450 Hindi questions asked in CTET previous year papers, each with the correct answer and explanation. Read them free on UTpaper, or attempt the full papers as timed online tests.
Q351CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
सभी भाषाओं में कुछ सर्वसामान्य गुणधर्म होते हैं, इन्हें क्या कहा जाता है?
Aद्विभाषारूपिता (डिग्लोसिया)
Bभाषा सार्वभौमिक
Cप्रयुक्ति
Dबोलियाँ
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Correct answer: (B) भाषा सार्वभौमिक
Explanation
जो विशेषताएँ संसार की सभी भाषाओं में समान रूप से पाई जाती हैं (जैसे संज्ञा-क्रिया का होना), उन्हें भाषा सार्वभौमिक (लैंग्वेज यूनिवर्सल्स) कहते हैं।
Q352CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
किसी भी कक्षा में भाषिक विविधता की स्वीकार्यता
Aभाषा प्रवाह को प्राप्त करने में अवरोध पैदा करेगी
Bबच्चों के आत्मविश्वास को क्षति पहुँचाएगी जिससे कल्पनाशीलता और रचनात्मकता में क्षति आएगी
Cभाषा अधिगम में किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा
Dबच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी परिणामस्वरूप उनकी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता में वृद्धि होगी
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Correct answer: (D) बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी परिणामस्वरूप उनकी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता में वृद्धि होगी
Explanation
जब कक्षा में बच्चों की घर की भाषा और बोली को स्वीकार किया जाता है तो वे बिना झिझक अपनी बात कहते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और कल्पनाशीलता व रचनात्मकता का विकास होता है।
Q353CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
उद्गामी साक्षरता के संदर्भ में मुद्रित सामग्री के प्रति जागरूकता की कौन-सी विशेषता नहीं है?
Aपुस्तक पकड़ना
Bअक्षरों और शब्दों के मध्य अंतर की पहचान कर पाना
Cबाएँ से दाएँ और ऊपर से नीचे की ओर पढ़ पाना
Dपूरे-पूरे वाक्य पढ़ना आरंभ करना
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Correct answer: (D) पूरे-पूरे वाक्य पढ़ना आरंभ करना
Explanation
उद्गामी साक्षरता में मुद्रित सामग्री के प्रति जागरूकता का अर्थ है किताब पकड़ना, अक्षर और शब्द में अंतर पहचानना, बाएँ से दाएँ व ऊपर से नीचे पढ़ने की दिशा जानना। पूरे-पूरे वाक्य पढ़ना शुरू करना आगे की पठन क्षमता है, यह जागरूकता की विशेषता नहीं है।
Q354CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
नीचे बुनियादी चरण के संदर्भ में पठन कौशल के अधिगम प्रतिफल दिए गए हैं, उन्हें अनुक्रम में व्यवस्थित करें।
A. संक्षिप्त खंड उपयुक्त तान-अनुतान, विराम, ध्वनि में उतार-चढ़ाव के साथ सटीकता और प्रवाह के साथ पढ़ते हैं।
B. परिचित शब्दों के कुछ वाक्यों को सटीकता के साथ पढ़ते हैं।
C. संक्षिप्त खंड उपयुक्त तान-अनुतान और विराम के साथ सटीकता से पढ़ते हैं।
सही विकल्प चुनिए।
AA, B, C
BB, C, A
CA, C, B
DC, A, B
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Correct answer: (B) B, C, A
Explanation
पठन कौशल सरल से कठिन की ओर बढ़ता है: पहले परिचित शब्दों के कुछ वाक्य पढ़ना (B), फिर संक्षिप्त खंड को उचित तान-अनुतान और विराम के साथ पढ़ना (C), और अंत में उतार-चढ़ाव, सटीकता और प्रवाह के साथ पढ़ना (A)। अतः क्रम B, C, A है।
Q355CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
निम्नलिखित में से कौन-सा विस्तृत (एक्स्टेन्सिव) श्रवण का भाग नहीं है?
Aसारांश के लिए श्रवण
Bमुख्य विचार बिन्दु के लिए श्रवण
Cनिष्कर्ष निकालना
Dकुछ तथ्यों व सूचनाओं के लिए श्रवण
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Correct answer: (D) कुछ तथ्यों व सूचनाओं के लिए श्रवण
Explanation
विस्तृत श्रवण में समग्र अर्थ, मुख्य विचार, सारांश और निष्कर्ष के लिए सुना जाता है। कुछ विशेष तथ्यों या सूचनाओं को ढूँढ़ने के लिए ध्यान से सुनना गहन (इंटेंसिव) श्रवण का भाग है।
Q356CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य पठन कौशल के आकलन हेतु प्रयोग में नहीं लाया जा सकता?
