450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
‘अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।’ वाक्य से आशय है :
Aविविधता ही किसी राष्ट्र की पहचान होती है
Bविविधता से ही समरसता आती है
Cविविधता होते हुए भी हम सब एक हैं
Dविविधता में एकता पुरानी बात हो गई है
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Correct answer: (C) विविधता होते हुए भी हम सब एक हैं
Explanation
‘अनेकता में एकता’ का अर्थ है कि भाषा, क्षेत्र आदि की विविधता होते हुए भी हम सब एक हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
‘स्थानीय’ में प्रत्यय है -
Aनीय
Bईय
Cइय
Dय
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Correct answer: (B) ईय
Explanation
‘स्थानीय’ = स्थान + ईय। जैसे भारत + ईय = भारतीय, वैसे ही यहाँ ‘ईय’ प्रत्यय है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
गद्यांश के अनुसार किस बात का शोर हो रहा है?
Aहिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषाएँ
Bहिंदी बनाम आधुनिक भाषाएँ
Cहिंदी बनाम बोलियाँ
Dहिंदी बनाम तमिल
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Correct answer: (A) हिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषाएँ
Explanation
गद्यांश के पहले वाक्य में ‘हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं’ के शोर की बात है। स्थानीय भाषाएँ ही क्षेत्रीय भाषाएँ हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
गद्यांश में निम्न में से किस भाषा का ज़िक्र नहीं है?
Aपंजाबी
Bकन्नड़
Cतमिल
Dमैथिली
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Correct answer: (D) मैथिली
Explanation
गद्यांश में पंजाबी, कन्नड़, तमिल, मलयालम और तेलुगु का ज़िक्र है, पर मैथिली का कहीं उल्लेख नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
‘अनेकता’ शब्द है -
Aविशेषण
Bक्रिया
Cप्रविशेषण
Dसंज्ञा
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Correct answer: (D) संज्ञा
Explanation
‘अनेक’ विशेषण है; उसमें ‘ता’ प्रत्यय लगाकर बना ‘अनेकता’ एक भाव को बताता है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा है।
एक अध्यापिका को एक वीडियो मिला। उसने महसूस किया कि यह वीडियो एक टॉपिक विशेष के लिए उपयुक्त है। अध्यापिका ने इस वीडियो को आधार बनाकर दो-दो के जोड़ों में कार्य करवाने की योजना बनाई। जोड़ों में कार्य करवाने की इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को क्या करने के लिए प्रोत्साहित करना है?
Aसाथ-साथ तेज गति से कार्य करने के लिए।
Bअध्यापिका के बिना स्वतंत्र होकर कार्य करने के लिए।
Cभाषा जागरूकता विकसित करने के लिए।
Dअपने कार्य का स्वयं आकलन करने के लिए।
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Correct answer: (B) अध्यापिका के बिना स्वतंत्र होकर कार्य करने के लिए।
Explanation
जोड़ों में काम करते समय बच्चे वीडियो पर आपस में बात करते हैं, शब्दों और वाक्यों पर ध्यान देते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं। इससे उनकी भाषा जागरूकता विकसित होती है।
भाषा अधिगम के लिए लघु कथाओं और वृत्तान्तों का संग्रह पूरक पठन सामग्री के रूप में निर्धारित किया जाता है। पूरक पठन सामग्री का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Aगहन पठन (इन्टैंसिव पठन) को समुन्नत करना।
Bनैतिक मूल्य अधिगम को समुन्नत करना।
Cविस्तृत (एक्सटैंसिव) पठन को समुन्नत करना।
