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गद्यांश / पद्यांश के प्रश्न (page 2)

181 गद्यांश / पद्यांश (Hindi) questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

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Q51BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । राष्ट्र की गरिमा कैसे घटती है ?
  1. Aभाषा से
  2. Bआत्मोन्नति से
  3. Cआपसी लड़ाई और द्वेष से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आपसी लड़ाई और द्वेष से

Explanation

गद्यांश के अनुसार धर्म, जाति, भाषा आदि पर आपसी लड़ाई और द्वेष से राष्ट्र की गरिमा घटती है।

Q52BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । देश की उन्नति किसकी उन्नति से संबंधित है ?
  1. Aभाषा
  2. Bधर्म
  3. Cव्यक्ति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) व्यक्ति

Explanation

गद्यांश के पहले वाक्य के अनुसार देश की उन्नति व्यक्ति की उन्नति से ही संभव है।

Q53BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । राष्ट्र की उन्नति कैसे संभव है ?
  1. Aराज्यों के विकास से
  2. Bव्यक्ति की स्वतंत्रता से
  3. Cदेश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखने से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखने से

Explanation

गद्यांश के अंत में कहा गया है कि देश की शक्ति और व्यवस्था बनाए रखने से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है।

Q54BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । देश को पीछे क्या ले जाता है ?
  1. Aधर्म और जाति
  2. Bछोटी-छोटी बातों पर लड़ना
  3. Cकेवल अपनी उन्नति करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) छोटी-छोटी बातों पर लड़ना

Explanation

गद्यांश के अनुसार छोटी-छोटी बातों पर लड़ना द्वेष फैलाता है और देश को पीछे ले जाता है।

Q55BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । भाईचारे के संबंध के लिए आवश्यक है
  1. Aमतभेदों को भुलाना
  2. Bदेश की उन्नति
  3. Cधर्म में आस्था
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) मतभेदों को भुलाना

Explanation

गद्यांश के अनुसार भाईचारे का संबंध रखने के लिए सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाना आवश्यक है।

Q56BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । किस अर्थ में आदर्श व्यक्ति का चरित्र प्रशंसनीय होता है ?
  1. Aवह ज्ञान से संकट को दूर करता है
  2. Bवह धैर्य से संकट को दूर करता है
  3. Cवह बहादुरी से संकटों का सामना करता है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) वह धैर्य से संकट को दूर करता है

Explanation

गद्यांश की अंतिम पंक्ति के अनुसार आदर्श व्यक्ति का चरित्र इसलिए प्रशंसनीय है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है।

Q57BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति के जीवन में किसके लिए स्थान नहीं होता ?
  1. Aमनोविनोद के लिए
  2. Bविश्राम के लिए
  3. Cआलस्य के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आलस्य के लिए

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि आदर्श व्यक्ति के जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता।

Q58BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aसद्कर्म
  2. Bकर्मशीलता
  3. Cआदर्श व्यक्ति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आदर्श व्यक्ति

Explanation

पूरा गद्यांश आदर्श व्यक्ति के गुणों का वर्णन करता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'आदर्श व्यक्ति' है।

Q59BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । लोग आश्चर्यविमूढ़ क्यों होते हैं ?
  1. Aआदर्श व्यक्ति का साहस देखकर
  2. Bआदर्श व्यक्ति का ज्ञान देखकर
  3. Cआदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर

Explanation

गद्यांश में लिखा है कि लोग उसकी कार्यकुशलता देखकर आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं।

Q60BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति किसमें आस्था रखता है ?
  1. Aसद्व्यवहार में
  2. Bसद्कर्म में
  3. Cप्रेम में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सद्कर्म में

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति के अनुसार आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है।

Q61BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वास्थ्य का सहोदर है
  1. Aऔषधि
  2. Bपौष्टिक भोजन
  3. Cव्यायाम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) व्यायाम

Explanation

गद्यांश में व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है।

Q62BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
  1. Aआत्मसंयम
  2. Bअपार संपदा
  3. Cअत्यधिक बल
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) आत्मसंयम

Explanation

गद्यांश के अनुसार वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो।

Q63BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । किसी व्यक्ति का विकास किस पर आश्रित है ?
  1. Aसमुचित अध्ययन
  2. Bसत्संगति
  3. Cआत्मसंयम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) आत्मसंयम