Aसस्वर पठन
Bपढ़ी गई पाठ्य सामग्री के आधार पर बहुविकल्पीय प्रश्न
Cचित्र के माध्यम से संकेत आधारित शब्द सूचना
Dअध्यापक द्वारा कथा वाचन
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Correct answer: (D) अध्यापक द्वारा कथा वाचन
Explanation
अध्यापक द्वारा कथा वाचन में बच्चा केवल सुनता है, स्वयं नहीं पढ़ता, इसलिए इससे पठन कौशल का आकलन नहीं हो सकता। सस्वर पठन, पढ़े गए पाठ पर प्रश्न और चित्र-संकेत से शब्द पहचान पठन के आकलन में काम आते हैं।
Q357CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जारी रहने वाले श्रुतलेख (रनिंग डिक्टेशन) को सही रूप में परिभाषित करता है?
Aविद्यार्थी पाठ्य सामग्री के विभिन्न अंशों को पढ़ते हैं, तत्पश्चात् कार्य को पूरा करने के लिए एक-दूसरे के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
Bबच्चे दो-दो के समूह में कार्य करते हैं। पाठ्य सामग्री को दो अंशों में विभाजित किया जाता है। एक बालक अपने जोड़ीदार के लिए अपना अंश पढ़ता है, दूसरा बालक उसे लिखता है। समूची पाठ्य सामग्री के लिए दोनों मिलकर कार्य करते हैं।
Cबच्चे दो-दो के जोड़ों में कार्य करते हैं। एक बालक दौड़कर पाठ्य सामग्री देखता है और अपने जोड़ीदार को श्रुतलेख बोलता है, जोड़ीदार उस सामग्री को लिखता है।
Dअध्यापक समूची कक्षा को शब्दों/पाठ्यसामग्री का श्रुतलेख बोलता है, विद्यार्थी उसे नोट करते हैं।
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Correct answer: (C) बच्चे दो-दो के जोड़ों में कार्य करते हैं। एक बालक दौड़कर पाठ्य सामग्री देखता है और अपने जोड़ीदार को श्रुतलेख बोलता है, जोड़ीदार उस सामग्री को लिखता है।
Explanation
जारी रहने वाले श्रुतलेख (रनिंग डिक्टेशन) में बच्चे जोड़ियों में काम करते हैं: एक बच्चा दौड़कर दूर रखी सामग्री पढ़ता-याद करता है और लौटकर साथी को बोलता है, साथी उसे लिखता है। यह विकल्प (3) में बताया गया है।
Q358CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
“बालक भाषा अर्जन की सहजात क्षमता के साथ जन्म लेते हैं।” भाषा अर्जन के इस विचार बिन्दु को किसके द्वारा समर्थन दिया गया है?
Aप्राकृतवादी (नेटीविस्ट)
Bसंज्ञानात्मक वादी
Cसामाजिक अन्तःक्रियावादी
Dव्यवहारवादी
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Correct answer: (A) प्राकृतवादी (नेटीविस्ट)
Explanation
बच्चे भाषा सीखने की जन्मजात (सहजात) क्षमता के साथ पैदा होते हैं, यह विचार नोम चॉम्स्की जैसे प्राकृतवादी (नेटीविस्ट) विद्वानों का है, जिन्होंने भाषा अर्जन उपकरण (LAD) की बात कही।
Q359CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
प्रक्रिया लेखन उपागम में लेखन प्रक्रिया का वह तत्त्व क्या कहलाएगा जिसके अंतर्गत लेखक औपचारिक रूप से अपने कार्य को बृहत्तर स्तर पर पाठकों के साथ साझा करते हैं?