Dबहुभाषावाद को समुन्नत करना।
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Correct answer: (C) विस्तृत (एक्सटैंसिव) पठन को समुन्नत करना।
Explanation
पूरक पाठ्य पुस्तक (सप्लीमेंट्री रीडर) आनंद के लिए अधिक से अधिक पढ़ने की आदत डालने के लिए होती है, यानी विस्तृत (एक्सटैंसिव) पठन के लिए। गहन पठन मुख्य पाठ्य पुस्तक से कराया जाता है।
अभिकथन (A) : उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग है।
कारण (R) : उपचारात्मक शिक्षण का तात्पर्य है पुनः शिक्षण करना। यह आवश्यक नहीं कि यह शिक्षण इस दृष्टि से किया जाए कि पिछले शिक्षण द्वारा सही तरीके से नहीं सीखा गया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
A(A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
B(A) सही है लेकिन (R) गलत है।
C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
D(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (D) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Explanation
उपचारात्मक शिक्षण शिक्षण-अधिगम का अभिन्न अंग है, क्योंकि जो बातें ठीक से नहीं सीखी गईं उन्हें दोबारा (जरूरी नहीं कि उसी तरीके से) पढ़ाया जाता है। इसलिए (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
Dशिक्षार्थियों की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना।
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Correct answer: (D) शिक्षार्थियों की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना।
Explanation
भाषा शिक्षण का लक्ष्य बच्चों को संप्रेषण में सक्षम बनाना है, इसलिए भाषा अध्यापक का मुख्य काम शिक्षार्थियों की संप्रेषणात्मक आवश्यकताओं को पहचानकर उसी के अनुसार सिखाना है।
बच्चों को कहानी सुनाने के संदर्भ में कौन-सा कथन गलत है?
Aकहानियाँ बच्चों को वाक्य संरचना सीखने में मदद करती हैं।
Bकहानियाँ बच्चों में समस्या समाधान कौशलों का विकास करती हैं।
Cकहानियाँ बच्चों को जीवन में अनुसरण करने वाले नैतिक मूल्यों को सीखने में मदद करती हैं।
Dकहानियाँ बच्चों को नवीन शब्द सीखने और अपनी शब्द संपदा का विस्तार करने में मदद करती है।
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Correct answer: (C) कहानियाँ बच्चों को जीवन में अनुसरण करने वाले नैतिक मूल्यों को सीखने में मदद करती हैं।
Explanation
कहानी सुनने से बच्चे वाक्य संरचना, नए शब्द और नैतिक मूल्य सीखते हैं। केवल कहानी सुनना समस्या समाधान कौशल विकसित करने का सीधा साधन नहीं माना गया है, इसलिए कथन (2) गलत है।
भाषा की गतिविधि करवाते समय एक अध्यापक विद्यार्थियों का मिश्रित योग्यता वाला समूह बनाता है। इस प्रकार के मिश्रित योग्यता वाले समूह की रचना करने से __________
Aप्रभुत्व दिखाने वाले विद्यार्थियों को मुक्त रूप से अभिव्यक्त करने के अवसर मिलेंगे।
Bविद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
Cअध्यापक के कार्य-भार को कम किया जा सकता है क्योंकि अध्यापक सभी पर ध्यान नहीं दे सकता।
Dकमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जा सकती है।
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Correct answer: (B) विद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
Explanation
मिश्रित योग्यता वाले समूह में तेज़ और धीमे सीखने वाले साथ होते हैं, जिससे वे एक-दूसरे की मदद करते हैं और सहयोग से (सहपाठी अधिगम) सीखते हैं।
बच्चों को निम्नलिखित में से किसके अधिक से अधिक अवसर मिलने चाहिए?