Explanation

आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है।

Q64BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । व्यक्ति के पतन का कारण है
  1. Aअत्यधिक शक्ति
  2. Bचारित्रिक दोष
  3. Cअत्यधिक विभूति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) चारित्रिक दोष

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि चारित्रिक दूषण (दोष) व्यक्ति के पतन का कारण होता है।

Q65BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । विभिन्न दूषणों से मुक्त होने का अर्थ है
  1. Aचरित्र की रक्षा
  2. Bपरिवार की रक्षा
  3. Cधन की रक्षा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) चरित्र की रक्षा

Explanation

गद्यांश के अनुसार चरित्र की रक्षा का अर्थ काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना है।

Q66BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10
हिन्दी भाषा के विकास के लिए विशेष निदेश भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में हैं?
  1. Aअनुच्छेद 351
  2. Bअनुच्छेद 147
  3. Cअनुच्छेद 349
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) अनुच्छेद 351

Explanation

संविधान का अनुच्छेद 351 हिन्दी भाषा के प्रसार और विकास के लिए संघ को निदेश देता है।

Q67BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए। राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है। उपर्युक्त गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक क्या होगा?
  1. Aराष्ट्रीयता और मनुष्य
  2. Bभाषा का महत्त्व
  3. Cअभिव्यक्ति का साधन
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) भाषा का महत्त्व

Explanation

गद्यांश का केन्द्रीय विषय राष्ट्रीयता के विकास में भाषा की भूमिका है, इसलिए सबसे उपयुक्त शीर्षक 'भाषा का महत्त्व' है।

Q68BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए। राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है। ‘अभिव्यक्ति’ शब्द का अर्थ है
  1. Aखोज करना
  2. Bवार्ता करना
  3. Cप्रकट करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) प्रकट करना

Explanation

'अभिव्यक्ति' का अर्थ भावों को प्रकट करना है।

Q69BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए। राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है। ‘प्रकट’ का विलोम शब्द है
  1. Aगुप्त
  2. Bपारदर्शी
  3. Cसूक्ष्म
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) गुप्त

Explanation

'प्रकट' का विलोम 'गुप्त' है।

Q70BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए। राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है। ‘नदी’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है
  1. Aतरंगिणी
  2. Bइला
  3. Cतटिनी
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) इला

Explanation

तरंगिणी और तटिनी नदी के पर्याय हैं, जबकि 'इला' का अर्थ पृथ्वी है, इसलिए वह उत्तर है।

Q71BPSC TRE 1.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए। राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है। गद्यांश का आशय है
  1. Aभाषा की समानता मनुष्यों को निकट लाती है
  2. Bराष्ट्रीयता भाषा का विकास करती है
  3. Cसाहित्य एवं संगीत राष्ट्र का निर्माण करते हैं
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) भाषा की समानता मनुष्यों को निकट लाती है

Explanation

गद्यांश का आशय है कि भाषा की समानता लोगों को एक-दूसरे के निकट लाती है।

Q72BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 88 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “संसार के सभी श्रेष्ठ धर्मों में हमें एक उच्च नैतिक शिक्षा के दर्शन होते हैं। सभी धर्म ये उपदेश देते हैं कि मनुष्य किसी की हत्या न करे, चोरी न करे, दूसरों की भलाई करे। अगर वह यह चाहता है कि दूसरे उसे हानि न पहुँचाएँ, तो वह किसी को हानि न पहुँचाए। उसे यश और ऐश्वर्य के पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि ये क्षणिक हैं। केवल आत्मा शाश्वत है। धार्मिक भावना का मधुर स्वर जीवन का संगीत है।” प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aयश और ऐश्वर्य
  2. Bनैतिकता और धर्म
  3. Cधार्मिकता और माधुर्य
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) नैतिकता और धर्म

Explanation

गद्यांश में सभी धर्मों की नैतिक शिक्षा और धार्मिक भावना की चर्चा है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'नैतिकता और धर्म' है।

