CTET · Topic-wise previous year questions

Hindi Previous Year Questions (page 9)

450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.

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Q401CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है। ‘अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।’ वाक्य से आशय है :
  1. Aविविधता ही किसी राष्ट्र की पहचान होती है
  2. Bविविधता से ही समरसता आती है
  3. Cविविधता होते हुए भी हम सब एक हैं
  4. Dविविधता में एकता पुरानी बात हो गई है
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Correct answer: (C) विविधता होते हुए भी हम सब एक हैं

Explanation

‘अनेकता में एकता’ का अर्थ है कि भाषा, क्षेत्र आदि की विविधता होते हुए भी हम सब एक हैं।

Q402CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है। ‘स्थानीय’ में प्रत्यय है -
  1. Aनीय
  2. Bईय
  3. Cइय
  4. Dय
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Correct answer: (B) ईय

Explanation

‘स्थानीय’ = स्थान + ईय। जैसे भारत + ईय = भारतीय, वैसे ही यहाँ ‘ईय’ प्रत्यय है।

Q403CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है। गद्यांश के अनुसार किस बात का शोर हो रहा है?
  1. Aहिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषाएँ
  2. Bहिंदी बनाम आधुनिक भाषाएँ
  3. Cहिंदी बनाम बोलियाँ
  4. Dहिंदी बनाम तमिल
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Correct answer: (A) हिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषाएँ

Explanation

गद्यांश के पहले वाक्य में ‘हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं’ के शोर की बात है। स्थानीय भाषाएँ ही क्षेत्रीय भाषाएँ हैं।

Q404CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है। गद्यांश में निम्न में से किस भाषा का ज़िक्र नहीं है?
  1. Aपंजाबी
  2. Bकन्नड़
  3. Cतमिल
  4. Dमैथिली
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Correct answer: (D) मैथिली

Explanation

गद्यांश में पंजाबी, कन्नड़, तमिल, मलयालम और तेलुगु का ज़िक्र है, पर मैथिली का कहीं उल्लेख नहीं है।

Q405CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है। ‘अनेकता’ शब्द है -
  1. Aविशेषण
  2. Bक्रिया
  3. Cप्रविशेषण
  4. Dसंज्ञा
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Correct answer: (D) संज्ञा

Explanation

‘अनेक’ विशेषण है; उसमें ‘ता’ प्रत्यय लगाकर बना ‘अनेकता’ एक भाव को बताता है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा है।

Q406CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
एक अध्यापिका को एक वीडियो मिला। उसने महसूस किया कि यह वीडियो एक टॉपिक विशेष के लिए उपयुक्त है। अध्यापिका ने इस वीडियो को आधार बनाकर दो-दो के जोड़ों में कार्य करवाने की योजना बनाई। जोड़ों में कार्य करवाने की इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को क्या करने के लिए प्रोत्साहित करना है?
  1. Aसाथ-साथ तेज गति से कार्य करने के लिए।
  2. Bअध्यापिका के बिना स्वतंत्र होकर कार्य करने के लिए।
  3. Cभाषा जागरूकता विकसित करने के लिए।
  4. Dअपने कार्य का स्वयं आकलन करने के लिए।
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Correct answer: (B) अध्यापिका के बिना स्वतंत्र होकर कार्य करने के लिए।

Explanation

जोड़ों में काम करते समय बच्चे वीडियो पर आपस में बात करते हैं, शब्दों और वाक्यों पर ध्यान देते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं। इससे उनकी भाषा जागरूकता विकसित होती है।

Q407CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
भाषा अधिगम के लिए लघु कथाओं और वृत्तान्तों का संग्रह पूरक पठन सामग्री के रूप में निर्धारित किया जाता है। पूरक पठन सामग्री का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  1. Aगहन पठन (इन्टैंसिव पठन) को समुन्नत करना।
  2. Bनैतिक मूल्य अधिगम को समुन्नत करना।
  3. Cविस्तृत (एक्सटैंसिव) पठन को समुन्नत करना।
  4. Dबहुभाषावाद को समुन्नत करना।
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Correct answer: (C) विस्तृत (एक्सटैंसिव) पठन को समुन्नत करना।

Explanation

पूरक पाठ्य पुस्तक (सप्लीमेंट्री रीडर) आनंद के लिए अधिक से अधिक पढ़ने की आदत डालने के लिए होती है, यानी विस्तृत (एक्सटैंसिव) पठन के लिए। गहन पठन मुख्य पाठ्य पुस्तक से कराया जाता है।

Q408CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
अभिकथन (A) : उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग है। कारण (R) : उपचारात्मक शिक्षण का तात्पर्य है पुनः शिक्षण करना। यह आवश्यक नहीं कि यह शिक्षण इस दृष्टि से किया जाए कि पिछले शिक्षण द्वारा सही तरीके से नहीं सीखा गया है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
  1. A(A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  2. B(A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  3. C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  4. D(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (D) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

Explanation

उपचारात्मक शिक्षण शिक्षण-अधिगम का अभिन्न अंग है, क्योंकि जो बातें ठीक से नहीं सीखी गईं उन्हें दोबारा (जरूरी नहीं कि उसी तरीके से) पढ़ाया जाता है। इसलिए (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