Aप्रारंभिक आयु से ही दो लिखित भाषाओं के।
Bप्रारंभिक आयु से ही बहुविध मौखिक भाषाओं के।
Cप्रारंभिक आयु से ही बहुविध लिखित भाषाओं के।
Dप्रारंभिक आयु से ही दो मौखिक भाषाओं के।
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Correct answer: (B) प्रारंभिक आयु से ही बहुविध मौखिक भाषाओं के।
Explanation
छोटे बच्चे कई भाषाएँ सुनकर और बोलकर सहज रूप से सीख लेते हैं, इसलिए प्रारंभिक आयु से ही उन्हें अनेक (बहुविध) मौखिक भाषाओं के अवसर मिलने चाहिए; बहुभाषिकता एक संसाधन है।
अभिकथन (A) : उद्गामी साक्षरता में चित्रकारी लेखन की शुरूआत के रूप में देखी जाती है।
कारण (R) : चित्र एक प्रकार के संकेत हैं और इनमें अर्थ निहित होते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
A(A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
B(A) सही है लेकिन (R) गलत है।
C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
D(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (D) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Explanation
उभरती (उद्गामी) साक्षरता में बच्चे पहले चित्र बनाकर अपनी बात कहते हैं। चित्र भी अर्थ वाले संकेत हैं, जैसे लिखे अक्षर; इसलिए चित्रकारी को लेखन की शुरुआत माना जाता है। (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
छोटे-छोटे जोड़ों (मिनिमल पेयर) में ड्रिल करवाना किसमें सुधार लाने की प्रभावशाली युक्ति है?
Aशब्दसंपदा
Bउच्चारण
Cबोध के साथ पठन
Dव्याकरण
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Correct answer: (A) शब्दसंपदा
Explanation
Note: the official key gives (1); minimal-pair drills (e.g. ship/sheep, कल/खल) are a standard technique for pronunciation, which is option (2). आधिकारिक कुंजी के अनुसार उत्तर ‘शब्दसंपदा’ है, क्योंकि ऐसे जोड़ों के अभ्यास से बच्चे मिलते-जुलते शब्दों और उनके अर्थ का अंतर पहचानते हैं; पर सामान्यतः मिनिमल पेयर ड्रिल उच्चारण सुधारने की युक्ति मानी जाती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा भाषा अर्जन के व्यवहारवादी सिद्धान्त से संबंधित नहीं है?
Aखाली बर्तन
Bप्रयास एवं त्रुटि (ट्रायल एंड एरर)
Cसामाजिक अन्तःक्रियाएँ
Dसंक्रियात्मक अनुकूलन
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Correct answer: (C) सामाजिक अन्तःक्रियाएँ
Explanation
व्यवहारवाद (स्किनर) बच्चे को खाली बर्तन मानता है और भाषा को प्रयास-त्रुटि व संक्रियात्मक अनुकूलन (पुनर्बलन) से सीखी गई आदत मानता है। सामाजिक अंतःक्रिया वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत से जुड़ी है।
कक्षा पाँच की अध्यापिका ने अपने विद्यार्थियों को एक कहानी लिखने का कार्य दिया। जिस समय विद्यार्थी कहानी लिख रहे थे, उस समय अध्यापिका कक्षा में निरीक्षण कर रही थी और जो विद्यार्थी गलत करता या नए शब्दों के बारे में पूछता, उनकी मदद भी कर रही थी। यहाँ अध्यापिका की भूमिका क्या है?
