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गद्यांश / पद्यांश के प्रश्न (page 4)

181 गद्यांश / पद्यांश (Hindi) questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

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Q151BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - विधाता की सृष्टि सूर्य और चाँद की आभा से आलोकित है। सर सरिता से हरी-भरी, मानवता से परिलसित है। प्रकृति के अप्रतिम सौंदर्य में मानव के मानवीय भावाकर्षण में विधाता को धरती पर बार-बार अवतार लेना पड़ता है। धर्म भूमि संत, महात्माओं को पाकर धन्य हो गई है। शत-शत नमन है यह पावन, दिव्य स्थली मातृभूमि को। किसको शत-शत नमन किया गया है?
  1. Aपावनता को
  2. Bदिव्य स्थली को
  3. Cमातृभूमी को
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मातृभूमी को

Explanation

अंत में पावन, दिव्य स्थली 'मातृभूमि' को शत-शत नमन किया गया है।

Q152BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। गुरू का मोमबत्ती की तरह जलना-गलना का क्या अर्थ है?
  1. Aजीवन-खपाना
  2. Bसद्कार्य करना
  3. Cसमय लगाना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सद्कार्य करना

Explanation

मोमबत्ती की तरह जलने-गलने का आशय है स्वयं कष्ट सहकर शिष्य के लिए सद्कार्य करना, उसे ज्ञान का उजाला देना।

Q153BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। सान्निध्य पाना का क्या भाव है?
  1. Aसाथ
  2. Bसहकर्म
  3. Cछत्रछाया
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) छत्रछाया

Explanation

'सान्निध्य' का भाव निकटता है, जिसमें गुरु की छत्रछाया में रहने का भाव है।

Q154BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। आत्म-विश्वास का आलोक क्या है?
  1. Aकर्म-पथ पर चलने का सुदृढ़ निश्चय
  2. Bकिसी अन्य पर भरोसा न करना
  3. Cआत्मा-परमात्मा का ज्ञान
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) कर्म-पथ पर चलने का सुदृढ़ निश्चय

Explanation

आत्म-विश्वास का आलोक कर्म-पथ पर चलने का सुदृढ़ निश्चय है।

Q155BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। लक्ष्य-प्राप्ति का आधार क्या बताया गया है?
  1. Aआत्म-चिंतन
  2. Bआत्म-विश्वास
  3. Cआत्म-चिंतन और आत्म-विश्वास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आत्म-चिंतन और आत्म-विश्वास

Explanation

गद्यांश के अनुसार आत्म-चिंतन और आत्म-विश्वास दोनों लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बनते हैं।

Q156BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 106 से 110 तक) : प्रस्तुत अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए - गुरू मोमबत्ती की तरह जलकर गलकर शिष्य को उजाला देता है। शिष्य गुरू का सान्निध्य पाकर सन्मार्ग का पथिक बन जाता है। शिष्य में आत्म-विश्वास का आलोक जगमगा उठता है। आत्म-चिंतन, आत्म-विश्वास लक्ष्य तक पहुँचाने का आधार बन जाता है। सफलता का ध्वज उसके मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए लहराने लगता है। मस्तक के पसीने को साफ करने के लिए ध्वज लहराना का क्या भाव है?
  1. Aचर्चित होना
  2. Bसफलता का निश्चयन
  3. Cखुश होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सफलता का निश्चयन

Explanation

मस्तक के पसीने को पोंछने के लिए सफलता का ध्वज लहराने का भाव है कि परिश्रम के बाद सफलता निश्चित है।

Q157BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
मेघमय आसमान से उतर रही संध्या सुंदरी परी सी धीरे, धीर, धीरे! - इस पद्यांश में कौन-सी शब्द शक्ति है?
  1. Aअभिधा
  2. Bलक्षणा
  3. Cव्यंजना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) लक्षणा

Explanation

संध्या को 'सुंदरी परी' कहना वाच्यार्थ से भिन्न अर्थ (मानवीकरण) देता है; कुंजी के अनुसार शब्द शक्ति लक्षणा है।

Q158BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
अति कटु बचन कहति कैकेई। मानहु लोन जरे पर देई॥ - इस पद्यांश किस अलंकार की योजना है?
  1. Aउत्प्रेक्षा
  2. Bविरोधाभास
  3. Cउपमा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) उत्प्रेक्षा