Q409CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
पढ़ी गई कहानी को विद्यार्थी द्वारा अपने शब्दों में पुनः बताने के माध्यम से किसका आकलन किया जा सकता है?
  1. Aप्रवाह
  2. Bबोधगम्यता
  3. Cस्मृति
  4. Dसटीकता
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Correct answer: (B) बोधगम्यता

Explanation

कहानी को अपने शब्दों में दोबारा सुनाने के लिए बच्चे को उसे समझना पड़ता है, इसलिए इससे उसकी बोधगम्यता (समझ) का आकलन होता है।

Q410CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
भाषा शिक्षण के बारे में कौन-सी पूर्वधारणा गलत है?
  1. Aअधिगम में शिक्षार्थी की प्रथम भाषा की मुख्य भूमिका होती है।
  2. Bभाषा शिक्षण का मुख्य केन्द्र बिन्दु सम्प्रेषणात्मक गतिविधियों पर होना चाहिए।
  3. Cभाषा शिक्षण में बोलने की अपेक्षा लिखने को अधिक महत्व देना चाहिए।
  4. Dशिक्षार्थी जीवन की वास्तविक स्थितियों में प्रयोग करने की कोशिश द्वारा भाषा अर्जित करते हैं।
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Correct answer: (C) भाषा शिक्षण में बोलने की अपेक्षा लिखने को अधिक महत्व देना चाहिए।

Explanation

भाषा में सुनना और बोलना पहले आते हैं; सभी कौशलों को संतुलित महत्व देना चाहिए। बोलने से अधिक लिखने को महत्व देना गलत धारणा है।

Q411CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
भाषा अध्यापक का मुख्य उत्तरदायित्व कौन-सा है?
  1. Aशिक्षण के लिए विषयवस्तु का चयन करना।
  2. Bविभिन्न कक्षाओं में शिक्षार्थियों का समूहीकरण।
  3. Cशिक्षार्थियों को निर्देश देना।
  4. Dशिक्षार्थियों की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना।
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Correct answer: (D) शिक्षार्थियों की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना।

Explanation

भाषा शिक्षण का लक्ष्य बच्चों को संप्रेषण में सक्षम बनाना है, इसलिए भाषा अध्यापक का मुख्य काम शिक्षार्थियों की संप्रेषणात्मक आवश्यकताओं को पहचानकर उसी के अनुसार सिखाना है।

Q412CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
बुनियादी चरण में बच्चे किसमें अधिक सुविधा महसूस करते हैं और बेहतर रूप से सीखते हैं?
  1. Aकार्यालयी भाषा में
  2. Bअपने घर की भाषा में
  3. Cअंग्रेजी माध्यम में
  4. Dनिर्देश के माध्यम में
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Correct answer: (B) अपने घर की भाषा में

Explanation

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार बुनियादी चरण में बच्चे अपने घर की भाषा (मातृभाषा) में सबसे सहज रहते हैं और जल्दी व बेहतर सीखते हैं।

Q413CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
बच्चों को कहानी सुनाने के संदर्भ में कौन-सा कथन गलत है?
  1. Aकहानियाँ बच्चों को वाक्य संरचना सीखने में मदद करती हैं।
  2. Bकहानियाँ बच्चों में समस्या समाधान कौशलों का विकास करती हैं।
  3. Cकहानियाँ बच्चों को जीवन में अनुसरण करने वाले नैतिक मूल्यों को सीखने में मदद करती हैं।
  4. Dकहानियाँ बच्चों को नवीन शब्द सीखने और अपनी शब्द संपदा का विस्तार करने में मदद करती है।
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Correct answer: (C) कहानियाँ बच्चों को जीवन में अनुसरण करने वाले नैतिक मूल्यों को सीखने में मदद करती हैं।

Explanation

कहानी सुनने से बच्चे वाक्य संरचना, नए शब्द और नैतिक मूल्य सीखते हैं। केवल कहानी सुनना समस्या समाधान कौशल विकसित करने का सीधा साधन नहीं माना गया है, इसलिए कथन (2) गलत है।

Q414CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
भाषा की गतिविधि करवाते समय एक अध्यापक विद्यार्थियों का मिश्रित योग्यता वाला समूह बनाता है। इस प्रकार के मिश्रित योग्यता वाले समूह की रचना करने से __________
  1. Aप्रभुत्व दिखाने वाले विद्यार्थियों को मुक्त रूप से अभिव्यक्त करने के अवसर मिलेंगे।
  2. Bविद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
  3. Cअध्यापक के कार्य-भार को कम किया जा सकता है क्योंकि अध्यापक सभी पर ध्यान नहीं दे सकता।
  4. Dकमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जा सकती है।
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Correct answer: (B) विद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

Explanation

मिश्रित योग्यता वाले समूह में तेज़ और धीमे सीखने वाले साथ होते हैं, जिससे वे एक-दूसरे की मदद करते हैं और सहयोग से (सहपाठी अधिगम) सीखते हैं।