Aयोजना निर्माणक
Bसंसाधक
Cनिदानशास्त्री
Dप्रबंधक
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Correct answer: (B) संसाधक
Explanation
बच्चे खुद लिख रहे हैं और अध्यापिका घूमकर ज़रूरत पड़ने पर मदद कर रही है; यह सुविधादाता या संसाधक (फैसिलिटेटर) की भूमिका है।
अभिकथन (A) : पठन किसी शब्द को सही तरह से उच्चारित करने से कहीं बहुत अधिक है।
कारण (R) : पठन डिकोड करना है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
A(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं हैं।
B(A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
D(A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं हैं।
Explanation
पठन का अर्थ समझना (अर्थ निर्माण) है, केवल सही उच्चारण नहीं, इसलिए (A) सही है। डिकोड करना (अक्षरों को ध्वनियों में बदलना) भी पठन का एक हिस्सा है, इसलिए (R) भी सही है; पर डिकोडिंग यह नहीं समझाती कि पठन उच्चारण से बढ़कर क्यों है, अतः (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
हाथी के पर्याय हैं
Aवनराज, हस्ती, कुंज
Bहस्ति, गज, वनराज
Cगज, हस्ती, कुंज
Dकुंजरू, हस्ती, गज
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Correct answer: (D) कुंजरू, हस्ती, गज
Explanation
गज, हस्ती और कुंजर — तीनों 'हाथी' के पर्यायवाची हैं (विकल्प में 'कुंजरू' छपा है, जो 'कुंजर' का ही रूप है)। वनराज का अर्थ शेर है और कुंज का अर्थ लताओं से घिरा स्थान है, इसलिए बाकी विकल्प गलत हैं।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
‘अत्यंत’ का संधि-विच्छेद है
Aअत् + यंत
Bअति + अंत
Cअती + अंत
Dअत् + अंत
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Correct answer: (B) अति + अंत
Explanation
अत्यंत = अति + अंत। यहाँ 'इ' के बाद भिन्न स्वर 'अ' आने पर 'इ' का 'य्' हो जाता है, इसलिए यह यण् संधि है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
प्राणियों, प्राणी संज्ञा का _____ रूप है।
Aस्त्रीलिंग बहुवचन तिर्यक
Bपुल्लिंग बहुवचन तिर्यक
Cपुल्लिंग बहुवचन सामान्य
Dस्त्रीलिंग बहुवचन सामान्य
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Correct answer: (B) पुल्लिंग बहुवचन तिर्यक
Explanation
'प्राणी' पुल्लिंग शब्द है। 'प्राणियों' में '-ओं' लगा है, जो बहुवचन का वह रूप है जिसके बाद परसर्ग (का, को, में) आता है; इसे तिर्यक (विकारी) रूप कहते हैं। अतः यह पुल्लिंग बहुवचन तिर्यक रूप है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
Aचिंपैंजी की बुद्धिशक्ति संदेह के घेरे में रही है।
Bप्राणियों में स्तनपायी पशुओं का बुद्धिमत्ता पर एकाधिकार है।
Cदो तरह के प्राणियों पर तुलनात्मक प्रयोग करना आसान है।
Dऔजारों का प्रयोग करना मूर्खता की निशानी है।
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Correct answer: (B) प्राणियों में स्तनपायी पशुओं का बुद्धिमत्ता पर एकाधिकार है।
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। बाकी कथन गद्यांश के विपरीत हैं — चिंपैंजी की बुद्धि पर संदेह नहीं रहा, तुलनात्मक प्रयोग कठिन है और औजारों का प्रयोग बुद्धिमानी का चिह्न है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
गद्यांश के अनुसार बुद्धिमत्ता का प्रमाण नहीं है
Aभूल-भुलैया में सही मार्ग खोजना
Bभिन्न वस्तु की पहचान करना
Cतोते द्वारा भाषा के कुछ शब्द सीखना
Dकिसी धुन अथवा ताल पर नृत्य करना
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Correct answer: (D) किसी धुन अथवा ताल पर नृत्य करना
Explanation
गद्यांश में भूल-भुलैया में मार्ग खोजना, अटपटी वस्तु चुनना और तोते का शब्द सीखना बुद्धि के प्रमाण बताए गए हैं। धुन या ताल पर नृत्य करने का कहीं उल्लेख नहीं है, इसलिए वह बुद्धिमत्ता का प्रमाण नहीं है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
गद्यांश में वर्णित बुद्धिमान प्राणियों का समूह नहीं है
Aचिंपैंजी, सूँस, हाथी
Bसूँस, तोता, कौआ
Cसूँस, हाथी, बंदर
Dचिंपैंजी, तोता, काग
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Correct answer: (C) सूँस, हाथी, बंदर
Explanation
गद्यांश में चिंपैंजी, सूँस, कठफोड़वा, कौआ (काग), तोता और हाथी का उल्लेख है, पर बंदर का नहीं। इसलिए 'सूँस, हाथी, बंदर' वाला समूह गद्यांश में वर्णित नहीं है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
कौए और तोते का भाषा सीख लेना उनकी
Aआनुवंशिक क्षमता है
Bबौद्धिक शक्ति का प्रमाण है
Cनकलकर सीखने का प्रमाण है
Dसहज वृत्ति है
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Correct answer: (B) बौद्धिक शक्ति का प्रमाण है
Explanation
गद्यांश के अनुसार कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि काग और तोते की मनुष्य के शब्द सीखने की क्षमता केवल आनुवंशिक नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।
एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।
मानव शिशु बुद्धिमत्ता में चिंपैंजी के शिशु से कब आगे निकलता है?
