BPSC TRE · Topic-wise previous year questions

Hindi Previous Year Questions (page 4)

853 Hindi questions asked in BPSC TRE previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

  • 853 questions
  • 15 topics
  • Official answer key
  • Free

Practise by topic

Q151BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘फूले कास सकल महि छाई । जनु बरसा रितु प्रकट बुढ़ाई ॥’ - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
  1. Aउत्प्रेक्षा
  2. Bउपमा
  3. Cरूपक
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) उत्प्रेक्षा

Explanation

'जनु' (मानो) वाचक शब्द के साथ वर्षा-ऋतु पर बुढ़ापे की संभावना की गई है, इसलिए उत्प्रेक्षा अलंकार है।

Q152BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
अशुद्ध वाक्य है
  1. Aश्रीकृष्ण के अनेक नाम हैं
  2. Bबन्दूक एक उपयोगी अस्त्र है
  3. Cमैं तो अवश्य ही जाऊँगा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) मैं तो अवश्य ही जाऊँगा

Explanation

'अवश्य' का अर्थ ही 'निश्चित' है, इसलिए 'अवश्य ही' और 'तो' के साथ प्रयोग में पुनरुक्ति दोष है; अन्य दोनों वाक्य शुद्ध हैं।

Q153BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निम्नलिखित रचनाओं को उनके काल के साथ सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए : रचनाएँ: a. पृथ्वीराज रासो b. पदमावत c. बिहारी सतसई d. भारत-भारती काल: 1. आधुनिक काल 2. आदिकाल 3. भक्तिकाल 4. रीतिकाल
  1. Aa-1, b-3, c-2, d-4
  2. Ba-2, b-3, c-4, d-1
  3. Ca-2, b-3, c-1, d-4
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) a-2, b-3, c-4, d-1

Explanation

पृथ्वीराज रासो आदिकाल की, पदमावत भक्तिकाल की, बिहारी सतसई रीतिकाल की और भारत-भारती आधुनिक काल की रचना है, अतः क्रम a-2, b-3, c-4, d-1 है।

Q154BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
जब वाच्यार्थ और लक्ष्यार्थ से भी शब्द के अर्थ का बोध न हो, तब उसका बोध कराने वाली शक्ति कहलाती है
  1. Aलक्षणा
  2. Bअभिधा
  3. Cव्यंजना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) व्यंजना

Explanation

जब वाच्यार्थ (अभिधा) और लक्ष्यार्थ (लक्षणा) से अर्थ स्पष्ट न हो, तब अर्थ का बोध कराने वाली शब्द-शक्ति व्यंजना कहलाती है।

Q155BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘चौराहा’ शब्द में समास है
  1. Aद्वंद्व समास
  2. Bअव्ययीभाव समास
  3. Cद्विगु समास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) द्विगु समास

Explanation

'चौराहा' चार राहों का समूह है; संख्यावाचक पूर्वपद होने से इसमें द्विगु समास है।

Q156BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
दो शब्दों के संयोग को कहते हैं
  1. Aपदबंध
  2. Bसमास
  3. Cसंधि
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) समास

Explanation

दो या अधिक शब्दों के मेल (संयोग) को समास कहते हैं; संधि वर्णों का मेल है।

Q157BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘रामचरितमानस’ की भाषा है
  1. Aअवधी
  2. Bभोजपुरी
  3. Cबुन्देली
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) अवधी

Explanation

तुलसीदास कृत 'रामचरितमानस' की भाषा अवधी है।

Q158BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘चूना लगाना’ मुहावरे का अर्थ है
  1. Aपान लगाना
  2. Bबेवकूफ बनाना
  3. Cसफेद करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) बेवकूफ बनाना

Explanation

'चूना लगाना' मुहावरे का अर्थ किसी को बेवकूफ बनाकर ठगना या धोखा देना है।

Q159BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
‘कोटि कुलिस सम बचन तुम्हारा ।’ - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
  1. Aउपमा
  2. Bउत्प्रेक्षा
  3. Cविरोधाभास
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) उपमा

Explanation

'सम' वाचक शब्द के सहारे वचन (उपमेय) की तुलना कोटि वज्र (उपमान) से की गई है, इसलिए उपमा अलंकार है।

Q160BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
छंद को पढ़ते समय प्रत्येक चरण के अंत में ठहरना पड़ता है, उसे कहते हैं
  1. Aगण
  2. Bयति
  3. Cगति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) यति