Q415CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
बच्चों को निम्नलिखित में से किसके अधिक से अधिक अवसर मिलने चाहिए?
  1. Aप्रारंभिक आयु से ही दो लिखित भाषाओं के।
  2. Bप्रारंभिक आयु से ही बहुविध मौखिक भाषाओं के।
  3. Cप्रारंभिक आयु से ही बहुविध लिखित भाषाओं के।
  4. Dप्रारंभिक आयु से ही दो मौखिक भाषाओं के।
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Correct answer: (B) प्रारंभिक आयु से ही बहुविध मौखिक भाषाओं के।

Explanation

छोटे बच्चे कई भाषाएँ सुनकर और बोलकर सहज रूप से सीख लेते हैं, इसलिए प्रारंभिक आयु से ही उन्हें अनेक (बहुविध) मौखिक भाषाओं के अवसर मिलने चाहिए; बहुभाषिकता एक संसाधन है।

Q416CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
अभिकथन (A) : उद्गामी साक्षरता में चित्रकारी लेखन की शुरूआत के रूप में देखी जाती है। कारण (R) : चित्र एक प्रकार के संकेत हैं और इनमें अर्थ निहित होते हैं। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
  1. A(A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  2. B(A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  3. C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  4. D(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (D) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

Explanation

उभरती (उद्गामी) साक्षरता में बच्चे पहले चित्र बनाकर अपनी बात कहते हैं। चित्र भी अर्थ वाले संकेत हैं, जैसे लिखे अक्षर; इसलिए चित्रकारी को लेखन की शुरुआत माना जाता है। (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

Q417CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
छोटे-छोटे जोड़ों (मिनिमल पेयर) में ड्रिल करवाना किसमें सुधार लाने की प्रभावशाली युक्ति है?
  1. Aशब्दसंपदा
  2. Bउच्चारण
  3. Cबोध के साथ पठन
  4. Dव्याकरण
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Correct answer: (A) शब्दसंपदा

Explanation

Note: the official key gives (1); minimal-pair drills (e.g. ship/sheep, कल/खल) are a standard technique for pronunciation, which is option (2). आधिकारिक कुंजी के अनुसार उत्तर ‘शब्दसंपदा’ है, क्योंकि ऐसे जोड़ों के अभ्यास से बच्चे मिलते-जुलते शब्दों और उनके अर्थ का अंतर पहचानते हैं; पर सामान्यतः मिनिमल पेयर ड्रिल उच्चारण सुधारने की युक्ति मानी जाती है।

Q418CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
निम्नलिखित में से कौन-सा भाषा अर्जन के व्यवहारवादी सिद्धान्त से संबंधित नहीं है?
  1. Aखाली बर्तन
  2. Bप्रयास एवं त्रुटि (ट्रायल एंड एरर)
  3. Cसामाजिक अन्तःक्रियाएँ
  4. Dसंक्रियात्मक अनुकूलन
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Correct answer: (C) सामाजिक अन्तःक्रियाएँ

Explanation

व्यवहारवाद (स्किनर) बच्चे को खाली बर्तन मानता है और भाषा को प्रयास-त्रुटि व संक्रियात्मक अनुकूलन (पुनर्बलन) से सीखी गई आदत मानता है। सामाजिक अंतःक्रिया वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत से जुड़ी है।

Q419CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
कक्षा पाँच की अध्यापिका ने अपने विद्यार्थियों को एक कहानी लिखने का कार्य दिया। जिस समय विद्यार्थी कहानी लिख रहे थे, उस समय अध्यापिका कक्षा में निरीक्षण कर रही थी और जो विद्यार्थी गलत करता या नए शब्दों के बारे में पूछता, उनकी मदद भी कर रही थी। यहाँ अध्यापिका की भूमिका क्या है?
  1. Aयोजना निर्माणक
  2. Bसंसाधक
  3. Cनिदानशास्त्री
  4. Dप्रबंधक
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Correct answer: (B) संसाधक

Explanation

बच्चे खुद लिख रहे हैं और अध्यापिका घूमकर ज़रूरत पड़ने पर मदद कर रही है; यह सुविधादाता या संसाधक (फैसिलिटेटर) की भूमिका है।

Q420CTET February 2026 Paper 1, 8 Feb 2026
अभिकथन (A) : पठन किसी शब्द को सही तरह से उच्चारित करने से कहीं बहुत अधिक है। कारण (R) : पठन डिकोड करना है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करें :
  1. A(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं हैं।
  2. B(A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  3. C(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  4. D(A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है।
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Correct answer: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं हैं।

Explanation

पठन का अर्थ समझना (अर्थ निर्माण) है, केवल सही उच्चारण नहीं, इसलिए (A) सही है। डिकोड करना (अक्षरों को ध्वनियों में बदलना) भी पठन का एक हिस्सा है, इसलिए (R) भी सही है; पर डिकोडिंग यह नहीं समझाती कि पठन उच्चारण से बढ़कर क्यों है, अतः (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