Explanation

'मानहु लोन जरे पर देई' में 'मानहु' से संभावना की गई है, इसलिए उत्प्रेक्षा अलंकार है।

Q159BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 9-10
या अनुरागी चित्त की, गति समुझै नहिं कोई। ज्यों-ज्यों बूड़ै, स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्जवल होइ॥ - इस पद्यांश में किस अलंकार की योजना है?
  1. Aउत्प्रेक्षा
  2. Bउपमा
  3. Cविरोधाभास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) विरोधाभास

Explanation

स्याम रंग में डूबने पर चित्त का उज्ज्वल होना विरोध-सा दिखता है पर वस्तुतः विरोध नहीं है, इसलिए विरोधाभास अलंकार है।

Q160BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (क) पंडित राम प्रसाद बिस्मिल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था। जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, इनके जीवन में क्रांति आ गई, इनमें बुराइयों का सामना करने का साहस जाग उठा। उन दिनों स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पर था। राम प्रसाद को पता चला कि क्रांतिकारी युवक देश में सजग हैं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए मर मिटने को तैयार हैं। बिस्मिल क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बन गए। इन्होंने एक पुस्तक भी लिखी- ‘अमरीका को स्वतंत्रता कैसे मिली?’ इनकी ‘स्वदेश-रंग’ नामक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध है। आंदोलन में धन की कमी एक बहुत बड़ी समस्या थी। धन जुटाने के लिए इन्होंने किसी दीन-हीन को नहीं सताया, बल्कि अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटने की योजना बनाई। इन्होंने 9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन पर धन लूटकर स्वाधीनता संग्राम में लगा दिया। इसके लिए इनपर मुकदमा चलाया गया। इन्हें फाँसी की सज़ा दी गई। पंडित बिस्मिल ने 26-27 वर्ष की आयु में वह कार्य कर दिखाया, जो लंबी आयु जीने वाले भी नहीं कर पाते। ये एक कवि भी थे, इनकी ये पंक्तियाँ समय-समय पर हमें प्रेरणा देती हैं : ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए-कातिल में है॥’ राम प्रसाद के जीवन में परिवर्तन कब आया?
  1. Aक्रांतिकारियों के संपर्क में आने पर
  2. Bजब अमरीका को स्वतंत्रता मिली
  3. Cजब वे आर्य समाज के संपर्क में आए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) जब वे आर्य समाज के संपर्क में आए

Explanation

गद्यांश में लिखा है कि जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, तब उनके जीवन में क्रांति (परिवर्तन) आ गई।

Q161BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (क) पंडित राम प्रसाद बिस्मिल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था। जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, इनके जीवन में क्रांति आ गई, इनमें बुराइयों का सामना करने का साहस जाग उठा। उन दिनों स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पर था। राम प्रसाद को पता चला कि क्रांतिकारी युवक देश में सजग हैं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए मर मिटने को तैयार हैं। बिस्मिल क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बन गए। इन्होंने एक पुस्तक भी लिखी- ‘अमरीका को स्वतंत्रता कैसे मिली?’ इनकी ‘स्वदेश-रंग’ नामक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध है। आंदोलन में धन की कमी एक बहुत बड़ी समस्या थी। धन जुटाने के लिए इन्होंने किसी दीन-हीन को नहीं सताया, बल्कि अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटने की योजना बनाई। इन्होंने 9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन पर धन लूटकर स्वाधीनता संग्राम में लगा दिया। इसके लिए इनपर मुकदमा चलाया गया। इन्हें फाँसी की सज़ा दी गई। पंडित बिस्मिल ने 26-27 वर्ष की आयु में वह कार्य कर दिखाया, जो लंबी आयु जीने वाले भी नहीं कर पाते। ये एक कवि भी थे, इनकी ये पंक्तियाँ समय-समय पर हमें प्रेरणा देती हैं : ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए-कातिल में है॥’ बिस्मिल ने धन की समस्या कैसे हल की?
  1. Aसरकारी खज़ाना लूटकर
  2. Bचंदा इकट्ठा करके
  3. Cग़रीबों को लूटकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) सरकारी खज़ाना लूटकर