Q73BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 88 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “संसार के सभी श्रेष्ठ धर्मों में हमें एक उच्च नैतिक शिक्षा के दर्शन होते हैं। सभी धर्म ये उपदेश देते हैं कि मनुष्य किसी की हत्या न करे, चोरी न करे, दूसरों की भलाई करे। अगर वह यह चाहता है कि दूसरे उसे हानि न पहुँचाएँ, तो वह किसी को हानि न पहुँचाए। उसे यश और ऐश्वर्य के पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि ये क्षणिक हैं। केवल आत्मा शाश्वत है। धार्मिक भावना का मधुर स्वर जीवन का संगीत है।” मानव का अस्तित्व कैसा है?
  1. Aसर्वोत्तम
  2. Bसर्वाक्ष
  3. Cक्षणिक
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) क्षणिक

Explanation

नोट: आधिकारिक कुंजी में (C) है। गद्यांश के अनुसार यश और ऐश्वर्य क्षणिक हैं, इसी आधार पर 'क्षणिक' विकल्प माना गया है।

Q74BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 86 से 88 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “संसार के सभी श्रेष्ठ धर्मों में हमें एक उच्च नैतिक शिक्षा के दर्शन होते हैं। सभी धर्म ये उपदेश देते हैं कि मनुष्य किसी की हत्या न करे, चोरी न करे, दूसरों की भलाई करे। अगर वह यह चाहता है कि दूसरे उसे हानि न पहुँचाएँ, तो वह किसी को हानि न पहुँचाए। उसे यश और ऐश्वर्य के पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि ये क्षणिक हैं। केवल आत्मा शाश्वत है। धार्मिक भावना का मधुर स्वर जीवन का संगीत है।” ‘ऐश्वर्य’ का अर्थ है
  1. Aवैभव
  2. Bधन
  3. Cईश-कृपा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) वैभव

Explanation

'ऐश्वर्य' का अर्थ धन-संपत्ति या वैभव है।

Q75BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।” प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aयुग का चमत्कार
  2. Bआधुनिक युग का रंग
  3. Cविज्ञान—एक वरदान
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) विज्ञान—एक वरदान

Explanation

गद्यांश में विज्ञान की उपलब्धियों और उसके द्वारा प्रकृति पर विजय का वर्णन है, इसलिए शीर्षक 'विज्ञान - एक वरदान' उपयुक्त है।

Q76BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।” विज्ञान की तथ्यात्मक परिभाषा है
  1. Aविशेष ज्ञान
  2. Bसभी तथ्यों का ज्ञान
  3. Cक्रमबद्ध, सुसंगठित और प्रयोगात्मक ज्ञान
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) क्रमबद्ध, सुसंगठित और प्रयोगात्मक ज्ञान

Explanation

विज्ञान की तथ्यात्मक परिभाषा है - क्रमबद्ध, सुसंगठित और प्रयोगात्मक ज्ञान।

Q77BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।” ‘दिग्दिगंतर’ का अर्थ है
  1. Aदिशाओं के अंत में
  2. Bदिशाओं के अंतर में
  3. Cसभी दिशाओं में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सभी दिशाओं में

Explanation

'दिग्दिगंतर' का अर्थ है सभी दिशाओं में।

Q78BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 89 से 92 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आधुनिक युग विज्ञान-युग नाम से जाना जाता है। आज विज्ञान की उपलब्धि का पताका धरती से आकाश तक फहरा रहा है। उधर विज्ञान की महिमा का प्रचार-प्रसार है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा प्रकृति को जीत लिया है। मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा विद्युत्, वाष्प, सौर ऊर्जा और गैस की खोज कर दिग्दिगंतरों में अपनी विजय-दुंदुभी बजाकर सारे संसार में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।” ‘धरती से आकाश तक पताका फहराना’ का अर्थ है
  1. Aऊँचा झंडा
  2. Bबहुत बड़ी सफलता मिलना
  3. Cबड़ा झंडा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) बहुत बड़ी सफलता मिलना

Explanation

'धरती से आकाश तक पताका फहराना' मुहावरे का अर्थ है बहुत बड़ी सफलता मिलना।

Q79BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।” उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aलेन-देन
  2. Bकाम का समय
  3. Cगरीबी
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) गरीबी

Explanation

गद्यांश में धनिया के पास पैसे नहीं हैं और उसे उधार तेल लाना पड़ता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'गरीबी' है।

Q80BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।” ‘दिया-बत्ती का समय होना’ का अर्थ है
  1. Aसंध्या होना
  2. Bउजाला होना
  3. Cउजाला करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) संध्या होना