Q421CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। हाथी के पर्याय हैं
  1. Aवनराज, हस्ती, कुंज
  2. Bहस्ति, गज, वनराज
  3. Cगज, हस्ती, कुंज
  4. Dकुंजरू, हस्ती, गज
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Correct answer: (D) कुंजरू, हस्ती, गज

Explanation

गज, हस्ती और कुंजर — तीनों 'हाथी' के पर्यायवाची हैं (विकल्प में 'कुंजरू' छपा है, जो 'कुंजर' का ही रूप है)। वनराज का अर्थ शेर है और कुंज का अर्थ लताओं से घिरा स्थान है, इसलिए बाकी विकल्प गलत हैं।

Q422CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। ‘अत्यंत’ का संधि-विच्छेद है
  1. Aअत् + यंत
  2. Bअति + अंत
  3. Cअती + अंत
  4. Dअत् + अंत
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Correct answer: (B) अति + अंत

Explanation

अत्यंत = अति + अंत। यहाँ 'इ' के बाद भिन्न स्वर 'अ' आने पर 'इ' का 'य्' हो जाता है, इसलिए यह यण् संधि है।

Q423CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। प्राणियों, प्राणी संज्ञा का _____ रूप है।
  1. Aस्त्रीलिंग बहुवचन तिर्यक
  2. Bपुल्लिंग बहुवचन तिर्यक
  3. Cपुल्लिंग बहुवचन सामान्य
  4. Dस्त्रीलिंग बहुवचन सामान्य
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Correct answer: (B) पुल्लिंग बहुवचन तिर्यक

Explanation

'प्राणी' पुल्लिंग शब्द है। 'प्राणियों' में '-ओं' लगा है, जो बहुवचन का वह रूप है जिसके बाद परसर्ग (का, को, में) आता है; इसे तिर्यक (विकारी) रूप कहते हैं। अतः यह पुल्लिंग बहुवचन तिर्यक रूप है।

Q424CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
  1. Aचिंपैंजी की बुद्धिशक्ति संदेह के घेरे में रही है।
  2. Bप्राणियों में स्तनपायी पशुओं का बुद्धिमत्ता पर एकाधिकार है।
  3. Cदो तरह के प्राणियों पर तुलनात्मक प्रयोग करना आसान है।
  4. Dऔजारों का प्रयोग करना मूर्खता की निशानी है।
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Correct answer: (B) प्राणियों में स्तनपायी पशुओं का बुद्धिमत्ता पर एकाधिकार है।

Explanation

गद्यांश में लिखा है कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। बाकी कथन गद्यांश के विपरीत हैं — चिंपैंजी की बुद्धि पर संदेह नहीं रहा, तुलनात्मक प्रयोग कठिन है और औजारों का प्रयोग बुद्धिमानी का चिह्न है।

Q425CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। गद्यांश के अनुसार बुद्धिमत्ता का प्रमाण नहीं है
  1. Aभूल-भुलैया में सही मार्ग खोजना
  2. Bभिन्न वस्तु की पहचान करना
  3. Cतोते द्वारा भाषा के कुछ शब्द सीखना
  4. Dकिसी धुन अथवा ताल पर नृत्य करना
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Correct answer: (D) किसी धुन अथवा ताल पर नृत्य करना

Explanation

गद्यांश में भूल-भुलैया में मार्ग खोजना, अटपटी वस्तु चुनना और तोते का शब्द सीखना बुद्धि के प्रमाण बताए गए हैं। धुन या ताल पर नृत्य करने का कहीं उल्लेख नहीं है, इसलिए वह बुद्धिमत्ता का प्रमाण नहीं है।

Q426CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। गद्यांश में वर्णित बुद्धिमान प्राणियों का समूह नहीं है
  1. Aचिंपैंजी, सूँस, हाथी
  2. Bसूँस, तोता, कौआ
  3. Cसूँस, हाथी, बंदर
  4. Dचिंपैंजी, तोता, काग
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Correct answer: (C) सूँस, हाथी, बंदर

Explanation

गद्यांश में चिंपैंजी, सूँस, कठफोड़वा, कौआ (काग), तोता और हाथी का उल्लेख है, पर बंदर का नहीं। इसलिए 'सूँस, हाथी, बंदर' वाला समूह गद्यांश में वर्णित नहीं है।

Q427CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। कौए और तोते का भाषा सीख लेना उनकी
  1. Aआनुवंशिक क्षमता है
  2. Bबौद्धिक शक्ति का प्रमाण है
  3. Cनकलकर सीखने का प्रमाण है
  4. Dसहज वृत्ति है
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Correct answer: (B) बौद्धिक शक्ति का प्रमाण है

Explanation

गद्यांश के अनुसार कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि काग और तोते की मनुष्य के शब्द सीखने की क्षमता केवल आनुवंशिक नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है।

Q428CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है। सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं। एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं। मानव शिशु बुद्धिमत्ता में चिंपैंजी के शिशु से कब आगे निकलता है?
  1. Aजब वह पैदा होता है
  2. Bजब वह लिखना सीख लेता है
  3. Cजब वह बोलना सीख लेता है
  4. Dजब वह पैदल चलने लगता है
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Correct answer: (C) जब वह बोलना सीख लेता है

Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, तब वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।