Explanation

छंद पढ़ते समय चरण के अंत में जो विराम या ठहराव लिया जाता है, उसे यति कहते हैं।

Q161BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
भाववाच्य है
  1. Aश्वेता पुस्तक पढ़ती है
  2. Bउससे बैठा नहीं जाता
  3. Cपत्र लिखा जाता है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) उससे बैठा नहीं जाता

Explanation

'उससे बैठा नहीं जाता' में कर्ता की असमर्थता का भाव है और क्रिया भाव प्रधान है, इसलिए यह भाववाच्य है।

Q162BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है । पुस्तकालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है । अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है । इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है । मनुष्य के उच्च चरित्र निर्माण में सहायक हैं
  1. Aयात्राएँ
  2. Bपुस्तकें
  3. Cमनुष्य
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) पुस्तकें

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि पुस्तकालय में पुस्तकों के संग्रह से मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, अर्थात् पुस्तकें सहायक हैं।

Q163BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है । पुस्तकालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है । अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है । इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है । विद्या की अक्षय निधियाँ कहाँ मौजूद होती हैं ?
  1. Aस्वाध्याय
  2. Bमस्तिष्क
  3. Cपुस्तकालय
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) पुस्तकालय

Explanation

गद्यांश के पहले वाक्य के अनुसार विद्या की अक्षय निधियाँ पुस्तकालय में मौजूद हैं।

Q164BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है । पुस्तकालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है । अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है । इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है । स्वाध्याय में सहायक हैं
  1. Aजीवन की उन्नति
  2. Bमस्तिष्क
  3. Cपुस्तकालय
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) पुस्तकालय

Explanation

गद्यांश के अनुसार पुस्तकालय से मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है, इसलिए पुस्तकालय स्वाध्याय में सहायक है।

Q165BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है । पुस्तकालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है । अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है । इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है । हमारा हृदय विशाल और उन्नत कैसे बनता है ?
  1. Aसामाजिक-राजनीतिक विकास से
  2. Bपुस्तकों के अध्ययन से
  3. Cविभिन्न रीति-रिवाजों के माध्यम से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) पुस्तकों के अध्ययन से

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि पुस्तकों के अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है।

Q166BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 126 से 130 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । पुस्तकालय वह विशाल ज्ञान-सिंधु है जिसमें विद्या की अक्षय निधियाँ मौजूद हैं जिनके अध्ययन मात्र से हमारा हृदय विशाल और उन्नत बनता है । पुस्तकालय शब्द का निर्माण पुस्तक + आलय दो शब्दों से हुआ है । अर्थात् पुस्तकों के लिए घर/पुस्तकालय में उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जाता है; जिससे मनुष्य के उच्च चरित्र का निर्माण होता है, और जीवन की उन्नति होती है । इससे मनुष्य में स्वाध्याय की रुचि पैदा होती है और मस्तिष्क का विकास होता है । ‘ज्ञान सिंधु’ का अर्थ है
  1. Aज्ञान का सागर
  2. Bज्ञान की नदी
  3. Cज्ञान की व्यवस्था
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) ज्ञान का सागर

Explanation

'ज्ञान सिंधु' का अर्थ ज्ञान का सागर है, क्योंकि सिंधु का अर्थ समुद्र है।

Q167BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 131 से 135 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । औद्योगीकरण के फलस्वरूप नगरों की आबादी तेजी से बढ़ी है । गाँव के लोग रोटी रोजगार के चक्कर में शहरों में आकर गंदी बस्तियों की वृद्धि करते हैं । औद्योगीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि में कमी हुई है और वनों के विनाश के कारण ही हरियाली नष्ट हो गई है । औद्योगिक केंद्रों की स्थापना के समय प्रदूषण नियंत्रण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है । आग, धूल, राख और धुआँ की कालिमा का प्रभाव घर, बाग-बगीचे सहित दूर-दूर तक होता है । इससे आँखों में चिपचिपापन, रोहा, दृष्टि कमजोर होना, टी. बी., कैंसर आदि रोग फैलते हैं । औद्योगीकरण के फलस्वरूप तेजाबी वर्षा भी होती है जो फसलों, पेड़-पौधों आदि को विशेष हानि पहुँचाती है । अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण भूमि की उत्पादन क्षमता भी घट जाती है । भूमि की उत्पादन क्षमता क्यों घट जाती है ?
  1. Aविस्थापन के कारण
  2. Bकृषि योग्य भूमि में कमी होने के कारण
  3. Cअम्लीय और क्षारीयकरण के कारण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण

Explanation

गद्यांश के अंत में कहा गया है कि अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण भूमि की उत्पादन क्षमता घट जाती है।

Q168BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 131 से 135 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । औद्योगीकरण के फलस्वरूप नगरों की आबादी तेजी से बढ़ी है । गाँव के लोग रोटी रोजगार के चक्कर में शहरों में आकर गंदी बस्तियों की वृद्धि करते हैं । औद्योगीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि में कमी हुई है और वनों के विनाश के कारण ही हरियाली नष्ट हो गई है । औद्योगिक केंद्रों की स्थापना के समय प्रदूषण नियंत्रण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है । आग, धूल, राख और धुआँ की कालिमा का प्रभाव घर, बाग-बगीचे सहित दूर-दूर तक होता है । इससे आँखों में चिपचिपापन, रोहा, दृष्टि कमजोर होना, टी. बी., कैंसर आदि रोग फैलते हैं । औद्योगीकरण के फलस्वरूप तेजाबी वर्षा भी होती है जो फसलों, पेड़-पौधों आदि को विशेष हानि पहुँचाती है । अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण भूमि की उत्पादन क्षमता भी घट जाती है । कृषि योग्य भूमि में कमी क्यों हुई है ?
  1. Aतेजाबी वर्षा के कारण
  2. Bबाग-बगीचों की बहुतायत के कारण
  3. Cऔद्योगीकरण के कारण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) औद्योगीकरण के कारण

Explanation

गद्यांश के अनुसार औद्योगीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि में कमी हुई है।

Q169BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 131 से 135 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । औद्योगीकरण के फलस्वरूप नगरों की आबादी तेजी से बढ़ी है । गाँव के लोग रोटी रोजगार के चक्कर में शहरों में आकर गंदी बस्तियों की वृद्धि करते हैं । औद्योगीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि में कमी हुई है और वनों के विनाश के कारण ही हरियाली नष्ट हो गई है । औद्योगिक केंद्रों की स्थापना के समय प्रदूषण नियंत्रण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है । आग, धूल, राख और धुआँ की कालिमा का प्रभाव घर, बाग-बगीचे सहित दूर-दूर तक होता है । इससे आँखों में चिपचिपापन, रोहा, दृष्टि कमजोर होना, टी. बी., कैंसर आदि रोग फैलते हैं । औद्योगीकरण के फलस्वरूप तेजाबी वर्षा भी होती है जो फसलों, पेड़-पौधों आदि को विशेष हानि पहुँचाती है । अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण भूमि की उत्पादन क्षमता भी घट जाती है । औद्योगीकरण के कारण जनसंख्या कहाँ तेजी से बढ़ी है ?
  1. Aदेश
  2. Bगाँव
  3. Cशहर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) शहर

Explanation

गद्यांश के पहले वाक्य के अनुसार औद्योगीकरण से नगरों (शहरों) की आबादी तेजी से बढ़ी है।

Q170BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 131 से 135 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । औद्योगीकरण के फलस्वरूप नगरों की आबादी तेजी से बढ़ी है । गाँव के लोग रोटी रोजगार के चक्कर में शहरों में आकर गंदी बस्तियों की वृद्धि करते हैं । औद्योगीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि में कमी हुई है और वनों के विनाश के कारण ही हरियाली नष्ट हो गई है । औद्योगिक केंद्रों की स्थापना के समय प्रदूषण नियंत्रण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है । आग, धूल, राख और धुआँ की कालिमा का प्रभाव घर, बाग-बगीचे सहित दूर-दूर तक होता है । इससे आँखों में चिपचिपापन, रोहा, दृष्टि कमजोर होना, टी. बी., कैंसर आदि रोग फैलते हैं । औद्योगीकरण के फलस्वरूप तेजाबी वर्षा भी होती है जो फसलों, पेड़-पौधों आदि को विशेष हानि पहुँचाती है । अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण भूमि की उत्पादन क्षमता भी घट जाती है । हरियाली क्यों नष्ट हो गई है ?
  1. Aवनों के विनाश के कारण
  2. Bप्रदूषण के कारण
  3. Cभूमि की उर्वरा क्षमता में कमी के कारण
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) वनों के विनाश के कारण

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि वनों के विनाश के कारण ही हरियाली नष्ट हो गई है।