Aजब वह पैदा होता है
Bजब वह लिखना सीख लेता है
Cजब वह बोलना सीख लेता है
Dजब वह पैदल चलने लगता है
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Correct answer: (C) जब वह बोलना सीख लेता है
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, तब वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
प्लास्टिक की थैलियों की यात्रा को अंतहीन क्यों कहा गया है?
Aहम थैलियों को सँभालकर रखते हैं
Bहम थैलियाँ घर लेकर आते हैं
Cकचरे में फेंकी थैलियों को हवा उड़ाकर ले जाती है
Dहम कचरे में थैलियाँ फेंक देते हैं
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Correct answer: (C) कचरे में फेंकी थैलियों को हवा उड़ाकर ले जाती है
Explanation
कचरे में फेंकी गई थैलियों को हवा उड़ा ले जाती है, फिर वे नदी-नालों से होकर समुद्र तक पहुँचती हैं — यह यात्रा कभी खत्म नहीं होती, इसलिए इसे अंतहीन कहा गया है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
प्लास्टिक की समुद्री यात्रा देखकर आश्चर्य क्यों हुआ?
Aसमुद्र में प्लास्टिक सड़ गया था
Bप्लास्टिक अजर-अमर है
Cसमुद्र में चारों ओर प्लास्टिक की थैलियाँ थीं
Dघरों का प्लास्टिक कचरा समुद्र में तैर रहा था
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Correct answer: (D) घरों का प्लास्टिक कचरा समुद्र में तैर रहा था
Explanation
खोज करने वालों को यह जानकर अचरज हुआ कि घरों से निकला प्लास्टिक का कचरा समुद्रों में बड़े-बड़े ढेरों की तरह तैर रहा है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
प्लास्टिक के अजर-अमर होने का सही आशय है
Aयह नदी-नालों से बहकर समुद्र में पहुँचता है
Bयह जमीन पर या पानी में गलता व सड़ता नहीं है
Cयह समुद्र में तैरता है
Dयह हवा में उड़ता है
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Correct answer: (B) यह जमीन पर या पानी में गलता व सड़ता नहीं है
Explanation
प्लास्टिक न जमीन पर गलता-सड़ता है, न समुद्र में; इसी कारण उसे आत्मा की तरह 'अजर-अमर' कहा गया है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
घर तक चीजें लाने का माध्यम _____ होना चाहिए।
Aचिरंजीव
Bअल्पायु
Cअजर-अमर
Dप्लास्टिक का
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Correct answer: (A) चिरंजीव
Explanation
लेखक पूछता है कि दुकान से घर तक चीजें लाने का माध्यम इतनी कम उम्र का क्यों हो, वह 'चिरंजीव' (लंबे समय तक चलने वाला) क्यों न बने। अतः माध्यम चिरंजीव होना चाहिए।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
प्लास्टिक का उपयोग कम करने का उपाय नहीं है
Aटैक्स लगाना
Bप्रतिबंध लगाना
Cप्लास्टिक की थैली का बार-बार प्रयोग करना
Dकपड़े के थैले का प्रयोग करना
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Correct answer: (C) प्लास्टिक की थैली का बार-बार प्रयोग करना
Explanation
