत से पर्वतीय प्रदेश को संगीतमय बना देते हैं।

Q143BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 96 से 100 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर- पत्रक में चिह्नित कीजिए - पर्वत के झर-झर झरते, झरने अपने संगीत से पर्वतीय प्रदेश संगीतमय बना देते हैं। तरंगों से मचलती सरिता अपने निकटवर्ती क्षेत्र को हरा-भरा कर देती है। पर्वत से लुढ़कता पाषाण सरिता की गतिशीलता के संग बहकर कल्याणकारी शिव बन जाता है। वनस्पतियों के बीज पक्षियों का संग पाकर दूर-दूर पहुँचकर मचलते लता-गुल्म और वृक्ष बन जाते हैं। वसंत की भींनी हवा कलियों के ओठों पर मधुर मुस्कान ला देती है। सरिता का निकटवर्ती क्षेत्र हरा-भरा कैसे हो जाता है?
  1. Aसरिता की निकटता से
  2. Bसरिता की जल-तरंगों से
  3. Cसरिता के मचलने से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

तरंगों से मचलती सरिता निकटवर्ती क्षेत्र को हरा-भरा कर देती है; जल-तरंगें और मचलना दोनों कारण दिए गए हैं, अतः एक से अधिक विकल्प सही हैं।

Q144BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 96 से 100 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर- पत्रक में चिह्नित कीजिए - पर्वत के झर-झर झरते, झरने अपने संगीत से पर्वतीय प्रदेश संगीतमय बना देते हैं। तरंगों से मचलती सरिता अपने निकटवर्ती क्षेत्र को हरा-भरा कर देती है। पर्वत से लुढ़कता पाषाण सरिता की गतिशीलता के संग बहकर कल्याणकारी शिव बन जाता है। वनस्पतियों के बीज पक्षियों का संग पाकर दूर-दूर पहुँचकर मचलते लता-गुल्म और वृक्ष बन जाते हैं। वसंत की भींनी हवा कलियों के ओठों पर मधुर मुस्कान ला देती है। पत्थर से शिव बनने का क्या अर्थ है?
  1. Aसुंदर रूप पाना
  2. Bचमत्कार होना
  3. Cकल्याणकारी होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) कल्याणकारी होना

Explanation

पत्थर के सरिता के साथ बहकर 'कल्याणकारी शिव' बन जाने का अर्थ है कल्याणकारी होना।

Q145BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 96 से 100 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर- पत्रक में चिह्नित कीजिए - पर्वत के झर-झर झरते, झरने अपने संगीत से पर्वतीय प्रदेश संगीतमय बना देते हैं। तरंगों से मचलती सरिता अपने निकटवर्ती क्षेत्र को हरा-भरा कर देती है। पर्वत से लुढ़कता पाषाण सरिता की गतिशीलता के संग बहकर कल्याणकारी शिव बन जाता है। वनस्पतियों के बीज पक्षियों का संग पाकर दूर-दूर पहुँचकर मचलते लता-गुल्म और वृक्ष बन जाते हैं। वसंत की भींनी हवा कलियों के ओठों पर मधुर मुस्कान ला देती है। वनस्पतियों के नए-नए लता-गुल्म दूर-दूर कैसे पहुँच जाते हैं?
  1. Aउनके बीज से
  2. Bपक्षियों से
  3. Cसंगति से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) पक्षियों से

Explanation

गद्यांश के अनुसार वनस्पतियों के बीज पक्षियों का संग पाकर दूर-दूर पहुँचते हैं, अर्थात् पक्षियों के द्वारा।