Explanation

'दिया-बत्ती का समय होना' का अर्थ है शाम (संध्या) होना।

Q81BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।” ‘मुँहदेखी करना’ का अर्थ है
  1. Aपहली बार सामने होना
  2. Bबात-चीत करना
  3. Cपरिचय का लाभ लेना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) परिचय का लाभ लेना

Explanation

नोट: आधिकारिक कुंजी में (C) है। गद्यांश के संदर्भ में 'मुँहदेखी करना' का आशय जान-पहचान या लिहाज़ का लाभ उठाना है।

Q82BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 93 से 96 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “दिया-बत्ती का समय आ गया था। धनिया ने जाकर देखा, तो बोतल में मिट्टी का तेल न था। बोतल उठाकर तेल लाने चली गई। पैसे होते तो रूपा को भेजती, उधार लाना था, कुछ मुँहदेखी कहेगी; कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।” ‘लल्लो-चप्पो करना’ का अर्थ है
  1. Aलालच भरी बात
  2. Bगिड़गिड़ाना
  3. Cमनचाही मधुर बात
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) मनचाही मधुर बात

Explanation

'लल्लो-चप्पो करना' का अर्थ है अपना काम निकालने के लिए मनचाही मीठी बातें करना।

Q83BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।” उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aबदलाव
  2. Bसीख
  3. Cप्रभुत्व
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सीख

Explanation

गद्यांश में आचार्य जी से मिली सीख और प्रेरणा का वर्णन है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'सीख' है।

Q84BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।” ‘सान्निध्य’ का अर्थ है
  1. Aध्यान में
  2. Bगरिमा में
  3. Cनिकटता का प्रेरक भाव
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) निकटता का प्रेरक भाव

Explanation

'सान्निध्य' का अर्थ है निकटता, और यहाँ यह निकटता प्रेरणा देने वाली है।

Q85BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।” ‘गाँठ बाँध लेना’ मुहावरे का अर्थ है
  1. Aदृढ़ निश्चय करना
  2. Bबंधन में रखना
  3. Cगाँठ बना लेना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) दृढ़ निश्चय करना

Explanation

'गाँठ बाँध लेना' मुहावरे का अर्थ है दृढ़ निश्चय करना या किसी बात को पक्का याद रखना।

Q86BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 97 से 100 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “आचार्य जी का मिलन मेरे लिए कितना सुखद तथा प्रेरणादायक रहा है। मैं वर्षों से उनके मधुर सान्निध्य में लगातार सीखता रहा हूँ। उनकी ही प्रेरणा से अध्ययनरत रहा। उनकी ही सीख से कर्तव्यपरायणता को गाँठ बाँध लिया। उनकी शिक्षा का पालन जीवन भर करता रहा हूँ। मेरा जीवन सन्मार्गगामी हो गया है। मैं धन्य हो गया हूँ।” ‘धन्य होना’ का अर्थ है
  1. Aसौभाग्यशाली होना
  2. Bधनी बन जाना
  3. Cधन-धान्य से संपन्न होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) सौभाग्यशाली होना

Explanation

'धन्य होना' का अर्थ है सौभाग्यशाली होना।

Q87BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।” उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aखुशी का दिन
  2. Bपावन पर्व
  3. Cदीपावली
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) दीपावली

Explanation

गद्यांश में दीप जलाने, लक्ष्मी-पूजा, पटाखों और श्रीराम को याद करने का वर्णन है, जो दीपावली के पर्व से जुड़ा है।

Q88BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।” ‘मन में फुलझड़ी चलना’ का अर्थ है
  1. Aबच्चों का खेल
  2. Bआतिशबाजी
  3. Cबहुत खुश होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) बहुत खुश होना

Explanation

'मन में फुलझड़ी चलना' मुहावरे का अर्थ है बहुत खुश होना।

Q89BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।” ‘आसमान छूना’ का अर्थ है
  1. Aझूठी बात
  2. Bसराहनीय सफलता
  3. Cअसंभव बात
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) सराहनीय सफलता