Q171BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 131 से 135 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । औद्योगीकरण के फलस्वरूप नगरों की आबादी तेजी से बढ़ी है । गाँव के लोग रोटी रोजगार के चक्कर में शहरों में आकर गंदी बस्तियों की वृद्धि करते हैं । औद्योगीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि में कमी हुई है और वनों के विनाश के कारण ही हरियाली नष्ट हो गई है । औद्योगिक केंद्रों की स्थापना के समय प्रदूषण नियंत्रण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है । आग, धूल, राख और धुआँ की कालिमा का प्रभाव घर, बाग-बगीचे सहित दूर-दूर तक होता है । इससे आँखों में चिपचिपापन, रोहा, दृष्टि कमजोर होना, टी. बी., कैंसर आदि रोग फैलते हैं । औद्योगीकरण के फलस्वरूप तेजाबी वर्षा भी होती है जो फसलों, पेड़-पौधों आदि को विशेष हानि पहुँचाती है । अम्लीय और क्षारीयकरण के कारण भूमि की उत्पादन क्षमता भी घट जाती है । लोग गाँव से आकर शहरों में क्यों बसते हैं ?
  1. Aउत्तम सुविधाओं के लिए
  2. Bरोजगार के लिए
  3. Cमनोरंजन के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) रोजगार के लिए

Explanation

गद्यांश के अनुसार गाँव के लोग रोटी-रोजगार के चक्कर में शहरों में आकर बसते हैं।

Q172BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए । आलस्य को जीतने का एक यही उपाय है । यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी । बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी । शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता । इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है । उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है । शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है । यह अनुभव सिद्ध है । शरीर श्रम में क्या लगता है ?
  1. Aसमय
  2. Bअनुभव
  3. Cशरीर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) समय

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता, यानी श्रम में समय लगता है।

Q173BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए । आलस्य को जीतने का एक यही उपाय है । यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी । बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी । शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता । इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है । उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है । शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है । यह अनुभव सिद्ध है । आरोग्य से तात्पर्य है
  1. Aरोगमुक्त होना
  2. Bरोगी होना
  3. Cस्वस्थ होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

'आरोग्य' का अर्थ रोग से मुक्त होना भी है और स्वस्थ होना भी, इसलिए 'एक से अधिक' सही है।

Q174BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए । आलस्य को जीतने का एक यही उपाय है । यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी । बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी । शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता । इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है । उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है । शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है । यह अनुभव सिद्ध है । आलस्य के परिणामस्वरूप सजा किस रूप में मिलती है ?
  1. Aप्रकृति से दूर होना
  2. Bमन का दुखी होना
  3. Cबीमारी एवं कष्ट होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) बीमारी एवं कष्ट होना

Explanation

गद्यांश के अनुसार आलस्य की सजा प्रकृति की ओर से बीमारियों या किसी और कष्ट के रूप में मिलती है।

Q175BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए । आलस्य को जीतने का एक यही उपाय है । यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी । बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी । शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता । इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है । उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है । शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है । यह अनुभव सिद्ध है । रोग का प्रभाव किस पर पड़ता है ?
  1. Aआलस्य
  2. Bश्रम
  3. Cमन
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) मन

Explanation

गद्यांश के अनुसार शारीरिक रोग का असर मन पर होता है।

Q176BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 136 से 140 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । आलस्य को छोड़ने के लिए शारीरिक श्रम करना चाहिए । आलस्य को जीतने का एक यही उपाय है । यदि इससे काम न लिया गया, तो उसकी सजा प्रकृति की ओर से मिले बिना न रहेगी । बीमारियों के या किसी और कष्ट के रूप में वह सजा भोगनी ही पड़ेगी । शरीर श्रम में जो समय लगता है, वह व्यर्थ नहीं जाता । इसका प्रतिफल अवश्य मिलता है । उत्तम आरोग्य प्राप्त होता है । शारीरिक रोग का जैसे मन पर असर होता है, वैसे ही शारीरिक आरोग्य का भी होता है । यह अनुभव सिद्ध है । आलस्य को जीतने का क्या उपाय है ?
  1. Aव्यर्थ काम न करना
  2. Bशारीरिक श्रम करना
  3. Cशारीरिक रूप से स्वस्थ होना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) शारीरिक श्रम करना

Explanation

गद्यांश के पहले वाक्यों के अनुसार आलस्य को जीतने का एक ही उपाय शारीरिक श्रम करना है।