Explanation

गद्यांश के अनुसार बिस्मिल ने धन जुटाने के लिए अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटा (काकोरी, 9 अगस्त 1925)।

Q162BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (क) पंडित राम प्रसाद बिस्मिल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था। जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, इनके जीवन में क्रांति आ गई, इनमें बुराइयों का सामना करने का साहस जाग उठा। उन दिनों स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पर था। राम प्रसाद को पता चला कि क्रांतिकारी युवक देश में सजग हैं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए मर मिटने को तैयार हैं। बिस्मिल क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बन गए। इन्होंने एक पुस्तक भी लिखी- ‘अमरीका को स्वतंत्रता कैसे मिली?’ इनकी ‘स्वदेश-रंग’ नामक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध है। आंदोलन में धन की कमी एक बहुत बड़ी समस्या थी। धन जुटाने के लिए इन्होंने किसी दीन-हीन को नहीं सताया, बल्कि अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटने की योजना बनाई। इन्होंने 9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन पर धन लूटकर स्वाधीनता संग्राम में लगा दिया। इसके लिए इनपर मुकदमा चलाया गया। इन्हें फाँसी की सज़ा दी गई। पंडित बिस्मिल ने 26-27 वर्ष की आयु में वह कार्य कर दिखाया, जो लंबी आयु जीने वाले भी नहीं कर पाते। ये एक कवि भी थे, इनकी ये पंक्तियाँ समय-समय पर हमें प्रेरणा देती हैं : ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए-कातिल में है॥’ बिस्मिल महान क्रांतिकारी क्यों कहलाए?
  1. Aक्योंकि उन्हें फाँसी की सज़ा दी गई।
  2. Bक्योंकि उन्होंने पुस्तकें लिखीं।
  3. Cक्योंकि उन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया।
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) क्योंकि उन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया।

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति कहती है कि उन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था, इसलिए वे महान क्रांतिकारी कहलाए।

Q163BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (क) पंडित राम प्रसाद बिस्मिल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था। जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, इनके जीवन में क्रांति आ गई, इनमें बुराइयों का सामना करने का साहस जाग उठा। उन दिनों स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पर था। राम प्रसाद को पता चला कि क्रांतिकारी युवक देश में सजग हैं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए मर मिटने को तैयार हैं। बिस्मिल क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बन गए। इन्होंने एक पुस्तक भी लिखी- ‘अमरीका को स्वतंत्रता कैसे मिली?’ इनकी ‘स्वदेश-रंग’ नामक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध है। आंदोलन में धन की कमी एक बहुत बड़ी समस्या थी। धन जुटाने के लिए इन्होंने किसी दीन-हीन को नहीं सताया, बल्कि अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटने की योजना बनाई। इन्होंने 9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन पर धन लूटकर स्वाधीनता संग्राम में लगा दिया। इसके लिए इनपर मुकदमा चलाया गया। इन्हें फाँसी की सज़ा दी गई। पंडित बिस्मिल ने 26-27 वर्ष की आयु में वह कार्य कर दिखाया, जो लंबी आयु जीने वाले भी नहीं कर पाते। ये एक कवि भी थे, इनकी ये पंक्तियाँ समय-समय पर हमें प्रेरणा देती हैं : ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए-कातिल में है॥’ ‘सजग’ में मूल शब्द है :
  1. Aसज
  2. Bजग
  3. Cग
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) जग