Aप्रारूप तैयार करना
Bप्रकाशन
Cसंपादन
Dपुनरावृत्ति
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Correct answer: (B) प्रकाशन
Explanation
प्रक्रिया लेखन के चरण हैं: पूर्व-लेखन, प्रारूप, पुनरावृत्ति, संपादन और प्रकाशन। अंतिम चरण 'प्रकाशन' में लेखक अपनी रचना औपचारिक रूप से बड़े पाठक वर्ग के साथ साझा करता है।
Q360CTET February 2026 Paper 2 Maths & Science, 7 Feb 2026
किसी पाठ्य सामग्री में आए कठिन शब्दों के संदर्भ में एक अध्यापक उस शब्द को मातृभाषा में बताता है और फिर विद्यार्थियों को याद करने के लिए कहता है। अध्यापक किस विधि का प्रयोग कर रहा है?
Aव्याकरण अनुवाद विधि
Bप्रत्यक्ष विधि (डायरेक्ट)
Cसंरचनात्मक उपागम
Dसम्प्रेषणात्मक उपागम
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Correct answer: (A) व्याकरण अनुवाद विधि
Explanation
कठिन शब्दों का अर्थ मातृभाषा में अनुवाद करके बताना और फिर उसे याद कराना व्याकरण अनुवाद विधि की पहचान है। प्रत्यक्ष विधि में मातृभाषा का प्रयोग नहीं किया जाता।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
भारत के नए शरणार्थी कौन हैं ?
Aबाढ़ के कारण विस्थापित लोग
Bऔद्योगीकरण के कारण विस्थापित लोग
Cअकाल के कारण विस्थापित लोग
Dभूकंप के कारण विस्थापित लोग
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Correct answer: (B) औद्योगीकरण के कारण विस्थापित लोग
Explanation
गद्यांश के पहले वाक्य में कहा गया है कि नए शरणार्थी वे लोग हैं जिन्हें औद्योगीकरण ने उनकी घर-ज़मीन से उखाड़ दिया है। अतः सही उत्तर औद्योगीकरण के कारण विस्थापित लोग है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
‘औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है ।’ वाक्य से आशय है :
Aघर-ज़मीन बेचकर पैसा कमाने में लगे रहना
Bनिर्वासित होने के दुख को झेलने की विवशता
Cआँधी-तूफान के कारण घर छोड़ने की विवशता
Dऔद्योगीकरण के कारण अपने घर छोड़ने की विवशता
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Correct answer: (D) औद्योगीकरण के कारण अपने घर छोड़ने की विवशता
Explanation
इस वाक्य का आशय है कि औद्योगीकरण के कारण लोगों को मजबूरी में अपना घर छोड़ना पड़ा और वे फिर लौट नहीं सके।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन सत्य है ?
Aप्रकृति के कारण हुआ विस्थापन स्थायी होता है ।
Bउद्योग-धंधों के कारण हुआ विस्थापन अस्थायी होता है ।
Cउद्योगों के कारण हुआ विस्थापन स्थायी होता है ।
Dप्रकृति लोगों को विस्थापित नहीं करती है ।
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Correct answer: (C) उद्योगों के कारण हुआ विस्थापन स्थायी होता है ।
Explanation
गद्यांश के अनुसार बाढ़-भूकंप से हटे लोग लौट आते हैं, पर विकास और प्रगति (उद्योगों) के नाम पर उजड़े लोग कभी वापस नहीं लौटते। इसलिए उद्योगों से हुआ विस्थापन स्थायी है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
‘औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है ।’ वाक्य में रेखांकित शब्द से आशय है :
(रेखांकित शब्द: झंझावात)
Aझंझट
Bतूफान
Cझंकार
Dझमेले
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Correct answer: (B) तूफान
Explanation
‘झंझावात’ का अर्थ है तेज़ आँधी या तूफान। यहाँ औद्योगीकरण की तेज़ लहर को तूफान कहा गया है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
गद्यांश के अनुसार __________, __________ और __________ लोगों के विस्थापन के लिए उत्तरदायी हैं ।
Aबाढ़, भूकंप, प्रकृति
Bबाढ़, भूकंप, उद्योग
Cप्रकृति, उद्योग, शरणार्थी
Dबाढ़, भूकंप, रोजगार
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Correct answer: (B) बाढ़, भूकंप, उद्योग
Explanation
गद्यांश में बाढ़ और भूकंप (प्रकृति) तथा औद्योगीकरण (उद्योग) को लोगों के विस्थापन का कारण बताया गया है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
समूह से भिन्न शब्द-युग्म है :
Aघर-ज़मीन
Bउद्योग-धंधे
Cगाँव-शहर