Q177BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 141 से 145 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । स्वावलंबी मनुष्य की यश-कीर्ति पूर्णिमा की चंद्रिका के समान चारों ओर फैलती है । उसका यशगान चारण और भाट शताब्दियों तक गाया करते हैं । कवियों और लेखकों की लेखनी उसकी धवल कृतियों का निरंतर बखान किया करती है । उनका अभिनय रंगशालाओं तथा चित्रपटों पर हुआ करता है । पाठक और श्रोता उससे मनोरंजन के अतिरिक्त नित्य नया पाठ सीखा करते हैं । मनुष्य की कीर्ति उसकी शारीरिक सुंदरता नहीं वरन् उसकी पुण्य कृतियाँ फैलाती हैं । चंद्रिका का पर्यायवाची है
  1. Aविभा
  2. Bप्रकाश
  3. Cचाँदनी
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) चाँदनी

Explanation

'चंद्रिका' का अर्थ चाँदनी है, यही उसका सही पर्यायवाची है।

Q178BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 141 से 145 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । स्वावलंबी मनुष्य की यश-कीर्ति पूर्णिमा की चंद्रिका के समान चारों ओर फैलती है । उसका यशगान चारण और भाट शताब्दियों तक गाया करते हैं । कवियों और लेखकों की लेखनी उसकी धवल कृतियों का निरंतर बखान किया करती है । उनका अभिनय रंगशालाओं तथा चित्रपटों पर हुआ करता है । पाठक और श्रोता उससे मनोरंजन के अतिरिक्त नित्य नया पाठ सीखा करते हैं । मनुष्य की कीर्ति उसकी शारीरिक सुंदरता नहीं वरन् उसकी पुण्य कृतियाँ फैलाती हैं । मनुष्य की कीर्ति किससे फैलती है ?
  1. Aपुण्य कृतियों से
  2. Bकवियों और लेखकों से
  3. Cशारीरिक सुन्दरता से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) पुण्य कृतियों से

Explanation

गद्यांश के अंतिम वाक्य के अनुसार मनुष्य की कीर्ति उसकी पुण्य कृतियाँ फैलाती हैं।

Q179BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 141 से 145 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । स्वावलंबी मनुष्य की यश-कीर्ति पूर्णिमा की चंद्रिका के समान चारों ओर फैलती है । उसका यशगान चारण और भाट शताब्दियों तक गाया करते हैं । कवियों और लेखकों की लेखनी उसकी धवल कृतियों का निरंतर बखान किया करती है । उनका अभिनय रंगशालाओं तथा चित्रपटों पर हुआ करता है । पाठक और श्रोता उससे मनोरंजन के अतिरिक्त नित्य नया पाठ सीखा करते हैं । मनुष्य की कीर्ति उसकी शारीरिक सुंदरता नहीं वरन् उसकी पुण्य कृतियाँ फैलाती हैं । पाठक और श्रोता किससे नया पाठ सीखा करते हैं ?
  1. Aमनुष्य के उज्ज्वल कार्य से
  2. Bअभिनय से
  3. Cयशगान से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) मनुष्य के उज्ज्वल कार्य से

Explanation

गद्यांश के अनुसार पाठक और श्रोता स्वावलंबी मनुष्य के उज्ज्वल कार्यों (उसके जीवन-कर्मों) से नया पाठ सीखते हैं।

Q180BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 141 से 145 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । स्वावलंबी मनुष्य की यश-कीर्ति पूर्णिमा की चंद्रिका के समान चारों ओर फैलती है । उसका यशगान चारण और भाट शताब्दियों तक गाया करते हैं । कवियों और लेखकों की लेखनी उसकी धवल कृतियों का निरंतर बखान किया करती है । उनका अभिनय रंगशालाओं तथा चित्रपटों पर हुआ करता है । पाठक और श्रोता उससे मनोरंजन के अतिरिक्त नित्य नया पाठ सीखा करते हैं । मनुष्य की कीर्ति उसकी शारीरिक सुंदरता नहीं वरन् उसकी पुण्य कृतियाँ फैलाती हैं । चारण और भाट किसका यशगान करते हैं ?
  1. Aपूर्णिमा की चंद्रिका का
  2. Bस्वावलंबी मनुष्य का
  3. Cकवियों और लेखकों का
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) स्वावलंबी मनुष्य का