टैक्स लगाना, प्रतिबंध लगाना और कपड़े के थैले का प्रयोग — ये प्लास्टिक कम करने के उपाय हैं। प्लास्टिक की थैली का बार-बार प्रयोग करने से प्लास्टिक का प्रयोग ही चलता रहता है, इसलिए यह उपाय नहीं है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
भिन्न शब्द पहचानिए।
Aसमाजों
Bथैलियों
Cआँकड़ों
Dपहाड़ों
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Correct answer: (B) थैलियों
Explanation
समाजों, आँकड़ों और पहाड़ों — तीनों पुल्लिंग संज्ञाओं (समाज, आँकड़ा, पहाड़) के बहुवचन रूप हैं, जबकि 'थैलियों' स्त्रीलिंग संज्ञा 'थैली' का बहुवचन रूप है। इसलिए 'थैलियों' भिन्न शब्द है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है।
खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है।
प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं।
दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते।
गिरावट एक _____ संज्ञा है।
Aगणनीय
Bव्यक्तिवाचक
Cभाववाचक
Dजातिवाचक
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Correct answer: (C) भाववाचक
Explanation
'गिरावट' 'गिरना' क्रिया से बनी संज्ञा है जो किसी वस्तु का नहीं, बल्कि एक दशा/भाव का बोध कराती है। इसलिए यह भाववाचक संज्ञा है।
द्वितीय भाषा-अधिगम के सिद्धांत में अर्जन, अवलोकन, स्वाभाविक, निवेश-प्रधान परिकल्पना जैसी शब्दावली किसने दी है?
Aवायगोत्स्की
Bस्टीवन पिंकर
Cचॉमस्की
Dस्टीफ़न क्रेशन
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Correct answer: (D) स्टीफ़न क्रेशन
Explanation
स्टीफ़न क्रेशन ने द्वितीय भाषा-अर्जन का सिद्धांत दिया, जिसमें अर्जन-अधिगम परिकल्पना, स्वाभाविक क्रम परिकल्पना, मॉनिटर परिकल्पना और निवेश (इनपुट) परिकल्पना जैसी शब्दावली आती है।
आपके संज्ञान में यह बात आयी कि आपके विद्यार्थियों को लक्ष्य भाषा के कुछ उदाहरण प्रस्तुत किए जाने चाहिए और उन्हें अनुकरण करने व प्रतिक्रिया देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए सर्वाधिक उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
Aप्रत्यक्ष (डायरेक्ट) विधि
Bसम्प्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण
Cश्रव्य-भाषिक विधि
Dव्याकरण-अनुवाद विधि
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Correct answer: (C) श्रव्य-भाषिक विधि
Explanation
श्रव्य-भाषिक (ऑडियो-लिंगुअल) विधि में विद्यार्थियों को लक्ष्य भाषा के नमूने सुनाए जाते हैं और उनसे अनुकरण, दोहराव व अभ्यास करवाया जाता है। यह व्यवहारवाद पर आधारित है।
बच्चों में मातृभाषा के विकास को सामान्यतः किस रूप में देखा जाता है?
Aभाषा अर्जन
Bभाषा अधिगम
Cभाषा आत्मसातीकरण
Dअमूर्त भाषा विकास
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Correct answer: (A) भाषा अर्जन
Explanation
मातृभाषा बच्चा परिवेश में सहज और स्वाभाविक रूप से, बिना औपचारिक शिक्षण के, ग्रहण करता है। इसे भाषा अर्जन कहते हैं, जबकि भाषा अधिगम सचेत और औपचारिक प्रक्रिया है।
एक सक्रिय श्रोता तुरंत किस बारे में समझ बना लेता है?