Dजाने-पहचाने
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Correct answer: (D) जाने-पहचाने
Explanation
घर-ज़मीन, उद्योग-धंधे और गाँव-शहर संज्ञा शब्दों के युग्म हैं, जबकि ‘जाने-पहचाने’ विशेषण (कृदंत) शब्दों का युग्म है। इसलिए यह समूह से भिन्न है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
‘घर’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है :
Aनिकेत
Bभुवन
Cआलय
Dगेह
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Correct answer: (B) भुवन
Explanation
निकेत, आलय और गेह ‘घर’ के पर्यायवाची हैं, जबकि ‘भुवन’ का अर्थ संसार या लोक है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 128) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
वे लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपनी घर-ज़मीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है । प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है । बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर-बार छोड़कर कुछ अरसे के लिए ज़रूर बाहर चले जाते हैं, किंतु आफ़त टलते ही वे दोबारा अपने जाने-पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं । किंतु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है, तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते ।
विशेषण-विशेष्य का उदाहरण नहीं है :
Aआधुनिक भारत
Bजाने-पहचाने परिवेश
Cघर-बार
Dनए शरणार्थी
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Correct answer: (C) घर-बार
Explanation
‘आधुनिक भारत’, ‘जाने-पहचाने परिवेश’ और ‘नए शरणार्थी’ में पहला शब्द विशेषण और दूसरा विशेष्य है। ‘घर-बार’ दो संज्ञाओं का युग्म (द्वंद्व) है, विशेषण-विशेष्य नहीं।
निम्नलिखित कथन पढ़िए :
A. लेखन अनुभव पठन बोध को समुन्नत करते हैं ।
B. लेखन शब्द संपदा के ज्ञान को विकसित करने में मदद करते हैं ।
शुरूआती वर्षों में लेखन के महत्त्व के बारे में कौन-से कथन सही हैं ?
AA और B दोनों सही हैं ।
Bकेवल B सही है ।
CA और B दोनों ही ग़लत हैं ।
Dकेवल A सही है ।
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Correct answer: (A) A और B दोनों सही हैं ।
Explanation
शुरूआती वर्षों में लिखने से बच्चों की पढ़ने की समझ भी बढ़ती है और शब्द-भंडार भी बढ़ता है। इसलिए A और B दोनों कथन सही हैं।
कक्षा III की अध्यापिका विद्यार्थियों को दिए गए लेखन कार्य के रूप में पूर्व-लेखन गतिविधि आयोजित करना चाहती है । निम्नलिखित में से किस गतिविधि को पूर्व-लेखन गतिविधि के रूप में आयोजित नहीं किया जा सकता ?
Aअपने सहपाठी के प्रारूप को संशोधित करना
Bटॉपिक से संबंधित विचार बिन्दुओं पर अपने सहपाठी से बात करना
Cविचार बिंदुओं पर मानस मंथन करना और बिन्दुओं को बोर्ड पर लिखना
Dटॉपिक से संबंधित पठन सामग्री देना
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Correct answer: (A) अपने सहपाठी के प्रारूप को संशोधित करना
Explanation
सहपाठी के प्रारूप (ड्राफ्ट) को संशोधित करना लेखन के बाद का (संशोधन/सहपाठी समीक्षा) चरण है। बात करना, मानस मंथन करना और पठन सामग्री देना पूर्व-लेखन गतिविधियाँ हैं।
पठन की ऐसी गतिविधि जिसमें शिक्षार्थी किसी पाठ्य-सामग्री के विभिन्न भागों को सुनते या पढ़ते हैं, उसके बाद कार्य को पूरा करने के लिए एक दूसरे के साथ जानकारी साझा करते हैं, इसे किस रूप में जाना जाएगा ?
Aजारी (रनिंग) श्रुतलेख
Bजिगसॉ श्रुतलेख
Cजारी (रनिंग) पाठ्य-सामग्री
Dमूक अभिनय (डम्ब शराड)
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Correct answer: (B) जिगसॉ श्रुतलेख
Explanation
जिगसॉ गतिविधि में हर शिक्षार्थी पाठ का अलग हिस्सा सुनता या पढ़ता है और फिर सब मिलकर जानकारी साझा करके कार्य पूरा करते हैं।
कक्षा II की अध्यापिका नवोमिता ने कक्षा पुस्तकालय का बहुत अच्छी तरह से प्रबंध किया है और वह विद्यार्थियों को कहानियाँ पढ़ने के लिए प्रेरित करती है ।
इस अभ्यास के साथ और किसका अनुपालन होना चाहिए ?