Explanation

'सजग' = 'स' (उपसर्ग) + 'जग'; अतः इसका मूल शब्द 'जग' है।

Q164BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (क) पंडित राम प्रसाद बिस्मिल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था। जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, इनके जीवन में क्रांति आ गई, इनमें बुराइयों का सामना करने का साहस जाग उठा। उन दिनों स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पर था। राम प्रसाद को पता चला कि क्रांतिकारी युवक देश में सजग हैं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए मर मिटने को तैयार हैं। बिस्मिल क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बन गए। इन्होंने एक पुस्तक भी लिखी- ‘अमरीका को स्वतंत्रता कैसे मिली?’ इनकी ‘स्वदेश-रंग’ नामक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध है। आंदोलन में धन की कमी एक बहुत बड़ी समस्या थी। धन जुटाने के लिए इन्होंने किसी दीन-हीन को नहीं सताया, बल्कि अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटने की योजना बनाई। इन्होंने 9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन पर धन लूटकर स्वाधीनता संग्राम में लगा दिया। इसके लिए इनपर मुकदमा चलाया गया। इन्हें फाँसी की सज़ा दी गई। पंडित बिस्मिल ने 26-27 वर्ष की आयु में वह कार्य कर दिखाया, जो लंबी आयु जीने वाले भी नहीं कर पाते। ये एक कवि भी थे, इनकी ये पंक्तियाँ समय-समय पर हमें प्रेरणा देती हैं : ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए-कातिल में है॥’ ‘स्वतंत्रता’ शब्द का विलोम है :
  1. Aगणतंत्रता
  2. Bलोकतंत्रता
  3. Cप्रजातंत्रता
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

'स्वतंत्रता' का विलोम 'परतंत्रता' है, जो विकल्पों में नहीं है; इसलिए उत्तर 'उपर्युक्त में से कोई नहीं' है।

Q165BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (क) पंडित राम प्रसाद बिस्मिल उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपने कार्यों से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया था। जब राम प्रसाद आर्य समाज के संपर्क में आए, इनके जीवन में क्रांति आ गई, इनमें बुराइयों का सामना करने का साहस जाग उठा। उन दिनों स्वतंत्रता आंदोलन ज़ोर पर था। राम प्रसाद को पता चला कि क्रांतिकारी युवक देश में सजग हैं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए मर मिटने को तैयार हैं। बिस्मिल क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बन गए। इन्होंने एक पुस्तक भी लिखी- ‘अमरीका को स्वतंत्रता कैसे मिली?’ इनकी ‘स्वदेश-रंग’ नामक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध है। आंदोलन में धन की कमी एक बहुत बड़ी समस्या थी। धन जुटाने के लिए इन्होंने किसी दीन-हीन को नहीं सताया, बल्कि अंग्रेज़ों का सरकारी खज़ाना लूटने की योजना बनाई। इन्होंने 9 अगस्त, 1925 को काकोरी स्टेशन पर धन लूटकर स्वाधीनता संग्राम में लगा दिया। इसके लिए इनपर मुकदमा चलाया गया। इन्हें फाँसी की सज़ा दी गई। पंडित बिस्मिल ने 26-27 वर्ष की आयु में वह कार्य कर दिखाया, जो लंबी आयु जीने वाले भी नहीं कर पाते। ये एक कवि भी थे, इनकी ये पंक्तियाँ समय-समय पर हमें प्रेरणा देती हैं : ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु ए-कातिल में है॥’ ‘लंबी आयु जीने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द है -
  1. Aलंबायु
  2. Bदीर्घायु
  3. Cअल्पायु
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) दीर्घायु

Explanation

लंबी आयु जीने वाले को 'दीर्घायु' कहते हैं; 'अल्पायु' इसका उलटा है।

Q166BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (ख) मनुष्य का जीवन संसार के छोटे-बड़े प्राणियों और पदार्थों में श्रेष्ठ माना गया है। वह इसलिए कि मनुष्य बड़ा बुद्धिमान और कल्पनाशील प्राणी है। अपने विचारों के बल पर ही वह जो चाहे कर सकता है और बहुत ऊँचा उठ सकता है। परंतु विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने के साथ-साथ मनुष्य के व्यावहारिक जीवन से संबंध रखने वाले होने चाहिए। इन्हीं बातों को आधार बनाकर ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ को मानव-जीवन की सफलता की सीढ़ी माना गया है। सादगी मनुष्य के पहनावे से नहीं, बल्कि उसके प्रत्येक हाव-भाव, विचार तथा जीवन के ढंग से टपकनी चाहिए। यही वास्तविक सादगी है, जो विचारों को भी उच्च बनाकर सब प्रकार की उन्नति और विकास का कारण बनती है। संसार का इतिहास इस बात का गवाह है कि आरंभ से ही सादगी पसंद व्यक्ति ही जनता को उच्च विचार देकर उन्नति और विकास की राह प्रशस्त करते आ रहे हैं। महात्मा बुद्ध, संत कबीर, गुरू नानक, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, विनोबा भावे आदि इस तथ्य के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। मनुष्य का जीवन श्रेष्ठ क्यों माना जाता है?
  1. Aक्योंकि वह सफल है
  2. Bक्योंकि वह बुद्धिमान और कल्पनाशील है
  3. Cक्योंकि वह परिश्रमी और कठोर है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) क्योंकि वह बुद्धिमान और कल्पनाशील है