Explanation

गद्यांश के आरंभ में कहा गया है कि चारण और भाट स्वावलंबी मनुष्य का यशगान करते हैं।

Q181BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 141 से 145 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । स्वावलंबी मनुष्य की यश-कीर्ति पूर्णिमा की चंद्रिका के समान चारों ओर फैलती है । उसका यशगान चारण और भाट शताब्दियों तक गाया करते हैं । कवियों और लेखकों की लेखनी उसकी धवल कृतियों का निरंतर बखान किया करती है । उनका अभिनय रंगशालाओं तथा चित्रपटों पर हुआ करता है । पाठक और श्रोता उससे मनोरंजन के अतिरिक्त नित्य नया पाठ सीखा करते हैं । मनुष्य की कीर्ति उसकी शारीरिक सुंदरता नहीं वरन् उसकी पुण्य कृतियाँ फैलाती हैं । ‘धवल’ का अर्थ है
  1. Aश्याम
  2. Bस्वच्छ
  3. Cउजला
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

'धवल' का अर्थ स्वच्छ भी है और उजला भी, इसलिए 'एक से अधिक' सही है।

Q182BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । राष्ट्र की गरिमा कैसे घटती है ?
  1. Aभाषा से
  2. Bआत्मोन्नति से
  3. Cआपसी लड़ाई और द्वेष से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) आपसी लड़ाई और द्वेष से

Explanation

गद्यांश के अनुसार धर्म, जाति, भाषा आदि पर आपसी लड़ाई और द्वेष से राष्ट्र की गरिमा घटती है।

Q183BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । देश की उन्नति किसकी उन्नति से संबंधित है ?
  1. Aभाषा
  2. Bधर्म
  3. Cव्यक्ति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) व्यक्ति

Explanation

गद्यांश के पहले वाक्य के अनुसार देश की उन्नति व्यक्ति की उन्नति से ही संभव है।

Q184BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । राष्ट्र की उन्नति कैसे संभव है ?
  1. Aराज्यों के विकास से
  2. Bव्यक्ति की स्वतंत्रता से
  3. Cदेश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखने से
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखने से

Explanation

गद्यांश के अंत में कहा गया है कि देश की शक्ति और व्यवस्था बनाए रखने से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है।

Q185BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । देश को पीछे क्या ले जाता है ?
  1. Aधर्म और जाति
  2. Bछोटी-छोटी बातों पर लड़ना
  3. Cकेवल अपनी उन्नति करना
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) छोटी-छोटी बातों पर लड़ना

Explanation

गद्यांश के अनुसार छोटी-छोटी बातों पर लड़ना द्वेष फैलाता है और देश को पीछे ले जाता है।

Q186BPSC TRE 3.0 (2024) Hindi Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या 146 से 150 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । व्यक्ति की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है । बिना आत्मोन्नति के देश का उन्नयन असंभव है । धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राज्य आदि छोटी-छोटी बातों पर लड़ना, द्वेष फैलाता है । देश को पीछे ले जाता है । राष्ट्र की गरिमा घटती है । हमें सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर आपस में भाईचारे का संबंध रखना चाहिए । देश की शक्ति और व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है । राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है । भाईचारे के संबंध के लिए आवश्यक है
  1. Aमतभेदों को भुलाना
  2. Bदेश की उन्नति
  3. Cधर्म में आस्था
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) मतभेदों को भुलाना

Explanation

गद्यांश के अनुसार भाईचारे का संबंध रखने के लिए सभी प्रकार के मतभेदों को भुलाना आवश्यक है।

Q187BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । किस अर्थ में आदर्श व्यक्ति का चरित्र प्रशंसनीय होता है ?
  1. Aवह ज्ञान से संकट को दूर करता है
  2. Bवह धैर्य से संकट को दूर करता है
  3. Cवह बहादुरी से संकटों का सामना करता है
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) वह धैर्य से संकट को दूर करता है

Explanation

गद्यांश की अंतिम पंक्ति के अनुसार आदर्श व्यक्ति का चरित्र इसलिए प्रशंसनीय है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है।

Q188BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति के जीवन में किसके लिए स्थान नहीं होता ?
  1. Aमनोविनोद के लिए
  2. Bविश्राम के लिए
  3. Cआलस्य के लिए
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) आलस्य के लिए

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि आदर्श व्यक्ति के जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता।

Q189BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
  1. Aसद्कर्म
  2. Bकर्मशीलता
  3. Cआदर्श व्यक्ति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) आदर्श व्यक्ति