Q429CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। प्लास्टिक की थैलियों की यात्रा को अंतहीन क्यों कहा गया है?
  1. Aहम थैलियों को सँभालकर रखते हैं
  2. Bहम थैलियाँ घर लेकर आते हैं
  3. Cकचरे में फेंकी थैलियों को हवा उड़ाकर ले जाती है
  4. Dहम कचरे में थैलियाँ फेंक देते हैं
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Correct answer: (C) कचरे में फेंकी थैलियों को हवा उड़ाकर ले जाती है

Explanation

कचरे में फेंकी गई थैलियों को हवा उड़ा ले जाती है, फिर वे नदी-नालों से होकर समुद्र तक पहुँचती हैं — यह यात्रा कभी खत्म नहीं होती, इसलिए इसे अंतहीन कहा गया है।

Q430CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। प्लास्टिक की समुद्री यात्रा देखकर आश्चर्य क्यों हुआ?
  1. Aसमुद्र में प्लास्टिक सड़ गया था
  2. Bप्लास्टिक अजर-अमर है
  3. Cसमुद्र में चारों ओर प्लास्टिक की थैलियाँ थीं
  4. Dघरों का प्लास्टिक कचरा समुद्र में तैर रहा था
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Correct answer: (D) घरों का प्लास्टिक कचरा समुद्र में तैर रहा था

Explanation

खोज करने वालों को यह जानकर अचरज हुआ कि घरों से निकला प्लास्टिक का कचरा समुद्रों में बड़े-बड़े ढेरों की तरह तैर रहा है।

Q431CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। प्लास्टिक के अजर-अमर होने का सही आशय है
  1. Aयह नदी-नालों से बहकर समुद्र में पहुँचता है
  2. Bयह जमीन पर या पानी में गलता व सड़ता नहीं है
  3. Cयह समुद्र में तैरता है
  4. Dयह हवा में उड़ता है
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Correct answer: (B) यह जमीन पर या पानी में गलता व सड़ता नहीं है

Explanation

प्लास्टिक न जमीन पर गलता-सड़ता है, न समुद्र में; इसी कारण उसे आत्मा की तरह 'अजर-अमर' कहा गया है।

Q432CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। घर तक चीजें लाने का माध्यम _____ होना चाहिए।
  1. Aचिरंजीव
  2. Bअल्पायु
  3. Cअजर-अमर
  4. Dप्लास्टिक का
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Correct answer: (A) चिरंजीव

Explanation

लेखक पूछता है कि दुकान से घर तक चीजें लाने का माध्यम इतनी कम उम्र का क्यों हो, वह 'चिरंजीव' (लंबे समय तक चलने वाला) क्यों न बने। अतः माध्यम चिरंजीव होना चाहिए।

Q433CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। प्लास्टिक का उपयोग कम करने का उपाय नहीं है
  1. Aटैक्स लगाना
  2. Bप्रतिबंध लगाना
  3. Cप्लास्टिक की थैली का बार-बार प्रयोग करना
  4. Dकपड़े के थैले का प्रयोग करना
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Correct answer: (C) प्लास्टिक की थैली का बार-बार प्रयोग करना

Explanation

टैक्स लगाना, प्रतिबंध लगाना और कपड़े के थैले का प्रयोग — ये प्लास्टिक कम करने के उपाय हैं। प्लास्टिक की थैली का बार-बार प्रयोग करने से प्लास्टिक का प्रयोग ही चलता रहता है, इसलिए यह उपाय नहीं है।

Q434CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। भिन्न शब्द पहचानिए।
  1. Aसमाजों
  2. Bथैलियों
  3. Cआँकड़ों
  4. Dपहाड़ों
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Correct answer: (B) थैलियों

Explanation

समाजों, आँकड़ों और पहाड़ों — तीनों पुल्लिंग संज्ञाओं (समाज, आँकड़ा, पहाड़) के बहुवचन रूप हैं, जबकि 'थैलियों' स्त्रीलिंग संज्ञा 'थैली' का बहुवचन रूप है। इसलिए 'थैलियों' भिन्न शब्द है।