Explanation

गद्यांश के अनुसार मनुष्य श्रेष्ठ इसलिए माना गया है कि वह बड़ा बुद्धिमान और कल्पनाशील प्राणी है।

Q167BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (ख) मनुष्य का जीवन संसार के छोटे-बड़े प्राणियों और पदार्थों में श्रेष्ठ माना गया है। वह इसलिए कि मनुष्य बड़ा बुद्धिमान और कल्पनाशील प्राणी है। अपने विचारों के बल पर ही वह जो चाहे कर सकता है और बहुत ऊँचा उठ सकता है। परंतु विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने के साथ-साथ मनुष्य के व्यावहारिक जीवन से संबंध रखने वाले होने चाहिए। इन्हीं बातों को आधार बनाकर ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ को मानव-जीवन की सफलता की सीढ़ी माना गया है। सादगी मनुष्य के पहनावे से नहीं, बल्कि उसके प्रत्येक हाव-भाव, विचार तथा जीवन के ढंग से टपकनी चाहिए। यही वास्तविक सादगी है, जो विचारों को भी उच्च बनाकर सब प्रकार की उन्नति और विकास का कारण बनती है। संसार का इतिहास इस बात का गवाह है कि आरंभ से ही सादगी पसंद व्यक्ति ही जनता को उच्च विचार देकर उन्नति और विकास की राह प्रशस्त करते आ रहे हैं। महात्मा बुद्ध, संत कबीर, गुरू नानक, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, विनोबा भावे आदि इस तथ्य के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्नति करने के लिए मनुष्य के विचार कैसे होने चाहिए?
  1. Aझूठे, ऊँचे और अपवित्र
  2. Bबेबुनियाद
  3. Cमोह-माया से युक्त
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

गद्यांश के अनुसार विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने चाहिए; दिए गए तीनों विकल्प इसके उलटे हैं, इसलिए उत्तर 'उपर्युक्त में से कोई नहीं' है।

Q168BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (ख) मनुष्य का जीवन संसार के छोटे-बड़े प्राणियों और पदार्थों में श्रेष्ठ माना गया है। वह इसलिए कि मनुष्य बड़ा बुद्धिमान और कल्पनाशील प्राणी है। अपने विचारों के बल पर ही वह जो चाहे कर सकता है और बहुत ऊँचा उठ सकता है। परंतु विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने के साथ-साथ मनुष्य के व्यावहारिक जीवन से संबंध रखने वाले होने चाहिए। इन्हीं बातों को आधार बनाकर ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ को मानव-जीवन की सफलता की सीढ़ी माना गया है। सादगी मनुष्य के पहनावे से नहीं, बल्कि उसके प्रत्येक हाव-भाव, विचार तथा जीवन के ढंग से टपकनी चाहिए। यही वास्तविक सादगी है, जो विचारों को भी उच्च बनाकर सब प्रकार की उन्नति और विकास का कारण बनती है। संसार का इतिहास इस बात का गवाह है कि आरंभ से ही सादगी पसंद व्यक्ति ही जनता को उच्च विचार देकर उन्नति और विकास की राह प्रशस्त करते आ रहे हैं। महात्मा बुद्ध, संत कबीर, गुरू नानक, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, विनोबा भावे आदि इस तथ्य के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। वास्तविक सादगी क्या है?
  1. Aवैचारिक और व्यावहारिक
  2. Bमनुष्य का पहनावा
  3. Cमनुष्य का दिखावा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) वैचारिक और व्यावहारिक

Explanation

गद्यांश कहता है कि सादगी पहनावे से नहीं, बल्कि हाव-भाव, विचार और जीवन के ढंग से टपकनी चाहिए; अर्थात् वास्तविक सादगी वैचारिक और व्यावहारिक है।