Aकहानियों में निहित नैतिक मूल्यों पर प्रत्यक्ष रूप से चर्चा करना और उन्हें कंठस्थ करना ।
Bपठन की संस्कृति का विकास करना ।
Cविद्यार्थियों को और अधिक कहानियाँ कंठस्थ करने के लिए कहना चाहिए ।
Dविद्यार्थियों को लंबे समय तक व्यस्त रखना चाहिए, जिससे कि अध्यापक अपने लंबित कार्य को पूरा कर सके ।
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Correct answer: (B) पठन की संस्कृति का विकास करना ।
Explanation
कक्षा पुस्तकालय और कहानियाँ पढ़ने की प्रेरणा का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत अर्थात् पठन की संस्कृति विकसित करना है, न कि कहानियाँ या नैतिक मूल्य रटवाना।
उद्गामी साक्षरता के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है ?
Aसाक्षरता शिशु गीतों को कंठस्थ करने के साथ आरंभ होती है ।
Bसाक्षरता अक्षरों को लिखने के साथ आरंभ होती है ।
Cसाक्षरता घुटने चलने (क्रालिंग) और कूदने के समान स्वाभाविक रूप से आरंभ होती है ।
Dसाक्षरता बच्चों को औपचारिक रूप से पठन सिखाने से पहले आरंभ हो जाती है ।
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Correct answer: (D) साक्षरता बच्चों को औपचारिक रूप से पठन सिखाने से पहले आरंभ हो जाती है ।
Explanation
उद्गामी (इमर्जेंट) साक्षरता का विचार है कि औपचारिक पढ़ाई शुरू होने से पहले ही बच्चे अपने परिवेश में छपी सामग्री, चित्रों और बातचीत से पढ़ने-लिखने की समझ बनाने लगते हैं।
निम्नलिखित कथन पढ़िए :
A. बोली किसी देश के एक हिस्से में बोली जा रही भाषा का प्रकार है ।
B. भाषा में लिखित साहित्य उपलब्ध है, लेकिन बोली की वाचिक परम्परा है ।
भाषा और बोली के बारे में भाषिक रूप से कौन-सा कथन सही हैं ?
Aकेवल A सही है ।
BA और B दोनों सही हैं ।
CA और B दोनों ही ग़लत हैं ।
Dकेवल B सही है ।
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Correct answer: (A) केवल A सही है ।
Explanation
भाषाविज्ञान की दृष्टि से बोली किसी क्षेत्र विशेष में बोला जाने वाला भाषा का एक रूप (प्रकार) है, इसलिए A सही है। लिखित साहित्य होना या न होना भाषा और बोली का भाषिक आधार नहीं है - कई बोलियों में भी लिखित साहित्य है - इसलिए B को भाषिक रूप से सही नहीं माना गया।
कक्षा III की अध्यापिका अपने बच्चों को कहती है कि मैं आपको एक कहानी सुना रही हूँ, आप इस पर आधारित चित्र बनाएँ । इस गतिविधि के माध्यम से किस भाषा कौशल का आकलन किया जा सकता है ?
Aपठन कौशल
Bबोलने का कौशल
Cश्रवण कौशल
Dलेखन कौशल
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Correct answer: (C) श्रवण कौशल
Explanation
कहानी सुनकर उस पर चित्र बनाने से यह पता चलता है कि बच्चे ने सुनी हुई बात कितनी समझी है। अतः यह श्रवण कौशल का आकलन है।
भाषा विकास के बारे में किस कथन को पियाज़े का समर्थन मिला है ?
Aभाषा का विकास संज्ञानात्मक विकास का कारण है न कि परिणाम ।
Bकुछ भाषायी अवधारणाओं को तभी सिखाना चाहिए, जब बच्चे संज्ञानात्मक परिपक्वता की उपयुक्त अवस्था में पहुँच जाए ।
Cबच्चों को भाषा सीखने के लिए व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करने की ज़रूरत है ।
Dभाषा विकास आदत निर्माण के समान ही है ।
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Correct answer: (B) कुछ भाषायी अवधारणाओं को तभी सिखाना चाहिए, जब बच्चे संज्ञानात्मक परिपक्वता की उपयुक्त अवस्था में पहुँच जाए ।
Explanation
पियाज़े के अनुसार संज्ञानात्मक विकास भाषा विकास से पहले होता है, इसलिए कुछ भाषायी अवधारणाएँ तभी सिखानी चाहिए जब बच्चा उपयुक्त संज्ञानात्मक अवस्था में पहुँच जाए।
वायगोत्सकी के सिद्धान्तों के मूल आधारवाक्य में क्या शामिल नहीं है ?