Explanation

'आसमान छूना' का अर्थ है बड़ी ऊँचाई तक पहुँचना, अर्थात् सराहनीय सफलता पाना।

Q90BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 104 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “सांध्य काल था। अभी धुँधलका था। शहर रोशनी से जगमगा उठा। हर घर में लक्ष्मी की पूजा होने लगी। बच्चों के मन में फुलझड़ियाँ चल रही थीं। कुछ ही पलों में चारों ओर से पटाके, राकेट और आतिशबाजी की चमक-तमक से वातावरण मन को आह्लादित करने लगा। हर मन श्रीराम को याद कर प्रसन्नता से आसमान छू रहा था।” ‘श्रीराम’ को क्यों याद किया गया है?
  1. Aवे मर्यादापुरुषोत्तम हैं
  2. Bउनके वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में
  3. Cवे भारतीयों के आराध्य देव हैं
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) उनके वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में

Explanation

दीपावली पर श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में उन्हें याद किया गया, इसलिए (B) सही है।

Q91BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।” उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aसहनशील रधिया
  2. Bधार्मिक रधिया
  3. Cरधिया ने झूठ बोला
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) सहनशील रधिया

Explanation

नोट: आधिकारिक कुंजी में (A) है। गद्यांश में रधिया अपने दुःख चुपचाप सह लेती है और झूठ नहीं बोलती, इसलिए 'सहनशील रधिया' शीर्षक माना गया है।

Q92BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।” ‘भोला होना’ का अर्थ है
  1. Aमूर्ख होना
  2. Bअशिक्षित होना
  3. Cसीधा होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) सीधा होना

Explanation

'भोला होना' का अर्थ है सीधा-सादा होना।

Q93BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।” ‘धीरज खो बैठना’ का अर्थ है
  1. Aबेहोश होना
  2. Bचीखने लगना
  3. Cपरेशान हो जाना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) परेशान हो जाना

Explanation

'धीरज खो बैठना' का अर्थ है घबराकर या परेशान होकर संयम छोड़ देना।

Q94BPSC TRE 2.0 (2023) Hindi Class 9-10
निर्देश (प्रश्न संख्या 105 से 108 तक) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए। “एक बार मैंने रधिया को उसके झूठ बोलने के संबंध में सारगर्भित उपदेश दिया, पर उसने अपने मैले-फटे अंचल से आँसू पोंछते हुए जो सफाई दी, वह भी कुछ कम सारगर्भित न थी। उसका आदमी बहुत भोला है। उसका हृदय इतना कोमल है कि छोटी-छोटी चोटों से भी धीरज खो बैठता है। घर की दशा ऐसी नहीं कि उतने जीवों को दोनों समय भोजन भी मिल सके, इसी से वह अपने और बच्चों के छोटे-मोटे दुःख को छिपा जाती है। अब भगवान उसे परलोक में जो चाहे दंड दें, पर किसी का कुछ छीन लेने के लिए वह झूठ नहीं बोलती।” ‘आँसू पोंछना’ का अर्थ है
  1. Aचेहरे को साफ करना
  2. Bदर्द सहने का प्रयास करना
  3. Cआँख को साफ करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) दर्द सहने का प्रयास करना

Explanation

'आँसू पोंछना' का अर्थ यहाँ दुःख को सहने का प्रयास करना माना गया है।

Q95BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (2nd Sitting)
“संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी” —यह किस अनुच्छेद में कहा गया है?
  1. A351
  2. B348
  3. C343
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) 343

Explanation

संविधान के अनुच्छेद 343 में कहा गया है कि संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी।

Q96BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (2nd Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं॰ H-96 से H-100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। पुराणों में देखा गया है कि तप देवता करते हैं और राक्षस भी। जिस किसी को कुछ भी सिद्धि प्राप्त करनी है, तप किए बिना कोई चारा नहीं। इसमें उसकी नीयत अगर सात्विक रही, तो उसका और दुनिया का भला होता है। अगर उसकी नीयत बुरी रही, तो वह सारी दुनिया का नाश भी कर सकता है। मनुष्य ने ऐटम बम, हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र तैयार किए। यह सब मनुष्य की तपस्या का ही फल है। इस आसुरी तपस्या से दुनिया का तो नुकसान होता ही है, लेकिन ऐसी तपस्या करने वाला स्वयं आत्मनाश की तैयारी करता है। ‘कोई चारा नहीं’ से तात्पर्य है
  1. Aकई रास्ते होना
  2. Bदूसरा रास्ता न होना
  3. Cसही रास्ता होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) दूसरा रास्ता न होना

Explanation

'कोई चारा नहीं' का मतलब है कि कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