Q169BPSC TRE 3.0 (2024) Mathematics Class 9-10
निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए - (ख) मनुष्य का जीवन संसार के छोटे-बड़े प्राणियों और पदार्थों में श्रेष्ठ माना गया है। वह इसलिए कि मनुष्य बड़ा बुद्धिमान और कल्पनाशील प्राणी है। अपने विचारों के बल पर ही वह जो चाहे कर सकता है और बहुत ऊँचा उठ सकता है। परंतु विचार सच्चे, सादे और पवित्र होने के साथ-साथ मनुष्य के व्यावहारिक जीवन से संबंध रखने वाले होने चाहिए। इन्हीं बातों को आधार बनाकर ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ को मानव-जीवन की सफलता की सीढ़ी माना गया है। सादगी मनुष्य के पहनावे से नहीं, बल्कि उसके प्रत्येक हाव-भाव, विचार तथा जीवन के ढंग से टपकनी चाहिए। यही वास्तविक सादगी है, जो विचारों को भी उच्च बनाकर सब प्रकार की उन्नति और विकास का कारण बनती है। संसार का इतिहास इस बात का गवाह है कि आरंभ से ही सादगी पसंद व्यक्ति ही जनता को उच्च विचार देकर उन्नति और विकास की राह प्रशस्त करते आ रहे हैं। महात्मा बुद्ध, संत कबीर, गुरू नानक, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, विनोबा भावे आदि इस तथ्य के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। ‘उन्नति’ शब्द का उचित विलोम शब्द है :
  1. Aप्रोन्नति
  2. Bपदोन्नति
  3. Cअवनति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) अवनति

Explanation

'उन्नति' का विलोम 'अवनति' है; 'प्रोन्नति' और 'पदोन्नति' समान अर्थ वाले शब्द हैं।

Q170BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: रतन और अजय एक ही स्कूल के छात्र थे। रतन गरीब था और अजय धनी। रतन गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था। सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे। इसके विपरीत अजय बहुत नटखट था। पढ़ने के बदले खेलने-कूदने और बदमाशी में अधिक मन लगाता था। रतन और अजय दिली दोस्त थे। इसलिए रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए सलाह देता था। अजय शिक्षकों की बात नहीं मानता था। एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था। रतन ने दौड़कर अजय को रोकना चाहा। इतने ही में एक मोटर के नीचे वह गिर गया। रतन ने दौड़कर अजय को क्यों रोकना चाहा?
  1. Aरतन अजय से प्यार करता था
  2. Bरतन और अजय एक ही स्कूल में पढ़ते थे
  3. Cएक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था

Explanation

गद्यांश के अनुसार अजय रतन से नाराज होकर भाग रहा था, इसलिए रतन ने दौड़कर उसे रोकना चाहा।

Q171BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: रतन और अजय एक ही स्कूल के छात्र थे। रतन गरीब था और अजय धनी। रतन गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था। सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे। इसके विपरीत अजय बहुत नटखट था। पढ़ने के बदले खेलने-कूदने और बदमाशी में अधिक मन लगाता था। रतन और अजय दिली दोस्त थे। इसलिए रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए सलाह देता था। अजय शिक्षकों की बात नहीं मानता था। एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था। रतन ने दौड़कर अजय को रोकना चाहा। इतने ही में एक मोटर के नीचे वह गिर गया। रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए क्यों सलाह देता था?
  1. Aदिली दोस्त होने के कारण
  2. Bएक स्कूल में पढ़ने के कारण
  3. Cभाई होने के कारण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) दिली दोस्त होने के कारण

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि रतन और अजय दिली दोस्त थे, 'इसलिए' रतन अजय को अच्छा छात्र बनने की सलाह देता था।

Q172BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: रतन और अजय एक ही स्कूल के छात्र थे। रतन गरीब था और अजय धनी। रतन गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था। सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे। इसके विपरीत अजय बहुत नटखट था। पढ़ने के बदले खेलने-कूदने और बदमाशी में अधिक मन लगाता था। रतन और अजय दिली दोस्त थे। इसलिए रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए सलाह देता था। अजय शिक्षकों की बात नहीं मानता था। एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था। रतन ने दौड़कर अजय को रोकना चाहा। इतने ही में एक मोटर के नीचे वह गिर गया। रतन कैसा छात्र था?
  1. Aगरीब
  2. Bपढ़ने में तेज
  3. Cसमझदार
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