Aवक्ता के कथन में निहित तर्क
Bवक्ता क्या कहने का प्रयास कर रहा है
Cदूसरा व्यक्ति क्या कह रहा है
Dवक्ता क्या कहना चाहता है
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Correct answer: (A) वक्ता के कथन में निहित तर्क
Explanation
सक्रिय श्रोता केवल शब्द नहीं सुनता, बल्कि ध्यान से सुनते हुए वक्ता के कथन में छिपे तर्क और आशय को तुरंत समझ लेता है। इसलिए आधिकारिक उत्तर 'वक्ता के कथन में निहित तर्क' है।
कक्षा में काव्य पढ़ाने के लिए, अध्यापक ने सबसे पहले कविता पाठ किया, तत्पश्चात् शिक्षार्थियों को समूह-कार्य में शामिल किया। एक समूह ने कविता की थीम लिखी, दूसरे समूह ने मुख्य पात्र को वर्णित करने के लिए चित्र बनाया और तीसरे समूह ने सारांश लिखा। इस गतिविधि का क्या उद्देश्य है?
Aशिक्षार्थियों का ध्यान भंग करना
Bकक्षा में सभी विद्यार्थियों को शामिल करना
Cशिक्षार्थियों की विविध योग्यताओं और रुचियों को पोषित करना
Dशिक्षार्थियों को आकलन के लिए तैयार करना
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Correct answer: (C) शिक्षार्थियों की विविध योग्यताओं और रुचियों को पोषित करना
Explanation
अलग-अलग समूहों को थीम लिखना, चित्र बनाना और सारांश लिखना जैसे भिन्न कार्य देने से हर बच्चा अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार काम करता है। इस गतिविधि का उद्देश्य शिक्षार्थियों की विविध योग्यताओं और रुचियों को पोषित करना है।
ऐसी कक्षा जिसमें द्वितीय भाषा का पठन होता है, एक प्रकार से बहुविध भाषाओं का जमावड़ा (सम्मिलन) है। इस प्रकार की कक्षा में अध्यापक की भूमिका क्या होगी?
Aपाठ्यक्रम पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को विविध प्रकार के कार्यों वाली वर्कशीट (कार्यपत्रक) देना
Bअपेक्षित कौशलों के विकास के लिए विद्यार्थियों को सुविधाजनक परिवेश देना
Cविद्यार्थियों को पाठ्यसामग्री का सारांश और सरलीकृत रूप देना
Dविद्यार्थियों को स्व-व्याख्यायित (टिप्पणियाँ) देना
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Correct answer: (B) अपेक्षित कौशलों के विकास के लिए विद्यार्थियों को सुविधाजनक परिवेश देना
Explanation
बहुभाषी कक्षा में अध्यापक की भूमिका एक सुविधादाता की है — वह ऐसा सहज परिवेश बनाता है जिसमें बच्चे अपनी भाषाओं का सहारा लेकर अपेक्षित भाषा-कौशल विकसित कर सकें।
आपने एक ऐसा परीक्षा-पत्र बनाया है जिसके द्वारा आप अपेक्षा करते हैं कि शिक्षार्थी काल-रूप, योजक, कारक और विशेषणों का सही प्रयोग बता पाएँ। आपने इस परीक्षा-पत्र में किस उपागम का प्रयोग किया है?
Aप्रत्यक्ष व्याकरण परीक्षण
Bअप्रत्यक्ष व्याकरण परीक्षण
Cमिश्रित व्याकरण कार्य
Dसमेकित व्याकरण परीक्षण
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Correct answer: (D) समेकित व्याकरण परीक्षण
Explanation
जब एक ही परीक्षा-पत्र में काल, योजक, कारक और विशेषण जैसे कई व्याकरणिक तत्वों का प्रयोग संदर्भ में एक साथ जाँचा जाता है, तो इसे समेकित (इंटीग्रेटेड) व्याकरण परीक्षण कहते हैं।
बच्चे अपनी शुरुआती अवस्था में दीवार, फर्श और कॉपियों में आड़ी-तिरछी रेखाएँ बनाते हैं। भाषा अधिगम में इस चरण को क्या कहते हैं?