Aनिकटस्थ विकास का क्षेत्र
Bसांस्कृतिकरण (एनकल्चरेशन)
Cसहारा देना (स्काफोल्डिंग)
Dआत्मसात्करण (एसीमिलेशन)
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Correct answer: (D) आत्मसात्करण (एसीमिलेशन)
Explanation
निकटस्थ विकास का क्षेत्र, सांस्कृतिकरण और सहारा देना (स्कैफोल्डिंग) वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत से जुड़े हैं। आत्मसात्करण (एसीमिलेशन) पियाज़े के सिद्धांत की अवधारणा है।
निम्नलिखित में से कौन-सा ‘डिस्ग्राफिया (लेखन वैकल्य)’ का लक्षण है ?
Aअक्षरों की आकृति बनाने में कठिनाई
Bलेखन में उलटाव (रिवर्सल)
Cवाचन और भाषा अर्जन में विलम्ब
Dअक्षरों के नाम और वर्णमाला की ध्वनियों को सीखने में कठिनाई
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Correct answer: (A) अक्षरों की आकृति बनाने में कठिनाई
Explanation
डिस्ग्राफिया लेखन से जुड़ी अक्षमता है, जिसमें बच्चे को अक्षरों की आकृति ठीक से बनाने और साफ़ लिखने में कठिनाई होती है। अक्षर-ध्वनि सीखने और वाचन की कठिनाइयाँ डिस्लेक्सिया से जुड़ी हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) के रूप में अंकित किया गया है । कथनों को पढ़िए और सही विकल्प चुनिए ।
अभिकथन (A) : द्वितीय भाषा के शिक्षार्थी संज्ञानात्मक अकादमिक भाषा निपुणता की तुलना में बुनियादी अंत:वैयक्तिक सम्प्रेषणात्मक कौशल विकसित करने में अधिक समय लेते हैं ।
कारण (R) : संवादात्मक निपुणता अकादमिक निपुणता की तुलना में अधिक संदर्भ-आधारित है ।
A(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (A) की (R) सही व्याख्या नहीं करता है ।
B(R) सही है, लेकिन (A) ग़लत है ।
C(A) सही है, लेकिन (R) ग़लत है ।
D(A) और (R) दोनों सही हैं और (A) की (R) सही व्याख्या करता है ।
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Correct answer: (C) (A) सही है, लेकिन (R) ग़लत है ।
Explanation
Note: the official key gives (3); कमिंस के अनुसार बुनियादी अंतःवैयक्तिक सम्प्रेषण कौशल (BICS) 1-2 वर्ष में और संज्ञानात्मक अकादमिक भाषा निपुणता (CALP) 5-7 वर्ष में विकसित होती है, इसलिए छपा हुआ अभिकथन (A) उलटा लगता है; और बातचीत की भाषा सचमुच अधिक संदर्भ-आधारित होती है, इसलिए (R) भी सही लगता है। आधिकारिक कुंजी के अनुसार (A) सही और (R) ग़लत है।
Aबच्चे पठन की क्रिया में संलग्न होकर पठन सीखते हैं ।
Bपाठ्य-सामग्री के अर्थ को समझने के लिए सभी शब्दों को समझने की आवश्यकता है ।
Cसंवेदी-गत्यात्मक कौशलों में परिपक्वता को पठन कौशलों में अंतरण के रूप में पूर्वानुमानित किया जाता है ।
Dपठन केवल डिकोड करने की योग्यता भर है ।
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Correct answer: (A) बच्चे पठन की क्रिया में संलग्न होकर पठन सीखते हैं ।
Explanation
पढ़ना पढ़ने से ही सीखा जाता है - जब बच्चे अर्थपूर्ण सामग्री पढ़ने की क्रिया में लगते हैं तो उनका पठन कौशल विकसित होता है। पठन केवल डिकोड करना नहीं है और अर्थ समझने के लिए हर शब्द जानना ज़रूरी नहीं।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने पर मनुष्य दूसरों से व्यवहार करता है :
Aप्रेम और विद्वेष का
Bप्रेम और आदर का
Cप्रेम और समानता का
Dप्रेम और स्नेह का
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Correct answer: (B) प्रेम और आदर का
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने पर हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करने लगते हैं; सम्मान का अर्थ आदर है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
‘जब हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं ।’ वाक्य से आशय है :
Aव्यक्ति अहंकारयुक्त होने पर सभी को एकसमान समझने लगता है ।
Bव्यक्ति अहंकारमुक्त होने पर सभी को एकसमान समझने लगता है ।
Cव्यक्ति अहंकारवश स्वयं को दूसरों से अलग समझता है ।
Dसभी व्यक्तियों में अहंकार होता है और वे सभी को एकसमान समझने लगते हैं ।
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Correct answer: (B) व्यक्ति अहंकारमुक्त होने पर सभी को एकसमान समझने लगता है ।
Explanation
अहंकार कम होने पर व्यक्ति अहंकारमुक्त होकर सबको आत्मा के स्तर पर एकसमान समझने लगता है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
‘यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।’
इससे आप क्या समझते हैं ?