गद्यांश के अनुसार रतन गरीब था और 'गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था'; अतः (A) और (B) दोनों सही हैं। 'समझदार' शब्द गद्यांश में नहीं है।

Q173BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: रतन और अजय एक ही स्कूल के छात्र थे। रतन गरीब था और अजय धनी। रतन गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था। सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे। इसके विपरीत अजय बहुत नटखट था। पढ़ने के बदले खेलने-कूदने और बदमाशी में अधिक मन लगाता था। रतन और अजय दिली दोस्त थे। इसलिए रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए सलाह देता था। अजय शिक्षकों की बात नहीं मानता था। एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था। रतन ने दौड़कर अजय को रोकना चाहा। इतने ही में एक मोटर के नीचे वह गिर गया। रतन और अजय आपस में क्या थे?
  1. Aदोस्त
  2. Bदिली दोस्त
  3. Cभाई
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) दिली दोस्त

Explanation

गद्यांश में स्पष्ट लिखा है – 'रतन और अजय दिली दोस्त थे।' भाई होने का कोई उल्लेख नहीं है।

Q174BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: रतन और अजय एक ही स्कूल के छात्र थे। रतन गरीब था और अजय धनी। रतन गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था। सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे। इसके विपरीत अजय बहुत नटखट था। पढ़ने के बदले खेलने-कूदने और बदमाशी में अधिक मन लगाता था। रतन और अजय दिली दोस्त थे। इसलिए रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए सलाह देता था। अजय शिक्षकों की बात नहीं मानता था। एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था। रतन ने दौड़कर अजय को रोकना चाहा। इतने ही में एक मोटर के नीचे वह गिर गया। सभी शिक्षक रतन से क्यों प्रसन्न रहते थे?
  1. Aरतन की निर्धनता के कारण
  2. Bरतन के परिश्रमी होने के कारण
  3. Cरतन के व्यवहार के कारण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) रतन के व्यवहार के कारण

Explanation

गद्यांश के अनुसार 'सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे', अर्थात् रतन के व्यवहार के कारण।

Q175BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: रतन और अजय एक ही स्कूल के छात्र थे। रतन गरीब था और अजय धनी। रतन गरीब होकर भी पढ़ने में तेज था। सभी शिक्षक उसके व्यवहार से प्रसन्न रहते थे। इसके विपरीत अजय बहुत नटखट था। पढ़ने के बदले खेलने-कूदने और बदमाशी में अधिक मन लगाता था। रतन और अजय दिली दोस्त थे। इसलिए रतन अजय को अच्छा छात्र बनने के लिए सलाह देता था। अजय शिक्षकों की बात नहीं मानता था। एक बार रतन से नाराज होकर अजय भाग रहा था। रतन ने दौड़कर अजय को रोकना चाहा। इतने ही में एक मोटर के नीचे वह गिर गया। अजय किस काम में अधिक मन लगाता था?
  1. Aझगड़ने में
  2. Bपढ़ने में
  3. Cदौड़ने में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

अजय पढ़ने के बदले 'खेलने-कूदने और बदमाशी' में अधिक मन लगाता था; ये शब्द किसी विकल्प में नहीं हैं, इसलिए 'कोई नहीं' सही है।

Q176BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे। उनका उद्देश्य महाराणा प्रताप के उद्देश्य से भी उच्च था। वे अपने कार्यों में सफल रहे। वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने लोगों में एक राष्ट्र की भावना भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की। वे कट्टर हिन्दु थे तो भी दूसरे के धर्म और संस्कृति का आदर करते थे। उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे। हम लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। शिवाजी वीर होने के साथ और क्या थे?
  1. Aएक अच्छे राजनीतिज्ञ
  2. Bश्रेष्ठ विचारक
  3. Cकुशल सम्राट
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) एक अच्छे राजनीतिज्ञ

Explanation

गद्यांश में कहा गया है – 'वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे।'