Explanation

पूरा गद्यांश आदर्श व्यक्ति के गुणों का वर्णन करता है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'आदर्श व्यक्ति' है।

Q190BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । लोग आश्चर्यविमूढ़ क्यों होते हैं ?
  1. Aआदर्श व्यक्ति का साहस देखकर
  2. Bआदर्श व्यक्ति का ज्ञान देखकर
  3. Cआदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) आदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर

Explanation

गद्यांश में लिखा है कि लोग उसकी कार्यकुशलता देखकर आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं।

Q191BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है । इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है । उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है । उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े-बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं । वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं । इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है । आदर्श व्यक्ति किसमें आस्था रखता है ?
  1. Aसद्व्यवहार में
  2. Bसद्कर्म में
  3. Cप्रेम में
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) सद्कर्म में

Explanation

गद्यांश की पहली पंक्ति के अनुसार आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है।

Q192BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वास्थ्य का सहोदर है
  1. Aऔषधि
  2. Bपौष्टिक भोजन
  3. Cव्यायाम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) व्यायाम

Explanation

गद्यांश में व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है।

Q193BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
  1. Aआत्मसंयम
  2. Bअपार संपदा
  3. Cअत्यधिक बल
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) आत्मसंयम

Explanation

गद्यांश के अनुसार वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो।

Q194BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । किसी व्यक्ति का विकास किस पर आश्रित है ?
  1. Aसमुचित अध्ययन
  2. Bसत्संगति
  3. Cआत्मसंयम
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) आत्मसंयम

Explanation

आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है।

Q195BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । व्यक्ति के पतन का कारण है
  1. Aअत्यधिक शक्ति
  2. Bचारित्रिक दोष
  3. Cअत्यधिक विभूति
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) चारित्रिक दोष

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि चारित्रिक दूषण (दोष) व्यक्ति के पतन का कारण होता है।

Q196BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
निर्देश (प्रश्न संख्या H-9 से H-18 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नित कीजिए । गद्यांश - 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक-दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं । वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो । चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है । आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है । इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है । व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है । यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है । चरित्र की रक्षा का अर्थ है - काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना । विभिन्न दूषणों से मुक्त होने का अर्थ है
  1. Aचरित्र की रक्षा
  2. Bपरिवार की रक्षा
  3. Cधन की रक्षा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) चरित्र की रक्षा

Explanation

गद्यांश के अनुसार चरित्र की रक्षा का अर्थ काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना है।

Q197BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
शुद्ध वाक्य है
  1. Aवह ने ही कहा है ।
  2. Bताजा गाय का दूध पीना चाहिए ।
  3. Cवह किताब लाया ।
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (C) वह किताब लाया ।

Explanation

'वह किताब लाया।' शुद्ध वाक्य है; पहले वाक्य में 'वह ने' और दूसरे में 'ताजा गाय का दूध' का प्रयोग अशुद्ध है।

Q198BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
‘श्यामसुंदर’ में समास है
  1. Aकर्मधारय
  2. Bतत्पुरुष
  3. Cद्विगु
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (A) कर्मधारय

Explanation

'श्यामसुंदर' (श्याम जो सुंदर है) में विशेषण-विशेष्य का संबंध होने से कर्मधारय समास है।

Q199BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
भाववाचक संज्ञा है
  1. Aअरविंद
  2. Bयौवन
  3. Cबुढ़ापा
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (D) उपर्युक्त में से एक से अधिक

Explanation

'यौवन' और 'बुढ़ापा' दोनों अवस्था के भाव को बताने वाली भाववाचक संज्ञाएँ हैं, इसलिए एक से अधिक विकल्प सही हैं।

Q200BPSC TRE 3.0 (2024) English Class 6-8
शुद्ध शब्द है
  1. Aअनाधिकार
  2. Bअनधिकार
  3. Cअनधीकार
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
Show answerHide answer

Correct answer: (B) अनधिकार

Explanation

सही शब्द 'अनधिकार' है (अन् + अधिकार); 'अनाधिकार' और 'अनधीकार' अशुद्ध हैं।

How to use these BPSC TRE Hindi questions

Every question here was asked in a real BPSC TRE paper; the paper and shift are shown on the card, and the number opens the question on its own page. Try each one before tapping Show answer, then attempt the full BPSC TRE papers as timed tests to check your speed under exam conditions.

More BPSC TRE subjects