Q435CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 129–135) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : आज पूरी दुनिया, नयी, पुरानी, पढ़ी-लिखी, अनपढ़ दुनिया भी इन्हीं प्लास्टिक की थैलियों को लेकर एक अंतहीन यात्रा पर निकल पड़ी है। छोटे-बड़े बाज़ार, देशी-विदेशी दुकानें हमारे हाथों में प्लास्टिक की थैली थमा देती हैं। हम इन थैलियों को लेकर घर आते हैं। कुछ घरों में ये आते ही कचरे में फेंक दी जाती हैं तो कुछ साधारण घरों में कुछ दिन लपेट कर सम्भाल कर रख दी जाती हैं, फिर किसी और दिन कचरे में डालने के लिए। इस तरह आज नहीं तो कल कचरे में फेंक दी गयी इन थैलियों को फिर हवा ले उड़ती है, एक और अंतहीन यात्रा पर। फिर यह हल्का कचरा ज़मीन पर उड़ते हुए, नदी-नालों में पहुँच कर बहने लगता है। और फिर वहाँ से बहते-बहते समुद्र में। यहाँ भी एक और अंतहीन यात्रा शुरू हो जाती है। खोज करने वालों ने इस प्लास्टिक की समुद्री यात्रा को भी समझने की कोशिश की है। उन्हें यह जानकर अचरज हुआ कि हमारे घरों से निकला यह प्लास्टिक का कचरा अब समुद्रों में भी खूब बड़े-बड़े ढेर की तरह तैर रहा है न वह ज़मीन पर गलता है, सड़ता है, न समुद्र में ही। यह प्लास्टिक तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। प्लास्टिक के फैलते, पसरते व्यवहार को कई देशों ने, कई समाजों ने अपनी-अपनी तरह से रोकने के कई प्रयत्न किए हैं। कुछ देशों ने इस पर प्लास्टिक टैक्स लगा कर देखा है। ऐसा टैक्स लगते ही खपत में एकदम गिरावट भी देखी गयी है। कहीं-कहीं इन पर सीधे प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बदले फिर अखबार, कागज़, कपड़े की थैलियाँ, लिफाफे भी चलन में आये हैं। दुकानों से घर तक चीज़ें लाने का माध्यम इतनी कम उमर का क्यों हो, वह चिरंजीव क्यों न बने—प्लास्टिक के कारण अब ऐसे सवाल भी हमारे मन में नहीं उठ पाते। गिरावट एक _____ संज्ञा है।
  1. Aगणनीय
  2. Bव्यक्तिवाचक
  3. Cभाववाचक
  4. Dजातिवाचक
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Correct answer: (C) भाववाचक

Explanation

'गिरावट' 'गिरना' क्रिया से बनी संज्ञा है जो किसी वस्तु का नहीं, बल्कि एक दशा/भाव का बोध कराती है। इसलिए यह भाववाचक संज्ञा है।

Q436CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
द्वितीय भाषा-अधिगम के सिद्धांत में अर्जन, अवलोकन, स्वाभाविक, निवेश-प्रधान परिकल्पना जैसी शब्दावली किसने दी है?
  1. Aवायगोत्स्की
  2. Bस्टीवन पिंकर
  3. Cचॉमस्की
  4. Dस्टीफ़न क्रेशन
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Correct answer: (D) स्टीफ़न क्रेशन

Explanation

स्टीफ़न क्रेशन ने द्वितीय भाषा-अर्जन का सिद्धांत दिया, जिसमें अर्जन-अधिगम परिकल्पना, स्वाभाविक क्रम परिकल्पना, मॉनिटर परिकल्पना और निवेश (इनपुट) परिकल्पना जैसी शब्दावली आती है।

Q437CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धांत ग्रेडिंग और क्रम में अंतर्निहित है?
  1. Aनियंत्रित शब्दावली
  2. Bश्रेणीकरण
  3. Cआदत निर्माण
  4. Dस्वाभाविक मार्ग का अनुपालन
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Correct answer: (B) श्रेणीकरण

Explanation

ग्रेडिंग (श्रेणीकरण) का अर्थ है भाषा-सामग्री को सरल से कठिन की ओर क्रम में बाँटना। इसलिए ग्रेडिंग और क्रम का सिद्धांत श्रेणीकरण ही है।

Q438CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
आपके संज्ञान में यह बात आयी कि आपके विद्यार्थियों को लक्ष्य भाषा के कुछ उदाहरण प्रस्तुत किए जाने चाहिए और उन्हें अनुकरण करने व प्रतिक्रिया देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए सर्वाधिक उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
  1. Aप्रत्यक्ष (डायरेक्ट) विधि
  2. Bसम्प्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण
  3. Cश्रव्य-भाषिक विधि
  4. Dव्याकरण-अनुवाद विधि
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Correct answer: (C) श्रव्य-भाषिक विधि

Explanation

श्रव्य-भाषिक (ऑडियो-लिंगुअल) विधि में विद्यार्थियों को लक्ष्य भाषा के नमूने सुनाए जाते हैं और उनसे अनुकरण, दोहराव व अभ्यास करवाया जाता है। यह व्यवहारवाद पर आधारित है।

Q439CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
बच्चों में मातृभाषा के विकास को सामान्यतः किस रूप में देखा जाता है?
  1. Aभाषा अर्जन
  2. Bभाषा अधिगम
  3. Cभाषा आत्मसातीकरण
  4. Dअमूर्त भाषा विकास
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Correct answer: (A) भाषा अर्जन

Explanation

मातृभाषा बच्चा परिवेश में सहज और स्वाभाविक रूप से, बिना औपचारिक शिक्षण के, ग्रहण करता है। इसे भाषा अर्जन कहते हैं, जबकि भाषा अधिगम सचेत और औपचारिक प्रक्रिया है।

Q440CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
एक सक्रिय श्रोता तुरंत किस बारे में समझ बना लेता है?
  1. Aवक्ता के कथन में निहित तर्क
  2. Bवक्ता क्या कहने का प्रयास कर रहा है
  3. Cदूसरा व्यक्ति क्या कह रहा है
  4. Dवक्ता क्या कहना चाहता है
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Correct answer: (A) वक्ता के कथन में निहित तर्क