Aएक में एक मिलाने पर दो बनते हैं ।
Bमनुष्य में द्वैत भाव की समाप्ति पर ही प्रेम और शांति की स्थापना संभव है ।
Cएक में एक मिलाने पर शांति प्राप्त होती है ।
Dएक में एक मिलाने पर एक ही बनता है ।
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Correct answer: (B) मनुष्य में द्वैत भाव की समाप्ति पर ही प्रेम और शांति की स्थापना संभव है ।
Explanation
‘एक जमा एक बराबर एक’ का भाव है कि ‘मैं’ और ‘दूसरा’ का भेद (द्वैत भाव) मिट जाए। गद्यांश के अनुसार द्वैत भाव समाप्त होने पर ही दुनिया में प्रेम और शांति स्थापित हो सकती है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
‘द्वैत भाव खो देना’ से आशय है :
Aअपने पराए का भेद न कर पाना
Bअहं को त्यागना
Cवैर भाव मिट जाना
Dस्वयं और परमात्मा का भेद मिटना
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Correct answer: (D) स्वयं और परमात्मा का भेद मिटना
Explanation
गद्यांश में कहा गया है कि द्वैत भाव खोने पर हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं, अर्थात् स्वयं और परमात्मा का भेद मिट जाता है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
‘चेतना’ का विलोम शब्द है :
Aजड़ता
Bजड़
Cनिर्जीव
Dचैतन्य
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Correct answer: (A) जड़ता
Explanation
‘चेतना’ (सजगता, जागृति) संज्ञा है, इसका विलोम भाववाचक संज्ञा ‘जड़ता’ है। ‘जड़’ विशेषण रूप में ‘चेतन’ का विलोम है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
समूह से भिन्न शब्द है :
Aअनुभव
Bअनुसार
Cअनुभूति
Dअनुमति
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Correct answer: (B) अनुसार
Explanation
अनुभव, अनुभूति और अनुमति संज्ञा शब्द हैं, जबकि ‘अनुसार’ अव्यय (संबंधबोधक) है। इसलिए यह समूह से भिन्न है।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
‘सम्मान’ का विलोम शब्द है :
Aसम्मानित
Bअसमान
Cनिरादर
Dअसम्मान
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Correct answer: (D) असम्मान
Explanation
Note: the official key gives (4); ‘निरादर’ (3) भी ‘सम्मान’ का प्रचलित विलोम है। ‘सम्मान’ में ‘अ’ उपसर्ग जोड़कर बना ‘असम्मान’ इसका सीधा विलोम है, इसलिए कुंजी ने इसे सही माना है। ‘असमान’ का अर्थ बराबर न होना है और ‘सम्मानित’ विशेषण है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
गद्यांश के अनुसार __________ और __________ जीवन का सत्य हैं।
Aसंघर्ष, मुख्यमंत्री होना
Bमुख्यमंत्री होना, सीमाएँ
Cसीमाएँ, परिवार
Dसंघर्ष, नेतृत्व करना
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Correct answer: (D) संघर्ष, नेतृत्व करना
Explanation
गद्यांश के अनुसार हर व्यक्ति का पूरा जीवन सत्ता पाने का सतत संघर्ष है और हर व्यक्ति किसी न किसी इकाई का राजा या मुखिया बनकर नेतृत्व करना चाहता है। इसलिए संघर्ष और नेतृत्व करना जीवन का सत्य हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
गद्यांश के अनुसार __________ अपने शरीर का राजा बनना चाहता है।
Aलीडर
Bव्यक्ति
Cसांसद
Dमुखिया
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Correct answer: (B) व्यक्ति
Explanation
गद्यांश में लिखा है कि जो इन सब चक्करों में नहीं है, ऐसा अकेला व्यक्ति भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
गद्यांश के अनुसार मनुष्य -
Aपूरे विश्व पर आधिपत्य चाहता है।
Bअपनी भूमिका का विस्तार चाहता है।
Cअपने विचारों पर अधिकार चाहता है।
Dसतत संघर्षरत रहना चाहता है।
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Correct answer: (B) अपनी भूमिका का विस्तार चाहता है।
Explanation