Q146BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 96 से 100 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर- पत्रक में चिह्नित कीजिए - पर्वत के झर-झर झरते, झरने अपने संगीत से पर्वतीय प्रदेश संगीतमय बना देते हैं। तरंगों से मचलती सरिता अपने निकटवर्ती क्षेत्र को हरा-भरा कर देती है। पर्वत से लुढ़कता पाषाण सरिता की गतिशीलता के संग बहकर कल्याणकारी शिव बन जाता है। वनस्पतियों के बीज पक्षियों का संग पाकर दूर-दूर पहुँचकर मचलते लता-गुल्म और वृक्ष बन जाते हैं। वसंत की भींनी हवा कलियों के ओठों पर मधुर मुस्कान ला देती है। वसंत में कलियों में मुस्कान क्यों आती है?
  1. Aवसंत की भीनी हवा से
  2. Bहवा से
  3. Cभीनी हवा से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) वसंत की भीनी हवा से

Explanation

गद्यांश में वसंत की भीनी हवा से कलियों के होंठों पर मुस्कान आने की बात कही गई है; पूरा कथन (A) में है।

Q147BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - विधाता की सृष्टि सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है। सर सरिता से हरी-भरी, मानवता से परिलसित है। प्रकृति के अप्रतिम सौंदर्य में मानव के मानवीय भावाकर्षण में विधाता को धरती पर बार-बार अवतार लेना पड़ता है। धर्म भूमि संत, महात्माओं को पाकर धन्य हो गई है। शत-शत नमन है यह पावन, दिव्य स्थली मातृभूमि को। विधाता की सृष्टि किस प्रकार आलोकित है?
  1. Aआभा से आलोकित है
  2. Bसूर्य की आभा से आलोकित है
  3. Cसूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है

Explanation

गद्यांश का पहला वाक्य है कि विधाता की सृष्टि सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है।

Q148BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - विधाता की सृष्टि सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है। सर सरिता से हरी-भरी, मानवता से परिलसित है। प्रकृति के अप्रतिम सौंदर्य में मानव के मानवीय भावाकर्षण में विधाता को धरती पर बार-बार अवतार लेना पड़ता है। धर्म भूमि संत, महात्माओं को पाकर धन्य हो गई है। शत-शत नमन है यह पावन, दिव्य स्थली मातृभूमि को। किसे परिलसित होने की बात कही गई है?
  1. Aमानवता
  2. Bसर-सरिता
  3. Cसृष्टि
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सृष्टि

Explanation

'विधाता की सृष्टि ... परिलसित है' वाक्य का कर्ता 'सृष्टि' है, इसलिए कुंजी के अनुसार उत्तर (C) है।

Q149BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - विधाता की सृष्टि सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है। सर सरिता से हरी-भरी, मानवता से परिलसित है। प्रकृति के अप्रतिम सौंदर्य में मानव के मानवीय भावाकर्षण में विधाता को धरती पर बार-बार अवतार लेना पड़ता है। धर्म भूमि संत, महात्माओं को पाकर धन्य हो गई है। शत-शत नमन है यह पावन, दिव्य स्थली मातृभूमि को। विधाता को बार-बार धरती पर अवतार क्यों लेना पड़ता है?
  1. Aप्रकृती से
  2. Bप्रकृति-सौंदर्याकर्षण
  3. Cमानवीय भावाकर्षण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

गद्यांश में प्रकृति के सौंदर्य और मानव के मानवीय भावाकर्षण दोनों का उल्लेख है, इसलिए एक से अधिक विकल्प (B और C) सही माने गए हैं।

Q150BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - विधाता की सृष्टि सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है। सर सरिता से हरी-भरी, मानवता से परिलसित है। प्रकृति के अप्रतिम सौंदर्य में मानव के मानवीय भावाकर्षण में विधाता को धरती पर बार-बार अवतार लेना पड़ता है। धर्म भूमि संत, महात्माओं को पाकर धन्य हो गई है। शत-शत नमन है यह पावन, दिव्य स्थली मातृभूमि को। यह भूमि धन्य कैसे हुई?
  1. Aसंत-महात्माओं को पाकर
  2. Bसंत को पाकर
  3. Cमहात्माओं को पाकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) संत-महात्माओं को पाकर

Explanation

गद्यांश के अनुसार धर्मभूमि संत-महात्माओं को पाकर धन्य हो गई है।

How to use these BPSC TRE Hindi questions

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