Explanation

सक्रिय श्रोता केवल शब्द नहीं सुनता, बल्कि ध्यान से सुनते हुए वक्ता के कथन में छिपे तर्क और आशय को तुरंत समझ लेता है। इसलिए आधिकारिक उत्तर 'वक्ता के कथन में निहित तर्क' है।

Q441CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
कक्षा में काव्य पढ़ाने के लिए, अध्यापक ने सबसे पहले कविता पाठ किया, तत्पश्चात् शिक्षार्थियों को समूह-कार्य में शामिल किया। एक समूह ने कविता की थीम लिखी, दूसरे समूह ने मुख्य पात्र को वर्णित करने के लिए चित्र बनाया और तीसरे समूह ने सारांश लिखा। इस गतिविधि का क्या उद्देश्य है?
  1. Aशिक्षार्थियों का ध्यान भंग करना
  2. Bकक्षा में सभी विद्यार्थियों को शामिल करना
  3. Cशिक्षार्थियों की विविध योग्यताओं और रुचियों को पोषित करना
  4. Dशिक्षार्थियों को आकलन के लिए तैयार करना
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Correct answer: (C) शिक्षार्थियों की विविध योग्यताओं और रुचियों को पोषित करना

Explanation

अलग-अलग समूहों को थीम लिखना, चित्र बनाना और सारांश लिखना जैसे भिन्न कार्य देने से हर बच्चा अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार काम करता है। इस गतिविधि का उद्देश्य शिक्षार्थियों की विविध योग्यताओं और रुचियों को पोषित करना है।

Q442CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
ऐसी कक्षा जिसमें द्वितीय भाषा का पठन होता है, एक प्रकार से बहुविध भाषाओं का जमावड़ा (सम्मिलन) है। इस प्रकार की कक्षा में अध्यापक की भूमिका क्या होगी?
  1. Aपाठ्यक्रम पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को विविध प्रकार के कार्यों वाली वर्कशीट (कार्यपत्रक) देना
  2. Bअपेक्षित कौशलों के विकास के लिए विद्यार्थियों को सुविधाजनक परिवेश देना
  3. Cविद्यार्थियों को पाठ्यसामग्री का सारांश और सरलीकृत रूप देना
  4. Dविद्यार्थियों को स्व-व्याख्यायित (टिप्पणियाँ) देना
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Correct answer: (B) अपेक्षित कौशलों के विकास के लिए विद्यार्थियों को सुविधाजनक परिवेश देना

Explanation

बहुभाषी कक्षा में अध्यापक की भूमिका एक सुविधादाता की है — वह ऐसा सहज परिवेश बनाता है जिसमें बच्चे अपनी भाषाओं का सहारा लेकर अपेक्षित भाषा-कौशल विकसित कर सकें।

Q443CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
आपने एक ऐसा परीक्षा-पत्र बनाया है जिसके द्वारा आप अपेक्षा करते हैं कि शिक्षार्थी काल-रूप, योजक, कारक और विशेषणों का सही प्रयोग बता पाएँ। आपने इस परीक्षा-पत्र में किस उपागम का प्रयोग किया है?
  1. Aप्रत्यक्ष व्याकरण परीक्षण
  2. Bअप्रत्यक्ष व्याकरण परीक्षण
  3. Cमिश्रित व्याकरण कार्य
  4. Dसमेकित व्याकरण परीक्षण
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Correct answer: (D) समेकित व्याकरण परीक्षण

Explanation

जब एक ही परीक्षा-पत्र में काल, योजक, कारक और विशेषण जैसे कई व्याकरणिक तत्वों का प्रयोग संदर्भ में एक साथ जाँचा जाता है, तो इसे समेकित (इंटीग्रेटेड) व्याकरण परीक्षण कहते हैं।

Q444CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
बच्चे अपनी शुरुआती अवस्था में दीवार, फर्श और कॉपियों में आड़ी-तिरछी रेखाएँ बनाते हैं। भाषा अधिगम में इस चरण को क्या कहते हैं?
  1. Aकीरमकाँटे (स्क्रिबलिंग)
  2. Bउद्गामी साक्षरता
  3. Cलेखन-कौशल
  4. Dलेखाचित्र विकास
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Correct answer: (B) उद्गामी साक्षरता

Explanation

छोटे बच्चों का आड़ी-तिरछी रेखाएँ बनाना पढ़ने-लिखने की शुरुआती तैयारी है। औपचारिक साक्षरता से पहले की इस अवस्था को उद्गामी (इमर्जेंट) साक्षरता कहते हैं।

Q445CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
सम्प्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण किसकी पारस्परिक निर्भरता पर बल देता है?
  1. Aभाषा और सम्प्रेषण
  2. Bभाषा और संवाद
  3. Cभाषा और व्यवहार
  4. Dभाषा और मनोविज्ञान
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Correct answer: (A) भाषा और सम्प्रेषण