गद्यांश के अनुसार व्यक्ति मुखिया, लीडर, विधायक या प्रधानमंत्री बनकर अपनी भूमिका और सीमाओं का विस्तार करना चाहता है। संघर्ष उसका साधन है, लक्ष्य नहीं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
समूह से भिन्न शब्द है -
Aमुख्यमंत्री
Bसांसद
Cसंघर्ष
Dराजा
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Correct answer: (C) संघर्ष
Explanation
मुख्यमंत्री, सांसद और राजा तीनों पद या व्यक्ति (शासक) के नाम हैं, जबकि संघर्ष एक भाव/क्रिया का नाम है। इसलिए संघर्ष समूह से भिन्न है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
‘इक’ प्रत्यय का प्रयोग __________ शब्द में नहीं हो सकता?
Aव्यवहार
Bप्रकृति
Cजीवन
Dपरिवार
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Correct answer: (C) जीवन
Explanation
‘इक’ प्रत्यय से व्यवहार से व्यावहारिक, प्रकृति से प्राकृतिक और परिवार से पारिवारिक बनते हैं। ‘जीवन’ के साथ ‘इक’ लगाकर कोई प्रचलित शब्द नहीं बनता।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
गद्यांश के अनुसार एक व्यक्ति का जन्म __________ बनने के लिए हुआ है।
Aराजा
Bमुखिया
Cलीडर
Dपरिवार
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Correct answer: (A) राजा
Explanation
गद्यांश का पहला वाक्य है: ‘प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है।’
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
गद्यांश के अनुसार व्यक्ति __________ के लिए संघर्ष करता है।
Aसत्ता की सीमाएँ निर्धारित करने
Bबड़े साम्राज्य का राजा बनने
Cसत्ता प्राप्त करने
Dसत्ता को बढ़ाने
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Correct answer: (C) सत्ता प्राप्त करने
Explanation
गद्यांश के अनुसार हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष ‘एक सत्ता को पाना’ है, यानी व्यक्ति सत्ता प्राप्त करने के लिए संघर्ष करता है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है।
जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।
‘लीडर’ शब्द है -
Aआगत
Bतत्सम
Cतद्भव
Dदेशज
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Correct answer: (A) आगत
Explanation
‘लीडर’ अंग्रेज़ी भाषा (leader) से हिंदी में आया शब्द है। दूसरी भाषाओं से आए शब्द आगत (विदेशज) शब्द कहलाते हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
‘जैसी हमारी माता, वैसे ही सबकी माता।’ वाक्य किस संदर्भ में कहा गया है?
Aभाषा के संदर्भ में
Bमाता के संदर्भ में
Cराष्ट्र के संदर्भ में
Dराजनीति के संदर्भ में
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Correct answer: (A) भाषा के संदर्भ में
Explanation
यह वाक्य मातृभाषा के लिए कहा गया है: जैसे हिंदी हमारी मातृभाषा है, वैसे ही कन्नड़, तमिल आदि दूसरों की मातृभाषा हैं। अतः यह भाषा के संदर्भ में है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।
‘हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है।’ से आशय है :
Aराजकीय कामकाज की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है
Bराज्य विशेष की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है
Cभारत की राष्ट्रभाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है
Dराजाओं की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है
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Correct answer: (A) राजकीय कामकाज की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है
Explanation
राजभाषा का अर्थ है सरकारी (राजकीय) कामकाज की भाषा। हिंदी संघ की राजभाषा है, इसलिए उसका सम्मान सर्वोपरि बताया गया है; संविधान में उसे राष्ट्रभाषा नहीं कहा गया है।
How to use these CTET Hindi questions
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