Q177BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे। उनका उद्देश्य महाराणा प्रताप के उद्देश्य से भी उच्च था। वे अपने कार्यों में सफल रहे। वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने लोगों में एक राष्ट्र की भावना भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की। वे कट्टर हिन्दु थे तो भी दूसरे के धर्म और संस्कृति का आदर करते थे। उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे। हम लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। शिवाजी ने लोगों में कौन सी भावना भर दी?
  1. Aहिन्दुत्व की
  2. Bएक राष्ट्र की
  3. Cवीरता की
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) एक राष्ट्र की

Explanation

गद्यांश के अनुसार शिवाजी ने लोगों में 'एक राष्ट्र की भावना' भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की।

Q178BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे। उनका उद्देश्य महाराणा प्रताप के उद्देश्य से भी उच्च था। वे अपने कार्यों में सफल रहे। वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने लोगों में एक राष्ट्र की भावना भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की। वे कट्टर हिन्दु थे तो भी दूसरे के धर्म और संस्कृति का आदर करते थे। उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे। हम लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। शिवाजी कौन थे?
  1. Aभारत का पराक्रमी योद्धा
  2. Bभारत के महान् वीरों में से एक
  3. Cभारत का महान् सम्राट्
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) भारत के महान् वीरों में से एक

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति है – 'शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे।'

Q179BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे। उनका उद्देश्य महाराणा प्रताप के उद्देश्य से भी उच्च था। वे अपने कार्यों में सफल रहे। वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने लोगों में एक राष्ट्र की भावना भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की। वे कट्टर हिन्दु थे तो भी दूसरे के धर्म और संस्कृति का आदर करते थे। उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे। हम लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। लोग शिवाजी का आदर क्यों करते थे?
  1. Aउनकी वीरता के कारण
  2. Bकट्टर हिन्दू होने के कारण
  3. Cउनके अच्छे गुणों के कारण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) उनके अच्छे गुणों के कारण

Explanation

गद्यांश में स्पष्ट है – 'उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे।'

Q180BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे। उनका उद्देश्य महाराणा प्रताप के उद्देश्य से भी उच्च था। वे अपने कार्यों में सफल रहे। वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने लोगों में एक राष्ट्र की भावना भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की। वे कट्टर हिन्दु थे तो भी दूसरे के धर्म और संस्कृति का आदर करते थे। उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे। हम लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। इनमें ‘राजनीतिज्ञ’ शब्द का अर्थ है –
  1. Aवह नीति जिससे राज्य का संचालन होता है
  2. Bवह नीति जिससे शासन का संचालन होता है
  3. Cराजनीति से सम्बन्धित नीति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Explanation

'राजनीतिज्ञ' का अर्थ है राजनीति का ज्ञाता या जानकार व्यक्ति (राजनीति + ज्ञ)। दिए गए विकल्प 'नीति' का अर्थ बताते हैं, व्यक्ति का नहीं, इसलिए 'कोई नहीं'।

Q181BPSC TRE 3.0 (2024) Computer Science Class 11-12
निम्नलिखित अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिवाजी भारत के महान् वीरों में से एक थे। उनका उद्देश्य महाराणा प्रताप के उद्देश्य से भी उच्च था। वे अपने कार्यों में सफल रहे। वे केवल वीर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने लोगों में एक राष्ट्र की भावना भर दी और मराठा राज्य की स्थापना की। वे कट्टर हिन्दु थे तो भी दूसरे के धर्म और संस्कृति का आदर करते थे। उनके अच्छे गुणों के कारण सभी लोग उनका आदर करते थे। हम लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। इनमें अपठित गद्यांश का शीर्षक है –
  1. Aशिवाजी की राष्ट्रीय चेतना
  2. Bशिवाजी का जीवन
  3. Cशिवाजी का पराक्रम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) शिवाजी का जीवन

Explanation

गद्यांश शिवाजी की वीरता, राजनीति, राष्ट्र-भावना, धार्मिक सहिष्णुता और गुणों, यानी उनके पूरे जीवन का परिचय देता है, इसलिए 'शिवाजी का जीवन' उपयुक्त शीर्षक है।

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