Q97BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (2nd Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं॰ H-96 से H-100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। पुराणों में देखा गया है कि तप देवता करते हैं और राक्षस भी। जिस किसी को कुछ भी सिद्धि प्राप्त करनी है, तप किए बिना कोई चारा नहीं। इसमें उसकी नीयत अगर सात्विक रही, तो उसका और दुनिया का भला होता है। अगर उसकी नीयत बुरी रही, तो वह सारी दुनिया का नाश भी कर सकता है। मनुष्य ने ऐटम बम, हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र तैयार किए। यह सब मनुष्य की तपस्या का ही फल है। इस आसुरी तपस्या से दुनिया का तो नुकसान होता ही है, लेकिन ऐसी तपस्या करने वाला स्वयं आत्मनाश की तैयारी करता है। ‘नीयत’ से तात्पर्य है
  1. Aइरादा
  2. Bसोच
  3. Cअनिश्चय
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (A) इरादा

Explanation

'नीयत' का अर्थ इरादा है।

Q98BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (2nd Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं॰ H-96 से H-100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। पुराणों में देखा गया है कि तप देवता करते हैं और राक्षस भी। जिस किसी को कुछ भी सिद्धि प्राप्त करनी है, तप किए बिना कोई चारा नहीं। इसमें उसकी नीयत अगर सात्विक रही, तो उसका और दुनिया का भला होता है। अगर उसकी नीयत बुरी रही, तो वह सारी दुनिया का नाश भी कर सकता है। मनुष्य ने ऐटम बम, हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र तैयार किए। यह सब मनुष्य की तपस्या का ही फल है। इस आसुरी तपस्या से दुनिया का तो नुकसान होता ही है, लेकिन ऐसी तपस्या करने वाला स्वयं आत्मनाश की तैयारी करता है। सात्विक नीयत से क्या होता है?
  1. Aदुनियादारी
  2. Bदुनिया का बुरा
  3. Cदुनिया का भला
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (C) दुनिया का भला

Explanation

अनुच्छेद के अनुसार सात्विक नीयत होने पर उसका और दुनिया का भला होता है।

Q99BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (2nd Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं॰ H-96 से H-100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। पुराणों में देखा गया है कि तप देवता करते हैं और राक्षस भी। जिस किसी को कुछ भी सिद्धि प्राप्त करनी है, तप किए बिना कोई चारा नहीं। इसमें उसकी नीयत अगर सात्विक रही, तो उसका और दुनिया का भला होता है। अगर उसकी नीयत बुरी रही, तो वह सारी दुनिया का नाश भी कर सकता है। मनुष्य ने ऐटम बम, हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र तैयार किए। यह सब मनुष्य की तपस्या का ही फल है। इस आसुरी तपस्या से दुनिया का तो नुकसान होता ही है, लेकिन ऐसी तपस्या करने वाला स्वयं आत्मनाश की तैयारी करता है। आसुरी तपस्या से मनुष्य ने क्या बनाया?
  1. Aशांति
  2. Bऐटम बम
  3. Cहवाई जहाज
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) ऐटम बम

Explanation

अनुच्छेद के अनुसार आसुरी तपस्या से मनुष्य ने ऐटम बम और हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र बनाए।

Q100BPSC TRE 1.0 (2023) Language Paper-1 Class 1-5 (2nd Sitting)
निर्देश (प्रश्न सं॰ H-96 से H-100 तक) : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। पुराणों में देखा गया है कि तप देवता करते हैं और राक्षस भी। जिस किसी को कुछ भी सिद्धि प्राप्त करनी है, तप किए बिना कोई चारा नहीं। इसमें उसकी नीयत अगर सात्विक रही, तो उसका और दुनिया का भला होता है। अगर उसकी नीयत बुरी रही, तो वह सारी दुनिया का नाश भी कर सकता है। मनुष्य ने ऐटम बम, हाइड्रोजन बम जैसे अस्त्र तैयार किए। यह सब मनुष्य की तपस्या का ही फल है। इस आसुरी तपस्या से दुनिया का तो नुकसान होता ही है, लेकिन ऐसी तपस्या करने वाला स्वयं आत्मनाश की तैयारी करता है। उपर्युक्त अवतरण का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है
  1. Aसिद्धि
  2. Bतप
  3. Cऐटम बम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
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Correct answer: (B) तप

Explanation

पूरा अनुच्छेद तप (तपस्या) और उसके अच्छे-बुरे फल के बारे में है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'तप' है।

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