Explanation

सम्प्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण मानता है कि भाषा सम्प्रेषण (बातचीत, अर्थ का आदान-प्रदान) के लिए है और सम्प्रेषण से ही सीखी जाती है। इसलिए यह भाषा और सम्प्रेषण की पारस्परिक निर्भरता पर बल देता है।

Q446CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
आप अपनी कक्षा के विद्यार्थियों की अधिगम-प्रक्रिया के उपाख्यानात्मक अभिलेख रखना चाहते हैं। इस उद्देश्य हेतु आपको किसका प्रयोग करना चाहिए?
  1. Aप्रदत्तकार्य तकनीक
  2. Bपरियोजना तकनीक
  3. Cमौखिक तकनीक
  4. Dअवलोकन तकनीक
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Correct answer: (D) अवलोकन तकनीक

Explanation

उपाख्यानात्मक अभिलेख (एनेक्डोटल रिकॉर्ड) में बच्चे के व्यवहार और सीखने की घटनाओं को देखकर लिखा जाता है। इसके लिए अवलोकन तकनीक का प्रयोग होता है।

Q447CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
व्याकरण के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
  1. Aव्याकरण का ज्ञान वाक् में प्रवाह लाने में मदद करता है।
  2. Bव्याकरण नियमों का समूह प्रस्तुत करता है जिन्हें व्यवहार में लाने से पहले कंठस्थ करना चाहिए।
  3. Cव्याकरण भाषाओं की व्यवस्था है जो हमारे वाचन और लेखन कौशलों को परिष्कृत करती है।
  4. Dविदेशी भाषा के अधिगम में व्याकरण की कोई भूमिका नहीं है।
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Correct answer: (C) व्याकरण भाषाओं की व्यवस्था है जो हमारे वाचन और लेखन कौशलों को परिष्कृत करती है।

Explanation

व्याकरण भाषा की व्यवस्था है; इसका ज्ञान हमारे बोलने (वाचन) और लिखने को शुद्ध और परिष्कृत बनाता है। नियमों को पहले रटना या व्याकरण को बेकार मानना सही नहीं है।

Q448CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
ऐसे शिशु और छोटी आयु के बच्चे जिनके परिवेश में आपस में संवाद करने यानी कि भाषा-संबंधी अनुभव के अवसर नहीं होते, उनका भाषायी विकास गंभीर रूप से बाधित होता है। ये बाधाएँ (कमी) अनुत्क्रमणीय हैं (जिन्हें पलटा न जा सके)। निम्नलिखित में से कौन-सी शब्दावली इस व्याख्या को समर्थित करती है?
  1. Aसहजवाद (नेटीविज़्म)
  2. Bविकास की संवेदनशील अवस्था
  3. Cसामाजिक भाषिक
  4. Dअर्थतत्त्व (सीमेंटिक्स)
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Correct answer: (B) विकास की संवेदनशील अवस्था

Explanation

भाषा सीखने की एक संवेदनशील (क्रांतिक) अवस्था होती है। यदि इस समय बच्चे को भाषा का अनुभव न मिले तो भाषायी विकास में ऐसी कमी आ जाती है जिसे बाद में पूरा नहीं किया जा सकता।

Q449CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
व्याकरण-शिक्षण किस प्रकार होना चाहिए?
  1. Aसंदर्भ में अभ्यास करने के अवसर देकर
  2. Bशिक्षार्थियों को लिखित प्रदत्तकार्य करवाकर
  3. Cविद्यार्थियों को नियमों को कंठस्थ करने के लिए प्रोत्साहित करके
  4. Dशिक्षार्थियों को पर्याप्त प्रदत्तकार्य देकर
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Correct answer: (A) संदर्भ में अभ्यास करने के अवसर देकर

Explanation

व्याकरण संदर्भ में, भाषा के वास्तविक प्रयोग के साथ अभ्यास कराकर सबसे अच्छी तरह सिखाया जाता है, न कि नियम रटवाकर या केवल लिखित कार्य देकर।

Q450CTET February 2026 Paper 1, 7 Feb 2026
आप अपनी कक्षा में भाषा-समृद्ध परिवेश सृजित करना चाहते हैं। इसके लिए आप क्या करेंगे?
  1. Aशिक्षार्थियों को कक्षा में सम्प्रेषण के समय केवल अंग्रेजी का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
  2. Bअपनी कक्षा में भाषा प्रयोगशाला की स्थापना करनी चाहिए
  3. Cअभिभावकों को भाषा-खेल व गतिविधियाँ खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
  4. Dऐसे अवसर सृजित करने चाहिए जहाँ भाषा दिखाई दे, संज्ञान में आए और शिक्षार्थियों द्वारा प्रयोग की जाए
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Correct answer: (D) ऐसे अवसर सृजित करने चाहिए जहाँ भाषा दिखाई दे, संज्ञान में आए और शिक्षार्थियों द्वारा प्रयोग की जाए

Explanation

भाषा-समृद्ध परिवेश वह है जहाँ बच्चे भाषा को चारों ओर देखें, उस पर ध्यान दें और स्वयं उसका प्रयोग करें। इसलिए ऐसे अवसर सृजित करना सबसे सही उपाय है।

How to use these CTET Hindi questions

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