Aकीरमकाँटे (स्क्रिबलिंग)
Bउद्गामी साक्षरता
Cलेखन-कौशल
Dलेखाचित्र विकास
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Correct answer: (B) उद्गामी साक्षरता
Explanation
छोटे बच्चों का आड़ी-तिरछी रेखाएँ बनाना पढ़ने-लिखने की शुरुआती तैयारी है। औपचारिक साक्षरता से पहले की इस अवस्था को उद्गामी (इमर्जेंट) साक्षरता कहते हैं।
सम्प्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण किसकी पारस्परिक निर्भरता पर बल देता है?
Aभाषा और सम्प्रेषण
Bभाषा और संवाद
Cभाषा और व्यवहार
Dभाषा और मनोविज्ञान
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Correct answer: (A) भाषा और सम्प्रेषण
Explanation
सम्प्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण मानता है कि भाषा सम्प्रेषण (बातचीत, अर्थ का आदान-प्रदान) के लिए है और सम्प्रेषण से ही सीखी जाती है। इसलिए यह भाषा और सम्प्रेषण की पारस्परिक निर्भरता पर बल देता है।
Aव्याकरण का ज्ञान वाक् में प्रवाह लाने में मदद करता है।
Bव्याकरण नियमों का समूह प्रस्तुत करता है जिन्हें व्यवहार में लाने से पहले कंठस्थ करना चाहिए।
Cव्याकरण भाषाओं की व्यवस्था है जो हमारे वाचन और लेखन कौशलों को परिष्कृत करती है।
Dविदेशी भाषा के अधिगम में व्याकरण की कोई भूमिका नहीं है।
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Correct answer: (C) व्याकरण भाषाओं की व्यवस्था है जो हमारे वाचन और लेखन कौशलों को परिष्कृत करती है।
Explanation
व्याकरण भाषा की व्यवस्था है; इसका ज्ञान हमारे बोलने (वाचन) और लिखने को शुद्ध और परिष्कृत बनाता है। नियमों को पहले रटना या व्याकरण को बेकार मानना सही नहीं है।
ऐसे शिशु और छोटी आयु के बच्चे जिनके परिवेश में आपस में संवाद करने यानी कि भाषा-संबंधी अनुभव के अवसर नहीं होते, उनका भाषायी विकास गंभीर रूप से बाधित होता है। ये बाधाएँ (कमी) अनुत्क्रमणीय हैं (जिन्हें पलटा न जा सके)। निम्नलिखित में से कौन-सी शब्दावली इस व्याख्या को समर्थित करती है?
Aसहजवाद (नेटीविज़्म)
Bविकास की संवेदनशील अवस्था
Cसामाजिक भाषिक
Dअर्थतत्त्व (सीमेंटिक्स)
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Correct answer: (B) विकास की संवेदनशील अवस्था
Explanation
भाषा सीखने की एक संवेदनशील (क्रांतिक) अवस्था होती है। यदि इस समय बच्चे को भाषा का अनुभव न मिले तो भाषायी विकास में ऐसी कमी आ जाती है जिसे बाद में पूरा नहीं किया जा सकता।
आप अपनी कक्षा में भाषा-समृद्ध परिवेश सृजित करना चाहते हैं। इसके लिए आप क्या करेंगे?
Aशिक्षार्थियों को कक्षा में सम्प्रेषण के समय केवल अंग्रेजी का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
Bअपनी कक्षा में भाषा प्रयोगशाला की स्थापना करनी चाहिए
Cअभिभावकों को भाषा-खेल व गतिविधियाँ खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
Dऐसे अवसर सृजित करने चाहिए जहाँ भाषा दिखाई दे, संज्ञान में आए और शिक्षार्थियों द्वारा प्रयोग की जाए
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Correct answer: (D) ऐसे अवसर सृजित करने चाहिए जहाँ भाषा दिखाई दे, संज्ञान में आए और शिक्षार्थियों द्वारा प्रयोग की जाए
Explanation
भाषा-समृद्ध परिवेश वह है जहाँ बच्चे भाषा को चारों ओर देखें, उस पर ध्यान दें और स्वयं उसका प्रयोग करें। इसलिए ऐसे अवसर सृजित करना सबसे सही उपाय है।
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